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हीरापुरा का बे-बस स्टैंड:एंट्री के 50 रुपए, 2 घंटे के 200, 25 निजी बसें ही अंदर जा रहीं…1,324 तो पैसे बचाने को 10 अवैध स्टॉप पर रुक रहीं

करोड़ों रुपए की लागत से बना हीरापुरा बस स्टैंड अब भी बे-बस है। यहां आने के बजाय अधिकांश निजी बसें 50 रुपए का शुल्क बचाने के लिए अजमेर रोड पर बने अस्थायी पिकअप पॉइंट से ही सवारियां बैठाकर रवाना हो जाती हैं। यहां पर दो घंटे के बाद 200 रुपए चार्ज लिया जाता है। 200 फीट चौराहे से हीरापुरा बस स्टैंड तक 3 किमी में 10 अवैध बस स्टैंड बने हैं, जहां से बसें सवारियां उठाती हैं, जबकि करोड़ों की लागत से बने हीरापुरा बस स्टैंड का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान जाने वाली रोडवेज और निजी बसों का संचालन यहीं से करना था, ताकि हाईवे पर बसों के रुकने और सवारियां बैठाने की प्रवृत्ति खत्म हो, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अजमेर रोड पर लगातार दो हादसे में 5 लोगों की मौत के बाद इस पर सवाल खड़े हुए थे। पुलिस ने सख्ती भी दिखाई थी। भास्कर ने फिर इस रूट का रियलिटी चेक किया। जयपुर-अजमेर कॉरिडोर में रोजाना 1,349 निजी बसों का संचालन होता है, लेकिन सिर्फ 25 बसें ही हीरापुरा बस स्टैंड में प्रवेश करती मिलीं। इससे हर महीने करीब 20 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा। लगातार 2 हादसों में 5 की मौत पर जागी थी पुलिस, अब फिर हाईवे पर रुक रही बसें रिकॉर्ड के अनुसार हीरापुरा बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 210 रोडवेज बसों का संचालन होता है। वहीं 1,349 निजी बसों में से सिर्फ 25 बसें ही नियमित रूप से बस स्टैंड पहुंचती हैं। इनमें अधिकांश बसें खाटूश्यामजी रूट की हैं, जबकि अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और अन्य रूटों की निजी बसें बस स्टैंड तक नहीं जातीं। कैमरे के सामने फिर सक्रियता दिखाने लगी पुलिस भास्कर टीम ने अजमेर रोड और 200 फीट बाईपास क्षेत्र में कई निजी बसों को सड़क किनारे सवारियां बैठाते देखा। बसों के अचानक रुकने से पीछे चल रहे वाहनों को तेज ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। टीम के कैमरे के साथ पहुंचते ही पुलिस सक्रिय हुई और सड़क किनारे सवारियां भर रही निजी बसों के चालान काटने शुरू कर दिए। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस कॉरिडोर परिवहन विभाग के अनुसार बीकानेर रूट के बाद जयपुर-अजमेर कॉरिडोर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस संचालन वाला मार्ग है। यहां करीब 1,349 निजी बसें संचालित होती हैं। इनमें ऑल इंडिया परमिट और स्टेज कैरिज परमिट वाली बड़ी संख्या में बसें शामिल हैं, लेकिन अधिकांश निर्धारित बस स्टैंड से संचालन नहीं कर रहीं। भास्कर एक्सपर्ट हाईवे पर बस रोकना खतरनाक परिवहन विशेषज्ञ सीताराम शर्मा के अनुसार हाईवे पर बसों का अचानक रुकना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। इससे पीछे आ रहे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और कई बार यात्री सड़क पार करते समय भी हादसे का शिकार हो जाते हैं। निजी बसों का संचालन अनिवार्य रूप से हीरापुरा बस स्टैंड से हो और रास्ते में सवारियां लेने पर सख्ती से रोक लगे, तो हादसे रुक सकते हैं। नियम है, लेकिन पालना नहीं नियमों के अनुसार बसों का संचालन निर्धारित बस स्टैंड से होना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस ने सर्विस लेन को बस संचालन के लिए वन-वे भी बनाया है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश निजी बसें हाईवे पर रुककर सवारियां बैठा रही हैं।

एविल में स्मैक घोलकर बना रहे 'एमडी' जैसा नशा:रिपोर्टर नशेड़ी बनकर पहुंचा सप्लायरों तक, नेटवर्क में डॉक्टर- पूर्व नपा अध्यक्ष का बेटा तक शामिल

