अजमेर में मानसून की एंट्री: सामान्य से देरी से पहुंचा:बांधों भी बढ़ने लगी पानी की आवक; 10 साल में पिछले साल सबसे ज्यादा बरसात थी

अजमेर में आखिरकार मानसून ने आज दस्तक दे दी है। आमतौर पर जिले में मानसून 26 जून के आसपास सक्रिय हो जाता है। इस बार जुलाई की शुरुआत में मानसून की एंट्री हुई है। शहर के साथ किशनगढ़, पुष्कर, ब्यावर, केकड़ी, सरवाड़, मसूदा और आस-पास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार- अगले कुछ दिनों में मानसून और सक्रिय होगा, जिससे जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। जुलाई में अच्छी बारिश की संभावना इस बार जून में बारिश सामान्य से कम रही, क्योंकि मानसून की एंट्री देरी से हुई। जुलाई की शुरुआत के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से जुलाई में अच्छी बारिश हो सकती है। पिछले दो सालों में जुलाई और पूरे मानसून सीजन में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इसी वजह से इस बार भी लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद है। जून में सबसे ज्यादा बारिश 2023 में हुई थी जून महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा बारिश 2023 में 382.4 मिमी दर्ज हुई। इसके मुकाबले 2019 में केवल 15.5 मिमी बारिश हुई थी। पिछले साल 2025 में जून में 112.4 मिमी बारिश और 2024 में 104.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि जून में बारिश का पैटर्न हर साल अलग रहा है। जलाशयों में बढ़ने लगा पानी, अच्छी बारिश से और सुधरेगी स्थिति मानसून की सक्रियता के साथ जिले के प्रमुख जलाशयों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि अधिकांश बांध अभी पूरी क्षमता से काफी नीचे हैं। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और पेयजल के साथ सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।

10 साल का रिकॉर्ड : देर से आया मानसून, लेकिन हर बार एक जैसा नहीं रहा ट्रेंड पिछले दस साल के रिकॉर्ड के अनुसार- मानसून की देरी और जल्दी आने का असर बारिश पर जरूर पड़ता है, लेकिन हर बार परिणाम एक जैसे नहीं रहे। साल 2018 में सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश हुई और इसे कमजोर मानसून माना गया। 2019 में मानसून के सक्रिय होने के बाद जिले में 67 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2025 में बना, जब पूरे मानसून में 878 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 92 प्रतिशत अधिक थी। इसके पहले 2024 में 819.6 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से 79 प्रतिशत ज्यादा रही। यानी पिछले दो सालों ने जिले की बारिश का पूरा रिकॉर्ड बदल दिया।

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