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हिमाचल में प्रेमी जोड़े की अश्लील हरकतों का VIDEO:झील किनारे बैठ रोमांस करते दिखे, आपत्तिजनक हरकतें की, पुलिस पहचान में जुटी

हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक कपल का अश्लील हरकतें करते वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो मंडी के सुंदरनगर का बताया जा रहा है। इसमें युवक और युवती झील किनारे बैठकर सबके सामने रोमांस करते देखे जा रहे हैं। किसी ने दूर से इनका वीडियो बना लिया और फिर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया। पब्लिक प्लेस पर इस तरह की हरकतों को लेकर यूजर नाराजगी जता रहे हैं, क्योंकि यहां पर रोजाना बड़ी संख्या में लोकल और टूरिस्ट मनमोहक झील को देखने पहुंचते हैं। डीएसपी सुंदरनगर में वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए इसके सत्यापन और कपल के खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। मगर अब तक वीडियो में नजर आ रहे युवक-युवती की पहचान नहीं हो सकी। 48 सेकेंड का यह वीडियो दो दिन से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो सही निकला तो कार्रवाई करेंगे: DSP डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया कि जिस क्षेत्र का वीडियो बताया जा रहा है, वहां सीआईएसएफ की नियमित गश्त रहती है। उन्होंने बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच रही है। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। भारत भूषण ने लोगों से भी अपील की कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वायरल वीडियो को आगे साझा न करें, क्योंकि इससे भ्रामक जानकारी फैल सकती है और संबंधित व्यक्तियों की निजता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई तथ्यात्मक जानकारी या साक्ष्य हैं तो वे पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि तथ्यों के आधार पर जांच पूरी की जा सके। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग स्थानीय लोग पुलिस गश्त बढ़ाने और इस तरह की हरकतों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि सुंदरनगर में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है। चार महीने पहले भी झील किनारे बाइक के पीछे बैठे कपल की अश्लील हरकतों का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। शिमला के रिज पर भी ऐसा ही VIDEO वायरल ऐसा ही एक अश्लील वीडियो 7 अप्रैल 2026 को शिमला के रिज से भी वायरल हुआ था, जिसमे बेंच पर बैठे लड़का और लड़की सरेआम किस करते दिखे। रिज, हिमाचल का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर समय स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आए पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। शिमला आने वाले टूरिस्ट रिज और मॉल रोड आना नहीं भूलते। रिज व मॉल रोड पर ज्यादातर टूरिस्ट अपने परिवार और बच्चे के साथ पहुंचते हैं।

उदयपुर में रात को तेज बारिश, सड़कें लबालब:सुबह मानसून आया और बरसा रात को, एक घंटे तक झमाझम, शादियों में खलल

उदयपुर शहर में आज रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।

शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। 8 की देरी के बाद हुई मानसून की एंट्री इससे पहले आज सुबह उदयपुर में आज मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल आज 3 जुलाई को आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है। पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश किया उदयपुर के मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी का मानसून हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश आज रात को किया। उन्होंने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा की गति कम हो गई। एक दिन पहले उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा-डूंगरपुर होकर मानसून उदयपुर आना था लेकिन इधर, आज रात में बंगाल की खाड़ी का मानसून उदयपुर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि उदयपुर में बंगाल की खाड़ी के मानसून से अच्छी बारिश होगी और लगातार वर्षा और सभी क्षेत्र मे वर्षा होगी, करीब दो दिन तक तेज बारिश चलेगी। इधर, उदयपुर शहर के तीतरड़ी सहित कई इलाकों में सुबह रिमझिम बारिश शुरू हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बादलों ने जगह बना रखी और तेज ठंडी हवाएं चल रही है। शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी तेज हवाओं के साथ चल रही है।
जानिए मानसून का रास्ता राजस्थान में मानसून दो तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की शाखा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी से आने पर हवाएं ओडिशा और बिहार, यूपी, एमपी को पार प्रदेश के के पूर्वी जिले कोटा, बारां, झालावाड़ से मानसून की एंट्री होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी वाली मानसूनी शाखा से उदयपुर में मानसून ने प्रवेश किया। वहीं अरब सागर से आने वाला मानसून गुजरात के रास्ते उदयपुर आता है और इसी की संभावना थी। एक दिन पहले बांसवाड़ा आने के बाद इसकी स्पीड धीमी हो गई और इधर, बंगाल की खाड़ी से मानसून रात को उदयपुर पहुंच गया। एक दिन पहले गोगुंदा और ऋषभदेव में अच्छी बारिश उदयपुर के जल संसाधन विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान उदयपुर जिले में सर्वाधिक गोगुंदा में ढाई इंच और ऋषभदेव में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मावली के बागोलिया में 16, ओगणा में 12, बावलवाड़ा में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। 2025 में ऐसी रही बारिश की स्थिति… इस बार मानसून की लेट एंट्री उदयपुर में एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि कुछ सालों में मानसून एंट्री 25 जून के करीब ही हुई है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनका मानना है कि मानसून करीब एक सप्ताह लेट उदयपुर में आया है। उदयपुर जिले में मानसून की एंट्री की बात करें तो अमूमन 20 से 25 जून के बीच मानूसन आ जाता है। जुलाई के पहला सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश की संभावना जताई है। जून 2025 में उदयपुर शहर में करीब 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह शहर के जून के सामान्य औसत (81.3 मिमी) के लगभग बराबर रही तो जुलाई 2025 में करीब 287.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर के प्रमुख बांधों और झीलों का जलस्तर (मीटर में)

