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जंगल में युवक का शव मिला, हत्या की आशंका:शरीर पर चोट के कई निशान; FSL टीम ने जुटाए सबूत

जयपुर के हरमाड़ा में आज सुबह एक युवक का शव मिला है। युवक के शरीर पर चोट के निशान है, इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। युवक की पहचान नहीं हुई है। जानकारी अनुसार- युवक का शव चेतन पर्वत के पास जंगल में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण और हरमाड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र भडाणा मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर धारधार हथियार से चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। आस-पास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि जंगल में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर एफएसएल टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटाए है। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले है, मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यहां देखें फोटोज

उदयपुर के महाराज की खेड़ी में शनि-महाराज का मेला आज:शाम 7 बजे होगी महाआरती, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडाल बनाए

उदयपुर जिले के डबोक स्थित महाराज की खेड़ी में बुधवार को भडिया नम के उपलक्ष्य शनि महाराज मेला आज भरेगा। भंवर रावल मठाधीश गुरु मोहन रावल के सानिध्य में होने वाले मेले में बड़ी संख्या में आसपास गांवों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे बालभोग समर्पण होगा और इसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। शाम 7 बजे होगी महाआरती शाम को होने वाली महाआरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां पंडाल में बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पानी, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने उदयपुर सहित आसपास गांव के सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में शरीक होने की अपील की है।

जोधपुर में बारिश, सड़कों पर भरा पानी:मानसून एंट्री के 15 दिन बाद शहर में बदला मौसम; अगले 4 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट

जोधपुर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। इससे पूर्व शहर में मंगलवार देर रात बूंदाबांदी हुई। जोधपुर में 7 जुलाई को मानसून की दस्तक के बाद बारिश पर ब्रेक लगा हुआ था। लेकिन, 15 दिन बाद अब शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 36.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 29.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो जुलाई के सामान्य तापमान 27.1 डिग्री से 2.1 डिग्री अधिक है। 47 फीसदी कम बारिश 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार- जोधपुर में इस महीने सामान्य से 47.3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 21 जुलाई तक सामान्य बारिश 103.8 एमएम होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 56.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की कमी के चलते शहर में उमस बढ़ रही है और लोग परेशान हैं। 26 जुलाई तक आंधी-बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज से आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके 26 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक जोधपुर में मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में आंधी के साथ बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे

राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। जोधपुर में अब तक औसत से 45 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में बारिश नहीं होने से 15 से ज्यादा गांवों में सैकड़ों बीघा खेतों में फसल खराब हो गई हैं। किसानों की मेहनत बेकार हो गई। किसान बोले- कई घंटों तक तपती धूप में मेहनत करते हुए फसलों की बुवाई की थी। हवा की वजह से जो फसलें खड़ी थी, वे रेत में दब गईं। रिपोर्ट में पढ़ें किसानों का दर्द… पहले देखें ये PHOTOS… 15 से ज्यादा गांवों में जल गईं फसलें जोधपुर जिले के शेरगढ़ क्षेत्र के सोइंतरा, भैर नगर, साई, हिम्मतपुरा, चाबा, सुवालिया, सोलंकियातला, सोमेसर, दासानिया, पाबूसर, चुतरपुरा, भूंगरा, तेना, खिरजा, रायसर, रामगढ़, साबरसर सहित आस-पास के गांवों में फसलें बर्बाद हो गईं। कम बारिश के बावजूद किसानों ने उम्मीद के साथ बुवाई की, लेकिन अब नमी की कमी और तेज गर्म हवा से फसलें झुलसने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान बोले- पूरा खेत तबाह हो गया, अब कुछ नहीं बचा सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान राणाराम ने बताया- मेरे 50 बीघा से ज्यादा खेत है। इस बार बारिश की उम्मीद में बाजरा, मूंग, मोठ, तिल और ग्वार बोए थे। बुवाई के लिए 30 घंटे तक ट्रैक्टर चलाया था। इस पर करीब 50 हजार रुपए का खर्चा आया। बारिश नहीं होने से मेहनत पर पानी फिर गया। पूरी फसल जलकर खराब हो गई। इतने रुपए खर्च करने के बाद पूरा खेत तबाह हो गया। अब कुछ नहीं बचा। वहीं सोइंतरा, भैर नगर निवासी किसान रामूराम ने बताया- मेरे पास करीब 20 बीघा खेत है। बुवाई के लिए मजदूरों ने एक घंटे के एक हजार रुपए मजदूरी ली। खेत में जो फसलें खड़ी हैं, वे जल गई हैं। एक महीने से हवा चल रही है, जिससे फसल रेत में दब गई। पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। किसान बोले- बारिश नहीं हुई तो चारा कहां से लाएंगे क्षेत्र के किसानों ने बताया- बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें खराब हो चुकी हैं। ऐसे में चिंता बढ़ गई है कि पशुओं के लिए चारा कहां से लाएंगे। किसानाें ने मांग रखी कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर हमें अनुदान ​दिया जाए। साथ ही पशुओं के चारे के लिए व्यवस्था करने की भी मांग की। खरीफ फसल : टारगेट से 39% कम बुवाई कृषि विभाग की 17 जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार- इस साल खरीफ की फसलों का टारगेट 7.34 लाख हेक्टेयर है। अब तक केवल 4.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। कुल लक्ष्य का करीब 61 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। टारगेट से 39 फीसदी कम बुवाई हुई है। मौजूदा स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर है। पिछले साल 15 जुलाई तक जिले में खरीफ फसलों की बुवाई तय टारगेट से ज्यादा हो चुकी थी। कृषि विशेषज्ञ इस बार कम बुवाई को मानसून की कमजोर शुरुआत का सीधा परिणाम मान रहे हैं। कंटेंट/वीडियो इनपुट: विक्रम सिंह