पहले एविल इंजेक्शन को गर्म कर उसमें स्मैक मिलाकर दोबारा गर्म करते हैं। ठंडा होने के बाद इसे नस में इंजेक्ट करते हैं। इसके बाद ऐसा नशा होता है मानो हेलीकॉप्टर में उड़ रहे हों। आजकल एमडी जैसा असर भी इसी तरीके से मिल रहा है। यह दावा करते हुए नशेड़ी ने रिपोर्टर के सामने ही दवा अपनी नस में इंजेक्ट कर ली। एक्सपर्ट के मुताबिक, एविल और स्मैक का यह कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक है। इसका ओवरडोज कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है। इस नेटवर्क की पड़ताल के लिए भास्कर रिपोर्टर ने 15 दिन तक नशेड़ियों के बीच रहकर जांच की। जांच में सामने आया कि डॉक्टर के पर्चे के बिना प्रतिबंधित एविल इंजेक्शन किराना दुकानों और घरों से आसानी से बेचा जा रहा है। एक डॉक्टर भी खुफिया कैमरे में अवैध रूप से इंजेक्शन बेचते हुए कैद हुआ। स्मैक की पुड़िया भी आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है। पड़ताल में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे की भूमिका भी सामने आई। जांच के दौरान प्रशासन की कमजोर निगरानी और पुलिस की ढिलाई उजागर हुई। मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा से लगे कई जिलों में नशे का यह तरीका तेजी से फैल रहा है। यह पड़ताल शाजापुर जिले के शुजालपुर में की गई। 15 दिन की पड़ताल में मौत के कारोबार का नेटवर्क उजागर 15 दिन की जांच में रिपोर्टर ने न केवल नशे के सप्लाई नेटवर्क, बल्कि इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया भी कैमरे में रिकॉर्ड की। इसके लिए वह कई दिनों तक दो नशे के आदी युवकों के साथ रहा। उनका भरोसा जीतने के बाद रिपोर्टर अवैध रूप से एविल इंजेक्शन और स्मैक की सप्लाई करने वालों तक पहुंचा। रिपोर्टर ने एक नशे के आदी युवक से एविल इंजेक्शन दिलाने की बात कही। शुरुआत में युवक ने यह कहकर मना कर दिया कि पैडलर किसी अनजान व्यक्ति को दवा नहीं बेचते। काफी भरोसा दिलाने के बाद वह रिपोर्टर को शुजालपुर सिटी के बकरी बाजार, रायकनपुरा स्थित बजरंग अखाड़ा रोड के एक घर ले गया। 300 रुपए में दो इंजेक्शन दरवाजा खटखटाने पर एक महिला ने रिपोर्टर को देखकर दवा देने से इनकार कर दिया। लौटते समय महिला ने युवक से साथ आए व्यक्ति के बारे में पूछा। युवक ने कहा, “इन्हें भी लत है। भोपाल से आए हैं और मेरे मेहमान हैं।” इसके बाद महिला तैयार हो गई। रिपोर्टर ने दो इंजेक्शन मांगे। महिला ने 300 रुपए लेकर दूर खड़े रहने को कहा। कुछ देर बाद उसका एक साथी आया और बिना कुछ बोले दो इंजेक्शन सौंप गया। पूर्व नपा अध्यक्ष के बेटे का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड एविल के साथ इस्तेमाल होने वाली स्मैक की सप्लाई का पता लगाने के लिए रिपोर्टर ने अन्य नशेड़ियों से संपर्क किया। जानकारी मिली कि शुजालपुर मंडी की कृष्णानगर कॉलोनी निवासी नवरंगी उर्फ घनश्याम स्मैक का बड़ा सप्लायर है। वह गेहूं के दाने जितनी मात्रा की एक पुड़िया 150 से 200 रुपए में बेचता है। रिपोर्टर उसके घर पहुंचा तो बाहर बैठी महिला ने कहा, “ऐसे मत खड़े रहा करो… सामान लो और निकल जाओ।” पास खड़े नवरंगी ने रुपए लेकर दो पुड़िया दीं और तुरंत वहां से चले जाने को कहा। पड़ताल में पता चला कि नवरंगी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मोहनलाल अहिरवार का बेटा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस से कथित सांठगांठ के चलते कार्रवाई के बाद भी वह जल्द बाहर आ जाता है। डॉक्टर ने इंजेक्शन देने के साथ सलाह भी दी अगले दिन रिपोर्टर ने उसी नशेड़ी से एविल इंजेक्शन के दूसरे सोर्स के बारे में पूछा। उसने बताया कि डॉक्टर ताहिर हुसैन क्लिनिक चलाते हैं और वहीं से इंजेक्शन मिल जाता है। रिपोर्टर जब क्लिनिक पहुंचा तो वह बंद मिला। बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर डॉक्टर ने शुजालपुर सिटी के नूरपुरा स्थित मस्जिद के पास अपने घर बुलाया। वहां पहुंचने पर उसने रिपोर्टर को गौर से देखा, 300 रुपए लेकर एविल इंजेक्शन की दो शीशियां दीं और सावधानी बरतने की सलाह देकर अंदर चला गया। खुलेआम सड़क