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हनुमान बेनीवाल के काफिले में घुसी कार,समर्थकों ने तोड़फोड़ की:सरिये-डंडों से शीशे तोड़े; सांसद बोले- जिनके पेट में दर्द है, दवाई ले लें

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले के सामने आई कार में समर्थकों ने सरिये, डंडों और लातों से जमकर तोड़फोड़ कर दी। घटना गुरुवार दोपहर बाड़मेर में दांता गांव के पास हुई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, हालांकि पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। दरअसल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल देरासर (बाड़मेर) में जनसभा के लिए जा रहे थे। बाद में जनसभा में बेनीवाल ने घटना का जिक्र करते हुए कहा- लोगों के पेट में यह भी दर्द है कि हनुमान बेनीवाल यहां क्यों घूम रहा है। जिनके पेट में दर्द है, वे दवाई ले लें, उसका इलाज हो जाएगा। पहले देखें… घटना से जुड़ी तस्वीरें अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… 1. काफिले के बीच आई इनोवा, समर्थकों ने की तोड़फोड़ सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को जोधपुर से बाड़मेर पहुंचे थे। दोपहर करीब 3 बजे सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करने के बाद उनका काफिला देरासर में जनसभा के लिए रवाना हुआ। दांता गांव के पास सामने से आ रही इनोवा कार काफिले के बीच में आ गई। इससे आरएलपी कार्यकर्ता और समर्थक आक्रोशित हो गए। उन्होंने काफिला रोककर कार में सरिये-डंडों से तोड़फोड़ की और शीशे तोड़ दिए। इसके बाद काफिला वहां से रवाना हो गया। 2. पीड़ित बोला- अपनी लेन में थी कार घटना की सूचना मिलने पर बाड़मेर ग्रामीण थाना प्रभारी विक्रम चारण पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। शिव थाना क्षेत्र के कोटडा इलाके के रहने वाले कार सवार श्रवण सिंह से जानकारी ली। श्रवण सिंह का कहना था कि उनकी कार हाईवे की सेंटर पट्टी से अपनी लेन में थी। इसके बावजूद कार में तोड़फोड़ की गई। 3. जनसभा में बेनीवाल ने घटना का किया जिक्र देरासर की जनसभा में हनुमान बेनीवाल ने कहा- एक कार हमारे काफिले के अंदर आ रही थी। मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इसे जाने दो। कुछ लोगों के पेट में दर्द है कि हनुमान बेनीवाल यहां क्यों घूम रहा है। जिनके पेट में दर्द है, वे दवाई ले लें, उसका इलाज हो जाएगा।

बेंगलुरु डे-केयर मामले में एक महिला अरेस्ट:बाथरूम में जेट से पानी डाला, वॉशिंग मशीन में बैठाया था; पैरेंट्स बोले- काश ये AI वीडियो होता

