स्कूल से शुरू हुई प्रेम कहानी का हॉस्पिटल में अंत:पति बोला-पत्नी और बच्चे को खोकर अकेला रह गया; सिजेरियन के बाद हुई थी मौत

‘मैं सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) से बड़ी उम्मीद के साथ बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में पत्नी को लेकर आया था। पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी के दो दिन बाद ही बच्चे की मौत हो गई। पत्नी की किडनी फेल हो गई थी। वह एक महीने तक हॉस्पिटल में तड़पती रही और आखिर में उसने दम तोड़ दिया। मैं कुछ नहीं कर सका। पत्नी और बच्चे, दोनों को खोकर खाली हाथ लौट गया। स्कूल के दिनों में प्रेम हुआ था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ लव मैरिज की थी। साथ जीने का सपना भी पूरा नहीं हो सका।’ यह दर्द है सूरतगढ़ के रहने वाले कमल नायक का, जिनकी पत्नी प्रीति (20) की पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन के बाद किडनी फेल होने से 19 जून को मौत हो गई थी। कमल ने कहा- मेरे लिए सबसे बड़ा नुकसान पत्नी और बच्चे को खोना है। पहले समझिए… पूरा मामला बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल्योर का पहला मामला 18 मई को सामने आया था। लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन ने इसकी जानकारी 6 जून को दी थी। सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रसूताओं की कई बार डायलिसिस की गई। सभी को ICU में शिफ्ट किया गया। इनमें तारा देवी (27) और राहिला (19) को छुट्टी दे दी गई। इमरती (20) पोस्ट कोविड आईसीयू में भर्ती है। कमला का मेडिसिन आईसीयू में इलाज जारी है। प्रीति निवासी सूरतगढ़ की 19 जून और शारदा नायक (26) ने 21 जून को दम तोड़ दिया था। अब पढ़िए, प्रीति के पति कमल नायक की जुबानी… जांच करवाने हॉस्पिटल लेकर आया था कमल नायक ने बताया- पत्नी प्रीति 6 महीने की प्रेग्नेंट थी। ब्लड प्रेशर (BP) गड़बड़ होने पर सूरतगढ़ के हॉस्पिटल लेकर गया था। रेफर करने पर 15 मई को इलाज के लिए बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल लेकर आया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत गंभीर बताई। मुझे कहा गया कि मां और बच्चे में से किसी एक की जान को खतरा है, इसलिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। 16 मई को ऑपरेशन किया गया। डिलीवरी के बाद मां और बच्चा, दोनों सुरक्षित थे। पत्नी को लेबर रूम में शिफ्ट किया गया था। सिजेरियन के 2 दिन बाद बच्चे की मौत कमल के अनुसार, 17 मई को डॉक्टरों ने प्रीति की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी दी। इसके अगले दिन 18 मई को नवजात बच्चे की मौत हो गई। प्रीति की ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। इलाज के दौरान खून और यूरिन (पेशाब) आना भी बंद हो गया था। इसके बाद बिना रेफर किए ही जयपुर या जोधपुर ले जाने की बात कही गई। फोन पर बात करवाने के बाद अस्पताल में दोबारा इलाज शुरू किया गया। बाद में सांस लेने में दिक्कत होने पर प्रीति के गले में पाइप डाल दिया गया। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने किडनी और लिवर प्रभावित होने की जानकारी दी। इलाज के दौरान प्रीति करीब एक महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। आखिरकार 19 जून को उसकी मौत हो गई। कमल ने कहा- मैंने पत्नी और बच्चे को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दोनों को नहीं बचा सका। अब मैं अकेला रह गया हूं। पत्नी छोड़कर चली गई और बच्चा भी नहीं रहा। स्कूल की दोस्ती प्यार में बदली, फिर लव मैरिज की कमल ने बताया- मैं और प्रीति सूरतगढ़ में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। बालिग होने के बाद दोनों ने अगस्त 2025 में इंटरकास्ट लव मैरिज कर ली। परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया था, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। कमल सूरतगढ़ में सैलून पर काम करते हैं। उन्होंने कहा- अब तक मुझे कोई आर्थिक सहायता या सरकारी मदद नहीं मिली है। हॉस्पिटल में जान गंवाने वाली शारदा नायक के परिवार ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान सूरतगढ़ से बीकानेर पहुंचा था। पीबीएम हॉस्पिटल से कलेक्ट्रेट तक निकाले गए प्रदर्शन में शामिल हुआ था। न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। … मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर में प्रसूता के पति ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:बोले- मां-बाप को पुलिस ले गई; पत्नी के शव के पोस्टमॉर्टम के लिए दबाव बना रहे बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

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