पर बिकती है स्मैक स्मैक के एक अन्य सप्लायर अल्ली तक पहुंचने के लिए रिपोर्टर नूरपुरा स्थित उसके घर पहुंचा। फोन बंद होने के कारण सीधे घर जाना पड़ा। खिड़की से आवाज देने पर अल्ली बाहर आया, लेकिन दो लोगों को साथ देखकर नाराज हो गया। उसने कहा, “यहां मत आया करो… आगे सड़क पर जाओ, वहीं आता हूं।” करीब 10 मिनट बाद वह तय जगह पर पहुंचा। उसने रिपोर्टर को स्मैक की पुड़िया दी, रुपए लिए और वहीं इंतजार कर रहे दो अन्य युवकों को भी स्मैक बेची। पड़ताल में सामने आया कि यह नेटवर्क बेहद सतर्क तरीके से काम करता है। नए लोगों पर आसानी से भरोसा नहीं किया जाता। हर सौदा पहचान की पुष्टि के बाद ही किया जाता है। कैमरे में कैद हुआ एविल और स्मैक का घातक मिश्रण नशे के आदि युवकों का भरोसा जीतने के बाद रिपोर्टर ने उनसे कहा कि वह एमडी जैसा नशा करना चाहता है, लेकिन महंगी ड्रग खरीदने में सक्षम नहीं है। इसलिए वह एविल और स्मैक से तैयार होने वाले नशे का तरीका जानना चाहता है। शुरुआत में युवक ने मना करते हुए कहा, “यह बहुत खतरनाक है। एक बार इसकी लत लग जाए तो निकलना मुश्किल होता है। हम भी इसी तरह इसकी गिरफ्त में आए थे। एक ही सुई इस्तेमाल करते-करते कई बीमारियां भी हो गईं। लगातार आग्रह के बाद वह तैयार हो गया। उसने एविल इंजेक्शन में स्मैक मिलाई, मिश्रण को गर्म किया, ठंडा करके एक शीशी से दो सिरिंज भर लीं। पहले उसने दूसरे साथी की नस तलाशने की कोशिश की, लेकिन नस नहीं मिलने पर खुद को इंजेक्शन लगा लिया। इसके तुरंत बाद उसने सिगरेट जलाई और कहा, “इसका नशा बहुत तेज होता है। ऐसा लगता है जैसे पूरी शराब की बोतल एक साथ पी ली हो।” इसके बाद दूसरी सिरिंज अपने साथी को लगाई । कुछ ही मिनटों में दोनों नशे के प्रभाव में आ गए। एक सुई, कई लोग… बढ़ता HIV का खतरा इंजेक्शन से नशा करने वाले कई लोग एक ही सिरिंज और सुई साझा करते हैं, जिससे HIV और अन्य रक्त जनित संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। शुजालपुर सिविल अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इंजेक्शन से नशा करने वाले कई युवक HIV संक्रमित मिले हैं। सबसे अधिक छह मरीज शुजालपुर सिटी के किला क्षेत्र में दर्ज हैं। इसके अलावा नूरपुरा में एक, रायकनपुरा के बकरी बाजार में चार और शुजालपुर मंडी की कृष्णा नगर कॉलोनी में चार मरीज दर्ज हैं। इन तीनों इलाकों में दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। कई लोगों को पता नहीं कि वो बीमारी की चपेट में हैं। मेडिकल स्टोर्स की निगरानी पर सवाल
जांच में सामने आया कि नशे के इस नेटवर्क को केवल स्थानीय पैडलर ही नहीं, सिस्टम की कमजोरियां भी बढ़ावा दे रही हैं। आरोप है कि कई मेडिकल स्टोर दूसरे लोगों के लाइसेंस पर संचालित हो रहे हैं। मॉनिटरिंग के अभाव में प्रतिबंधित दवाएं आसानी से गलत हाथों तक पहुंच रही हैं। पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, अधिकांश स्मैक पैडलर अपने पास बहुत कम मात्रा में नशा रखते हैं। इससे उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। आरोप है कि इसके बाद आरोपी जल्द बाहर आकर फिर उसी कारोबार में सक्रिय हो जाते हैं। ये खबरें भी पढ़ें… यूनिवर्सिटी के गार्ड बेच रहे ड्रग्स, स्टूडेंट ग्राहक: पार्ट-1 भास्कर की एक महीने की पड़ताल में खुलासा हुआ कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से स्मैक एमपी के कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच रही है। बड़े ड्रग डीलर छोटे पैडलर के जरिए पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने यूनिवर्सिटी कैंपस से राजस्थान सीमा तक नेटवर्क के चेहरों को खुफिया कैमरे में कैद किया। पढ़ें पूरी खबर… पिज्जा से तेज ड्रग्स-डिलेवरी…राजस्थान से 12 मिनट में पहुंचा रहे: पार्ट-2 भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-1 में हमने बताया था कि राजस्थान से आने वाली स्मैक भोपाल के यूनिवर्सिटी और कॉलेज कैंपस तक पहुंच रही है। जांच में सामने आया था कि मध्य प्रदेश-राजस्थान के सीमावर्ती जिले तस्करी के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