बेंगलुरु के डे-केयर सेंटर में बच्चों से बदसलूकी के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को विजयलक्ष्मी नाम की महिला को गिरफ्तार किया। आरोपी वही महिला है जो वायरल वीडियो में बच्चों को प्रताड़ित करती नजर आ रही थी। यह मामला आईटी कंपनी कैपजेमिनी के एचएएल कैंपस स्थित डे-केयर सेंटर का है। बुधवार को वायरल वीडियो में बच्चों को टॉयलेट में बंद कर दिया गया था। चेहरे पर जेट स्प्रे से पानी डाला गया और वॉशिंग मशीन में बिठाया गया था। मामले में पुलिस ने पहले पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था। सोशल मीडिया पर पैरेंट्स के कई रिएक्शन सामने आ रहे हैं। एक पैरेंट्स ने लिखा- काश ये AI वीडियो होता, यकीन नहीं हो रहा बच्चों के साथ ऐसा किया गया। घटना से जुड़ी तस्वीर… पुलिस बोली- बच्चों के माता-पिता IT प्रोफेशनल पैरेंट्स बोले- काश ये वीडियो एआई वाला होता जिन बच्चों के साथ डे-केयर में बदसलूकी की गई है। उनके पैरेंट्स फिलहाल सामने नहीं आए हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर अन्य पैरेंट्स रिएक्शन दे रहे हैं। एक मां ने फेसबुक पर लिखा कि, ‘काश यह AI से बना हुआ वीडियो होता, असली नहीं। यकीन नहीं होता कि ऐसा भी हो सकता है।’ एक पैरेंट्स ने सवाल उठाया, ‘अगर बच्चा बोल ही नहीं सकता, तो वह अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में कैसे बताएगा।’ कंपनी ने डे-केयर सेंटर बंद किया कैपजेमिनी ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कैपजेमिनी के देशभर में 8 शहरों में ऑफिस कैपजेमिनी दुनिया की बड़ी IT कंपनियों में शामिल है। इसका हेडक्वॉर्टर फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। कंपनी सॉफ्टवेयर, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और कंसल्टिंग से जुड़ी सेवाएं देती है। इसके ऑफिस 50 से ज्यादा देशों में है। भारत में इसके 8 शहरों में ऑफिस हैं, जहां करीब 2.3 लाख कर्मचारी काम करते हैं। अब जानिए क्या होते हैं डे-केयर डे-केयर सेंटर वह जगह होती है, जहां छोटे बच्चों की दिनभर देखभाल, सुरक्षा और शुरुआती सीखने की गतिविधियों का ध्यान रखा जाता है। बड़े शहरों में माता-पिता दोनों की नौकरी पेशा हैं तो ऐसे में कपल अपने बच्चों को इन डे-केयर में तय समय के लिए छोड़ देते हैं, यहां बच्चों की देखभाल की है। इसके बदले में हर महीने तय फीस ली जाती है। कई कंपनिया भी अपने डे-केयर सेंटर चलाती हैं, जहां उनके कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को नौकरी करने के समय तक छोड़ देते हैं। छुट्टी के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। कैपजेमिनी की ही तरह अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को डे-केयर की सुविधा देती हैं। डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार पर माता-पिता क्या कानूनी एक्शन लें? अगर किसी डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार होता है तो माता-पिता सबसे पहले घटना की रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराएं। साथ ही सेंटर के खिलाफ स्थानीय बाल सुरक्षा अधिकारी या बाल कल्याण समिति से शिकायत करें। कानूनी मदद लेने के लिए किसी वकील से संपर्क करें और बच्चों की मेडिकल जांच भी करवाएं। ऐसी घटनाओं को सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से भी उजागर किया जा सकता है ताकि अन्य माता-पिता सतर्क रहें। माता-पिता को डे केयर सेंटर की नियमित निगरानी कैसे करें माता-पिता को चाहिए कि वे समय-समय पर अचानक डे केयर विजिट करें ताकि वहां का वास्तविक माहौल देख सकें। बच्चे से प्यार से बातचीत करें और पूछें कि उसका दिन कैसा बीता, किसके साथ खेला और क्या खाया। स्टाफ से रोजमर्रा की दिनचर्या, खाने-पीने और व्यवहार में आए बदलावों की जानकारी लें। अगर संभव हो तो समय-समय पर CCTV फुटेज देखने की आदत डालें। बच्चे के पहनावे, चोट-खरोंच या मूड में अचानक बदलाव को हल्के में न लें। ये संकेत किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। ………………… ये खबर भी पढें… बेंगलुरु में 2 युवतियों समेत 3 का मर्डर:युवक ने डिनर पर बुलाकर गला काटा, फिजियोथेरेपिस्ट कमरे में मृत मिली; बीच रोड पर युवक की हत्या बेंगलुरु में दो अलग-अलग मामलों में दो युवतियों की हत्या कर दी गई। दोनों युवतियों की हत्या का आरोप उनके बॉयफ्रेंड पर है। एक युवती के परिवार ने बॉयफ्रेंड पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। वहीं एक अन्य मामले में तीन लोगों ने बीच रोड पर एक शख्स का मर्डर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

तेज रफ्तार कार ने मां-बेटे को कुचला, VIDEO:महिला की मौत; घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था बेटा, मां बैठी थी