कांग्रेस प्रोटेस्ट, PM मोदी के पुतले को चप्पलों से पीटा:यमुनानगर में लाठियां मारकर आग लगाई, भिवानी में पुलिस से धक्का-मुक्की; 5 बजे पंचकूला BJP दफ्तर घेरेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में हरियाणा कांग्रेस ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया है। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया। उधर, भिवानी में डीसी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस ने गेट पर ही रोक लिया। इससे कांग्रेसियों ने नारोबाजी करते अंदर जाने का प्रयास किया। इसमें कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। वहीं, हिसार में कांग्रेस प्रदर्शन में गुटबाजी नजर आई। यहां शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग, ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल से पहले ही ज्ञापन देने पहुंच गए। इससे शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष के बीच फूट फिर से उजागर हो गई। पंचकूला, कुरुक्षेत्र और करनाल में भी धरना-प्रदर्शन हुआ। उधर, शाम पांच बजे कांग्रेस ने पंचकूला में बीजेपी दफ्तर घेरने का भी ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं। हरियाणा में कांग्रेस-छात्र संगठनों के प्रदर्शन के PHOTOS… लोकभवन की ओर पैदल मार्च किया मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने रात नौ बजे पार्टी ऑफिस से पैदल मार्च निकाला। कांग्रेस नेता हरियाणा लोकभवन की ओर कूच रहे थे। मगर, कांग्रेस ऑफिस से कूछ दूर जाने पर ही इन नेताओं को पुलिस ने डिटेन कर लिया था। इसके बाद सभी को सेक्टर-17 थाने ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद ही पुलिस ने इन नेताओं को छोड़ दिया था। सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट:बाहर हरियाणा-दिल्ली पुलिस की थ्री लेयर सिक्योरिटी; केंद्रीय मंत्री नड्‌डा-जितेंद्र सिंह ने हालचाल जाना कॉकरोच जनता पार्टी के विजेता से मारपीट,VIDEO:युवक बोला- वहां स्टूडेंट मार खा रहे, तू यहां घूम रहा; दहिया बोले- मैं 48 घंटे वहां था हरियाणवी सिंगरों ने स्टूडेंट्स के समर्थन में नए गाने रोके:न्योलीवाला बोले- मेरी उम्र के युवा लाठियां खा रहे, मैं खुशियां नहीं मना सकता प्रोटेस्ट के अपडेट्स जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए…

3.5 फीट के बक्से में ठूंस-ठूंसकर भरा पत्नी का शव:चुन्नी-जूतों की डोरी से घोंटा था गला, चौथे दिन बदबू आने से घबरा गया पति

