रेगिस्तानी इलाके में पहली बार दिखा घड़ियाल; VIDEO:इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से बहकर आने का अनुमान; आसपास के गांवों के लोग डरे
जैसलमेर जिले के नाचना इलाके में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार करीब 5 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया। ग्रामीणों ने नहर में घड़ियाल को तैरते देखा तो उसका वीडियो बना लिया। घड़ियाल पानी के तेज बहाव के साथ बहता हुआ पोकरण लिफ्ट तक पहुंच गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल दिखाई देने का यह पहला मामला है। उनका अनुमान है कि यह पंजाब के हरीके बैराज से बहकर यहां पहुंचा है। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। पहले देखिए, रेगिस्तान में घड़ियाल की तस्वीरें… ग्रामीणों ने घड़ियाल देखा तो वीडियो बनाया
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम को अवाय गांव के देवाराम और कालूराम इंदिरा गांधी नहर के पास से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नहर के पानी में एक अजीब जीव को तैरते देखा। दोनों ने तुरंत मोबाइल निकाला और उसके फोटो-वीडियो बना लिए। इन लोगों ने जब यह वीडियो गांव में दूसरे लोगों को दिखाया तो बड़ी संख्या में लोग नहर के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह जीव पिछले कुछ दिनों से रोज शाम को नहर में दिखाई दे रहा है। अब यह अवाय गांव से आगे बढ़कर करीब आधा किलोमीटर दूर पोकरण लिफ्ट के पास नजर आया है। मगरमच्छ प्रजाति का जीव, लेकिन इंसानों पर हमला नहीं करता
वन्यजीव एक्सपर्ट और उप वन संरक्षक कुमार शुभम के अनुसार, घड़ियाल मगरमच्छ प्रजाति का ही हिस्सा है। हालांकि, इसका मुंह काफी पतला और लंबा होता है, इसलिए यह आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता। यह मुख्य रूप से मछलियां खाता है। बहते पानी में रेस्क्यू मुश्किल, छोटी जगह आते ही पकड़ेंगे
डीएफओ (वन विभाग, IGNP स्टेज-2) देवेंद्र सिंह ने बताया- रेगिस्तान में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने का मामला सामने आया है। अनुमान है कि घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के इस हिस्से तक पहुंचा है। पहले भी नहर बंदी के दौरान इसके दिखाई देने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्य नहर में पानी का बहाव बहुत तेज है, ऐसे में बहते पानी के बीच घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से काफी मुश्किल है। हमारी टीम लगातार वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी छोटी डिग्गी, कम पानी वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर रुकेगा, तुरंत रेस्क्यू कर लिया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। ये खबरें भी पढ़ें अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चों का रोमांच:नेस्टिंग पॉइंट्स पर 40 दिन तक नजर रखी तब बना अद्भुत VIDEO अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चे, लाइव VIDEO:मां के कुकू कॉल पर बाहर निकलना शुरू कर देते हैं