घर के बाहर चारपाई पर बैठी मां और सो रहे बेटे को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। हादसे में मां की मौत हो गई। वहीं बेटा घायल है। हादसा भरतपुर के सीकरी के नगर रोड पर 1 जुलाई को सुबह करीब पौने सात बजे हुआ। अब इस हादसे का वीडियो सामने आया है। इसमें नजर आ रहा है कि कार सीधे आते-आते अचानक सड़क किनारे उतरी और तेज स्पीड में दोनों को टक्कर मारते हुए घर के सामने जाकर रुकी। तेज आवाज होने पर आसपास के लोग दौड़े। कार को ऊपर कर दोनों को निकाला, लेकिन तब तक महिला की मौत हो गई थी। वहीं घायल बेटे को हॉस्पिटल लेकर गए। गुस्साए लोगों ने कार में सवार दो लोगों को पकड़कर पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को जब्त किया। अब देखिए, हादसे की PHOTOS… तेज रफ्तार में थी कार जानकारी के अनुसार- नगर रोड पेट्रोल पंप के पास गाड़िया लोहार परिवार के राजेश (30) चारपाई पर सो रहे थे। पास में दूसरी चारपाई पर उनकी मां महमू (60) बैठी थीं। नगर रोड की तरफ से स्पीड में आ रही वैगन कार ने उन्हें टक्कर मार दी। महमू की मौत हो गई, वहीं राजेश घायल हो गया। कार में दो लोग सवार थे। महिला के परिजनों और अन्य लोगों ने सबसे पहले कार में पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति को नीचे उतारकर पिटाई की। इसके बाद ड्राइवर को निकालकर पीटा। सूचना पर सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल राजेश को स्थानीय हॉस्पिटल लेकर गई। प्राथमिक इलाज के बाद उसे अलवर जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, वहां से उसे जयपुर रेफर किया गया। पुलिस बोली- जांच कर रहे, सख्त कार्रवाई करेंगे महमू (मृतका) की बेटी मंजू ने बताया कि पुलिस ने कार के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। घायल भाई की हालत अभी गंभीर है। वह जयपुर में हॉस्पिटल में भर्ती है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को भी केस डायरी में शामिल कर लिया गया है। आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्टूडेंट जीरो, पढ़ाने के लिए 9 टीचर:राजस्थान में ऐसे 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल, हिंदी मीडियम भी शुरू करने की तैयारी

राजस्थान के 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या बहुत कम है। कई स्कूलों में छात्रों से ज्यादा टीचर है, जबकि कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां एक भी स्टूडेंट नहीं पढ़ रहा है। इन हालात को देखते हुए राज्य सरकार अब इन स्कूलों में अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों से सात दिन में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी एडमिशन मिलेगा और स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ सकेगी। इन स्कूलों की कम छात्र संख्या में भी फर्जी नामांकन की आशंका है। कई बार स्कूलों में सिर्फ टीचर के पद को बचाये रखने के लिए भी छात्रों के फर्जी नाम लिख दिए जाते हैं। ऐसे में इन सभी स्कूलों में फर्जी नामांकन की जांच की जा रही है। ऐसे तीन सौ स्कूलों में जमे हैं टीचर शिक्षा विभाग ने ऐसे करीब 300 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की सूची तैयार की है, जहां छात्र संख्या 50 से कम है, जबकि स्टाफ 10 से 15 तक है। कई स्कूलों में एक शिक्षक को पढ़ाने के लिए औसतन 10 छात्र भी नहीं मिल रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे हैं कि इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के साथ हिन्दी माध्यम भी शुरू किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और छात्र संख्या बढ़ाई जा सके। बंद होंगे या फिर विलय सरकार ने फिलहाल इन स्कूलों को बंद करने या दूसरे स्कूलों में विलय करने के बजाय हिन्दी माध्यम शुरू करने का विकल्प चुना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों को भी इन स्कूलों में एडमिशन का अवसर मिलेगा और खाली पड़ी शैक्षणिक क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। ये कैसा प्रवेशोत्सव ? शिक्षा विभाग हर साल नया सत्र शुरू होते ही प्रवेशोत्सव मनाता है। इन तीन सौ स्कूलों में अधिकांश की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई है। ऐसे में प्रवेशोत्सव महज औपचारिक रह गए हैं, जिसमें स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास नहीं होते।

MP संदीप पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज:पंजाब में 2 FIR दर्ज होने की मांगी जानकारी; सरकार बंद लिफाफे में दे चुकी जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर पंजाब में एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं इस मामले की सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही है। संदीप पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया था। सरकार ने 15 मई को अपना जवाब बंद लिफाफे में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जमा करवाया था। इस मामले की सुनवाई आज फिर से हाईकोर्ट में होगी। देखना होगा कि आज कोर्ट इस मामले में क्या फैसला लेती है। दरअसल संदीप पाठक पर पंजाब में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी की खबरें सामने आई थी और पंजाब पुलिस की टीमें दिल्ली तक पहुचं गई थी। हालांकि पुलिस संदीप पाठक को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। संदीप पाठक ने आठ मई को पंजाब एवं हरियाण हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि पुलिस उन्हें उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर की जानकारी नहीं दे रही है। संदीप पाठक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन पर किसी भी तरह के एक्शन पर रोक लगा दी थी। याचिका में पाठक ने रखी है 3 दलीलें 24 अप्रैल को छोड़ी थी AAP संदीप पाठक ने 24 अप्रैल 2026 को ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया, जिसके तुरंत बाद 2 मई को पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में दो गैर-जमानती एफआईआर दर्ज कीं। गिरफ्तारी के डर से पाठक ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उन्होंने इन एफआईआर को “सीक्रेट” बताते हुए इनकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए 11 मई, 2026 तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।

