मंत्री बोले-1 लाख प्रसूताओं में 48 की मौत,ये बेहतर आंकड़े:खींवसर ने कहा- ये मेरी सरप्राइज विजिट, जिला हॉस्पिटल में सबको दौरे की जानकारी थी
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने यह बात गुरुवार को अलवर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। गजेंद्र सिंह खींवसर सरप्राइज विजिट पर अलवर आए थे। वह रास्ते में बगड़ का तिराहा पीएचसी पर रुके। वहां 5 में से 4 स्टाफ छुट्टी पर था, इकलौता डॉक्टर बचा वो भी पीजी करने जा चुका था। पीएचसी पर कोई नहीं था। इस पर मंत्री ने तुरंत डॉक्टर लगाने और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद अलवर सर्किट हाउस पहुंचे वहां मंत्री ने सीएमएचओ, पीएमओ व मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से चर्चा की है। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण करने गए। प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को लेकर विपक्ष (कांग्रेस) के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने दावा किया कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से काफी बेहतर हैं। कोटा और बीकानेर में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले में विपक्ष के कांग्रेस के नेताओं पर पलटवार करते हुए चिकित्सा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला दिया। मंत्री ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने सरप्राइज विजिट का मतलब समझाया बगड़ तिराहा पीएचसी पर 4 में से 3 नर्सिंगकर्मियों के छुट्टी और डॉक्टर न होने के सवाल पर मंत्री ने कहा-सरप्राइज विजिट का मतलब यही है कि धरातल की हकीकत सामने आए। बगड़ तिराहे पीएचसी का डॉक्टर पीजी करने गया है, वहां तुरंत नया डॉक्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मंत्री ने अलवर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का भी औचक निरीक्षण किया। हालांकि, वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने सीएमएचओ (CMHO), पीएमओ (PMO) और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। मंत्री ने कहा कि बिना किसी को सूचना के विजिट है, जबकि अलवर मेडिकल कॉलेज व अलवर अस्पताल आने से पहले अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में मीटिंग की है। उससे पहले ही अलवर जिला अस्पताल में सबको पता चल गया था कि मंत्री आने वाले हैं। किसान ने मंत्री से कहा- मेरी सुनो खींवसर जनाना अस्पताल पहुंचे तो एक व्यक्ति ने तेज आवाज में मंत्री को आवाज लगाते हुए कहा कि मेरी सुनो, लेकिन वो अनसुना करते हुए निकल गए। बाद में व्यक्ति ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बड़ी परेशानी होती है। तुरंत सुनवाई नहीं होती है। — ये खबर भी पढ़ें.. डिलीवरी के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ी, डायलिसिस शुरू:गर्भ में ही हो गई थी बच्चे की मौत, ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से हालत गंभीर कोटा जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई मध्य प्रदेश की शबाना को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। रविवार को हालत बिगड़ने के बाद उसे सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक (एसएसबी) के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)