इनपुट सहयोग : शैलेंद्र जैन, ऋषभदेव

स्कॉलरशिप में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 20 कॉलेज-इंस्टीट्यूट बैन:स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट भेजे, कई संस्थान शुरू भी नहीं हुए

राज्य सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में करोड़ों की हेराफेरी और घोटाले में शामिल देशभर के 20 कॉलेज और इंस्टीट्यूट को बैन कर दिया। इनमें राजस्थान के 16 और दूसरे राज्यों के चार कॉलेज शामिल हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी में शामिल संस्थाओं के भेजे गए स्कॉलरशिप के आवेदनों को खारिज कर दिया है। इनमें कई कॉलेजों ने पोर्टल पर स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट अपलोड किए। वहीं कई कॉलेज ऐसे भी हैं, जो चालू नहीं थे। स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदनों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने 6 इंस्टीट्यूट पर परमानेंट और 14 पर 3 से 5 साल तक का प्रतिबंध लगाया है। इनमें दो मेडिकल कॉलेज भी हैं। विभाग ने नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) के नारायणा मेडिकल कॉलेज और जबलपुर (मध्य प्रदेश) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर 5 साल तक के लिए बैन लगाया है। फर्जीवाड़े में शामिल इंस्टीट्यूट पर अब FIR भी दर्ज करवाई जाएगी। अब स्कॉलरशिप के लिए नहीं कर पाएंगे आवेदन सरकार की कार्रवाई के बाद अब ये संस्थान स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। इनके लॉग-इन आईडी बैन कर दिए गए हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने जांच में दोषी पाई गई संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। जानें संस्थाओं ने कैसे की गड़बड़ी संस्थाओं ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए फर्जी दस्तावेज अपलोड कर भेजे जो स्टूडेंट पात्र नहीं थे, उनके नाम से भी स्कॉलरशिप उठाई, दोबारा भी आवेदन कई मामलों में ऐसे स्टूडेंट के पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे गए, जो पात्र नहीं थे। कई आवेदन ऐसे भी थे, जो पहले उसी कोर्स में स्कॉलरशिप ले चुके थे। जो कोर्स स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं था, उसके भी आवेदन मंजूर करके भेजे गए। कॉलेज-संस्था चल नहीं रही, स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे कई कॉलेज, संस्थान पूरी तरह चालू भी नहीं हुए थे, लेकिन उनके यहां से भी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन विभाग के पोर्टल से भेजे गए। चंदेल प्राइवेट ITI, गुरुकृपा महाविद्यालय पूरी तरह से शुरू नहीं हुए थे, लेकिन इन्होंने भी आवेदन भेजे। विभाग की जांच में फर्जीवाड़ा साबित, करोड़ों की स्कॉलरशिप हड़पी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जांच में भारी गड़बड़ियां पाई गई थीं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी वाली संस्थाओं को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए तलब किया। कई संस्थाओं के प्रतिनिधि पक्ष रखने के लिए विभाग के सामने नहीं पहुंचे। वहीं जिन संस्थानों के प्रतिनिधि विभाग के पास पहुंचे, उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया। जांच समितियों की रिपोर्ट, जिला अधिकारी की रिपोर्ट और पोर्टल के डेटा विश्लेषण के आधार पर विभाग ने माना कि इन संस्थानों ने मिलीभगत और षड्यंत्र के तहत सरकार को गुमराह करने का प्रयास किया है। इसके बाद 20 संस्थाओं पर बैन लगाने का फैसला किया गया। दो बार जांच करवाई, दोनों बार गड़बड़ी साबित पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़े की दो बार जांच करवाई गई। दोनों बार फर्जीवाड़ा साबित हुआ। मामले की जांच के लिए विभाग ने पहली बार 24 अप्रैल 2025 को समिति बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट 19 मई 2025 को साैंप दी। वहीं मामले की गहराई से जांच के लिए 30 मई 2025 को दूसरी जांच कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने 13 जून 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। दोनों जांच कमेटियों की रिपोर्ट में भारी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।