टोंक के 3 महात्मा-गांधी स्कूलों में शुरू होगा हिंदी मीडियम:कम नामांकन वाले 300 स्कूलों पर सरकार का प्लान, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

सरकार कम नामांकन वाले सरकारी इंग्लिश मीडियम महात्मा गांधी स्कूलों को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार अब टोंक के तीन इंग्लिश मीडियम महात्मा स्कूल समेत प्रदेश के तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलो में अब अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम भी संचालित करने की तैयारी कर रही है।
। इसके लिए जस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को हिंदी माध्यम में भी संचालित करने के लिए पत्र लिखा।
उसके बाद इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है,वहां हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव भेजा जाए। विभाग का मानना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावकों की प्राथमिकता अभी भी हिंदी माध्यम है। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को हिंदी माध्यम में बदलने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और प्रवेश संख्या बढ़ सकती है।
अब नए आदेश के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन लिस्टेड किए गए कम नामांकन वाले तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालित किए जा सकते है।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम फैसला: महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की प्रमुख शिक्षा योजनाओं में शामिल रही थी। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए आरोप लगाया था कि पर्याप्त मांग और संसाधनों के बिना बड़ी संख्या में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल दिए गए, जिससे कई स्कूलों में नामांकन नहीं बढ़ा। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार कम नामांकन वाले विद्यालयों को फिर से हिंदी माध्यम में परिवर्तित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। तबादलों के दौर के बीच आया निर्णय: यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया है। विद्यालयों के माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ पुनः संरचना पर भी असर पड़ सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
टोंक जिले के तीन स्कूल शामिल: राजस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी 300 स्कूलों की सूची में टोंक जिले की भी तीन स्कूल है। इनमें टोंक ब्लॉक की दो एवं टोडारायसिंह ब्लॉक की एक स्कूल सहित कुल 3 स्कूल शामिल है।
इन छह बिंदुओं की मांगी गई है रिपोर्ट: -अंग्रेजी से हिंदी माध्यम में परिवर्तन का स्पष्ट औचित्य।
-वर्तमान एवं पिछले वर्षों का कक्षावार नामांकन ।
-आसपास स्थित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की दूरी।
-संबंधित विद्यालय में संचालित संकाय और विषय।
-क्षेत्र में पहले से संचालित अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की उपलब्धता एवं स्थिति।
स्कूलों को बंद करने की जगह अलग से केडर बनाकर की जाएं भर्ती:
शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राज्य में संचालित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी फीस से छुटकारा दिलाया है ।लेकिन इन स्कूलों में वर्तमान हिंदी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति कर रखी है जो सही नहीं है। राज्य सरकार को इन स्कूलों को बंद करने के स्थान पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग से केडर बनाकर सीधी भर्ती करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे इन स्कूलों में नामांकन भी बढ़ेगा और शिक्षा का स्तर में गुणवत्ता पूर्ण सुधार होगा।

पति ने 40 साल की रीलबाज पत्नी को मार डाला:मेरठ में चाकू से गोदा, फिर खुद पर वार किए; मां को बचाने में बेटे की उंगली कटी

