विकसित भारत जी-रामजी योजना के लिए प्रशासन अलर्ट:'लक्ष्य पूरा करें, रोजगार बढ़ाएं'- बारां कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
1 जुलाई से शुरू होने वाली विकसित भारत जी-रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बारां कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (ईजीएस) बालमुकुंद असावा ने सभी तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप श्रमिक नियोजन सुनिश्चित करने, स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने तथा वर्षा ऋतु में पौधारोपण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही एक्टिव जॉब कार्ड की ई-केवाईसी में कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को 10 दिनों में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर गुरुवार को मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर ने जिले के सभी लाइन विभागों तथा पंचायत समितियों के विकास एवं कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप श्रमिकों का नियोजन किया जाए तथा स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। पौधारोपण और हरियाली अभियान को प्राथमिकता असावा ने वर्षा ऋतु के दौरान पौधारोपण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए वृक्ष कुंज, हरियालो राजस्थान अभियान और सड़क किनारे पौधारोपण कार्यों को गति देने पर जोर दिया। उन्होंने पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्कूल मैदानों सहित अन्य खाली भूमि को विकसित कर वहां पौधारोपण करने के निर्देश भी दिए। किशनगंज-शाहाबाद में चिरौंजी विकास पर फोकस बैठक में किशनगंज और शाहाबाद क्षेत्र में चिरौंजी विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर नाराजगी एक्टिव जॉब कार्ड की ई-केवाईसी में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर अगले 10 दिनों में ई-केवाईसी कार्य में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभिन्न योजनाओं और कार्यों की समीक्षा बैठक में लाइन विभागों और पंचायत समितियों की कार्ययोजनाओं, स्वीकृति के लिए प्राप्त प्रस्तावों, स्वीकृत कार्यों की प्रगति, शून्य व्यय और 30 प्रतिशत से कम प्रगति वाले कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा अपूर्ण कार्यों को पूरा कराने, श्रमिक नियोजन एवं मानव दिवस सृजन, लंबित जियोटैग (फेज-1 एवं फेज-2), वृक्ष कुंज कार्यों, हरियालो राजस्थान अभियान, सड़क किनारे पौधारोपण, ग्राम सेवा शिविरों की प्रगति तथा विकसित भारत जी-रामजी योजना के प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जिला परिषद के सीईओ राजवीर सिंह चौधरी, विभिन्न पंचायत समितियों के विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