2 महीने पहले लव मैरिज, अब नाबालिग देवर लेकर फरार:लुधियाना में इंस्टा पर किस वाली इमोजी लगा रील डाली; पिता बोला- बंधक बनाया

लुधियाना में युवती ने 2 माह पहले लव मैरिज की और अब अपने नाबालिग देवर को लेकर फरार हो गई। भाभी और उसकी सहेली नाबालिग देवर को लेकर घर से निकली, जिसका अब सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। भाभी देवर को लेकर लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें नाबालिग देवर सीढ़ियों पर बैठा दिख रहा है। उसके चेहरे पर किस वाली इमोजी बनी हैं। इसी दौरान देवर ने अपने चाचा को एक मैसेज भेजा कि भाभी का मुझे कुछ पता नहीं, मुझे कुछ लोगों ने पकड़ा है। इसके बाद भाभी ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। उसके बाद परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पाया। नाबालिग के पिता सुरेश कुमार की शिकायत के बाद पुलिस ने भाभी मुस्कान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बहू की सहेली के खिलाफ भी पुलिस को शिकायत दी और सीसीटीवी फुटेज दी। पुलिस ने सहेली से पूछताछ करके फिलहाल उसे छोड़ दिया है और नाबालिग व भाभी को ढूंढने में जुट गई है। नाबालिग देवर को भगाने की कहानी सिलसिलेवार पढ़िए… पिता का आरोप- बेटे को बंधक बनाकर रखा है
पीड़ित पिता सुरेश सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें पूरा यकीन है कि उनकी बहू मुस्कान ने नाबालिग बेटे को उसकी पहचान और मौजूदगी छिपाकर, किसी गलत इरादे से कहीं अवैध हिरासत में रखा हुआ है। वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई है। परेशान पिता ने पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए और बहू मुस्कान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
मेहरबान थाने के जांच अधिकारी अवतार सिंह का कहना है कि पिता के बयानों के आधार पर आरोपी महिला मुस्कान के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लड़का नाबालिग है, इसलिए पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं।

जोधपुर में अगले दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट:सुबह से छाए बादल; सट्टा मार्केट में इस बार मानसून पर दांव; जानें-कैसा रहेगा मौसम

पश्चिमी राजस्थान में इस बार मानसून देरी से आ रहा है। इस हिस्से के कई जिलों में इस बार प्री-मानूसन की बारिश भी नहीं हुई। गुरुवार को प्रदेश के 12 जिलों से मानसून की राजस्थान में एंट्री हुई। इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिन यानी शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बार मानूसन को लेकर फलोदी सट्टा मार्केट में भी मानसून पर बड़ा दांव लगा है। जब गुरुवार शाम 4 बजे फलोदी का सट्टा मार्केट खुला तो सबसे बड़ा दांव लगा मानसून पर। फलोदी सट्टा मार्केट में बारिश के लिए इस सीजन का सबसे बड़ा भाव लगाया गया। इस मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि ये पूरा दांव बादल और मोबाइल में तापमान देखकर लगाया जाता है। अगले 24 घंटे यानी शुक्रवार शाम 4 बजे तक ये भाव चलेगा। दावा- 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया है दरअसल, राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही अब ये दावा किया जा रहा है कि आने वाले एक से दो दिनों में मानसून पश्चिमी राजस्थान में भी अपना असर दिखाएगा। फलोदी सट्टा मार्केट से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि 3 जुलाई यानी शुक्रवार को पश्चिमी राजस्थान से जुड़े इलाकों में बारिश हो सकती है। मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि मानसून में तीन स्तर पर पैसे लगाए जाते हैं। पहला पतरा (लोहे की चद्द) यानी कम बारिश, दूसरा नाली यानी ठीक-ठाक बारिश जब शहर की नालियों में बारिश का पानी बहने लग जाए। और, तीसरा नदी, यानी अच्छी बारिश। गुरुवार शाम को जब मार्केट खुला तो 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया गया। यानी इस मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि 3 जुलाई को पश्चिमी राजस्थान में मानसून की पहली बारिश होने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग ने दो दिन जारी किया आंधी-बारिश का येलो अलर्ट इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार शाम को भी अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और टेम्प्रेचर 39 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश की संभावना जताई है। जबकि 5, 6 और 7 जुलाई को कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं 8 जुलाई से फिर मौसम बदलने की संभावना है और अगले दो दिन यानी 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम ​विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर और बीकानेर संभाग में आंधी-बारिश का दौर चलेगा। वहीं मौसम बदलने के साथ अधिकतम तापमान में भी करीब 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। गौरतलब है कि जोधपुर शहर में इस बार मानूसन पांच साल में तीसरी बार जुलाई महीने में एंट्री करेगा। इससे पहले साल 2021 और 2022 में मानसून ने जुलाई में एंट्री ली थी।

