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ततारपुर में कबाड़ की दुकान में चोरी का खुलासा:तांबा-पीतल और बाइक बरामद, आरोपी को हरियाणा से पकड़ा

खैरथल-तिजारा जिले की ततारपुर थाना पुलिस ने बंद कबाड़ की दुकान से चोरी हुए ताबें और पीतल की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने सेंधमार गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल और वारदात में काम में ली गई बाइक बरामद की है। थानाधिकारी महावीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया- 11 जुलाई को ततारपुर निवासी मनमोहन ने रिपोर्ट दी थी। उसने बताया कि 5 जुलाई की रात उसकी विनायक ट्रेडर्स नामक कबाड़ की दुकान से अज्ञात चोरों ने करीब 300 किलोग्राम तांबा और 800 किलो पीतल चोरी कर लिया था। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी, हरियाणा से किया गिरफ्तार मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इसी के तहत आरोपी सुनील (35) निवासी रेवाड़ी (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। चोरी का माल और बाइक बरामद पूछताछ में आरोपी सुनील ने चोरी की वारदात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का पूरा तांबा-पीतल और वारदात में काम में ली गई बाइक बरामद कर दी। आरोपी चोरी का माल बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया। जांच के दौरान वारदात में शामिल आरोपी के साथी सायर निवासी हमीरपुर की पहचान भी हो गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी महावीर सिंह के साथ हेड कॉन्स्टेबल सत्यपाल, कॉन्स्टेबल बजरंगलाल और कॉन्स्टेबल राजवीर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मंत्री बोले-कांग्रेस कहे तो हम बिना OBC-आरक्षण चुनाव को तैयार:गहलोत राज में लिए जाते थे तबादलों के पैसे; बॉर्डर पर ऑपरेशन क्लीन जरूरी

कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल का कहना है- कांग्रेस सार्वजनिक रूप से यह कह दे कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सरकार आरक्षण दिए बिना ही चुनाव कराए, तो हम उस पर तुरंत विचार कर सकते हैं। लेकिन ऐसा कांग्रेस कभी नहीं कहेगी कि बिना ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिए चुनाव करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग का गठन करना सरकार का काम था, और उसकी रिपोर्ट देना ओबीसी आयोग का काम है। सरकार के स्तर पर चुनाव से संबंधित जो कार्रवाई होनी चाहिए, वह पूरी हो चुकी है। जब भी चुनाव आयोग कहेगा, सरकार तैयार है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र निकाय है। मंत्री ने हाईकोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी के सवाल को टालते हुए कहा कि यह मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर मेरी टिप्पणी करना ठीक नहीं है। इसकी एक मर्यादा है। दरअसल, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल शनिवार को बाड़मेर दौरे पर रहे। उन्होंने चौहटन स्थित विरात्रा माता मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद बाड़मेर सर्किट हाउस पहुंचे, जहां अफसरों की मीटिंग के बाद मीडिया से भी बातचीत की। जब तक जांच नहीं, तब तक राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकते
मंत्री ने कहा कि साल 2021 में महाराष्ट्र के एक केस में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय लिया था कि अगर राजनीतिक क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देना है, तो राज्य सरकारें त्रि-स्तरीय जांच करवाने के बाद ही ऐसा कर सकती हैं। कोर्ट ने दोहराया था कि जब तक त्रि-स्तरीय जांच नहीं करवाते, तब तक आप राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकते। उस समय की तत्कालीन सरकार ने 2021, 2022 और 2023 में ओबीसी आयोग का गठन नहीं किया। ऐसे में अब फैसला कांग्रेस को करना है कि वे क्या चाहते हैं। तबादलों में रुपयों का लेन-देन कांग्रेस सरकार में हुआ
मंत्री ने कहा कि तबादलों में रुपए लेने के कांग्रेस के आरोप का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के राज में जयपुर में एक कार्यक्रम में बड़े-बड़े शिक्षाविद मौजूद थे। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा भी वहां थे। तब अशोक गहलोत ने शिक्षाविदों से पूछा था कि क्या ट्रांसफर में पैसे लिए जाते हैं? तब सबने एक राय होकर वहां पर कहा था कि हां, पैसे लिए जाते हैं। यह तो प्रमाणित तथ्य हो गया। अभी कांग्रेस जो आरोप लगा रही है, वह पूर्ण रूप से निराधार है। प्रसूताओं की मौत मामले में अब लीकेज नहीं होगा
प्रसूताओं की मौत के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मौतें कितनी हुईं और कैसे हुईं, इसमें तथ्यात्मक भिन्नता रहती है। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए, हम यह बात स्वीकार करते हैं। हॉस्पिटल में कोई भी आएगा तो वह इलाज के लिए आएगा। इसके अलग-अलग तरह के स्पष्टीकरण हैं, लेकिन मैं इसको इस रूप में लेता हूं और हम स्वीकार करते हैं कि हमारे हॉस्पिटल में जितने भी रोगी आएं, उनका प्रभावी इलाज होना चाहिए। जहां कहीं भी कमियां (लीकेज) रही हैं, वे अब नहीं होंगी, ऐसा हम आपको विश्वास दिलाते हैं। कांग्रेस ने जानबूझकर बॉर्डर पर भवनों का निर्माण होने दिया
बॉर्डर इलाकों में ‘ऑपरेशन क्लीन’ के सवाल पर भी मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बहुत समय पहले देश की सुरक्षा को लेकर यह तय किया गया था कि बॉर्डर एरिया में कोई भी अवांछनीय गतिविधि या संदिग्ध एक्टिविटी न हो, जिससे बाहरी और आंतरिक सुरक्षा खतरे में न पड़े। इसलिए 50 किलोमीटर का एरिया प्रतिबंधित किया गया है, जिससे वहां पर कोई अवैध निर्माण न हो। लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने तुष्टीकरण के तहत जानबूझकर ऐसे भवनों का निर्माण होने दिया, जो नहीं होना चाहिए था। इसको लेकर केंद्र सरकार को इनपुट मिला कि वहां पर संदिग्ध गतिविधियां हैं और देश की सुरक्षा को लेकर खतरा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मीटिंग कर इसकी पुष्टि की और यह माना गया कि यहां एक्टिविटी ठीक नहीं है। तब हमने निर्णय लिया कि ऐसे भवनों के निर्माण पर कार्रवाई की जाए जो संदिग्ध एक्टिविटी या प्रतिबंधित क्षेत्र में आते हैं, और सरकार की ओर से कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार को यह अधिकार है, क्योंकि देश की सुरक्षा पहले है और बाकी सब बाद में। कोर्ट ने रिट याचिका को खारिज कर दिया। इनकी ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब कोर्ट ने दे दिया है।