पहले पत्नी को बेरहमी से पीटा। फिर जूतों की डोरी (शू लेस) और चुन्नी से उसका गला घोंट दिया। जब सांसें थम गईं तो शव को घर में रखे 3.5 फीट के बक्से (संदूक) में ठूंस-ठूंसकर भर दिया। शव के हाथ आगे की तरफ बांध दिए थे और पैरों को पीछे की ओर मोड़ दिया था। यह खुलासा आरोपी पति कृष्ण कुमार जाट (40) ने पुलिस पूछताछ में किया है। आरोपी ने 18 जुलाई को पत्नी सिलोचना (34) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मामला झुंझुनूं के सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। आरोपी ने शातिर तरीके से वारदात को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन बक्से से आ रही बदबू ने उसे परेशान कर दिया। इससे छुटकारा पाने के लिए मंगलवार (21 जुलाई) को गांव के एक व्यक्ति से सलाह लेनी चाही। इसी से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। पढ़िए यह रिपोर्ट… पत्नी से शराब के लिए मांगे थे पैसे, नहीं देने पर मार डाला अगवाना खुर्द निवासी आरोपी कृष्ण कुमार जाट की शादी साल 2009 में सिलोचना के साथ हुई थी। कृष्ण कुमार को शराब पीने की लत है। 18 जुलाई को भी उसे शराब पीने की तलब हुई। उसने पत्नी सिलोचना से पैसे मांगे, लेकिन सिलोचना ने इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों में बहस हो गई। गुस्से में आकर कृष्ण कुमार ने सिलोचना से मारपीट शुरू कर दी। वह जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन कृष्ण कुमार फिर भी उसे पीटता रहा। चुन्नी और जूतों की डोरी से सिलोचना का बेरहमी से तब तक गला घोंटा, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। शव को बक्से में भरकर ऊपर गद्दा बिछा दिया सूरजगढ़ थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया- महिला के शव के साथ भी क्रूरता की गई। आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी प्लानिंग की। आरोपी ने घर में रखे बक्से को खाली किया। उसका सामान दूसरे कमरे में रख दिया। इसके बाद जमीन पर पड़ी पत्नी की लाश को बक्से में रखने लगा, जिससे उसे कहीं भी ले जाया जा सके। मृतका के दोनों हाथ आगे की तरफ बांध दिए और पैरों को पीछे की ओर मोड़कर साढ़े तीन फीट के बक्से में ठूंस दिया। बक्से के ऊपर गद्दा और चादर बिछा दी, जिससे घर में आने-जाने वाले किसी भी व्यक्ति को और खासतौर पर 16 साल के बेटे को शक न हो। वारदात के समय बेटा घर पर नहीं था। जब वह लौटा तो लगातार मां के बारे में पूछता रहा। आरोपी पिता ने उससे कहा कि मां उसके ननिहाल गई है। 3 दिन बाद शव से बदबू आई तो घबराया घटना के 3 दिन बाद शव से बदबू आने लगी तो आरोपी घबरा गया। आरोपी को बदबू रोकने का कोई तरीका नहीं सूझा तो वह 21 जुलाई को गांव के एक विश्वस्त व्यक्ति के पास गया और हत्या के बाद रखे शव से बदबू आने की बात कही। जब उस व्यक्ति ने पूरी मदद का आश्वासन दिया तो आरोपी पति ने हत्या की पूरी बात बताई। इसके तुरंत बाद उस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर सूरजगढ़ थाना पुलिस की टीम पहुंच गई। बक्से को खुलवाकर शव बरामद किया। आरोपी पति को डिटेन कर लिया। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। लेकिन प्राथमिक जांच से साफ है कि महिला को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है। आरोपी पति से पूछताछ जारी है। … ये खबर भी पढ़िए… पत्नी की हत्या कर शव के हाथ बांधे,पैर तोड़ डाले:बक्से में छुपाया; 4 दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा पिता झुंझुनूं में पैसे के विवाद में पति ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद शव के हाथ बांध दिए और पैर तोड़कर बक्से में डाल दिया। चार दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा। मामला सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। पूरी खबर पढ़िए

महिला वीडीओ ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड किया:ग्रामीण सेवा शिविर से लौटकर उठाया कदम, भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी

सीकर के लक्ष्मणगढ़ के बासनी रेलवे फाटक के पास महिला वीडीओ ने जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। घटना के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट रूकी रही। वीडीओ ग्रामीण सेवा शिविर में शामिल होकर दो घंटे पहले ही घर लौटी थी। भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी लक्ष्मणगढ़ शहर चौकी इंचार्ज बालूराम ने बताया- भरतपुर निवासी मृतका लक्ष्मी मीणा (25) भाई के साथ पंचायत समिति ऑफिस के सामने अपने भाई के साथ किराए के मकान में रहती थी। वह सिंगोदड़ा पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर कार्यरत थी। मंगलवार को वह ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पटवारी और दो अन्य सहकर्मियों के साथ शाम 6 बजे अपने घर पहुंच गई थी। शाम 8:15 बजे लक्ष्मी वापस घर से निकली और एक किलोमीटर दूर स्थित रेलवे ट्रेक पर जयपुर-चूरू पैसेंजर ट्रेन के सामने कूद गई। हादसे में लक्ष्मी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन 20 मिनट वहीं रूकी रही। पुलिस और पंचायत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को एंबुलेंस से जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पहुंचाया। शिविर में लक्ष्मी का व्यवहार सामान्य था प्रशासक महेश ढेवा और अन्य सहकर्मियों ने बताया- शिविर के दौरान लक्ष्मी का व्यवहार पूरी तरह सामान्य था। उसके इस कदम से सभी हैरान हैं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस घरेलू, व्यक्तिगत और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। परिजनों के लक्ष्मणगढ़ पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

