जैसलमेर-फलोदी बॉर्डर पर मैन टू मैन सर्वे:एसपी बोले- एजेंसियों का सहयोग करें; बाहरी मजदूर और फेरीवालों के डॉक्युमेंट्स जाचेंगे

भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने और अवैध घुसपैठ पर लगाम कसने के लिए प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अब तक का सबसे बड़ा मैन-टू-मैन सर्वे शुरू किया है। इस अभियान के तहत बॉर्डर से 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक का गहनता से घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत पिछले शनिवार को फलोदी के 15 किमी क्षेत्र से हो चुकी है। इस संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे बाहरी मजदूरों और फेरीवालों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने स्पष्ट किया है कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखना और इस तरह की जांच करना एक निरंतर चलने वाली सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फलोदी से हुई शुरुआत, 50 किमी तक बढ़ेगा दायरा बॉर्डर से सटे 15 किलोमीटर के दायरे में बसे लोगों के सर्वे का काम फलोदी जिले में गत शनिवार 20 जून से शुरू हो चुका है। फिलहाल शुरुआती चरण में 15 किमी के दायरे को ही रखा गया है, लेकिन इसके पूरा होते ही जैसलमेर सहित पूरे सरहदी बेल्ट में 50 किमी तक बसे गांवों व ढाणियों में यह काम तेज किया जाएगा। बॉर्डर के इस पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, जहां राजस्व, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। ऑपरेशन क्लीन अभियान सीमावर्ती जिले जैसलमेर और फलोदी में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह कमर कस ली है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ के पहले चरण में संदिग्ध भवनों, होटलों और नए निर्माणों के व्यापक सर्वे के बाद अब प्रशासन ने सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इसके तहत भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक की गहनता से जांच की जाएगी और उनकी विस्तृत सूचियां तैयार की जाएंगी। बिना पुलिस वेरिफिकेशन मजदूर रखने पर होगी कार्रवाई पिछले कुछ समय में जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में बाहरी मजदूरों, फेरीवालों और संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जो बिना किसी वैध दस्तावेज के इस प्रतिबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं। बिना वैध पहचान पत्र के पाए जाने या पहचान छुपाने वाले व्यक्ति को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और नियोक्ताओं को पाबंद किया गया है कि वे अपने घरों, खेतों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी बाहरी व्यक्ति या मजदूर को रखने से पहले उसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने में अनिवार्य रूप से दें। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों का सपोर्ट करे आमजन सरहद पर बढ़ती इस प्रशासनिक हलचल और सुरक्षा घेरे को लेकर जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा और नागरिक सत्यापन एक निरंतर प्रक्रिया है, जो नियमित रूप से चलती रहती है। इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है। आमजन को भी सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *