कोटपूतली में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई:कोचिंग सेंटर-मॉल समेत 6 भवन सीज, 30 दिन में इंतजाम नहीं किए तो होगी स्थायी सील

कोटपूतली नगरीय क्षेत्र में अग्निशमन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे व्यावसायिक भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला कलेक्टर के आदेश और सीएमओ कार्यालय के निर्देश पर नगर परिषद और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने लगातार दूसरे दिन शहर में अभियान चलाया। इस दौरान बिना फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालित कई भवनों, कोचिंग सेंटरों, मॉल और व्यावसायिक टावरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 194 (7) के तहत कार्रवाई करते हुए कई भवनों को सीज किया। सीज किए गए भवनों में रतन बॉयज हॉस्टल, पी.जी.बी.आर. टावर, कॉमर्स कैंपस, आर.पी.जी. तिवाड़ी टावर, प्रिंस लाइब्रेरी और कनक टावर शामिल हैं। भवन मालिकों पर लगाया जुर्माना प्रशासन ने कार्रवाई के साथ नियमों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों पर जुर्माना भी लगाया है। सीज किए गए सभी संस्थानों और भवन मालिकों को अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में उन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा कर जुर्माना राशि जमा करनी होगी और प्रशासन के समक्ष शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। लापरवाही पर होगी स्थायी सील की कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 दिन के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित भवनों को स्थायी रूप से सीज कर दिया जाएगा। शहरभर में जारी रहेगा जांच अभियान अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर में संचालित अन्य शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों और गोदामों की भी जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यावसायिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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