महात्मा गांधी हॉस्पिटल में OPD पर्ची से पहले मिलेगा टोकन:टीवी स्क्रीन पर दिखेगा डॉक्टर से मिलने का नंबर, रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिलेगी

जोधपुर के सबसे पुराने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए OPD व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। अब मरीजों को ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा और न ही डॉक्टर चैंबर के बाहर उसे खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना होगा। हॉस्पिटल में जल्द ही क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो रहा है। इसके तहत अब मरीजों को OPD पर्ची बनवाने से पहले टोकन दिया जाएगा और अस्पताल में लगी टीवी स्क्रीन पर डॉक्टर से मिलने का नंबर दिखाई देगा। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भीड़ प्रबंधन में भी आसानी होगी। टोकन से टीवी स्क्रीन पर ही मरीज को पता चल जाएगा कि उसे ओपीडी पर कब जाना है। इतना ही नहीं मरीज को कौनसे डॉक्टर के पास कब जाना है, ये भी स्क्रीन पर दिखाई देगा और उसका अनाउंसमेंट भी होगा। इसके साथ ही हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की रिपोर्ट ऑनलाइन करने की भी तैयारी की जा रही है। पढ़िए, 93 साल पुराने हॉस्पिटल में कैसे बदलेगी व्यवस्था… पहले क्या होता था: अभी तक ओपीडी में पर्ची के​ लिए मरीज या फिर उनके परिजनों को लाइन में लगना पड़ता है। इसके लिए घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब डॉक्टर को दिखाना होता है, तब भी ये ही हालात बनते है। अब क्या होगा: अब मरीज को सीधे ओपीडी काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले उसे टोकन लेना होगा। इसी टोकन से उसकी ओपीडी पर्ची भी जनरेट होगी और डॉक्टर को दिखाने का नंबर भी इस टोकन से जनरेट होगा। लाइन में खड़े होकर नहीं करना होगा इंतजार महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड फतेह सिंह भाटी ने बताया- मरीजों को हॉस्पिटल में आते ही पहले टोकन लेना होगा। ओपीडी ब्लॉक पर ही चार स्क्रीन लगाई गई है। यहीं पर टोकन मशीन भी है, जहां से टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद उसे लाइन में खड़ा नहीं होना है। वहीं पर बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ओपीडी ब्लॉक के साथ हॉल में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर जैसे ही उस स्क्रीन पर आएगा, तब उसे ओपीडी काउंटर पर जाना है। ये ऑडिबल भी होगा यानी मरीज का टोकन नंबर क्या है, उसका नंबर आने पर अनाउंसमेंट भी होगा। यहां जैसे ही अपने आभा नंबर या दूसरी डिटेल देगा उसकी ओपीडी पर्ची जनरेट हो जाएगी। डॉक्टर चैंबर के बाहर भी खड़े रहने की जरूरत नहीं, स्क्रीन बता देगी कब आएगा नंबर मरीज को कौनसे रूम और कौनसे डॉक्टर के पास जाना है ये ओपीडी पर्ची में होगा। इसके बाद यहां जाकर भी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में सभी डिपार्टमेंट की ओपीडी के बाहर स्क्रीन लगाई गई है। टोकन नंबर के आधार पर मरीजों की बारी आएगी। जैसे ही मरीज का नंबर आएगा स्क्रीन पर उसका टोकन नंबर और नाम अनाउंसमेंट हो जाएगा। मरीजों का बनेगा आभा कार्ड, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि पूरे हॉस्पिटल में ऐसी 22 छोटी स्क्रीन लगाई गई है। इसके अलावा तीन बड़ी स्क्रीन अलग से है। इन स्क्रीन पर मरीजों को लगातार अपडेट मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि आभा नंबर से अब मरीजों की डिटेल्स अपडेट होगी। यदि किसी का आभा कार्ड नहीं बना है तो इसके लिए ओपीडी ब्लॉक में ही एक व्यक्ति को अपॉइंट करेंगे, जो उसी समय मरीज का आभा कार्ड भी बना देगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ये प्रयास किया जा रहा है कि मरीज को उसकी सारी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही मिल जाएगी। इसके लिए भी काम शुरू कर दिया है। मरीजों को उनकी ऑनलाइन रिपोर्ट हॉस्पिटल की वेबसाइट से मिलेगी।