PM मोदी कल पचपदरा रिफाइनरी का करेंगे लोकार्पण:जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन; सीएम भजनलाल देखेंगे तैयारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। वे सुबह जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे और पीएम उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हेलिकॉप्टर से बालोतरा जिले के पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे, परियोजना का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से जोधपुर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। नए टर्मिनल पर करीब 20 मिनट के दौरान वे दो मिनट की वीडियो प्रेजेंटेशन देखेंगे, टर्मिनल का अवलोकन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व विधायकों से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे पचपदरा प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। करीब दो घंटे के कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। सीएम भजनलाल आज करेंगे अंतिम समीक्षा प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को पचपदरा पहुंचकर रिफाइनरी परिसर में तैयारियों का जायजा लेंगे। वे दोपहर करीब 2 बजे मंडापुरा पहुंचेंगे, जहां एचपीसीएल के आउटलेट का उद्घाटन करेंगे और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 6 बजे तक रिफाइनरी परिसर में रहेंगे। इसके बाद वे जोधपुर के लिए रवाना होंगे और रात को वहीं ठहरेंगे। वहीं, राज्य मंत्री के.के. विश्नोई बालोतरा में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। पुलिस-प्रशासन अलर्ट, रूट प्लान जारी प्रधानमंत्री मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर जिला पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसुविधाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल और अन्य कार्मिक तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, कंट्रोल और सुरक्षा जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। गेट-7 से होगी आमंत्रितों की एंट्री ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। आमंत्रित सदस्यों के वाहनों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर रहेगी, जहां करीब 3 हजार वाहनों की क्षमता है। पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक शटल सेवा उपलब्ध रहेगी और आमंत्रितों की एंट्री भी गेट नंबर-7 से होगी। वहीं, विशेष आमंत्रितों और अधिकृत मीडियाकर्मियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा।

लंगड़ाते हुए रैंप पर उतरी मॉडल,बोलीं- सपना पूरा करके रहूंगी:मिस राजस्थान की तैयारियों के बीच नाना का निधन, परिवार बॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा

