झालावाड़ में श्रमिकों को कपड़े बांटे:भारत विकास परिषद ने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया, इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में कीर्तन

भारत विकास परिषद, शाखा झालावाड़ ने शुक्रवार को सेवा एवं सामाजिक सरोकार की भावना के तहत वस्त्र बैंक के माध्यम से वस्त्रों का वितरण किया। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों में उत्साह देखा गया। परिषद के पदाधिकारियों ने शहर के निकट स्थित ग्राम पटपड़िया में मनरेगा कार्य में लगे श्रमिकों और प्राइम रेजिडेंसी, झालावाड़ में निर्माणाधीन भवन पर कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक वस्त्र वितरित किए। परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि वस्त्र बैंक के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी कपड़े पहुंचाने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करने के साथ समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देना है। वस्त्र वितरण के दौरान श्रमिकों ने परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं, ग्राम पटपड़िया में बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने और शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। परिषद सदस्यों ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें निरंतर स्कूल भेजने का आग्रह किया। इस सेवा कार्य में भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, शाखा अध्यक्ष डॉ. सीताराम पाटीदार, कोषाध्यक्ष बृजमोहन शर्मा, कार्यक्रम संयोजिका राजुल गोयल, संस्कार संयोजक सालिगराम दांगी, रक्तदान प्रभारी सुमंत शर्मा, गिरिराज पाटीदार, सीए कौशल अग्रवाल, महिला सहभागिता संयोजक सरिता शर्मा, मनोज तथा ग्राम पंचायत कोलाना के सरपंच चंदर स्वामी सहित परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समाज के सक्षम लोगों से वस्त्र बैंक अभियान में अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की। इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में भजन-कीर्तन झालावाड़ में निर्जला एकादशी के अवसर पर इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंडल, झालावाड़ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने भगवान विष्णु और बालाजी महाराज की आराधना की, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों से गूंज उठा। मंडल की अध्यक्ष मधु गुप्ता ने निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में यह सबसे महत्वपूर्ण और कठोर व्रतों में से एक है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखे जाने वाले इस व्रत में श्रद्धालु पूरे दिन जल ग्रहण किए बिना भगवान विष्णु की उपासना करते हैं। मान्यता है कि इस एक व्रत का पुण्य वर्षभर की 24 एकादशियों के व्रत के समान फलदायी होता है। कीर्तन के दौरान महिलाओं ने भगवान के मधुर भजनों का सामूहिक गायन किया। इस भक्तिपूर्ण आयोजन ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का समापन भगवान को भोग अर्पित करने और उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर मंडल की अध्यक्ष मधु गुप्ता, सचिव खुशबू माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष स्नेहा खंडेलवाल, राजदुलारी गोयल, निर्मला सोमानी, रानी झंवर, रुक्मणी गर्ग, नीलिमा अग्रवाल, ममता गुप्ता और विमला शर्मा सहित बालाजी महिला मंडल की कई सदस्याएं उपस्थित थीं। सभी सदस्यों ने ऐसे धार्मिक आयोजनों को आध्यात्मिक चेतना और आपसी सौहार्द बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *