कटारिया बोले-उदयपुर कमिश्नर फंसा तो बाल भी बांका नहीं हुआ:अफसरों से कहा- गलत काम करने वालों को ठोकिए; चाहे वोट मिले या न मिले

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा- उदयपुर में नगर निगम के तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर (अप्रैल 2022 में) 272 अवैध भूखंडों में फंसे, लेकिन उनका बाल भी बांका नहीं हुआ। विधानसभा में कार्रवाई की बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कटारिया ने उदयपुर में गुरुवार दोपहर को एक कार्यक्रम में यह कहा। वहीं कटारिया ने कहा- राजस्थान में नगर निकायों में इस समय प्रशासनिक लोग लगे हैं। ऐसे में यह अच्छा मौका है, गलत काम करने वालों को ठोकिए। किसी तरह की ढील की जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों और नियमों को ताक पर रखकर काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दिया। कटारिया ने कहा- इस समय नगर निगम में नेताओं की दखलंदाजी नहीं होने से अधिकारियों को अच्छे से कार्रवाई का मौका मिला है। सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने, सड़क सीमाओं में अतिक्रमण हटाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उनका संदेश था कि इस समय नेताओं की दखलंदाज़ी नहीं है ऐसे में सरकारी जमीनों को कब्जों से मुक्त कराना और सड़कों की सीमा में दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई हो रही है। कटारिया ने कहा- हम जनप्रतिनिधि हैं। कोई काम के लिए आएगा तो हम आपको कहेंगे। जरूरी नहीं है कि हमारे सब काम सही होंगे। सही हो तो करना, नहीं तो मत करना। कई काम गलत भी आ सकते हैं। हम उसे ना नहीं कह सकते। गलत काम में हम इन्वॉल्व नहीं थे, न होंगे। चाहे वोट मिले या न मिले। कई बार सिफारिश करनी पड़ती है, गलत काम हो तो न करें गुलाब चंद कटारिया ने कहा- जनप्रतिनिधियों के पास लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। कई बार सिफारिश भी करनी पड़ती है, लेकिन अंतिम निर्णय अधिकारियों को विवेक से लेना चाहिए। उन्होंने कहा- यदि कोई काम नियमों के अनुसार सही है तो उसे करें। अन्यथा साफ मना कर दें। कटारिया ने कहा- हम गलत कामों में न पहले शामिल हुए और न कभी होंगे। कटारिया ने कहा- उदयपुर में ही करीब एक हजार करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति पर लोगों ने कब्जा जमा रखा था। इसे मुक्त कराकर सरकार के नाम दर्ज कराया गया। ऐसी कार्रवाई को जनता भी पसंद करती है। तत्कालीन निगम कमिश्नर फंसा तो फाइल पर कार्रवाई नहीं कर रहे उदयपुर में नगर निगम के 272 भूखंडों के मामले को लेकर गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उसमें कुछ बाकी नहीं रहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फाइल जाकर कहीं दब जाती है, रोज उसको उठाने कौन जाए। उदयपुर में भूकंप आना स्वीकार है, लेकिन स्वाभिमान से जिंदा रहना यहां की आदत है। गहलोत ने कहा तो मैंने ताली बजाई गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उदयपुर के पानी के प्राेजेक्ट देवास थर्ड और फोर्थ के लिए मैंने बहुत कोशिश की। हर बार विधानसभा में सवाल लगाता था। विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़प्पन है कि साल 2023 के बजट में उन्होंने देवास थर्ड और फोर्थ की स्वीकृति दी। गहलोत ने कहा था- आज तो कटारियाजी ताली बजाओ तो मैंने बजाई, क्योंकि उदयपुर के हित में कोई काम हो रहा था, इसमें राज​नीति क्यों। पुलिस को दी नई पेट्रोलिंग बाइक-कार उदयपुर में पुलिस लाइन परिसर में होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से उदयपुर पुलिस को 25 नई पेट्रोलिंग बाइक और एक कार दी गई। इसे गुलाब चंद कटारिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होता गुलाब चंद कटारिया ने कहा- देश में कई लोग दानी हैं, लेकिन भामाशाह ऐसा दानी था, जिसने महाराणा प्रताप के जीवन को देखा। अगर महाराणा प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होते। भामाशाह ने अपनी सारी संपत्ति प्रताप के सामने रख दी और कहा कि मेवाड़ को बचाने के लिए और इस संकट के समय मेरी ये दौलत समर्पित है। भारत का हर व्यक्ति भामाशाह है। हर व्यक्ति के सामने प्रताप की तस्वीर हो तो भामाशाह सामने​ मिल जाएगा। उस समय हमने भामाशाह जयंती पर भामाशाह सम्मान शुरू किया। कटारिया ने कहा- मैं जब शिक्षा मंत्री था, तब बड़ी बेटियों को​ बैठाने के लिए दरी पट्टी नहीं थी। मैंने प्रयत्न किया कि यह शुरुआत करनी होगी और तब मैंने शुरुआत की। मेरे समय में सरकारी स्कूलों में दान देने वालों के सम्मान करने के लिए मैंने दानदाताओं को भामाशाह सम्मान देना शुरू किया। इस बेड़े में 51 गाड़ियां हुई कार्यक्रम में उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव और एसपी डॉ. अमृता दुहन ने स्वागत किया। उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने कहा- उदयपुर में एआई ट्रैफिक सिस्टम को लेकर डीएमएफटी फंड से पांच करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। एसपी ने बताया- इससे पहले भी 25 गाड़िया होंडा की ओर से उदयपुर की दी और अब कुल 50 दोपहिया वाहन और एक कार इस बेड़े में हो गई है, जो शहर की सुरक्षा और टूरिस्ट साइट पर इन बाइक के जरिए राउंड करती है।
यह खबर भी पढ़ें… उदयपुर MLA ने 272 प्लॉट-घोटाले पर सदन में मांगा जवाब:कहा- 15 महीनों में 1 भी कर्मचारी नहीं पकड़ा, मंत्री जी बताओं कब होगी कार्रवाई? उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में 272 प्लॉट घोटाले पर सदन में फरवरी 2026 को जवाब मांगा था। उन्होंने पूछा था कि मंत्री के आश्वासन के 15 महीने बाद भी एक भी कर्मचारी क्यों नहीं पकड़ा गया। आखिर अब तक कोई भी सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया? (पूरी खबर पढ़ें)

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