मिस राजस्थान-2026 के फिनाले वीक में मॉडल निहारिका राठौड़ (21) टूटे पैर के साथ रैंप वॉक कर रही हैं। ट्रेनिंग सेशन के दौरान निहारिका का पैर बुरी तरह मुड़ गया था, जिससे पैर की मांसपेशियां (मसल्स) फट गई थीं। डॉक्टर ने 15 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद निहारिका अपने सपने को पूरा करने के लिए दर्द में भी इस ब्यूटी पेजेंट (कॉम्पिटिशन) में उतरी हैं। फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी के नाना का मिस राजस्थान के फिनाले से पहले निधन हो गया। प्रज्ञा ने ट्रेनिंग सेंटर पर ही उनके अंतिम दर्शन किए। जयपुर के हैवन रिसॉर्ट में मिस राजस्थान का फिनाले वीक चल रहा है। इसमें 9 फाइनलिस्ट्स को 9 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका ग्रैंड फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 4 जुलाई को होगा। दैनिक भास्कर ने टॉप फाइनलिस्ट्स से बातचीत की… प्रज्ञा चौधरी नाना की डेडबॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर आया परिवार जयपुर की रहने वाली प्रज्ञा ने बताया- मिस राजस्थान 2026 के ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही मेरे नाना का निधन हो गया। अंतिम समय में नाना की इच्छा थी कि वे अपनी नातिन को मिस राजस्थान के मंच पर देखें। परिवार उनके पार्थिव शरीर को ट्रेनिंग स्थल तक लेकर आया, जहां मैंने नाना के अंतिम दर्शन किए और उनको श्रद्धांजलि दी। उनका आशीर्वाद लिया और वापस रैंप पर लौट आई। प्रज्ञा ने कहा- नाना हमेशा कहते थे कि तुम जीतकर आओगी और पहले नंबर पर रहोगी। मैं उनकी इस आखिरी इच्छा को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थी। मुझे विश्वास है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। प्रज्ञा एक साल पहले कैंसर से अपने भाई को भी खो चुकी हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनके भाई की मुलाकात पूर्व मिस राजस्थान विजेता से हुई थी। उसी दिन भाई ने प्रज्ञा से कहा था कि वह भी एक दिन मिस राजस्थान का ताज पहने। अब वे अपने भाई और नाना, दोनों का सपना पूरा करना चाहती हैं। निहारिका राठौड़ पैर में गंभीर चोट, फिर भी रैंप नहीं छोड़ा निहारिका ने बताया- ट्रेनिंग सेशन में पैर बुरी तरह मुड़ गया, जिससे पैर की मांसपेशियां फट गईं। ‘टॉप मॉडल राउंड’ मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था और बचपन का सपना बीच में छोड़ना मुझे मंजूर नहीं था। पैर पर प्लास्टर इसलिए नहीं चढ़वाया, क्योंकि लगातार चलने-फिरने से उसके टूटने का खतरा था। मैं पेनकिलर्स के सहारे लगातार प्रशिक्षण ले रही हूं और रैंप पर उतर रही हूं। यह मेरा पहला ऑडिशन था और पहली ही कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे यह अवसर किसी खास मकसद से दिया है, इसलिए मैं किसी भी हाल में पीछे नहीं हटूंगी। ज्योति चौधरी छोटे कपड़े पहनने पर सवाल उठाए, तानों से नहीं डरी झुंझुनूं जिले के मेहरा दासी गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले रही हैं। ज्योति ने बताया- मेरे परिवार का फैशन या मॉडलिंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं रहा। इसके बावजूद मैंने खुद पर भरोसा किया और आज टॉप-28 फाइनलिस्ट्स में अपनी जगह बनाई। ज्योति ने कहा- गांव में आज भी कई लोग मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री को अच्छी नजर से नहीं देखते। छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मिस राजस्थान में आने के बाद मैंने पहली बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर जहां कई लोगों ने हौसला बढ़ाया, वहीं कुछ लोगों ने मेरी आलोचना भी की। ज्योति नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। ज्योति फिलहाल M.Sc. की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही SSC CGL और CDS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का भी है। दिव्यांशी जांगिड़ गांव की लड़कियों के लिए बनीं आइकन दौसा जिले के भांडारेज की 18 साल की दिव्यांशी जांगिड़ अपने गांव की पहली लड़की हैं, जो मिस राजस्थान के मंच तक पहुंची हैं। दिव्यांशी ने बताया- मेरे गांव में मॉडलिंग को लेकर आज भी लोगों की सोच सकारात्मक नहीं है। कई रिश्तेदार भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मेरी मां ने हमेशा साथ दिया। मां ने मुझसे कहा कि दोनों भाइयों के सपने पूरे नहीं हो सके, इसलिए अब तुम अपने सपनों को जरूर पूरा करो। दिव्यांशी ने बताया- परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई हैं। एक भाई नौकरी करता है, जबकि दूसरा UPSC की तैयारी कर रहा है। मैं बीए (BA) सेकंड ईयर में पढ़ रही हूं। आज दिव्यांशी के गांव की कई लड़कियां सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क कर रही हैं। दिव्यांशी उन्हें यही सलाह देती हैं कि सबसे पहले परिवार का विश्वास जीतें, क्योंकि परिवार का साथ मिलने के बाद ही सपनों की उड़ान आसान होती है। पलक शर्मा मां ने कहा था- लोगों की चिंता मत करो जयपुर की रहने वाली 19 साल की पलक शर्मा बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहती थीं। पलक ने बताया- मेरे पिता नहीं हैं। मां ही अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद मां ने कभी मेरे सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। पलक कहती हैं- जब मैंने मॉडलिंग में आने की इच्छा जताई तो मां ने सिर्फ इतना कहा कि लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता मत करो। बस, अपने सपने को पूरा करो। पलक ने टॉप मॉडल राउंड के लिए अपनी ड्रेस भी खुद डिजाइन की, जिसकी थीम ‘विक्टोरियन गॉथिक लुक’ थी। उन्होंने इस ड्रेस की स्कर्ट खुद तैयार की, जबकि पूरी ड्रेस को सिलने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी मां ने घंटों मेहनत की। पलक के लिए यह ड्रेस सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि मां-बेटी की साझा मेहनत और अटूट प्यार का प्रतीक है। आस्था भूटानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सिलेक्शन के बाद मिस राजस्थान में पहुंची जयपुर की आस्था भूटानी का चयन दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो चुका है। अगस्त से उनकी पढ़ाई शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले उन्होंने खुद को एक नए अनुभव के लिए मिस राजस्थान के मंच पर आजमाने का फैसला किया। IIT से पासआउट आस्था ने कहा- व्यक्ति को खुद को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हार्वर्ड जाने से पहले मेरे पास कुछ समय था, उसी दौरान मिस राजस्थान के ऑडिशन हुए और मैंने बिना ज्यादा सोचे इसमें हिस्सा ले लिया। पहली बार मॉडलिंग करने के बावजूद टॉप-28 तक पहुंच गई। आस्था का मानना है कि एकेडमिक करियर (पढ़ाई) और मॉडलिंग दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। आगे चलकर वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश करेंगी। … ये खबर भी पढ़िए… मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। (पढ़ें पूरी खबर)

