अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू:तीन नए ट्रस्टी मिलेंगे; चंपत की जगह RSS नेता बजरंग बांगड़ा महासचिव बन सकते हैं
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद बुधवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी अहम बैठक शुरू हो गई है। अयोध्या में यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की श्री स्वामी मणि राम दास जी महाराज छावनी में हो रही है। बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है। बैरिकेडिंग की गई है। बैठक में 6 अहम बातों पर मंथन चल रहा है, जिसमें महासचिव समेत ट्रस्ट में खाली पड़े 3 पदों पर नए ट्रस्टियों की नियुक्ति प्रमुख है। चंपत राय की जगह महासचिव पद के लिए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और विश्व हिंदू परिषद के महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा का नाम सबसे आगे है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद, जगद गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ पहुंच चुके हैं। बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में विश्व हिंदू परिषद के बजरंग लाल बांगड़ा और दिनेश चंद्र भी शामिल होने पहुंचे हैं। इससे पहले 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। रिटायर IFS अफसर कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। चढ़ावा चोरी के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून को इस्तीफा दे दिया था। अयोध्या राजघराने के प्रमुख बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद उनका ट्रस्टी पद भी खाली है। ऐसे में ट्रस्ट में फिलहाल तीन पद रिक्त हैं। ट्रस्ट की बैठक का एजेंडा CEO की नियुक्ति: इतिहास में पहली बार राम मंदिर की व्यवस्थाएं संभालने के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) रखा जाएगा। रक्षाबंधन (28 अगस्त) के बाद नए CEO के कार्यभार संभालने की संभावना है। इस पद के लिए देशभर से करीब 5500 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। खाली पदों को भरना: पूर्व महासचिव चंपत राय व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे और राजा अयोध्या बिमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद खाली हुए 3 महत्वपूर्ण स्थायी ट्रस्टी पदों को बहुमत प्रस्ताव से भरा जाएगा। नए महासचिव का चयन: ट्रस्ट के नए महासचिव के नाम पर विचार और उनके चयन की प्रक्रिया को पूरा करना। SIT रिपोर्ट पर चर्चा: दान और चढ़ावे में हुए गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम/अंतिम रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों की समीक्षा करना। वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा: चढ़ावे की गिनती की निगरानी को मजबूत करना, दान प्रबंधन में सुधार और काउंटिंग सेंटर को मंदिर के परकोटे में स्थानांतरित करने जैसे प्रशासनिक बदलाव। समितियों का पुनर्गठन: ट्रस्ट की सभी पांच मुख्य समितियों, विशेषकर वित्त और ऑडिट समिति की नई संरचना तय करना। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…