हाईकमान की चेतावनी, बैकफुट पर पंजाब कांग्रेस का बागी गुट:चन्नी बोले- ऑल इज वेल, राणा ने कहा- सब ठीक कर आ रहे; राहुल गांधी का मिलने से इनकार

दिल्ली में हाईकमान के साथ मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस का बागी गुट बैकफुट पर आ गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बागी गुट को हाईकमान ने चेतावनी दी है कि बगावत की तो एक्शन होगा। साथ ही इन्हें दोटूक बोला गया है कि पंजाब प्रधान पद पर राजा वड़िंग ही रहेंगे। उन्हें बदला नहीं जाएगा। इस चेतावनी के बाद बागी गुट के सुर बदल गए। करीब 3 घंटे की मीटिंग के बाद बाहर आकर विधायक राणा गुरजीत ने कहा- हमारी कोई लड़ाई नहीं है। अंदर की बात बाहर नहीं करेंगे। सब ठीक करके ही बाहर आ रहे हैं। वहीं, गुट के मुखिया चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि हमें यहां बुलाया गया था। हमने अपना पक्ष रखा। यह क्लीयर है कि हम पार्टी के साथ हैं। हम राहुल गांधी के साथ हैं। खड़गे के साथ हैं। हम सिर्फ पार्टी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हमने हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखा है। जो फैसला हाईकमान का होगा उसे मानेंगे। चन्नी ने कहा कि हम पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, पार्टी के साथ चलेंगे। अंत में चन्नी ने कहा- ऑल इज वेल। पंजाब में जो बैठक बुलाई थी, वह बघेल से मिलने के लिए बुलाया थी। बैठक में परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहे। पंजाब कांग्रेस के बागी गुट की हाईकमान के साथ यह पहली मीटिंग थी। इससे पहले चन्नी और रंधावा ने रणदीप सुरजेवाला से उनके निवास पर मुलाकात की। वहीं, राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटा दिया और चन्नी गुट से दूरी बना ली। राहुल गांधी चरणजीत चन्नी की प्रेशर टेक्टिस से बेहद खफा हैं। इसलिए, उन्होंने चन्नी को अभी तक मिलने का वक्त नहीं दिया। राहुल ने यह भी क्लियर कर दिया था कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी अब अगले एक-दो दिनों में पंजाब कांग्रेस पर अहम फैसला सुनाकर चन्नी गुटा को झटका दे सकते हैं। उधर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंगों का दौर शुरू कर दिया है। चन्नी से राहुल की नाराजगी के 4 बड़े कारण… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस हाईकमान चन्नी से नाराज, राहुल-खड़गे मिलना नहीं चाहते; बगावत पर कभी भी बड़ा फैसला संभव विधानसभा चुनाव से करीब 7 महीने पहले पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर हाईकमान में भी मतभेद हो गए हैं। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक इस मामले में राहुल गांधी की टीम और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अलग-अलग राय है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल नहीं चाहते थे कि राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाया जाए। पढ़ें पूरी खबर…

