यमुना जल समझौते पर मंत्री का दावा 'भ्रामक':यमुना जल संघर्ष समिति के संयोजक यशवर्धन सिंह शेखावत ने लगाया आरोप, RTI का हवाला देकर सरकार से मांगा जवाब,
यमुना जल परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। यमुना जल संघर्ष समिति के संयोजक यशवर्धन सिंह शेखावत ने जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें मंत्री ने कहा था कि परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (MOA) सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध है। शेखावत ने इसे जनता को गुमराह करने वाला बयान करार दिया है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन मंत्री या तो अपने बयान के समर्थन में लिंक साझा करें या फिर जनता से भ्रामक जानकारी देने के लिए माफी मांगें।
यह है पूरा मामला हाल ही में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने सार्वजनिक मंचों से यह दावा किया था कि यमुना जल परियोजना का MOA आमजन के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यशवर्धन सिंह शेखावत ने चुनौती दी कि यदि यह सच है, तो सरकार को तत्काल उस पोर्टल का नाम और लिंक साझा करना चाहिए। शेखावत ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC), अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) या राजस्थान सरकार के किसी भी आधिकारिक पोर्टल पर यह दस्तावेज़ कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। RTI का जवाब न मिलने पर उठाए सवाल यशवर्धन सिंह शेखावत ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वयं 29 मई 2026 को अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन दायर किया था। शेखावत ने आरोप लगाया कि कानूनी समय-सीमा बीत जाने के बाद भी आज तक उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यदि सब कुछ सार्वजनिक है और पोर्टल पर उपलब्ध है, तो फिर RTI का जवाब देने में परेशानी क्यों की जा रही है। यह स्पष्ट करता है कि जानकारी को जनता से छुपाया जा रहा है। सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें
यमुना जल परियोजना शेखावाटी के लाखों लोगों के भविष्य और प्यासे खेतों की सिंचाई से जुड़ी है। इसे देखते हुए संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं। नवीन समझौता ज्ञापन (MOA) की प्रमाणित प्रति तत्काल सार्वजनिक की जाए। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और उसकी वर्तमान स्थिति को पोर्टल पर डाला जाए। परियोजना की कुल लागत, वित्तीय भागीदारी और इसे पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट की जाए। UYRB में लंबित RTI आवेदन का तत्काल उत्तर दिया जाए पारदर्शिता लोकतंत्र का आधार यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही पारदर्शिता से तय होती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शेखावाटी की जनता अपने जल अधिकारों के प्रति सजग है। जब तक सरकार पूरी योजना का खाका, बजट और समय-सीमा सार्वजनिक नहीं करती, तब तक इस तरह के दावों पर विश्वास करना मुश्किल है।

