चित्तौड़गढ़ में डेयरी के दूध से ग्राहक परेशान:जांच करने पहुंचे सुपरवाइजर के सामने ही फटा दूध, शहर में करीब 124 बूथ संचालित
जिले में सरस डेयरी के दूध को लेकर पिछले कुछ दिनों से लोगों की शिकायते सामने आई है। जिसे लेकर सप्लाई हो रहे दूध की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे है। लोगों का कहना है कि डेयरी से खरीदकर जब दूध को घर ले जाकर गर्म करते है तो वह फट जाता है। जिससे लोगों को काफी परेशानी आ रही है। वहीं डेयरी के सुपरवाइजर ने जब जांच की तो उनके सामने ही दूध फट गया। फटा हुआ दूध ग्राहक वापस बूथ पर लेकर जाते है तो डेयरी बूथ संचालक मुश्किल में आ जाते है। शिकायतें लगातार बढ़ने के बाद अब डेयरी प्रबंधन भी हरकत में आया है और मामले की जांच शुरू कर दी। बूथ संचालकों की बढ़ी परेशानी शहर के कई बूथ संचालकों का कहना है कि वे रोज की तरह डेयरी से दूध लेकर ग्राहकों को दे रहे हैं, लेकिन कुछ देर बाद ही ग्राहक वापस लौटकर शिकायत कर रहे हैं कि दूध गर्म करते ही फट गया। कई जगह ग्राहकों को दूसरा पैकेट देना पड़ा तो कई बार बहस की स्थिति भी बन गई। संचालकों का कहना है कि दूध की गुणवत्ता पर उनका कोई नियंत्रण नहीं होता, लेकिन शिकायतें उन्हें ही सुननी पड़ रही हैं। इससे उनकी साख भी प्रभावित हो रही है और रोजाना काम करना मुश्किल होता जा रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्राहकों का भरोसा भी टूट सकता है। जांच करने आए सुपरवाइजर के सामने ही फट गया दूध लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुक्रवार को डेयरी के सुपरवाइजर प्रमोद शर्मा ने शहर के अलग-अलग बूथों पर पहुंचकर दूध की जांच की। इस दौरान कई बूथ संचालकों ने उनके सामने ही दूध को गर्म करके दिखाया। जांच के दौरान दूध फट गया, जिससे शिकायत सही साबित हुई। इसके बाद डेयरी की ओर से पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दूध फटने की असली वजह क्या है। डेयरी प्रबंधन अब इसकी जांच कर रहा है ताकि कारण पता लगाया जा सके और समस्या का समाधान किया जा सके। करीब 124 बूथ प्रभावित जानकारी के अनुसार शहर में सरस डेयरी के करीब 124 बूथ संचालित हैं। बूथ संचालकों का कहना है कि लगभग सभी जगहों से दूध फटने की शिकायत सामने आई है। यानी यह समस्या किसी एक इलाके या एक बूथ तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता इससे प्रभावित हुए हैं। साथ ही बूथ संचालकों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं बूथ संचालकों का कहना है कि जब तक समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती, तब तक उन्हें ग्राहकों के सवालों और नाराजगी का सामना करना पड़ता रहेगा।

