दौसा से युवक का किडनैप, एक किमी दूर मिला:नाकाबंदी से घबराकर बस डिपो के पास छोड़ भागे बदमाश; पढ़ें जिले की अन्य खबरें
दौसा शहर में गुरुवार को युवक के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 20 मिनट में युवक को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार सुबह करीब 11:40 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि डोवठा मिष्ठान भंडार के पास से एक युवक का अपहरण कर लिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर तत्काल जिलेभर में नाकाबंदी करवाई गई। थाना इंचार्ज भगवान सहाय के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश शुरू की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते अपहरणकर्ता युवक को बस डिपो के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सकुशल अपने कब्जे में लिया। दस्तयाब युवक की पहचान पंकज बैरवा (21) निवासी लाका, थाना सिकंदरा के रूप में हुई है। फिलहाल घटनाक्रम को लेकर परिजनों की ओर से पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिला अस्पताल में सीपीआर की ट्रेनिंग दौसा जिला अस्पताल के ट्रॉमा एवं आपातकालीन विभाग में गुरुवार को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) विषय पर ट्रेनिंग आयोजित किया गई। कार्यक्रम में अस्पताल में कार्यरत स्टाफ, नर्सिंग छात्र-छात्राओं, एंबुलेंस चालकों एवं सहायक कर्मचारियों को सीपीआर की तकनीकों की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षक डॉ. महेंद्र मीणा ने सीपीआर के महत्व एवं आपातकालीन परिस्थितियों में इसके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है। इस दौरान डमी मॉडल के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र वर्मा, उप नियंत्रक डॉ. चैन सिंह मीणा, डॉ. राजकुमारी बजाज, डॉ. रामावतार मीणा, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. महेंद्र कुमार मीणा, भवानी शंकर शर्मा, विनोद कानखेडिया, रेणु वर्मा, सत्यनारायण मीणा, ललित लोदवाल, ज्योति शर्मा एवं नरेश सैनी सहित विभिन्न वार्डों के कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र में हुई किसान गोष्ठी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) दौसा एवं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में “किण्वित जैविक खाद (इफओएम) से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन” विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधार, जैविक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीएल जाट ने कहा कि स्वस्थ मृदा ही टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि का आधार है तथा मृदा संरक्षण के लिए जैविक उपायों को अपनाना समय की आवश्यकता है। परियोजना सह-समन्वयक डॉ. कपिला शेखावत ने किण्वित जैविक खाद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मृदा की उर्वरता बढ़ाने, सूक्ष्मजीव गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह एवं डॉ. स्मृति रंजन पधान ने जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में एफओएम की प्रभावी भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देवेन्द्र कुमार मीणा ने किया। गोष्ठी में 155 से अधिक किसानों एवं 25 से अधिक कृषि आदान विक्रेताओं ने सहभागिता कर विषय विशेषज्ञों से संवाद किया तथा अपने अनुभव बताए। कार्यक्रम के आयोजन में संस्थान के निदेशक तथा संयुक्त निदेशक (शोध एवं प्रसार) के मार्गदर्शन के साथ परियोजना के सह-अन्वेषकों डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. सुभाष बाबू, डॉ. प्रवीण उपाध्याय, डॉ. ऋषि राज, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. मोना नगरगड़े, विवेक राठौर, आशीष गोयल, अमन शर्मा, रामेश्वर पांडे एवं कालूराम सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों की समीक्षा जिला परिषद के सीईओ बिरदीचंद गंगवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पौधारोपण स्थलों का चयन पूरी योजना के साथ किया जाए तथा समय रहते गड्ढों की खुदाई, फेंसिंग एवं सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने अभी तक पौधों की बुकिंग नहीं कराई है, वे शीघ्र वन विभाग अथवा अन्य नर्सरियों से पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए बुकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करें। अभियान के तहत जिले में इस मानसून सत्र के दौरान 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