गोहाना में 19 जुलाई को 5 घंटे बिजली बंद:जीएसएस के सभी फीडर रहेंगे बंद, रखरखाव कार्य होगा

गोहाना में 19 जुलाई को 5 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग 33/11 केवी गोहाना जीएसएस पर आवश्यक रखरखाव कार्य करेगा, जिसके चलते बिजली आपूर्ति नहीं की जाएगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह शटडाउन सुबह 6 बजे से 11 बजे तक रहेगा। इस अवधि में गोहाना जीएसएस से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित होगी। शटडाउन के कारण 11 केवी गोहाना फीडर, सनवा फीडर, सिंगाड़िया फीडर, केएम वूलन फीडर और विश्वकर्मा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है और उनसे अनुरोध किया है कि वे अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने बताया कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने वाले पिता को सजा:पॉक्सो कोर्ट ने दी 5 साल की कैद; 13 हजार जुर्माना लगाया

दौसा की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिक बेटी के यौन शोषण मामले में दोषी पिता को पांच साल की कठोर सजा और 13 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया है। घटनाक्रम अप्रैल 2024 का है। पीड़िता की दादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने बताया था- मेरा बेटा आदतन शराबी है। उसमें अपनी ही 14 साल की नाबालिग बेटी का यौन शोषण किया है। पुलिस में पॉक्सो एक्ट समेत अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ठ लोक अभियोजक जितेन्द्र सैनी ने 6 गवाह और 27 दस्तावेज पेश किए। इसके बाद पॉक्सो कोर्ट की न्यायधीश रेखा राठौड़ ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने पिता की ओर से अपनी ही बेटी के साथ की गई छेड़छाड़ और मारपीट के मामले को गंभीर माना और दोषी को सजा सुनाई।

डूंगरपुर में सोम कमला आम्बा बांध पर मॉक ड्रिल:आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा, विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

