डिप्टी-सीएम बनकर ट्रांसफर कराने वाले नर्सिंग ऑफिसर पर FIR:ओएसडी की शिकायत पर कार्रवाई, आरोपी ने मनचाही जगह पर ली थी पोस्टिंग

अजमेर में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर ट्रांसफर करवाने नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक मामला दर्ज हुआ है। कोतवाली थाना पुलिस को डिप्टी सीएम के ओएसडी भगवत सिंह राठौड़ (RAS) ने शिकायत दी है। सीओ शिवम जोशी ने बताया- मामले में शिकायत मिलने पर नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में थाना प्रभारी अनिल देव कल्ला की जांच कर रहे है। जांच कर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबर की सीडीआर, ट्रूकॉलर रिकॉर्ड, सोशल मीडिया एंव डिजिटल सबूत जुटा रही है। इसके साथ-साथ आरोपी पारीक किन-किन अधिकारियों से संपर्क में था। इस तरह की गतिविधियां कब से संचालित कर रहा था। नर्सिंग कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री के OSD भगवत सिंह राठौड़ ने आरोपी नर्सिंग कर्मी के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया कि अजमेर के आदर्श नगर निवासी नर्सिंग कर्मचारी पुष्पेंद्र पारीक ने गंभीर आपराधिक कृत्य किया है। आरोपी ने अपने मोबाइल फोन की कॉलर आईडी (जैसे ट्रूकॉलर) पर अपना नाम इस तरह सेट कर लिया था कि फोन करने पर उसका मोबाइल नंबर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम से दिखे। खुद को डिप्टी सीएम बताकर ट्रांसफर के लिए किया फोन शिकायत के अनुसार, आरोपी पुष्पेंद्र ने खुद को उपमुख्यमंत्री बताते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के विशिष्ट सहायक बलवंत लिगरी को फोन किया। उसने फोन पर निर्देश दिया कि कर्मचारी पुष्पेंद्र पारीक का तत्काल प्रभाव से जवाहर लाल नेहरू (JLN) चिकित्सालय, अजमेर में तबादला किया जाए। इसके बाद उसने जवाहर लाल नेहरू अस्पताल, अजमेर के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे को भी फोन किया। वहाँ भी उसने खुद को उपमुख्यमंत्री बताते हुए पुष्पेंद्र पारीक को मनचाहा कार्य आवंटित करने के लिए प्रभावित करने का प्रयास किया। संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप आरोपी न तो उपमुख्यमंत्री है और न ही उसे उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी भी प्रकार का निर्देश जारी करने का कोई अधिकार प्राप्त है। इसके बावजूद उसने जानबूझकर और दुर्भावनापूर्वक खुद को उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया, ताकि सरकारी अधिकारियों को भ्रमित कर प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित किया जा सके। यह कृत्य न केवल उपमुख्यमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि शासन-प्रशासन में अनुचित हस्तक्षेप, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण (Impersonation) और लोक विश्वास को प्रभावित करने वाला एक गंभीर अपराध है। — यह खबर भी पढ़िए… डिप्टी-सीएम बैरवा के नाम से कॉल कर अफसर को धमकाया:दो बार खुद का ट्रांसफर करवाया, सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर का कारनामा अजमेर में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर ट्रांसफर करवाने का मामला सामने आया है। सरकारी हॉस्पिटल के एक नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर अपना तबादला करवा लिया। (पढ़ें पूरी खबर)

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