जहां बस जली वहां से 3KM-दूर ट्रॉमा-सेंटर ताले में बंद:3 साल से उद्घाटन ही नहीं हो पाया, हादसे में 8 लोगों की हुई थी मौत

दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को हुए हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। जिस जगह हादसा हुआ वहां से 3 किमी दूर NHAI का डेवलप किया ट्रॉमा सेंटर है। इसके चलते एम्बुलेंस समय पर आ गई थी, लेकिन ये ट्रॉमा सेंटर ताले में बंद है। 2023 में बने इस ट्रॉमा सेंटर का अब तक उद्घाटन नहीं हो पाया है। यहां पर एंबुलेंस के अलावा कोई सुविधा विकसित ही नहीं की गई है। इसके कारण कोलवा थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद घायलों को 25 किलोमीटर दूर दौसा जिला हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी जब भी इस एक्सप्रेस-वे पर हादसा होता है तो घायलों को दौसा जिला हॉस्पिटल ही ले जाना पड़ता है। घटना के अगले दिन भास्कर टीम रेस्ट एरिया में पहुंची जहां ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग तो तैयार है, लेकिन हॉस्पिटल अब तक संचालित नहीं हो रहा है। वहीं NHAI के अधिकारियों का कहना है- ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का मामला अभी पाइपलाइन में है। स्वीकृति मिलते ही शुरू कर देंगे। ट्रॉमा सेंटर पर लगा है ताला जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे भास्कर टीम धनावड़ रेस्ट एरिया पहुंची। यहां हाईवे के दोनों तरफ बने ट्रॉमा सेंटर पर एक तरफ के गेट पर ताला लगा था। दूसरे तरफ ट्रॉमा सेंटर का ताला खुला तो था लेकिन अंदर कोई सुविधा नहीं थी। बाहर खड़ी थी सिर्फ एक एम्बुलेंस। एंबुलेंस चालक घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाते हैं ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया- कैंपस तो बनाया हुआ है, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं हुआ है। एक्सीडेंट में घायलों को जिला अस्पताल ही पहुंचाते हैं। टीम ने रेस्ट एरिया को लीज पर संचालित कर रहे इंडियन ऑयल के बिजनेस मैनेजर मुकेश बैरवा से बात की। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया गया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। अधिकारी बोले- मामला पाइपलाइन में ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए 3 साल बाद भी टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी है। दौसा में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया- रेस्ट एरिया में बने ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए मुख्यालय द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। फिलहाल अभी पूरा मामला पाइपलाइन में है, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद ट्रॉमा सेंटर संचालन संबंधी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। तीन साल बाद भी नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा सेंटर 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। उस समय यह कहा गया था कि रेस्ट एरिया में ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। जहां पर 24 घंटे डॉक्टर ड्यूटी देंगे। सफर के दौरान किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा। यहां पर मेल-फीमेल वार्ड अलग से बनाए गए हैं। यहां आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर भी बनाया गया है। जहां मरीजों का ऑपरेशन भी किया जा सकेगा। एम्बुलेंस भी NHAI की ओर लगाई गई है। हाईवे पर हादसा होता है तो एम्बुलेंस से तुरंत ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को लाया जा सकेगा, लेकिन तीन साल बाद भी चिकित्सा के नाम पर सिर्फ एक एंबुलेंस है। बस ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की हुई थी मौत बुधवार को ऋषिकेश से इंदौर जा रही, हंस ट्रेवल्स की बस दौसा के कोलवा थाना इलाके से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर पहुंची थी। रात 2:28 बजे पर ड्राइवर को झपकी आई और बस आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन एक्सप्रेसवे के बीच में बने डिवाडर पर चढ़ गए थे। कुछ ही मिनटों में बस और ट्रेलर में आग लग गई। दोनों वाहन बुरी तरह जल गए थे। अंदर रखा सामान भी जल गया। हादसे में 6 जिंदा जल गए और 2 की मौत चोट आने से हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 4 दावों में फेल एक्सप्रेसवे पर जयपुर-दिल्ली का सफर:जगह-जगह ढाबे खुले, गड्ढे भी; 120 की रफ्तार वाली गाड़ियों से जानवरों की मौतें एक साल पहले 2 जुलाई 2025 को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर-दौसा-बांदीकुई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे शुरू किया था। (पढ़ें पूरी खबर) राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़िए)

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