डूंगरपुर जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को सोम कमला आम्बा बांध पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाश चंद्र रैगर की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपातकालीन राहत-बचाव व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान बांध में लीकेज होने की काल्पनिक सूचना पर तत्काल आपदा प्रबंधन योजना के तहत संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया। टीम लीडर हीरालाल नागर के नेतृत्व में एसडीआरएफ और रवि परमार के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। इन टीमों ने निर्धारित समय में राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया। इस अभ्यास में कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, सूचना प्रसारण प्रणाली, विभागों के बीच समन्वय, राहत-बचाव संसाधनों की उपलब्धता और डाउन स्ट्रीम क्षेत्रों के लिए चेतावनी तंत्र की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभागों की त्वरित और समन्वित कार्रवाई क्षमता को परखना था। मॉक ड्रिल के उपरांत अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाशचंद्र रैगर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को मानसून के दौरान पूर्ण सतर्क रहने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और निरंतर संवाद के साथ किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए हर समय तैयार रहने को कहा। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश मेघवाल, अधिशासी अभियंता अश्विनी अहारी, तहसीलदार योगेन्द्र वैष्णव, थानाधिकारी मोहनलाल, विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार सहित पीएचईडी, एवीवीएनएल, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे मानसून के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अफवाहों से बचें और बांध तथा जलाशय क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देकर सहयोग करने की भी अपील की गई।

जोधपुर में अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम का विरोध:पुलिस से उलझे लोग, विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ा; 5 दिन का अल्टीमेटम

जोधपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के खिलाफ लोग विरोध में उतर गए। इस दौरान मकानों को तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोग पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ दिया। नगर निगम की टीम ने लोगों को 5 दिन में खुद ही अतिक्रमण हटाने की अल्टीमेटम दिया। दरअसल, जब नगर निगम की टीम मकानों को तोड़ने पहुंची, तब कॉलोनी के लोग टीम का विरोध करने लगे। इस दौरान आक्रोशित लोग और निगम अधिकारी आमने-सामने हो गए। मौके पर विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुला लिया। इस दौरान आक्रोशित लोग नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। मामला शनिवार को शहर के कबीर नगर का है। करीब 5 घंटे तक स्थानीय लोग और अधिकारियों के बीत लगातार गहमागहमी का माहौल रहा। आखिरकार बाद में नगर निगम की ओर से इन अतिक्रमण को हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया। स्थानीय लोग टीम और पुलिस से उलझे लोगों का कहना था कि कबीर नगर में उनका कई सालों से कब्जा है। वे लंबे समय से यहां रह रहे है। कुछ दिनों पहले वे निगम के अधिकारियों से मिल समय मांगा था। लेकिन, अब वे अचानक यहां कार्रवाई करने पहुंचे। इसे लेकर स्थानीय लोग निगम के अधिकारी और पुलिस से उलझ गए। इस दौरान सड़क रोक नारेबाजी करने लगे। इस पर पुलिस ने समझाइश के उन्हें वहां से हटाया। तीन प्लाट को लेकर था विवाद, एक ने गलत जमीन पर किया कब्जा नगर निगम के सीएफओ जलज घासिया ने बताया कि कबीर नगर में तीन प्लाटों को लेकर विवाद था। इसके बाद निर्णय लिया गया ​कि इन पर अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इसके बाद टीम जब मौके पर पहुंची तो लोगों ने समय देने की मांग की। इस पर आयुक्त राहुल जैन से बातचीत की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि इन्हें पांच दिन का समय दिया जाए। स्थानीय लोगों ने लिखकर दिया है कि वे पांच दिन में अपना कब्जा खुद हटा लेंगे। वहीं एक युवक ने अपने अलॉट प्लाट को छोड़कर उसके पास दूसरे प्लॉट पर मकान ​बना लिया था। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद उसके अधिकार वाला कब्जा दे दिया जाएगा। पांच घंटे तक चली गहमागहमी, पुलिस जाब्ता रहा तैनात इधर, जैसे ही टीम शनिवार को कबीर नगर में जाब्ते के साथ अतिक्रमण करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी मंगवाया गया। इस दौरान लगातार बातचीत का दौर चलता रहा। परिवारों की ओर से भी पक्ष रखा गया कि उनका कब्जा सही है। इसके अलावा इस कार्रवाई को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इस पूरे मामले को लेकर काफी गहमागहमी चलती रही। इसके बाद नगर निगम उपायुक्त भी मौके पर पहुंची। इसके बाद जब ​नगर निगम की टीम घरों को जांचने पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध भी किया। हालांकि, समझाइश के बाद वे माने। शाम करीब 5:30 बजे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद 5 दिन की मोहल्लत दी गई है। इसके लिए नगर निगम ने तीन परिवारों से लिखवाकर लिया है कि वे पांच दिन में खुद अपने से कब्जा हटा देंगे।