हिमाचल में फ्लैश फ्लड और बारिश का अलर्ट:कल दोपहर बाद बदलेगा मौसम, आज खिली धूप; 12 शहरों का तापमान 30॰C पार

हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने 20 और 21 जुलाई के राज्य के मध्यम ऊंचाई व निचले इलाकों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। इस मानसून सीजन में पहली बार रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को भी सावधानी बरतने, ऊंचे क्षेत्रों की यात्राएं टालने, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी नालों के आसपास नहीं जाने की एडवाइजी दी गई है। रेड और ऑरेंज अलर्ट किन-किन जिलों में होगा, मौसम विभाग यह कुछ देर में स्पष्ट करेगा। इस दौरान निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन सकती है। जाने कब जारी होता है रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट? रेड अलर्ट: जब 24 घंटे में 204.5 मिमी या इससे ज्यादा बारिश का पूर्वानुमान हो ऑरेंज अलर्ट: जब 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी बारिश का पूर्वानुमान हो यलो अलर्ट: जब 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी बारिश का पूर्वानुमान हो 18 जुलाई से बदलेगा मौसम IMD के अनुसार- 18 जुलाई से मौसम बदलेगा। इस दिन कुछेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 19 जुलाई को कुछेक स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। 20 और 21 जुलाई को एक्स्ट्रीमली हैवी रेन (रेड अलर्ट) और 22 जुलाई को फिर ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। 12 शहरों का पारा 30 डिग्री पार वहीं प्रदेश में बीते चार दिन से मौसम साफ बना हुआ है। इससे कई शहरों के तापमान में चार से पांच डिग्री तक का उछाल आया है। मैदानी इलाकों में उमस के कारण लोग दिन में घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे। राज्य के 12 शहरों का पारा 30 डिग्री सेल्सियस पार हो गया है। वहीं ऊना का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। आज सुबह से ही धूप खिली आज भी राज्य के अधिकांश भागों में सुबह से ही धूप खिली हुई है। इससे तापमान आज भी सामान्य से ज्यादा बना रहेगा। कल (17 जुलाई) भी ज्यादातर भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। राज्य में परसों से मौसम बदलने का पूर्वानुमान है।

यूपी-बिहार के 18 जिलों में भारी बारिश:असम में 99 गांव डूबे, अरुणाचल में 1 लाख लोग बाढ़ में फंसे; MP के 35 जिलों में सूखा

यूपी के 10 और बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव समेत यूपी के 36 जिलों में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में बाढ़, लैंडस्लाइड और बारिश से 1.02 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। अब तक 7 लोगों की मौत हुई है और 29 घायल हुए हैं। वहीं, असम के 6 जिलों के 99 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 37,032 लोग प्रभावित हैं। ओडिशा के पुरी में गुरुवार को रथयात्रा के दौरान भी भारी बारिश हो रही है। वहीं, मध्य प्रदेश में जबलपुर, रीवा, सागर-शहडोल समेत प्रदेश के 35 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति… देखें राज्यों में बारिश का अलर्ट… देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें… मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

खबर हटके- मच्छरों का पीछा करके मारने वाला ड्रोन:माचिस की डिब्बी में समाई 5.5 मीटर की साड़ी; डाइविंग सूट पहनकर 3 घंटे तैरा कॉकरोच

सिंगापुर में एक कॉकरोच को डाइविंग सूट पहनाकर 3 घंटे तक पानी तैराया गया। वहीं, तेलंगाना के एक बुनकर ने ऐसी साड़ी बनाई, जो माचिस की डिब्बी में पैक हो जाती है। उधर, फिनलैंड में डेटिंग ऐप की जगह अब सुपरमार्केट की पिंक बास्केट ले रही है। अमेरिका के इंजीनियरों ने मच्छर मारने के लिए ड्रोन बनाया है। वहीं, हरियाणा में एक गाय की तेरहवीं पर उसकी पसंद के 6 क्विंटल रसगुल्ले बनवाए गए। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

