सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बूंदी कारागृह का निरीक्षण:बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने व्यवस्थाओं की जांच की, बंदियों से भेदभाव पर पूछा
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और सर्वोच्च न्यायालय के सुकन्या शान्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में पारित आदेश की पालना में गुरुवार को बूंदी जिला कारागृह का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कारागृह की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विधिक सहायता और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा यह भी पूछा गया कि कारागृह में उनके साथ धर्म, जाति या सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। कारागृह की व्यवस्थाओं का लिया जायजा मॉडल प्रिजन मैनुअल के तहत गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के आधिकारिक सदस्यों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बूंदी के सचिव ने मुख्य प्रहरी जितेंद्र नागर की उपस्थिति में निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक सेवा क्लिनिक, सीसीटीवी विंग, टेलीफोन कक्ष, बैरक, रसोईघर, कैंटीन, मुलाकात कक्ष, डिस्पेंसरी, वार्ड, स्नानागार, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और मनोरंजन के साधनों का विस्तृत अवलोकन किया गया। बंदियों से सीधे संवाद निरीक्षण दल ने बंदियों से मुलाकात कर उनके लंबित प्रकरणों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि कारागृह में कार्य आवंटन या अन्य व्यवस्थाओं में धर्म, जाति अथवा सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश संदीप कुमार शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश परनामी, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा मौजूद रहे। इनके साथ सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी मुकेश गुप्ता, सहायक निदेशक (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी) धनराज मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि राजेश कुमार शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अर्पित जैन, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण थालोर तथा जिला रोजगार अधिकारी भैरू प्रकाश नागर भी मौजूद रहे।

