ड्रग तस्करों की 2.48 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज की:झालावाड़ पुलिस ने ऑपरेशन 'दिव्य प्रहार-2.0' के तहत की कार्रवाई
झालावाड़ में पुलिस ने 3 ड्रग तस्करों और उनके सहयोगियों की करीब ढाई करोड़ की प्रोपर्टियां फ्रीज की है। अब आरोपी इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्कर नरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह और उनके सहयोगियों की कथित अवैध कमाई से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है। फ्रीज की गई संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 2 करोड़ 48 लाख 22 हजार 306 रुपए आंका गया है। नशा तस्करों पर जारी रहेगी कार्रवाई
एसपी अमित कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जनवरी 2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन ‘दिव्य प्रहार-2.0’ के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर, उनकी अवैध तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर भी प्रभावी कार्रवाई करना है। इसका लक्ष्य नशा माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त कर समाज में उनके प्रभाव को समाप्त करना है। गोपनीय डेटाबेस तैयार कर की कार्रवाई
कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय की एमओबी (MOB) शाखा ने नरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह और उनके सहयोगियों की कथित अवैध चल-अचल संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया। यह जानकारी थाना सुनेल और मिश्रोली पुलिस के साथ साझा की गई। संबंधित थाना अधिकारियों ने इस जानकारी के आधार पर जांच कर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की। जांच के दौरान, दोनों थाना क्षेत्रों में आरोपियों और उनके सहयोगियों के नाम पर मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित आय से खरीदी गई संपत्तियों की पहचान की गई। इसके बाद, संबंधित दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। राजस्व विभाग ने किया सहयोग
इस अभियान में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने भी सहयोग दिया। राजस्व विभाग ने पुलिस द्वारा चिन्हित संपत्तियों का रिकॉर्ड से मिलान कराया, जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने उनके वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन कर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराई। पुलिस के अनुसार नरेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह और गोपाल सिंह के खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के कई प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और अपराध में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

