हॉस्पिटल में मारपीट हुई थी,जैन-समाज ने धरने की चेतावनी दी:मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष पर बवाल कराने का आरोप, बोले- डॉक्टर्स के दबाव में पुलिस

उदयपुर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में पिछले दिनों इलाज में लापरवाही और मारपीट का मामला एक ​फिर गरमा गया है। सकल दिगम्बर जैन समाज के पदाधिकारियों ने रविवार को इस पूरे घटनाक्रम पर रोष जताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर्स और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (संगठन) के दबाव में पुलिस द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई। पदाधिकारियों ने मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की। अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी उन्होंने कहा- IMA प्रदेशाध्यक्ष डॉ आनंद गुप्ता ने मौके पर आकर बवाल किया और जानबूझकर विवाद किया। उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। पुलिस डॉक्टर्स और उनके संगठन के दबाव में है। जल्द कोई कार्रवाई नहीं होने पर समाज द्वारा अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई। दरअसल, पूरा मामला 2 जून का है, जहां कुम्हारों का भट्टा स्थित जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में मरीज कुलदीप जैन की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टर्स और परिजनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई थी। कुलदीप जैन एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए उदयपुर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर है, जिसके लिए एक सामान्य ऑपरेशन होगा। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन दोपहर करीब 3 बजे होना था, जिसमें डेढ़ से दो घंटे का समय लगना बताया गया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मरीज को होश नहीं आया। उन्हें सीधे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि शाम 6 बजे तक भी हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने परिजनों को मरीज की सही स्थिति और बीमारी के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दी। इसी बीच हॉस्पिटल प्रशासन ने बाहर से दूसरे डॉक्टरों को बुला लिया और पुलिस को भी खबर कर दी। मरीज की हालत गंभीर होने की बात सुनकर जैन समाज के कई लोग भी हॉस्पिटल पहुंच गए। सही जानकारी नहीं मिलने के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया, जो बाद में विवाद और हाथापाई में बदल गया। लगातार बढ़ते दबाव के बाद मरीज को गंभीर और नाजुक हालत में गीतांजलि हॉस्पिटल रेफर किया गया। जान से मारने की धमकी देने का आरोपी सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सुमति प्रकाश जैन ने बताया- डिस्चार्ज टिकट में मरीज की हालत को अलग तरह से दिखाया गया है, जिसकी जांच होनी चाहिए। गीतांजलि हॉस्पिटल में भी डॉक्टरों ने इलाज से पहले कुछ कागजों पर दस्तखत करवाए। इसके बाद जम्बू कुमार जैन को दोबारा साइन के बहाने एक कमरे में बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद 25-30 डॉक्टरों और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। समाज के महामंत्री रमेश चंद्र कैरोत ने बताया- हॉस्पिटल के बाहर लक्ष्य जैन को भी जबरन बंधक बनाकर रोक लिया गया। बाद में समाज के लोगों ने वहां पहुंचकर उन्हें छुड़ाया। रात करीब 1 बजे मरीज के बेटे अक्षत जैन को भी नीचे बुलाया गया, जहां मेडिकल स्टाफ ने उन्हें घेर लिया। बाद में पुलिस उन्हें सुरक्षा देने के बजाय हिरासत में लेकर थाने चली गई। समाज के पदाधिकारी लक्ष्मीलाल बोहरा ने बताया- इस पूरे मामले की सविना थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई निष्पक्ष जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और न ही कोई स्वतंत्र जांच कमेटी बनी है। पूरे मामले की जांच किसी सीनियर पुलिस अधिकारी की देखरेख में समय सीमा में हो। डॉक्टर्स और उनके संगठनों के दबाव में पुलिस ने उनकी तरफ से कोई मामला भी दर्ज नहीं किया। जबकि डॉक्टर्स ने भी उनके साथ मारपीट की थी। मरीज कुलदीप जैन ने बताया कि दोनों अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, ओटी रिकॉर्ड और डॉक्टरों की कॉल डिटेल जैसे सबूत तुरंत सुरक्षित किए जाएं। पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए। पीड़ित परिवार और गवाहों को तुरंत पुलिस सुरक्षा मिले ताकि वे बिना किसी डर के न्याय पा सकें। ………… केस से जुड़ी यह खबरे भी पढ़िए… गुस्साई भीड़ हॉस्पिटल में घुसी, डॉक्टर्स पर हमला, जमकर पीटा,VIDEO:IMA के प्रदेशाध्यक्ष के सड़क पर कपड़े फाड़े; बिजनेसमैन के गलत इलाज का आरोप प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों ने किया हंगामा:डॉक्टर से मारपीट, इलाज में लापरवाही का आरोप लगा की तोड़फोड़ डॉक्टर से मारपीट, भूपालपुरा सीआई लाइन हाजिर:प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज के रिश्तेदारों ने की थी हाथापाई, कपड़े तक फाड़ दिए थे

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