PM मोदी का ‘मिशन पंजाब’:2027 चुनाव का लॉन्च पैड दोआबा, 32% दलित आबादी पर नजर; चंडीगढ़ में ₹2 करोड़ के टेंट में रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को 5 महीने बाद फिर पंजाब आ रहे हैं। चंडीगढ़ में PM दोपहर करीब सवा 1 बजे आएंगे। फिर यहां 2 करोड़ रुपए के AC टेंट में रैली करेंगे। वे यहां 45 मिनट रुकेंगे। इसके बाद जालंधर में उनके 4 कार्यक्रम हैं। सरकारी एजेंडे में ये डेवलपमेंट प्रोजेक्टों का उद्घाटन है लेकिन यह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहने वाला। इसकी वजह भी है। पहले फरवरी में डेरा सचखंड बल्लां और अब जालंधर में जनसभा, साफ है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए दलित लैंड दोआबा को लॉन्च पैड बना रही है। ऐसे समय जब कांग्रेस अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है, आम आदमी पार्टी सरकार विपक्ष के निशाने पर है और भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव बिसात बिछाने में जुटी है, प्रधानमंत्री का यह दौरा कई राजनीतिक संकेत देता है। PM अभी पंजाब क्यों आ रहे हैं?
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब चुनाव में 7 महीने का टाइम बचा है। कांग्रेस हाईकमान अभी तक नेतृत्व और संगठन को लेकर कुछ क्लियर नहीं कर पा रहा है। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग का गुट आमने-सामने है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी सरकार कानून-व्यवस्था, नशे, उद्योगों के पलायन और वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर है। PM मोदी और भाजपा इसी राजनीतिक माहौल को अवसर के रूप में देख रही है।

PM के दौरे के 3 बड़े राजनीतिक संदेश जानिए, PM बैक टू बैक जालंधर ही क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के लिए जालंधर को चुना है। पहली नजर में यह अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन के उद्घाटन का कार्यक्रम लगता है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे चुनावी गणित भी है। जालंधर केवल एक शहर नहीं, बल्कि 23 सीटों वाले दोआबा की राजनीति का केंद्र है। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) वाला यह इलाका लंबे समय से पंजाब की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता रहा है। राज्य की करीब 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति आबादी में बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में रहता है। कई विधानसभा सीटों पर दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस, अकाली दल, आम आदमी पार्टी और अब भाजपा- सभी की नजर दोआबा पर रहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह सिर्फ शहरी या पारंपरिक वोट बैंक तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पंजाब के नए सामाजिक समीकरणों में अपनी जगह बना रही है। श्री संत रविदास एक्सप्रेस… सिर्फ ट्रेन नहीं, चुनावी संकेत भी
प्रधानमंत्री जालंधर से अमृतसर (छेहर्टा) से वाराणसी जाने वाली नई श्री संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकारी तौर पर इसका उद्देश्य धार्मिक और यात्री सुविधा बढ़ाना है, लेकिन राजनीतिक रूप से इसका महत्व भी कम नहीं माना जा रहा। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि संत रविदास का दोआबा और रविदासिया समाज में विशेष सम्मान है। ऐसे में यह पहल भाजपा के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक, दोनों स्तरों पर संदेश देने का माध्यम बन सकती है। भाजपा को क्या राजनीतिक फायदा मिलने की उम्मीद?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस दौरे से तीन स्तर पर लाभ लेने की कोशिश करेगी। (हालांकि राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि सिर्फ प्रधानमंत्री का दौरा चुनावी सफलता की गारंटी नहीं हो सकता। भाजपा को इसका लाभ तभी मिलेगा जब संगठन गांव और बूथ स्तर तक इसे राजनीतिक समर्थन में बदल पाएगा।) एक्सपर्ट क्या कहते हैं? – राजनीतिक विश्लेषक प्रो. डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू का कहना है कि छह महीने में प्रधानमंत्री का दूसरा पंजाब दौरा इस बात का संकेत है कि भाजपा अब पंजाब को गंभीरता से ले रही है। उनके मुताबिक पार्टी विकास, डेरा संपर्क और दलित वोट बैंक के सहारे अपना सामाजिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। – राजनीतिक विश्लेषक एडवोकेट नईम खान मानते हैं कि जालंधर का चयन सोची-समझी रणनीति है। उनका कहना है कि अगर प्रधानमंत्री उद्योग, व्यापार, किसानों, निवेश या रोजगार से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा करते हैं तो उसका राजनीतिक असर सिर्फ दोआबा ही नहीं, पूरे पंजाब में दिखाई दे सकता है।