यूपी के मेरठ में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चौहान (40) की शुक्रवार सुबह 6 बजे पति ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इसके बाद पति प्रदीप चौहान (42) ने खुद पर भी कई वार किए। वह बुरी तरह जख्मी हो गया। बच्चे चीखते-चिल्लाते बाहर आए। पड़ोसी अंदर पहुंचे तो फर्श पर निशा खून से लथपथ पड़ी थी। कुछ दूरी पर घायल प्रदीप भी तड़प रहा था। वहीं मां को बचाने में बेटे की उंगली भी कट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया। वारदात 1170 वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री की वजह से हुई है। पुलिस के मुताबिक, जमीन की रजिस्ट्री आज ही होनी थी। निशा चाहती थी कि रजिस्ट्री उसके नाम पर हो, लेकिन प्रदीप तैयार नहीं था। फोरेंसिक टीम और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सबूत जुटाए। पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की। घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। घटना सरूरपुर थाना क्षेत्र की है। 3 तस्वीरें देखिए… निशा को REEL बनाने का शौक था, प्रदीप AC टेक्नीशियन था पुलिस के मुताबिक, मेरठ के हर्रा कस्बे में निशा चौहान पति प्रदीप, दो बेटों देव (17), शुभ (16) और बेटी एंजेल (12) के साथ रहती थीं। निशा ब्यूटी पार्लर चलाती थी। उसे REEL बनाने का शौक था। इंस्टाग्राम पर निशा खुद को रील क्रिएटर, ब्यूटिशियन और एक्ट बताती थी। प्रदीप AC टेक्नीशियन है। निशा की देवरानी रिंकी ने बताया- मेरी दो दिन पहले निशा भाभी से बात हुई थी। तब उन्होंने किसी झगड़े की बात नहीं कही थी। वो वीडियो बनाती थीं, पार्लर चलाती थीं। करीब 15 साल से उनका पार्लर चल रहा था। चार-पांच लड़कियों को तो उन्होंने काम पर रखा था। बाकी कस्टमर भी काफी आती थीं। इस पार्लर से ही उनका घर चल रहा था। पड़ोसी बोले- घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं पड़ोसियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। निशा और प्रदीप के बीच बात को लेकर कहासुनी हो रही थी। इस बीच बच्चे भागते हुए बाहर निकले। हमें पूरी बात बताई। हम भागकर अंदर पहुंचे। फिर पुलिस बुलाई। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए, सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बेडरूम से खींचकर हॉल में लाया, चाकू से गोदा सीओ सरधना आशुतोष सिंह ने बताया- प्रदीप का पत्नी निशा से झगड़ा हुआ था। वह निशा को बेडरूम से खींचकर बाहर हॉल में लाया। चाकू से हमला कर दिया। उसके गले पर भी वार किए। निशा खून से लथपथ होकर गिर पड़ी। इसके बाद प्रदीप ने खुद पर भी चाकू से हमला किया। बीच-बचाव के दौरान उनका एक बेटा भी घायल हुआ है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बेटा बोला- पापा से मम्मी को छोड़ देने की मिन्नतें की, वह नहीं माने निशा के बेटे देव ने दैनिक भास्कर से कहा- सुबह लगभग 6 बजे मैं अपने छोटे भाई-बहनों के साथ कमरे में सो रहा था। बाहर से मम्मी की चीखने की आवाज आई। मैं जैसे ही आंगन में गया, तो देखा पापा मम्मी को चाकू से मार रहे थे। मम्मी पूरी खून से लथपथ थीं। पापा ने मम्मी के हाथ में चाकू से काटा, गले, सीने और पेट पर कई वार किए। इसके बाद पापा वहां से छत पर चले गए। उन्होंने अपना भी हाथ काट लिया। मैंने काफी बीच-बचाव किया, लेकिन पापा नहीं रुके। पापा से मम्मी को छोड़ देने की मिन्नतें की, मेरे भी हाथ में चाकू लग गया, जिससे मेरी भी उंगली कट गई। देवरानी बोलीं- हम लोग पहुंचे तो जेठानी खून से लथपथ पड़ी थी निशा की देवरानी रिंकी ने दैनिक भास्कर से कहा- निशा और प्रदीप में हमने कभी लड़ाई-झगड़ा नहीं सुना था। दोनों बहुत अच्छे से रहते थे। आज पता नहीं क्यों प्रदीप भइया ने ये कदम उठा लिया। मैं कुछ समझ नहीं पा रही हूं। शुक्रवार सुबह हम अपने घर में थे। जेठानी का घर बाहर गली में है। वो लोग अपने घर में थे। अचानक उनके बच्चे चीखते हुए आए और दरवाजा पीटा। हमने दरवाजा खोला तो बच्चे बोले कि चाची पापा मम्मी को चाकू मार रहे हैं। फिर हम लोग उनके घर गए तो देखा कि जेठानी निशा आंगन में फर्श पर पड़ी थी। तभी हमारे पड़ोसी भी आ गए। उनकी सांस चलना बंद हो चुकी थी। छत पर जेठ प्रदीप कमरे में थे। निशा को हम लोग लेकर अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी के इंस्टाग्राम पर 24 हजार से ज्यादा फॉलोअर निशा चौहान की इंस्टाग्राम आईडी rajputnisha_5m नाम से है। नाम निशा राजपूत लिखा है। इस पर 24.4 हजार फॉलोअर हैं। अब तक 960 पोस्ट किए हैं। 10 लोगों को फॉलो करती थी। बायो में ‘आप सबका प्यार’, ‘टारगेट 50 हजार’, ‘जय श्रीराम’ और ‘जय भवानी’ लिखा है। यूट्यूब चैनल का लिंक भी दिया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… कौशांबी में LPG टैंकर का टोल से टकराने का VIDEO, टैंकर फटते ही गैस फैली, जेनरेटर की चिंगारी से भड़की आग, अब तक 5 की मौत कौशांबी में एलपीजी टैंकर के टोल प्लाजा से टकराने का वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि टोल प्लाजा से टकराने के बाद टैंकर फट गया। गैस लीक होने लगी। चंद सेकंड में 30-40 फीट तक गैस फैल गई। पढ़िए पूरी खबर

