सरकारी-अस्पताल में गार्ड ने मरीज के परिजन की कॉलर पकड़ी:वार्ड से बाहर निकाल दिया, हंगामे के बीच सुपरवाइजर कमरे में सोता रहा
अलवर के जिला अस्पताल में गुरुवार देर रात हंगामा हो गया। इस दौरान अस्पताल के गार्ड्स ने मरीजों के अटेंडेंट्स के साथ बदसलूकी की। एक युवक की कॉलर पकड़ी और गले की चेन खींच ली। जबरन वार्ड से बाहर धकेल दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में जमकर तीखी नोकझोंक और ड्रामा हुआ। इतने हंगामे के बावजूद पूरी व्यवस्था संभालने वाले नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद कमरे की कुंदी बंद कर गहरी नींद में सोते रहे। बाद में ड्यूटी डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर सुपरवाइजर को जगाया। मामला शांत कराया। कॉलर पकड़ी और धक्का देकर बाहर निकाला’ जाड़ला (कठूमर) निवासी सोनू ने बताया- मेरी मां की आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण उन्हें तीन दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मैं वार्ड में अपनी मां के पास बैठा था, तभी गार्ड्स आए और अटेंडेंट्स को बाहर निकालने लगे। मेरे विरोध करने पर गार्ड्स ने कॉलर पकड़ ली। खींचते हुए वार्ड से बाहर कर दिया, इससे हंगामा बढ़ गया। अजरका निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया- मेरी पत्नी ब्रेन हेमरेज की शिकार है और अस्पताल में भर्ती हैं। वार्ड में पत्नी को ड्रिप (बोतल) चढ़ रही थी। मैं पास ही रखी टेबल पर बैठा था। इसी दौरान दो गार्ड्स आए और बदतमीजी करते हुए धक्का देकर वार्ड से बाहर निकाल दिया। नाइट सुपर सोते रहे, ड्यूटी डॉक्टर ने संभाला मोर्चा हंगामे के दौरान जब अस्पताल प्रशासन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद जाट अपने कमरे का गेट बंद कर सोते रहे। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ड्यूटी डॉक्टर ने पहले तो सो रहे नाइट सुपर के कमरे का दरवाजा पीटकर उन्हें जगाया। इसके बाद डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए गार्ड्स और पीड़ित परिजनों से समझाइश की और मामले को शांत कराया। पीएमओ बोले- मामले की जांच करवाएंगे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा से बात की गई तो मामला संज्ञान में आया। उन्होंने पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा- मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

