खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू:किसानों को जमीन के आधार पर टोकन से मिलेगा उर्वरक

अनुदानित उर्वरकों के विक्रय और वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। यह प्रणाली पायलट आधार पर राजसमंद और सिरोही जिलों में शुरू हो चुकी है, जिसे जल्द ही अन्य सभी जिलों में भी लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, किसानों को अपनी फार्मर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद एक टोकन जनरेट होगा, जिसे उर्वरक विक्रेता को प्रस्तुत करने पर खाद मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपनी उपलब्ध जमीन, बोई जाने वाली फसलें, उर्वरक का नाम, कंपनी का नाम, पसंदीदा विक्रेता और खाद की मात्रा बतानी होगी। जारी किया गया टोकन 48 घंटे के लिए वैध होगा। इस प्रणाली से किसान के पास उपलब्ध जमीन और बोई जाने वाली फसलों के आधार पर उर्वरकों की सटीक मात्रा का निर्धारण हो सकेगा। कालाबाजारी-अवैध भंडारण पर अंकुश लगेगा यह नई प्रणाली उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और यूरिया के गैर-कृषि कार्यों में उपयोग पर अंकुश लगाने में सहायक होगी। इससे किसानों को अपनी मांग के अनुसार, निर्धारित दर पर और अपने आसपास के क्षेत्र से ही आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक किसान की पहचान फार्मर रजिस्ट्री से स्वतः सत्यापित हो पाएगी। भारत सरकार प्रति वर्ष अनुदानित रासायनिक उर्वरकों पर लाखों-करोड़ों रुपये का अनुदान देती है, जिसका दुरुपयोग रुकने से यह राशि आम जनता के लिए अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जा सकेगी। इस योजना के तहत किसान अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ही खाद की बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उन्हें बाहर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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