जोधपुर की बावड़ियों के लिए टूरिस्ट ने छोड़ा अपना देश:पैर टूटने पर भी नहीं थमे, 10 बावड़ी साफ कर चुके; बोले-अब यहीं मरना चाहता हूं

जोधपुर शहर अपनी ‘अपणायत’ (अपनत्व) और लाजवाब खान-पान के लिए दुनिया भर में खास पहचान रखता है। यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां सदियों से इस शहर की खूबसूरती को अपने भीतर समेटे हुए हैं। साल 2017 में आयरलैंड से सिरेमिक आर्टिस्ट केरोन जोधपुर घूमने आए थे। जब उन्होंने यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां देखी तो उन्होंने उसी पल ठान लिया कि वे अब इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। 77 साल के हो चुके केरोन अब तक जोधपुर की 10 बावड़ियों की सूरत बदल चुके हैं। इस उम्र में भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ है। वे आज भी रोज सुबह 8 बजे बावड़ियों की देखभाल और सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। इस सफर की शुरुआत में उनके सामने कई मुश्किलें आईं। इस बीच एक हादसे में उनका पैर भी टूट गया, जिसके कारण उन्हें तीन महीने तक बिस्तर पर आराम करना पड़ा। इसके बाद भी उन्होंने जोधपुर और यहां की बावड़ियों को नहीं छोड़ा। समय के साथ केरोन की इस मुहिम से कई लोग जुड़े, लेकिन इनमें एक खास शख्स हैं- शंभु। शंभु, केरोन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। शंभु ने अपना घर तक छोड़ दिया। पढ़िए ​केरोन कैसे जोधपुर शहर की बावड़ियों को संवारने में लगे हैं… बावड़ियां देख प्रभावित हुए, हालत ने मायूस कर दिया केरोन ने बताया कि मैं आयरलैंड में सिरेमिक आर्टिस्ट था। मेरे पिता आर्किटेक्ट रहे हैं, ऐसे में मुझे बिल्डिंग और उनके स्ट्रक्चर से काफी लगाव है। मैं साल 2017 में राजस्थान आया और इसके बाद जोधपुर। यहां जब शहर की बावड़ियों को देखा तो काफी प्रभावित हुआ। लेकिन इन बावड़ियों की हालत देख मुझे काफी दुख हुआ। पता चला कि इनके लिए कोई गाइडलाइन नहीं है। इसके बाद मैंने इन बावड़ियों को सुधारने का जिम्मा उठाया। क्लीन बावड़ी मूवमेंट शुरू किया। अकेले 10 दिन तक सफाई करते रहे केरोन ने बताया- जोधपुर की बावड़ियों की हालत देख मैंने ठान लिया था कि अब मैं यहीं रुकूंगा। मैंने महिला बाग झालरा से सफाई की शुरुआत की। शुरुआत के 10 दिन मैं अकेले सफाई करता रहा। इसके बाद शंभु समेत बाकी लोग भी मेरे साथ जुड़े। एक महीने तक इस बावड़ी को साफ करने का काम किया। मैं अब तक नवलखा बावड़ी, नाथों की बावड़ी, गोल नाड़ी, गोरूंदा, तापी बावड़ी, गुलाब सागर, क्रिया झालरा बावड़ी, सत्यनारायण बावड़ी और फतेह सागर बावड़ी की सफाई कर चुका हूं। नवलखा बावड़ी को साफ करने में डेढ़ महीना और नाथों की बावड़ी में एक महीने का समय लगा। आज भी तापी बावड़ी की सफाई के लिए जुटा रहता हूं। इन बावड़ियों की सफाई के लिए अपनी सेविंग तक लगा चुका हूं। पैर टूटा, फिर भी अपने देश नहीं लौटे आयरिश नागरिक केरोन ने बताया- मैं एक दिन काम कर रहा था। इसी दौरान नीचे गिर गया था। मेरा पैर टूट गया। पैर में रॉड डाली गई। हादसे के बाद स्थानीय जनप्रति​निधियों ने मुझे घर (आयरलैंड) लौटने को कहा और सहायता की भी बात कही। मैंने मना कर दिया। मैं अब जोधपुर में ही रहना चाहता हूं। तीन महीने आराम करने के बाद दोबारा काम पर लौटा और जोधपुर की बावड़ियों को सुधारने में लग गया। केरोन ने बताया- अब जब लोगों को पता चला