शहीद मेजर का परिवार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर:शौर्य चक्र मिला पर योजनाओं के लाभ नहीं, राष्ट्रपति-पीएम को लेटर भेजा
देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा के परिवार को सरकार की तरफ से मिलने वाली मदद और सम्मान अभी तक नहीं मिल पाया है। समाज के लोगों ने शनिवार को उदयपुर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक पत्र (ज्ञापन) भेजा है। समाजसेवी और भाजपा उदयपुर देहात के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया- मेजर मुस्तफा बोहरा साल 2022 में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। साल 2024 में सरकार ने उन्हें ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद भी शहीद के परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। घर और जमीन (प्लॉट) देने के मामले साल 2023 से सरकारी दफ्तरों (जैसे हाउसिंग बोर्ड और उदयपुर विकास प्राधिकरण) में अटके पड़े हैं। इस वजह से शहीद के परिवार को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। समाजसेवी और भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस काम के लिए एक विशेष अधिकारी (नोडल अफसर) नियुक्त किया जाए, जो 15 दिनों के अंदर शहीद परिवार की सभी समस्याओं को दूर करे। आबादी को बचाने के लिए दे दी अपनी जान