सवाई माधोपुर के 18 में से 13 बांधों में पानी:5 पूरी तरह खाली; मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा 22.9 गेज पानी

सवाई माधोपुर में मानसून की दस्तक के साथ जिले के अधिकांश बांध पानी से भरे हुए हैं। पिछले साल अच्छी बारिश होने के कारण इस बार भी बांधों की स्थिति बेहतर बनी हुई है। जिले में जल संसाधन (सिंचाई) विभाग के अधीन 18 बांध हैं, जिनमें से 13 में अभी भी पानी मौजूद है, जबकि केवल 5 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं। अब मानसून की बारिश शुरू होने के साथ इन बांधों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा पानी
जिले के सभी बांधों में मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा पानी है। इसकी भराव क्षमता 31 गेज मीटर है और फिलहाल इसमें 22.9 गेज मीटर पानी मौजूद है। देवपुरा बांध की भराव क्षमता 24 गेज मीटर है, जिसमें 14.5 गेज मीटर पानी है। मोरा सागर बांध की क्षमता 18.50 गेज मीटर है और इसमें 12.3 गेज मीटर पानी बना हुआ है। ढील बांध की भराव क्षमता 16 गेज मीटर है, जिसमें 11.7 गेज मीटर पानी है। वहीं सूरवाल बांध की क्षमता 15 गेज मीटर है और इसमें 10.6 गेज मीटर पानी मौजूद है। इन बांधों में भी बना हुआ है जल भंडार
खंडार उपखंड स्थित गिलाई सागर बांध की भराव क्षमता 20 गेज मीटर है, जिसमें 6.1 गेज मीटर पानी है। नागोलाव बांध की क्षमता 10 गेज मीटर है और इसमें 4.8 गेज मीटर पानी है। गंडाल बांध की भराव क्षमता 9 गेज मीटर है, जिसमें 3.1 गेज मीटर पानी दर्ज किया गया है। भगवतगढ़ बांध की क्षमता 8 गेज मीटर है और इसमें 3 गेज मीटर पानी है। भूलनवाला बांध की भराव क्षमता 8.30 गेज मीटर है, जिसमें भी 3 गेज मीटर पानी मौजूद है। मुई बांध की क्षमता 6 गेज मीटर है और इसमें 2.6 गेज मीटर पानी है। आकोदिया बांध की भराव क्षमता 10 गेज मीटर है, जिसमें फिलहाल 2.2 गेज मीटर पानी बना हुआ है। 5 बांध पूरी तरह खाली, बारिश से भरने की उम्मीद
जिले के पांचोलास, नागतलाई, बनियावाला, मोतीसागर और नया तालाब लिवाली पूरी तरह खाली हो चुके हैं। इन पांचों बांधों में फिलहाल पानी नहीं बचा है। अब मानसून की अच्छी बारिश से इन बांधों के भी भरने की उम्मीद जताई जा रही है।

बागवानी के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ी:अब फलों से हर साल 10 लाख की कमाई, नवाचार के लिए सरकार करेगी सम्मानित

