ये क्रांतिकारी 'भगत सिंह' कौन है भाई:दीया कुमारी को किसने कहा 'उप-प्रधानमंत्री'; मरीज तड़पता रहा, धक्का देकर स्टार्ट हुई एंबुलेंस
नमस्कार नरेश मीणा के लिए कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा ने समाज के लोगों को कहा- नया ‘बाप’ मत बनाओ। जयपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी को MLA गोपाल शर्मा ने ‘उप-प्रधानमंत्री’ कह दिया। बूंदी में एंबुलेंस को धक्का लगाना पड़ा और पेड़ काटा तो महिला बोली- बर्बाद हो जाओगे। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘नरेश मीणा को नया बाप मत बनाओ’ पानी वाला आंदोलन चल रहा है। बांध से पानी निकले या न निकले, किस्से जरूर निकल रहे हैं। कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा समाज को संबोधित करने पहुंच गए। मंच से बोले- दो-चार क्रांतिकारी भगत सिंह घूम रहे हैं। ये पानी के लिए नहीं आते। ये किसी और के दूत हैं। हर जगह जिताने-हराने का ठेका लेते हैं। आपको बरगलाते हैं। आपकी खाते हैं, किसी और की बजाते हैं। आपके गांव आपके बाप-दादाओं के हैं। अब तो गांव-गांव में बोर्ड लगा दिए। नया ‘बाप’ मत बनाओ। हरीश चंद्र मीणा जी के बयान का असर हुआ। कुछ उत्साही युवा नरेश मीणा के नाम लिखे बोर्ड ढूंढने निकल पड़े। रात के अंधेरे में ही बोर्ड को हिला-हिलाकर आड़ा पटक दिया। उधर, नरेश मीणा ने बारां में खाद की जंग जीती है। झोली फैलाकर किसानों के लिए खाद मांगा था। सुना है खाद की रैक रवाना करने का एलान हो गया है। मौका मिलते ही नरेश मीणा ने समाज के नेताओं पर भी भड़ास निकाली। पलटवार करते बोले- उनको पानी नहीं चाहिए। वे राजनीति कर रहे हैं। राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। 2. धक्का-स्टार्ट ‘एंबुलेंस’ एक तस्वीर हजार शब्द बयान कर देती है। बूंदी में एक एंबुलेंस ने पूरे हेल्थ सिस्टम को मजाक बना दिया। बूंदी से मरीज को कोटा के लिए रेफर किया गया। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया। अटेंडेंट चढ़ गए। टायरों का हवा-पानी चेक किया गया। टंकी के तेल की माप जोख ले ली गई। ड्राइवर एंबुलेंस पर चढ़ा और चाबी घुमाई। घर्र-घर्र करके एंबुलेंस बंद। खूब मशक्कत के बाद भी टस से मस नहीं हुई। अब आप हाल के बारे में सोचिए। मरीज तड़प रहा है। जो लोग अब तक मरीज के लिए दुआ कर रहे थे, वे अब एंबुलेंस स्टार्ट होने की मन्नत मांगने लगे। मंत्रीजी का वो बयान याद आ गया- बीमार आई थी या नाचती हुई आई थी? एंबुलेंस भी बीमार नहीं है। इसे नचाने के लिए अटेंडेंट समेत 5 लोगों को लगना पड़ा। मशक्कत के बाद एंबुलेंस नाचने लगी। मन्नत पूरी हुई। मरीज के अटेंडेंट ने पसीना पोंछते हुए कहा- सरकारी एंबुलेंस फ्री है, लेकिन भरोसे की नहीं। अगली बार प्राइवेट गाड़ी ही करेंगे। धक्का तो नहीं लगाना पड़ेगा। 3. डिप्टी CM को बोल गए उप-प्रधानमंत्री कभी-कभी जुबान फिसल जाती है। इधर डिप्टी सीएम साहिबा पर जुबान मेहरबान है। जिसकी भी फिसलती है बड़े ओहदे की सौगात दे जाती है। जयपुर में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा मंच पर थे। डिप्टी सीएम साहिबा कार्यक्रम में मौजूद थीं। हड़बड़ी में शर्मा जी डिप्टी सीएम दीया कुमारी को ‘उप प्रधानमंत्री’ कह गए। फिर तुरंत करेक्शन कर लिया। फिसली जुबान का बचाव करने के लिए बोले- अभी तक मुंह से जो बोला वो गलत नहीं गया। बाकी कोई भरोसा नहीं, भगवान कब किस पर कृपा बरसा दे। इसे कहते हैं जबरदस्त डैमेज कंट्रोल। भगवान की तो कृपा है ही। लेकिन बड़े मुखियाजी चाहें तो सब कुछ मुमकिन है। 4. चलते-चलते.. जयपुर के पॉश इलाके में कॉम्प्लैक्स बन रहा है। विकास की राह में पीपल का 80 बरस का पेड़ बाधा बन रहा था। पेड़ की न कोई जाति, न धर्म। वह न टोपी पहनता है और न पटका। वह न इस गुट का, न उस गुट का। तना छीलो तो भगवा निकलता है और पत्ते हरे। उसकी छाया के लिए अभी आरक्षण की व्यवस्था नहीं। चारों तरफ विकास का नारा लग रहा है। नारों के सामने टिकने की उसकी बिसात कहां? रामनिवास बाग में चंदन तक को काटने वालों ने औकात दिखा दी थी। पीपल किस खेत की मूली? लिहाजा रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से हरे-भरे पेड़ पर आरी चलाकर विकास की राह सुगम कर दी गई। किसी शहीद की तरह पेड़ का ‘शव’ सुबह ट्रक पर रखा गया। अंतिम यात्रा निकलने ही वाली थी कि एक महिला की आत्मा तड़प उठी। उसने संत की तरह श्राप देने के अंदाज में कहा- बिल्डिंग बनाकर दिखाना। इतना हरा-भरा पेड़ काटा, वो भी पीपल का। देखना बर्बाद हो जाओगे। इनपुट सहयोग- मुकेश नागर (बूंदी)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