कि हमारी बावड़ियां कितनी अच्छी हैं तो कई लोग हमारे साथ इस मुहिम में जुड़े हैं। खास तौर पर मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट मदद के लिए आगे आया और मेरे काम को सराहा। मैं अंतिम सांस यहीं लेना चाहता हूं केरोन ने बताया- मेरी एक बेटी डॉक्टर और बेटा ड्राइवर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या दोबारा अपने परिवार के पास लौटना चाहते हैं तो उन्होंने कहा- मैंने अपनी जिंदगी यहां की बावड़ियों को दे दी। परिवार के लोग से वीडियो कॉल हो जाती है। आखिरी बार बेटी से 4 महीने पहले बात हुई थी। उन्होंने बताया- शायद मेरे इस काम की वजह से परिवार मुझे पसंद नहीं करता। मैं अपनी अंतिम सांस भी यहीं लेना चाहता हूं। इस काम में शंभु ने मेरा काफी साथ दिया। बावड़ियों के पानी को पीने लायक बनाना है केरोन ने बताया- अब मैं स्टेप वेल स्पोर्ट एंड हाइजीन प्रोग्राम चला रहा हूं। इस मु​हिम में मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट भी काफी मदद कर रहा है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य है कि वे इसे बिल्कुल साफ रखें और इसके पानी को पीने लायक बनाएं। इतना ही नहीं, यहां एक चौकीदार और क्लीनर रखेंगे, जो इसकी देखभाल और साफ-सफाई करेंगे। मैं जोधपुर शहर को कुछ लौटाना चाहता हूं, इसलिए अब मुझे ये शहर पसंद आने लगा है। मैं गोल नाड़ी के पास एक पेइंग गेस्ट हाउस में रहता हूं। यहां के गौरीशंकर मेहरा ने मुझे परिवार की तरह गोद लिया है। केरोन के लिए छोड़ दिया घर शंभु ने बताया- केरोन के लिए मैंने अपना घर छोड़ दिया। गुलाब सागर की पाल पर ही एक झोपड़ी बना ली। केरोन और शंभु का याराना ऐसा हो गया ​है कि गुलाब सागर पर अगर आप केरोन के बारे में पूछेंगे तो एक ही जवाब मिलेगा- शंभु को पता है, वो कहां मिलेंगे और कब अपने काम पर निकलेंगे।

बच्चों की कहासुनी में खूनी संघर्ष, 1 युवक की मौत:हमले में लाठी से फोड़ डाला सिर, वीडियो आया सामने

धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र के विपरपुर गांव में बच्चों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में 21 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार दो परिवारों के बच्चे खेल रहे थे, जिनके बीच किसी बात पर कहासुनी हुई। यह मामूली विवाद जल्द ही बच्चों से बढ़कर उनके परिजनों तक पहुंच गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इन फोटोज के जरिए समझिए पूरा घटनाक्रम… दोनों में पक्षों में जमकर हुई मारपीट
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। संघर्ष के दौरान लाठी-भाटा और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जिसमें एक पक्ष का गुलफाम (21) पुत्र कल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन गुलफाम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गुलफाम ने दम तोड़ दिया। 3 महीने पहले जेल से बाहर आया था
निहालगंज थाना क्षेत्र में हुई चोरियों के मामले में पुलिस ने करीब 5 महीने पहले गुलफाम को गिरफ्तार किया था। जो करीब 3 महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल किया तैनात
घटना की सूचना मिलते ही मनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों की कहासुनी के बाद परिजनों के हस्तक्षेप से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और निगरानी रखी जा रही है।

