तौल-माप नियम में बड़े बदलाव का प्रस्ताव:रेहड़ी से ज्वैलर्स तक… कम तौला तो 5 लाख तक की पेनल्टी लगेगी

राजस्थान में कम या गलत तौल कर ग्राहकों को चूना लगाना अब महंगा पड़ सकता है। राज्य सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी नियमों में संशोधन का मसौदा जारी कर गलत तौल, बिना सत्यापन वाले कांटे-बांट, कम माल देने, रिकॉर्ड नहीं रखने और बिना रजिस्ट्रेशन कारोबार करने जैसी गड़बड़ियों पर 2 से 5 लाख तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा है। पेनल्टी का दायरा बढ़ा संशोधित ड्राफ्ट में रेहड़ी, ठेला और फेरी वालों की श्रेणी में सब्जी, फल, चाट, पकौड़ी, चाय और खिलौने बेचने वाले शामिल किए गए हैं। किराना, जनरल स्टोर, सुपरमार्केट, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, ज्वैलर्स तथा उद्योग, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म, पेट्रोल-डीजल पंप और पेट्रोलियम डिपो भी नियमों के दायरे में रहेंगे। अनियमितता मिलने पर 15 दिन में सुधार कर जवाब देना होगा। वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है- तीसरी गलती पर ठेला वालों पर 2 लाख जुर्माना
गैर-मानक कांटा-बांट या वजन-माप उपकरण इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर तीसरी बार में रेहड़ी-ठेला वालों पर 2 लाख, किराना स्टोर व होटल-रेस्टोरेंट पर 2.5 लाख, बड़ी रिटेल चेन पर 3 लाख और वेटब्रिज संचालकों पर 3.5 लाख तक जुर्माना प्रस्तावित है। ज्वैलर्स, उद्योगों, पेट्रोल पंपों और कंपनियों के लिए यह राशि 5 लाख तक पहुंच सकती है। कांटे-बांट से छेड़छाड़ पर 1 लाख तक जुर्माना
वजन बढ़ाने-घटाने या माप उपकरणों में जानबूझकर छेड़छाड़ करने पर दूसरी बार पकड़े जाने पर कड़ी पेनल्टी का प्रस्ताव है। रेहड़ी-ठेला संचालकों पर 1 हजार, किराना स्टोर पर 5 हजार और होटल-ढाबों पर 10 हजार तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं वेटब्रिज संचालकों और ज्वैलर्स के लिए यह पेनल्टी बढ़ाकर 1-1 लाख तक प्रस्तावित की गई है। गलत यूनिट में बिक्री पर 1 लाख रु. तक जुर्माना
किलो, लीटर, मीटर या निर्धारित संख्या के बजाय गलत इकाई में सामान बेचने पर तीसरी बार पकड़े जाने पर कड़ी पेनल्टी का प्रस्ताव है। रेहड़ी-ठेला संचालकों पर 50 हजार, किराना स्टोर पर 70 हजार, होटल-ढाबों पर 80 हजार, ज्वैलर्स पर 1 लाख तक जुर्माना। रजिस्ट्रेशन नहीं तो कारोबार पर 3.5 लाख तक जुर्माना, कम तौल पर भी सख्ती राज्य सरकार ने विधिक माप विज्ञान नियम-2011 में बड़े बदलाव का मसौदा जारी किया है। लाइसेंस व्यवस्था खत्म कर रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव है। बिना पंजीकरण वजन-माप उपकरण बनाने, मरम्मत या बेचने तथा गलत जानकारी देने पर तीसरी बार में 3.5 लाख रुपए तक जुर्माना लग सकेगा। कम माल देने पर रेहड़ी-ठेला संचालकों से लेकर पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और ज्वैलर्स तक पर 150 रुपए से 20 हजार रुपए तक दंड का प्रावधान किया गया है। बिना सत्यापन वाले कांटे-बांट मिलने पर 2 हजार से 8 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा। पेट्रोल पंपों पर माप जांच व्यवस्था सख्त होगी और नियम तोड़ने पर जुर्माना बढ़कर 1 लाख रुपए तक पहुंच सकेगा।

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