जयपुर में मर्सिडीज ने एक्टिवा सवार युवक को कुचला, मौत:सीसीटीवी में यू-टर्न लेकर दोबारा घटनास्थल पर लौटती दिखी कार, लोगों का दावा-गाड़ी को युवती चला रही थी

जयपुर के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के हुए एक दर्दनाक हिट एंड रन हादसे में एक्टिवा सवार 40 साल के युवक की मौत हो गई। मॉडल टाउन के पास नाबार्ड कॉलोनी के सामने जगतपुरा रोड पर तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने पीछे से स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार को एक युवती चला रही थी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कार अपेक्स सर्किल से यू-टर्न लेकर दोबारा घटनास्थल की ओर आती दिखाई दे रही है। पुलिस के अनुसार अशोक विहार, जगतपुरा निवासी श्रवण नाथ (40) सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे अपनी एक्टिवा से घरेलू काम से मालवीय नगर जा रहे थे। जैसे ही वे मॉडल टाउन के पास नाबार्ड कॉलोनी के सामने पहुंचे, पीछे से तेज गति से आई मर्सिडीज कार ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रवण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना पर मालवीय नगर थाना पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायल श्रवण को तत्काल जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुबह 4.52 बजे पुलिस ने मृतक के साले विवेक रावल को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद वे अपनी बहन के साथ अस्पताल पहुंचे। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना मृतक के साले विवेक रावल ने बताया कि दुर्घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में लगभग खाली तीन लेन की सड़क के किनारे चल रहे स्कूटी सवार को पीछे से तेज रफ्तार कार टक्कर मारते हुए दिखाई दे रही है। फुटेज में यह भी नजर आ रहा है कि ड्राइवर अपेक्स सर्किल से यू-टर्न लेकर वापस जगतपुरा की ओर आता है और घटनास्थल की तरफ देखते हुए गुजरता है। टूटी हेडलाइट बनी अहम सुराग हादसे के दौरान मर्सिडीज कार की एक तरफ की हेडलाइट टूटकर सड़क पर गिर गई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस का मानना है कि इस हेडलाइट के आधार पर वाहन की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज मालवीय नगर थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई मुकेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस फरार वाहन और ड्राइवर की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

JPSC सिविल सर्विस मेन्स एग्जाम कैंसिल:आयोग पर परीक्षा संचालन में गड़बड़ी के आरोप, अध्यक्ष का इस्तीफा; CID की रेड में 8 अरेस्ट

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने JPSC कार्यालय समेत आठ ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के ठिकानों की भी तलाशी ली गई। कार्रवाई में JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें डेटा एंट्री, प्रोग्रामिंग और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। वहीं, TDPL के कार्यालय को सील कर दिया गया है। इधर, बुधवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (मेन) परीक्षा-2025 स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 25, 26 और 27 जुलाई को रांची के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर होनी थी। आयोग ने बताया कि परीक्षा संचालन में सामने आई गड़बड़ियों और राज्य सरकार से मिले निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया कि परीक्षा की नई तिथि और अन्य जरूरी जानकारी जल्द जारी की जाएगी। डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू, सीएम कर रहे मॉनिटरिंग उधर, देर शाम JPSC के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया। बुधवार को राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में मंगलवार को शुरू हुई छापेमारी देर रात तक चली। टीम ने JPSC कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और कंप्यूटरों की गहन जांच कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए। वहीं, TDPL से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले गए, जिनसे कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। राज्य सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए पुलिस और CID ने डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद ली है। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
पहले श्वेता के घर की तलाशी, फिर हिरासत में लिया CID की टीम ने सबसे पहले JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से पूछताछ की। इसके बाद उन्हें साथ लेकर वर्धमान कंपाउंड स्थित उनके आवास पर पहुंची, जहां तलाशी ली गई। वहां से टीम उन्हें दोबारा JPSC कार्यालय लेकर आई। कार्यालय में दस्तावेजों की गहन जांच के बाद श्वेता गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया। छापेमारी के दौरान पूरे JPSC कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी और किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इनके खिलाफ चल रही जांच इन बिंदुओं पर जांच कर रही है CID जानिए…कैसा बढ़ता चला गया विवाद बड़े सवाल… जो गड़बड़ियों का इशारा कर रहे