हे भगवान! इन्हें सद्‌बुद्धि दो:किडनी मरीजों का दर्द- हमारी जिंदगी की फाइल एक माह से कमरे में कैद,1-1 दिन कीमती, ट्रांसप्लांट अटका …SMS प्रबंधन ताला क्यों नहीं तोड़ता?

एसएमएस हॉस्पिटल में किडनी के 11 मरीजों की जिंदगी एक कमरे में कैद है। एक माह से इस पर ताला है, जिससे किडनी ट्रांसप्लांट अटका हुआ है। ये वे मरीज हैं, जो 6 माह से हर दूसरे दिन डायलिसिस करवा रहे हैं, इसलिए घर छोड़कर जयपुर में धर्मशालाओं में रह रहे हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सभी को कमेटी से किडनी ट्रांसप्लांट की अप्रूवल मिल चुकी है। पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है, लेकिन सुपर स्पेशियलिटी में नेफ्रोलॉजी यूनिट-2 के हेड के रिटायर होने के बाद से ट्रांसप्लांट अटक गए हैं। जानकारी के अनुसार फाइल मरीज के पास ही रहती है, लेकिन ट्रांसप्लांट से पहले डॉक्टर अपने पास रख लेते हैं। 1 जून से ये फाइलें ताले में हैं।
31 मई को रिटायर्ड; नेम प्लेट लगी है, कमरा लॉक नेफ्रोलॉजी में यूनिट-2 के हैड डॉ. धनंजय अग्रवाल 31 मई 2026 को रिटायर्ड हुए, लेकिन सुपर स्पेशियलिटी में 5वीं मंजिल पर 518 नंबर कमरे पर उनकी नेम प्लेट लगी है और बाहर ताला है। सरकार ने 19 जून को पे-माइनस पेंशन के आधार पर मेडिकल कॉलेज अजमेर में उनकी पुनर्नियुक्ति की है। आरोप है कि फाइलें भी अंदर बंद हैं। कराह सुनो सरकार; किसी की हर दूसरे दिन डायलिसिस, 13 किलो वजन घट गया 40 डायलिसिस हुए, सूजन बढ़ रही है, अब भूख भी नहीं लगती बांसवाड़ा की 48 वर्षीय महिला का हर दूसरे दिन डायलिसिस हो रहा है। 40 हो चुके हैं। परिवार 10 मार्च से धर्मशाला में रह रहा है। पति किडनी देंगे। उनका कहना है कि एनओसी मिल गई, पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है। घर-दुकान सब छोड़कर यहां रह रहे हैं। दर्द; पेशाब कम आता है, भूख नहीं लगती। डायलिसिस ना कराएं तो सूजन आ जाती है। हर महीने ढाई किलो वजन घट रहा, सिरदर्द लगातार बढ़ रहा कोटपूतली के 35 साल के युवक को 8 दिसंबर 2025 को एसएमएस लाया गया। डायलिसिस के चलते यहीं धर्मशाला में रह रहे हैं। किडनी पिता देंगे। सभी प्रक्रिया हो चुकी थी। उनका कहना है कि एचओडी से भी मिल चुके हैं, लेकिन ट्रांसप्लांट पर कोई जवाब नहीं दे रहा। दर्द; बीपी हाई होने पर सिरदर्द-उल्टी होती है। 5 माह में 58 से 45 किलो वजन हो गया। एक्सपर्ट की मानें तो जितने ज्यादा डायलिसिस, किडनी रिजेक्शनके चांस उतने ज्यादा …और जिम्मेदार जवाब के लिए टहला रहे नेफ्रोलॉजी एक्सपर्ट की मानें तो किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस एक पेनफुल प्रॉसीजर हैं। जितना मरीज की डायलिसिस होती है, उतने ही किडनी के लिए रिजेक्शन के चांस बढ़ सकते हैं। हैपेटाइटिस बी और सी फैलता है। डायलिसिस के बाद कमजोरी आने के साथ ही प्रोटीन लॉस होता है। वहीं इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सुपर स्पेशियलिटी में कमरे पर नेम प्लेट लगी है तो विभागी मामला है। नेफ्रोलॉजी एचओडी डिसाइड करेंगे। -डॉ. नचिकेत व्यास, अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी मरीजों को रेगुलर देख रहे हैं। डायलिसिस भी की जा रही है। इनकी फाइलों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। -डॉ. संजीव शर्मा, यूनिट-2 हैड, नेफ्रोलॉजी, एसएमएस सीधी बात; डॉ. धनंजय अग्रवाल Q. क्या आपने अजमेर जॉइन कर लिया है?
-अभी सोच रहा हूं। Q. मरीजों का कहना है कि SMS में आपके रूम में उनकी फाइलें लॉक है?
-सरकार से बात करें, मेरे लॉक में फाइलें नहीं हैं। (फोन काट दिया।)
एसएमएस प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के मोबाइल पर असिस्टेंट ने कहा- सर बाहर हैं। दूसरी बार बोले- कल शाम तक बात होगी।

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