कौशांबी में LPG टैंकर का टोल से टकराने का VIDEO:टैंकर फटते ही गैस फैली, जनरेटर की चिंगारी से भड़की आग, अब तक 5 की मौत

कौशांबी में एलपीजी टैंकर के टोल प्लाजा से टकराने का वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि टोल प्लाजा से टकराने के बाद टैंकर फट गया। गैस लीक होने लगी। चंद सेकंड में 30-40 फीट तक गैस फैल गई। टोल प्लाजा पर ही जेनरेटर चल रहा था। गैस जेनरेटर तक पहुंची और तेज धमाका हुआ। चारों तरफ आग ही आग फैल गई। 25-30 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। हादसा 26 जून को कोखराज थाने के सिरोही टोल प्लाजा में सुबह 6.38 पर हुआ था। टैंकर ड्राइवर समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। ड्राइवर की जिंदा जलकर टैंकर के अंदर ही मौत हो गई थी। जबकि, बाकी 3 टोलकर्मी और राहगीर की इलाज के दौरान मौत हुई। एक घायल का प्रयागराज में इलाज चल रहा है। गुरुवार रात 10 बजे इसका सीसीटीवी सामने आया है। हादसे की 4 तस्वीरें… वीडियो में दिख रहा है गैस के साथ धधकी आग हादसे के बाद टोल प्लाजा पर लगे सारे CCTV और सिस्टम बर्बाद हो गए थे। बाद में एक्सपर्ट्स ने सर्वर से CCTV फुटेज रिकवर किए। CCTV में दिख रहा है कि दो एलपीजी टैंकर एक साथ दो अलग-अलग लेन पर आते हैं। नंबर-1 लेन वाला एलपीजी टैंकर अचानक टोल बैरियर की दीवार से टकराता है। टकराते ही टैंकर फट जाता है और तेज आवाज के साथ गैस लीक होने लगती है। कुछ ही मिनटों में धुएं जैसी गैस पूरे टोल प्लाजा परिसर में फैल जाती है। गैस लीकेज के दौरान दो गाड़ियां दूसरी लेन से तेजी से निकलती हैं। बाकी गाड़ियां खतरे को देखते हुए 100 मीटर पहले ही खड़ी हो जाती हैं। दूसरी लेन वाला टैंकर टोल गेट पार कर निकल जाता है। तीन मिनट 31 सेकेंड बाद अचानक गैस टोल प्लाजा की बिल्डिंग में चल रहे जेनरेटर तक पहुंच जाती है और साइलेंसर की चिंगारी से आग लग जाती है। गैस लीकेज के दौरान टोल कर्मी भी टोल प्लाजा छोड़कर भागते नजर आते हैं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे टोल प्लाजा को अपनी चपेट में ले लिया। थोड़ी देर में प्लाजा जलकर राख हो गया। यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी आग की चपेट में आकर जल गईं। टैंकर में चालक की हड्डियां मिली थीं हादसे के बाद सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब टीम ने टैंकर की जांच की तो चालक धर्मेंद्र दुबे (40) की हड्डियां मिलीं। टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। हादसे में टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौत हो गई थी। टोल कर्मचारी अनिल कुमार, निवासी हंडिया ने 1 जुलाई को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। 2 जुलाई को दो अन्य घायलों की भी मौत हो गई। इनमें रायबरेली के राजापुर निवासी हीरामणि सिंह (29) और मध्य प्रदेश के सीधी में कठैली गांव निवासी कृष्णपाल मौर्य (23) शामिल हैं। टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर बुरी तरह झुलस गए थे टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया था- हादसे से 10 मिनट हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। पता नहीं अचानक क्या हुआ कि पूरी गाड़ी एकदम धड़ाम से गिर गई थी। गैस लीक से भड़की आग प्लाजा सटे यार्ड और टॉयलेट तक फैल गई। टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर आलोक पांडे बुरी तरह झुलस गए। उनका सड़क पर भागते हुए वीडियो भी सामने आया था। ————————- ये खबर भी पढ़िए- LPG टैंकर टोल से टकराया, धमाके के बाद आग लगी:कौशांबी में ड्राइवर जिंदा जला, सिर्फ हडि्डयां बचीं; 16 बाइकें और 2 कारें जलकर राख यूपी के कौशांबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई। हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका शव पूरी तरह जल गया और कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। पूरी खबर पढ़िए