खेती के लिए बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ दी। दिल्ली से गांव लौटकर 10 बीघा में बागवानी करने की शुरुआत की। खेत में अलग-अलग वैरायटी के पौधों से ट्रायल किया। क्लाइमेट में सेट होने वाले पौधों की संख्या बढ़ाई। आम-अमरूद समेत फलों से सालाना 10 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई हो रही है। म्हारे देश की खेती में आज बात सवाई माधोपुर के किसान की… बैंक की नौकरी से लिया VRS किसान रामसिंह मीणा (62) सवाई माधोपुर के गंभीरा गांव के रहने वाले हैं। ग्रेजुएशन के बाद 1984 में बैंक की नौकरी से करियर शुरुआत की। साल 2018 में दिल्ली में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ब्रांच मैनेजर के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली। इसके बाद गांव लौटकर खेती शुरू की। बड़ा बेटा प्रेम सिंह (38) साल 2014 बैच का IAS अधिकारी है और वर्तमान में दिल्ली में ADM है। दूसरा बेटा पुष्पेंद्र सिंह (32) प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। तीसरा बेटा भूपेंद्र सिंह (30) खेती का काम संभालता है। सपना पूरा करने के लिए छोड़ी नौकरी किसान रामसिंह मीणा बताते हैं- जिम्मेदारियों के कारण नौकरी करनी पड़ी, लेकिन सपना था कि एक दिन गांव लौटकर खेती करेंगे। जिम्मेदारियों का बोझ कम होने पर नौकरी छोड़ दी और खेती में नवाचार के साथ नई शुरुआत की। पारंपरिक खेती की बजाय बागवानी को अपनाया। लखनऊ से मंगवाए ग्राफ्टिंग पौधे साल 2018 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मलिहाबाद से आम के ग्राफ्टिंग पौधे मंगवाए, जबकि अमरूद की उन्नत किस्म के पौधे प्रमाणित नर्सरी से खरीदे। पौधों की खरीद, खेत की तैयारी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर करीब 4 लाख रुपए का निवेश किया। प्रॉपर देखभाल के लिए 10 बीघा खेत में ही रहने के लिए घर बनाया और व्यवस्थित ढंग से बागवानी की शुरुआत की। पौधे लगाने से पहले आम के लिए करीब दो फीट और अमरूद के लिए एक फीट गहरे गड्ढे तैयार किए, ताकि जड़ें अच्छी तरह फैल सकें और पौधों की बढ़वार बेहतर हो। आम-अमरूद के लगाए पौधे रामसिंह मीणा बताते हैं- खेत में अमरूद की पिंक ताइवान किस्म के 400 और वीएनआर-एन 70 के 280 पौधे लगाए। हापुस और लंगड़ा किस्म सहित 80 पौधे आम के लगाए। इसके अलावा चीकू, पपीता, बेलपत्र, सेब, जामुन, मौसमी, संतरा, नाशपाती, अंजीर, लीची, माल्टा और आंवला सहित कई अन्य फलदार पौधों की खेती भी शुरू की। कुछ फलों के पौधे फिलहाल कम संख्या में लगाए गए हैं, ताकि सवाई माधोपुर की मिट्टी और जलवायु में पौधों की सक्सेस रेट पता चल सके। सफल रहने वाली फसलों का भविष्य में बड़े स्तर पर विस्तार करने का प्लान है। फिलहाल आम और अमरूद की सभी वैरायटी में कोई दिक्कत नहीं है। साल 2021 से फ्रूटिंग हो रही है। फंगस से बचाव का तरीका रामसिंह मीणा बताते हैं- पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए केमिकल खाद की जगह गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करते हैं। प्रत्येक पौधे में करीब तीन किलो गोबर की खाद के साथ एक किलो वर्मी कम्पोस्ट डाला जाता है। अमरूद लगाने के लिए जुलाई और आम के लिए अगस्त सबसे उपयुक्त महीना रहता है। फलदार पौधों को उत्पादन देने लायक बनने में करीब तीन साल लगते हैं। इस दौरान नियमित सिंचाई और देखभाल जरूरी होती है। चूना और नीला थोथा बराबर मात्रा में मिलाकर उसका लेप जमीन से करीब एक फीट तक तने पर लगाते हैं, जिससे जड़ों और तने में फंगस नहीं लगता। पौधे भी लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं। बागवानी से हर साल 10 लाख रुपए तक की आय किसान रामसिंह मीणा के अनुसार, बागवानी से आय लगातार बढ़ रही है। आम के बगीचे से हर साल करीब 3 लाख रुपए की आमदनी होती है। अमरूद और अन्य फलदार पौधों से करीब 7 लाख रुपए तक की सालाना कमाई हो रही है। वे बताते हैं- किसान को बिना ट्रायल के बड़ा निवेश करने के बजाय पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना चाहिए। सफल होने पर उसका विस्तार करें तो खेती ज्यादा लाभदायक और टिकाऊ बन सकती है। खेती में नवाचार पर राज्य स्तरीय सम्मान खेती में नवाचार, जैविक खेती को बढ़ावा देने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभावी उपयोग के कारण रामसिंह मीणा का चयन राजस्थान सरकार की आत्मा योजना 2024-25 के तहत कैफेटेरिया ए-7 श्रेणी के राज्य स्तरीय कृषक सम्मान के लिए किया गया है। सम्मान के साथ उन्हें 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। रामसिंह मीणा का कहना है कि यदि किसान नई तकनीक अपनाए, बाजार की मांग को समझे और धैर्य के साथ काम करे तो खेती भी सम्मान और अच्छी कमाई का मजबूत जरिया बन सकती है। … खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… खेती छोड़ शुरू की नर्सरी, हर साल 20-लाख की कमाई:पानी की कमी से परेशान किसान ने बदला रास्ता, 30 वैरायटी के पौधे बेच रहे सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। पूरी खबर पढ़िए