अहमदाबाद रथयात्रा में हाथियों को पैर बांधकर लाया गया:पिछले साल 3 हाथी बेकाबू हुए थे; पुरी में सोने की झाड़ू से होगी रथों की सफाई

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा में संदेशों वाली झांकियां भी शामिल हैं। इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान 3 हाथी बेकाबू हो गए थे। सुबह जामालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। सुबह 7 बजे रथयात्रा निकली। सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से रथ के आगे सफाई कर यात्रा को रवाना किया। ओडिशा के पुरी में भगवानों को रथों पर विराजमान किया जाएगा। गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से रथों की सफाई करेंगे। शाम 4 बजे श्रद्धालु 3 किमी दूर गुंडिचा मंदिर तक रथ खींचेंगे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अहमदाबाद रथयात्रा की 3 तस्वीरें…

पुरी रथयात्रा में बारिश के बीच पहुंच रहे श्रद्धालु…. पहले जानिए 2 सबसे बड़ी रथ यात्राओं के बारे में रथयात्रा से जुड़ी हर अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

कर्नाटक में डॉक्टर की घर में हत्या, बेटा घायल मिला:पत्नी भी डॉक्टर; परिवार से कहा था- पति सो रहे, फिर बताया- बाहर गए हैं

कर्नाटक के धारवाड़ में बुधवार को 45 साल के डॉक्टर (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ) किरण होन्नन्नावर की उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई। उनका 8 साल का बेटा चाकू के घावों के साथ घायल मिला। बच्चे का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने डॉक्टर की पत्नी प्रियंका को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रियंका आंखों की डॉक्टर हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना एक हाई-सिक्योरिटी अपार्टमेंट में हुई, जिसमें डॉक्टर किरण अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते थे। शुरुआती जांच में किसी बाहरी व्यक्ति के फ्लैट में घुसने के सबूत नहीं मिले हैं। घटना के समय घर में सिर्फ पति, पत्नी और उनका बेटा मौजूद थे। मामले का खुलासा तब हुआ, जब डॉ. किरण के परिजन पूरे दिन उनसे संपर्क करने की कोशिश करते रहे। फिर भी बात नहीं हो पाई। परिजन फोन करते रहे, पत्नी देती रहीं अलग-अलग जवाब पुलिस के मुताबिक, पत्नी प्रियंका ने ससुरालवालों से पहले कहा कि पति आराम कर रहे हैं, बाद में बताया कि वह बाहर गए हैं। शाम तक बात नहीं होने पर परिजन फ्लैट पहुंचे। वहां डॉ. किरण एक कमरे में खून से लथपथ मृत मिले, जबकि दूसरे कमरे में उनका बेटा घायल हालत में पड़ा था। पुलिस ने बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉ. किरण के परिजनों ने हत्या के लिए उनकी पत्नी पर आरोप लगाया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक उनकी भूमिका की पुष्टि नहीं की है। मामले में सबअर्बन पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस बोली- पत्नी सदमे में है, बार-बार बयान बदल रही हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने बताया कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि घटना किस क्रम में हुई। पत्नी सदमे में है और पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयान दे रही है। पुलिस उसके बयानों की जांच कर रही है। साथ ही दोनों परिवारों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हत्या की वजह पता चल सके। पुलिस अपार्टमेंट के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पड़ोसियों से किसी तरह के विवाद की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही हत्या की वजह और पूरी घटना का क्रम साफ हो सकेगा। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा लग रहा है। पुलिस ने बच्चे की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों की भी पुष्टि नहीं की है। 22 जून: बेंगलुरु में इंजीनियर ने माता-पिता और छोटी बहन को मारा धारवाड़ की घटना से पहले भी कर्नाटक एक चर्चित ट्रिपल मर्डर केस को लेकर सुर्खियों में रहा। 22 जून को बेंगलुरु के केआर पुरम इलाके में 24 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्वेता एम. पर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या का आरोप लगा था। जांच में सामने आया कि इस वारदात में उसके लिव-इन पार्टनर जे. केनेथ की भी भूमिका थी। केनेथ को बाद में पुडुचेरी से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, श्वेता और केनेथ वारदात के बाद बाइक से पुडुचेरी भाग गए थे और एक होटल में ठहरे थे। पूरी खबर पढ़ें… भास्कर नॉलेज: कर्नाटक में हत्या के मामले घटे, लेकिन बेंगलुरु में बढ़े