शहीद के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं, हाईकोर्ट सख्त:कार्मिक और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस; एक सप्ताह में जवाब मांगा

झुंझुनूं में शहीद के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई। राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कार्मिक विभाग और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। दरअसल झुंझुनूं जिले के घनडावा गांव निवासी लालचंद ने वर्ष 2023 में शहीद सैनिक के आश्रित के तौर पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। प्रार्थी ने ‘राजस्थान मृत सशस्त्र बल कार्मिक (शहीद) के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति नियम-2022’ के तहत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, चिड़ावा के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने यह आवेदन जिला कलेक्टर, झुंझुनू को भेज दिया था। जिन्होंने आगे मार्गदर्शन के लिए इसे संयुक्त शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर को प्रेषित किया। ​नियमों के बदलाव से फंसा पेंच आवेदन प्रक्रिया के दौरान, कार्मिक विभाग ने 17 अक्टूबर 2024 को एक आदेश जारी किया, जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाकर ‘सेकेंडरी’ (10वीं) कर दिया गया। इसी नई शैक्षणिक योग्यता का आधार बनाकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, चिड़ावा ने 31 अक्टूबर 2025 को प्रार्थी का आवेदन निरस्त कर दिया। ​फिर दी कोर्ट में चुनौती आवेदन का नियम विरुद्ध निरस्त होने पर प्रार्थी ने अधिवक्ता संजीव महला और विजय पूनियां के माध्यम से उच्च न्यायालय जयपुर में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता संजीव महला ने तर्क दिया कि प्रार्थी ने अपना आवेदन 2023 में किया था, जबकि शैक्षणिक योग्यता संबंधी नियम 2024 में बनाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन के बाद बने नियम प्रार्थी पर लागू नहीं होने चाहिए। अधिवक्ता ने यह कहा कि कोई भी कानून ‘भूतलक्षी’ (पुराने समय से) प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। ​हाईकोर्ट का आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश गणेश राम मीणा ने प्रार्थी के पक्ष और वकीलों द्वारा दिए गए तर्कों पर सहमति जताई। कोर्ट ने अब कार्मिक विभाग और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

चित्तौड़गढ़ में निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:श्रद्धालुओं ने खींची रथ की रस्सी, ड्रोन से फूल बरसाए

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शनिवार शाम शहर में पूरे उत्साह और भक्ति के साथ निकाली गई। मीरा मार्केट स्थित इस्कॉन मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के दर्शन के लिए पूरे रास्ते लोगों की भीड़ लगी रही। जैसे-जैसे नंदी घोष रथ आगे बढ़ता गया, श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान का आशीर्वाद लेते रहे और रथ की रस्सी खींचने के लिए उत्साह दिखाते रहे। शहर के प्रमुख मार्ग घंटों तक भक्ति के माहौल में डूबे रहे। जगह-जगह लोगों ने रथयात्रा का स्वागत किया और पूरा आयोजन किसी धार्मिक उत्सव से ज्यादा एक जनआस्था का पर्व नजर आया। विशेष पूजा के बाद शुरू हुई रथयात्रा, झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र रथयात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया और छप्पन भोग अर्पित किया गया। महाआरती के बाद भगवान के विग्रहों को श्रद्धालुओं ने अपने हाथों पर उठाकर नंदी घोष रथ में विराजमान कराया। रथयात्रा की शुरुआत बच्चों द्वारा ध्वज लेकर की गई। इसके पीछे भक्ति संगीत के साथ गाड़ियां, इस्कॉन के संस्थापक आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद का चित्र और भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। रथ के साथ चल रहे श्रद्धालु संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे, जिससे पूरे रास्ते उत्सव जैसा माहौल बना रहा। फूलों की बारिश, सेवा और श्रद्धा ने बनाया आयोजन खास रथयात्रा मीरा मार्केट, मीरानगर, शास्त्रीनगर चौराहा, कलेक्ट्रेट सर्किल, भारत पेट्रोल पंप, चामटीखेड़ा चौराहा, महाराणा प्रताप सेतु मार्ग, सिटी पेट्रोल पंप, चंद्रलोक टॉकीज और सुभाष चौक होते हुए ऋतुराज वाटिका पहुंची। पूरे रास्ते पर कई सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया। ड्रोन से भी लगातार फूल बरसाए गए, जिससे पूरे रास्ते का नजारा आकर्षक बन गया। गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पानी की फुहारें और सुगंधित इत्र का छिड़काव किया गया। कई श्रद्धालु भगवान के छोटे विग्रह सिर पर रखकर यात्रा में शामिल हुए, जबकि कुछ लोग रथ के आगे चलकर रास्ते की सफाई करते नजर आए। युवाओं में भी रथयात्रा को लेकर खास उत्साह दिखा और वे पूरे आयोजन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते रहे। संतों के सान्निध्य में हुआ समापन रथयात्रा में जयपुर के हरिभक्ति दास, भीलवाड़ा के चैतन्य प्रभु, अहमदाबाद के संजय कृष्ण प्रभु, हनुमानगढ़ के देवहरि प्रभु और चित्तौड़गढ़ इस्कॉन के प्रभारी मधुरमुरली दास मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रमोद पुरोहित, भरत माहेश्वरी, राकेश मंत्री, रवि वीराणी और संजय पुंगलिया सहित कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। ऋतुराज वाटिका में महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ रथयात्रा का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शहर में जहां-जहां से रथ गुजरा, वहां लोगों ने रुककर दर्शन किए और आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाता देने वाला गिरफ्तार:झालावाड़ में 'साइबर शील्ड' अभियान के तहत पुलिस ने की कार्रवाई

