सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी:कलेक्टर के पास जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ; काम नहीं होगा

ग्रामीण सेवा शिविर में सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- ‘पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी। कलेक्टर के पास जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ, राष्ट्रपति से ऊपर कोई अधिकारी हो तो उसके पास भी चले जाओ, आपका काम नहीं होगा।’ ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि के बीच हुई बहस का ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है। मामला बूंदी जिले की चड़ी ग्राम पंचायत में एक दिन पहले आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का है, जिसमें तहसीलदार के सामने यह पूरा मामला घटित हुआ। अब सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… बूंदी जिले की चड़ी ग्राम पंचायत में 25 जून को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजित किया गया था। इसमें सरपंच दीपक मीणा की जगह उसके पिता महावीर मीणा सरपंच प्रतिनिधि के रूम में शामिल हुए।ग्रामीण कन्हैया लाल मीणा और विनोद गौतम ने बताया कि सरपंच ने एक परिचित के घर तक तो सड़क बना दी गई है, लेकिन पूरी बस्ती अभी भी कीचड़ और गड्ढों से जूझ रही है। बारिश के मौसम में यहां हालात और भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीण सरपंच प्रतिनिधि महावीर मीणा से पूछते हैं- “क्या हमारे गांव वालों की नहीं चलेगी?” इस पर महावीर मीणा जवाब देते हैं, “पंचायत हमारी है, हमारी ही चलेगी।” इस पर ग्रामीणों ने कहा- सेक्रेटरी को कह सकते हैं तो सरपंच प्रतिनिधि ने कहा- सेक्रेटरी को कोई काम नहीं करा सकता वह तो नौकर है, मालिक तो सरपंच होता है। वही करा सकता है। ग्रामीणों शिकायत की कि उनके कई आवेदन के बावजूद कोई काम नहीं हुआ। अधिकारियों के पास मेरी शिकायत करोगे, तब तक काम नहीं होगा महावीर मीणा ने ग्रामीणों से कहा, “जब तक अधिकारियों के पास मेरी शिकायत करोगे, तब तक आपका काम नहीं होगा। पहले पंचायत में लिखकर दो। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने कहा, “कलेक्टर के पास चले जाओ, राष्ट्रपति के पास चले जाओ, राष्ट्रपति से ऊपर कोई अधिकारी हो तो उसके पास भी चले जाओ, आपका काम नहीं होगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।” इस दौरान केशोरायपाटन तहसीलदार रवि शर्मा भी बगल में ही बैठे थे। ग्रामीणों ने जांच कराने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि पंचायत में पूरी मनमानी चल रही है। परेशान ग्रामीणों ने अब तहसीलदार से मिलकर मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने तहसीलदार को बताया कि उनके गली-मोहल्ले में पिछले 40 वर्षों से सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। अगर जांच में गड़बड़ी मिले तो दोषियों पर कार्रवाई की जाए और बस्ती में तुरंत सड़क बनाई जाए।

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