बारां में कांग्रेस ने किया 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम:शिक्षा और रोजगार पर युवाओं ने रखे अपने विचार, कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स ने लिया भाग

बारां में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस संगोष्ठी और पत्रकार वार्ता का उद्देश्य शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को मंच प्रदान करना था। यह कार्यक्रम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘शिक्षा न्याय संवाद अभियान’ का हिस्सा था। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष कृषिष धाकड़, पूर्व जिलाध्यक्ष हिमांशु धाकड़ और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी गौरव धाकड़ के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने शिक्षा एवं रोजगार से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। जिला प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियां, बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर एक प्रस्तुति दी गई। इसके बाद पत्रकार वार्ता में युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत ने कहा कि शिक्षा और रोजगार युवाओं का मौलिक अधिकार है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सह जिला प्रभारी संदीप पुरोहित ने इस बात पर जोर दिया कि लाखों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन अनियमितताओं के कारण उनका विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने सरकार से युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। वहीं, जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत, सरकारी शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की कमी, रिक्त पदों पर भर्ती, कौशल विकास और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सुझाव एकत्र किए जाएंगे।

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