मशीन से अंगुली कटी, ऑपेरशन थिएटर में मौत:परिजनों का धरना, एक करोड़ मुआवजे की मांग; डॉक्टर्स बोले- हार्ट अटैक से गई जान
जोधपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में युवक की मौत के बाद परिजनों-समाज के लोगों ने शव उठाने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि देचू के कलाऊ के रहने वाले संतोष पुरी सोमवार को खेत में काम कर रहे थे। ट्रैक्टर की जुताई के लिए संतोष पुरी मशीन लगा रहे थे। तभी संतोष की अंगुली उसमें फंसकर कट गई। इलाज के लिए संतोष खुद बाइक से अस्पताल आए थे। हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान संतोष की मंगलवार को मौत हो गई। मामला जोधपुर शहर के देवनगर थाना क्षेत्र के राज हॉस्पिटल का है। इधर, हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने कहा- संतोष की मौत हार्ट अटैक से हुई। वहीं परिजनों ने एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से मना कर दिया। परिजन बुधवार को धरने पर बैठ गए और अभी तक शव नहीं उठाया। 120 किलोमीटर बाइक चला कर लाए, ओटी में मौत परिजनों ने बताया- अंगुली कट जाने के बाद संतोष बाइक लेकर खुद रवाना हुए। संतोष का भतीजा उनके साथ था। वे खुद 120 किलोमीटर दूर बाइक लेकर मंगलवार दोपहर 2:30 बजे जोधपुर के राज हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद संतोष को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट के डायरेक्टर राकेश चौधरी ने बताया- ओटी में ले जाने के बाद दोपहर करीब 3:30 बजे संतोष को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने कहा- रात हो गई इसलिए शव बुधवार सुबह ले जाएंगे। इसके बाद सुबह आए और शव लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि ये पारिवारिक क्लाइंट है। इनके परिवार का पहले भी इलाज हॉस्पिटल में हुआ था। परिजनों ने शव उठाने से किया मना, 1 करोड़ मुआवजे की मांग इधर, मामले को लेकर मंगलवार को परिजनों और समाज के लोगों ने शव उठाने से मना कर दिया। परिजन मौत के कारणों का खुलासा करने और 1 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। हंगामे को देखते हुए एडीसीपी नरेंद्र सिंह और देव नगर थानाधिकारी सोमकरण जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश की। संत मगन पुरी ने बताया- संतोष बिल्कुल सही हालात में हॉस्पिटल आया था। यहां आने के बाद उसकी मौत हो गई। हम चाहते हैं कि मौत किस वजह से हुई, उसकी जांच हो। हमारी मांग है कि परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही मांग रखी कि डॉक्टर्स ने जो भी इलाज किया और जो मेडिसिन दी है, उसकी पूरी जानकारी शेयर करे।

