55-साल बाद मिली तो मारवाड़ी गानों पर थिरकती 170 सहेलियां:1965 से 1975 बैच का एल्युमिनाई मीट, स्कूल ड्रेस में पहुंची तीन दोस्त; बोली- बुढ़ापे में बचपन को जिया
पाली में शुक्रवार को डीजे पर मारवाड़ी गानों पर नाचती-गाती 60 से 72 साल की महिलाएं बच्चों की तरह थिरकती नजर आई। जिन्होंने भी इन्हें देखा वो एक बार ठहर गया। कुछ महिलाएं बन-ठनकर आई, तो कुछ स्कूल की ड्रेस में पहुंची। वहीं कुछ महिलाएं ग्रुप में बच्चों की तरह गेम खेलती नजर आई। मौका था एल्युमिनाई मीट। बालिया स्कूल की साल 1965 से 1975 बैच की पढ़ने वाली करीब 170 महिलाओं ने एक बार फिर से अपना स्कूली जीवन जीया। यह अनौखा आयोजन रोटरी क्लब में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के समय की यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा- सालों बाद मिले है और बचपन की यादें एक बार फिर ताजा हो गई। सच कहे तो बुढ़ापे में बचपन को जीया है। 55 साल बाद मिले तो खिल उठे चेहरे शहर के रोटरी क्लब में हुए इस कार्यक्रम में बालिका स्कूल के पूर्व स्टूडेंट करीब 55 साल बाद मिले थे। संयोजक कमला बोहरा ने बताया- इस विशेष पुनर्मिलन में देश के विभिन्न शहरों से लगभग 170 पूर्व स्टूडेंट ने हिस्सा लिया। इनमें से कई सहेलियां तो ऐसी थी जो बचपन के बाद अब जाकर इस कार्यक्रम में मिली। उन्होंने बताया- कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली जीवन की मधुर स्मृतियों को वापस याद और बिछड़े दोस्तों को एक मंच पर लाना और आपसी संबंधों को मजबूत बनाना है। पुरानी तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स दिखाए कार्यक्रम में सभी का परिचय सत्र हुआ। साथ ही पुरानी तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स को दिखाया गया। इस दौरान उस दौर के अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था और गुरुजनों के योगदान को भी याद किया गया। रेखा रतन कटारिया और चंद्रा मुथा ने कहा- इस आयोजन सैकड़ों किलोमीटर दूर से पूर्व स्टूडेंट पहुंचे। यह महज एक मिलन नहीं, बल्कि मित्रता, संस्कारों और यादों का उत्सव है। सास ने आइडिया दिया तो बनाया कार्यक्रम रेखा कटारिया ने बताया- उनकी सास रतन कटारिया ने एक दिन कहा- कई स्कूलों में सालों पुराने दोस्त वापस मिलते है क्योंकि उन उनके समय की साथ पढ़ने वाली सहेलियों को फिर से एक साथ एक मंच पर मिलाया जाए। जिससे पुरानी यादे ताजा हो जाए। इस पर सोशल मीडिया ग्रुप बनाया। सभी के नंबर जुटाए। जिसमें करीब डेढ़ महीने का समय लगा। 26 जून को आयोजन रखा। जिसमें देश भर से बालिया स्कूल में पढ़ने वाली स्टूडेंट यहां पहुंची और करीब 55 साल बाद सभी एक साथ मिले। शक्ले बदली, परिचय हुआ तो पहचाना जोधपुर से आई लता पारीक ने कहा- स्कूल और बचपन की याद ताजा हो गई। बहुत डांस किया। कमला पंच ने बताया- करीब 55 साल बाद सभी मिले थे। शक्ले तक बदल गई। एक-दूजे को पहचानने में भी दिक्कत होने लगी। ऐसे में सभी ने सबसे पहले अपना परिचिय दिया ताकि एक-दूजे को पहचान सके। रेखा जैन ने बताया कि कार्यक्रम में उन्होंने खूब इंजॉय किया। समारोह में ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, राजेंद्र मेड़तिया, पूर्व पार्षद विकास बुबकिया सहित कई जने इस आयोजन का हिस्सा मिले और आयोजन की सराहना की। देखिए…एल्युमिनाई मीट की PHOTOS