झालावाड़ में साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और म्यूल बैंक खाता धारकों के खिलाफ कार्रवाई के उद्देश्य से “साइबर शील्ड अभियान” चलाया जा रहा है। अपराधी विभिन्न खातों में राशि ट्रांसफर करने के लिए तथाकथित “म्युल बैंक खातों” का उपयोग करते हैं। इस अभियान के तहत, जिले के सभी थाना अधिकारियों को विशेष टीमें गठित कर साइबर अपराधियों और म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना झालावाड़ ने सीआई विष्णु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह आरोपी साइबर अपराध में उपयोग किए गए एक म्यूल बैंक खाते का बेचान करने में संलिप्त था। ‘साइबर शील्ड’ अभियान के दौरान एएसआई कमरूददीन द्वारा म्यूल खातों की जांच की जा रही थी। जांच में सुकेत, जिला कोटा निवासी एनुल हक का एक बैंक खाता पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि एनुल हक के परिचित शरजिल (24) पुत्र शकील, निवासी सलावद रोड, सुकेत, थाना सुकेत, जिला कोटा ग्रामीण ने एनुल हक को धोखे में रखकर इस खाते का संचालन किया। शरजिल इस खाते का उपयोग साइबर अपराधियों के लिए म्यूल बैंक खाते के रूप में कर रहा था। शरजिल साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क का सक्रिय सहयोगी बनकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। इन तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण में आगे अनुसंधान जारी है, जिसमें आरोपी से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल उपकरणों और साइबर अपराधियों के नेटवर्क के संबंध में गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में हेड कॉन्स्टेबल लोकेन्द्र सिंह, रवि सेन, सुमित, सुखराम और हेमराज शामिल रहे।

प्रतापगढ़ के जनजातीय छात्रावास में पौधारोपण:100 से ज्यादा पौधे लगाए, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

प्रतापगढ़ में ‘हरित भविष्य की ओर कदम’ अभियान के तहत राजकीय जनजातीय आवासीय छात्रावास परिसर में 100 से अधिक औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए। यह पौधारोपण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ द्वारा शनिवार को किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग, नारकोटिक्स विभाग, महावीर इंटरनेशनल कांठलवीरा केन्द्र, एलएडीसीएस स्टाफ, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण और संरक्षण की बताई जरूरत कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने की। उन्होंने वृक्षों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम बताया और कहा कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर हैं। न्यायाधीश कुमारी ने अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल ने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन को मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाए। पेड़ों के महत्व के बारे में बताया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने पौधारोपण के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक सौरभ स्वामी ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में वृक्षारोपण की भूमिका बताई। सीडीईओ गोपाल जोशी ने जल संरक्षण में वृक्षों की भूमिका पर बात की, जबकि डीएफओ सुरेश अग्रवाल ने मिट्टी संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने में पेड़ों की उपयोगिता समझाई। इस कार्यक्रम के लिए वन विभाग ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।