पिता बोले-बेटी हत्या करना चाहती है:दावा-5 लाख की सुपारी दी, 55 तोला सोना लेकर भागी थी

बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी ही बेटी पर हत्या की सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसकी बेटी ने एक महिला के साथ मिलकर उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। इतना ही नहीं, बेटी पर घर से करीब 55 तोला सोना लेकर फरार होने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को परिवाद देने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला 25 मई की घटना से जुड़ा है। कार ड्राइवर ने बताया- आपकी हत्या की सुपारी मिली है गढ़ी निवासी अजीज पुत्र सिद्धिक शेख ने रिपोर्ट में बताया – 25 मई की सुबह वह हिम्मतनगर जाने के लिए गढ़ी बस स्टैंड पर खड़ा था। इसी दौरान बांसवाड़ा निवासी कार ड्राइवर सिकंदर ने हिम्मतनगर छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बैठा लिया। हिम्मतनगर पहुंचने पर ड्राइवर ने बताया कि गढ़ी निवासी महिला नीता भाटिया और उसकी बेटी आशमा ने उसकी हत्या के लिए 5 लाख रुपए की सुपारी दी है। ‘हत्या नहीं करूंगा, फोटो भेजकर कह दूंगा काम हो गया’ रिपोर्ट के अनुसार ड्राइवर सिकंदर ने अजीज से कहा कि वह उसकी हत्या नहीं करेगा, लेकिन सुपारी की रकम लेने के लिए उसकी फोटो खींचकर दोनों महिलाओं को भेज देगा और कह देगा कि ‘काम हो गया’। आरोप है कि नीता भाटिया ने ड्राइवर से कहा था कि शव पर कार चढ़ाकर सिर कुचलने की फोटो भेजना, तभी पैसे मिलेंगे। ड्राइवर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और अजीज को वापस परतापुर लाकर बेड़वा बस स्टैंड पर छोड़ दिया। पिता का दावा- बेटी ने कबूला, रोक-टोक से थी परेशान अजीज ने बताया कि घर लौटकर उसने बेटी आशमा से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया। पुलिस में शिकायत की बात कहने पर आशमा ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती थी और पिता की रोक-टोक से परेशान थी। पीड़ित का आरोप है कि नीता भाटिया ने आशमा को हत्या के लिए उकसाया और दोनों ने मिलकर सुपारी देने की योजना बनाई। 55 तोला सोना गायब मिला, कार्रवाई नहीं होने पर एसपी से लगाई गुहार रिपोर्ट में अजीज ने दावा किया कि हत्या की साजिश के लिए उसकी बेटी ने घर में रखा करीब 55 तोला सोना भी नीता भाटिया को दे दिया। जब उसने घर में जांच की तो आभूषण गायब मिले। उसका आरोप है कि 11 जून को गढ़ी थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी थानाधिकारी रमेश मीणा को सौंपी गई है। थानाधिकारी बोले- रिपोर्ट और परिवाद में अलग-अलग तथ्य गढ़ी थानाधिकारी रमेशचंद्र मीणा ने बताया – पीड़ित ने पहले थाने में रिपोर्ट दी थी। बाद में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट और परिवाद में कुछ तथ्य अलग-अलग हैं। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।