बेटे ने पिता की 6 गोलियां मारकर हत्या की:150 करोड़ की प्रॉपर्टी चाहता था, मां लाश देख चीखी, कहा- तूने घर उजाड़ दिया

गाजियाबाद में 150 करोड़ की प्रॉपर्टी के विवाद में बेटे ने पिता की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात 12 बजे बेटे ने पिस्टल से पिता के चेहरे, सीने और पेट में 6 गोलियां मारीं। बेटा शराब पीकर घर आया था। पिता ने उसे डांट दिया। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। पति का शव देखकर मां चीख पड़ी। बेटे से कहा- तूने पूरा घर उजाड़ दिया। वहीं, गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बेटा भाग चुका था। आरोपी बेटा निखिल (32) प्रॉपर्टी अपने नाम कराने के लिए पिता हरिओम चौधरी (52) पर दबाव बना रहा था। हरिओम इसके लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि बेटा जमीन बेचकर शराब पी जाएगा। रात को भी जब पिता ने डांटा, तो झगड़ा बढ़ा और निखिल ने पिता की हत्या कर दी। आरोपी बेटे की तलाश में पुलिस की 4 टीमें लगाई गई हैं। घटना मोदीनगर थाना क्षेत्र की है। करीब 8 साल पहले निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू को भी गोली मारी थी, लेकिन उसकी जान बच गई थी। 25 बीघा जमीन बेटे के नाम थी, पूरी प्रॉपर्टी लेना चाहता था हरिओम बुदाना गांव के रहने वाले थे। वह संपन्न किसान थे। मोदीनगर में उनके नाम पर 75 बीघा जमीन और दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने एक मार्केट है। उनकी कुल संपत्ति करीब 150 करोड़ रुपए बताई जा रही है। परिवार में पत्नी मीनाक्षी, बड़ा बेटा निखिल और छोटा बेटा नीशू हैं। दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़ा बेटा निखिल 12 वीं तक पढ़ा है। शराब पीने का आदी है। इसी वजह से पिता से उसका अक्सर झगड़ा होता रहता था। उन्होंने निखिल को मार्केट में दुकानें और 25 बीघा जमीन दे रखी थी। लेकिन, वह पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम कराना चाहता था। पिता से पहले हाथापाई की, फिर गोली मारी एसीपी ने बताया- बुधवार रात हरिओम चौधरी ने पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया। उस समय बड़ा बेटा निखिल घर पर नहीं था। वह देर रात शराब पीकर घर पहुंचा। पिता ने शराब पीकर आने पर उसे डांट दिया। इस पर निखिल ने पिस्टल निकाल ली और पिता से गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। शोर सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी वहां पहुंच गए। इसी दौरान हाथापाई हुई और निखिल ने पिता पर ताबड़तोड़ 6 गोलियां चला दीं। गोली लगते ही हरिओम फर्श पर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी बोले- शाही जिंदगी जीता था निखिल पड़ोसियों ने बताया कि निखिल की लाइफस्टाइल शाही रही है। वह बुलेट से चलता था। अक्सर अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाता था। यह बात मां मीनाक्षी और पिता हरिओम को पसंद नहीं थी। उन्हें लगता था कि घर की खेती की जितनी कमाई है, वह सब बेटा पार्टी में उड़ा रहा है। लेकिन, निखिल इतना गर्म-मिजाज था कि मां और छोटा भाई निशू भी उसको पलटकर जवाब नहीं देते थे। साल- 2018 में मां के डांटने पर जब निखिल का निशू से झगड़ा हुआ था, तो उसने भाई पर गोली चला दी थी। इस मामले में परिवार ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया था। पुलिस में शिकायत नहीं की थी। एसीपी बोले- जल्द पकड़ा जाएगा आरोपी एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया- परिजनों ने जमीन विवाद की बात बताई है। हरिओम की पत्नी मीनाक्षी ने मोदीनगर में बेटे के खिलाफ हत्या की शिकायत दी है। पुलिस केस दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच कर रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें बुलंदशहर में बीच सड़क डबल मर्डर, 15 मिनट तक फायरिंग, दो युवकों के सीने पर गोली मारी, कार चढ़ाई यूपी के बुलंदशहर में मंगलवार रात 9.30 बजे दो लोगों की हत्या कर दी गई। पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में बीच सड़क विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। देखते ही देखते मारपीट होने लगी। फिर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कार चढ़ा दी। पूरी खबर पढ़ें