सरपंचों और वीडीओ को मिलेगा डिजिटल एआई सहयोग:पंचायतों में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए 'एआई सचिव जी' पहल का शुभारंभ

करौली जिले में पंचायतों में सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एआई सचिव जी’ पहल का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल सहायता प्रदान की जाएगी। इसका लक्ष्य सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और पंचायत से संबंधित जानकारी की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यह पहल जिला परिषद, पंचायती राज विभाग और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। जिला परिषद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से 50 सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन के लिए समय पर सही जानकारी का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। लखन सिंह ने आगे बताया कि ‘एआई सचिव जी’ पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं, दिशा-निर्देशों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी सरल एवं त्वरित रूप से उपलब्ध कराएगा। इससे पंचायतों की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। पीरामल फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि घनश्याम सोनी ने बताया कि ‘एआई सचिव जी’ का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना और शासन संबंधी सूचनाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, आजीविका और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर मार्कण्डेय दाधीच ने ग्राम स्तर पर सुशासन में तकनीक और नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रतिभागियों को ‘एआई सचिव जी’ प्लेटफॉर्म का लाइव डेमो दिखाया गया और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रतिनिधियों को बताया गया कि वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), वित्त आयोग, मनरेगा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं और पंचायत प्रशासन से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। प्रतिभागियों ने इस पहल को पंचायत स्तर पर सूचना और ज्ञान तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों से इस तकनीकी नवाचार का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया गया। आयोजन में पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्याम शर्मा, गोपाल शर्मा, खुलूस खान सहित सभी सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों का सहयोग रहा।

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