संत समाज ने की आगजनी की निष्पक्ष जांच की मांग:पिंडवाड़ा के दत्त भगवान मंदिर और देवपुरी आश्रम में हुई थी घटना

पिंडवाड़ा तहसील के आरसना गांव में स्थित दत्त भगवान मंदिर और देवपुरी महाराज आश्रम में 2 जून को हुई आगजनी की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संत समाज ने गुरुवार को जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। संत समाज ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि आगजनी से आश्रम परिसर को भारी क्षति हुई है। इस घटना में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अंडे और बच्चे, साथ ही खरगोश समेत कई जीव-जंतु जल गए। संतों का आरोप है कि घटना गंभीर होने के बावजूद अब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है और जांच धीमी गति से चल रही है। संत समाज ने जिला पुलिस अधीक्षक से वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने और मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर को भी सौंपा। संत समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो देवपुरी महाराज के सानिध्य में संत समाज आमरण अनशन और आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

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