पांचना बांध के पानी के लिए 24 गांव एकजुट:11 सदस्यीय जल संघर्ष समिति गठित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तय
करौली में पांचना बांध से सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर 24 गांवों के किसान एकजुट हो गए हैं। वजीरपुर रोड स्थित तुलसीपुरा मोड़ पर हुई बैठक में किसानों ने गिरते भूजल स्तर और सिंचाई संकट पर चिंता जताते हुए 11 सदस्यीय जल संघर्ष समिति का गठन किया। किसानों ने सोमवार को सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत और प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 30 दिन बाद 24 गांवों की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। सिंचाई संकट पर किसानों की चिंता बैठक में किसानों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार भूजल स्तर गिर रहा है, जिससे सिंचाई का संकट गहराता जा रहा है। उनका कहना था कि पांचना बांध से पानी उपलब्ध कराए जाने पर ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। 11 सदस्यीय जल संघर्ष समिति बनी बैठक में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय जल संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति को आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने, किसानों की मांगों को संगठित ढंग से आगे बढ़ाने और सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई। सोमवार को मंत्रियों को सौंपेंगे ज्ञापन किसानों ने निर्णय लिया कि सोमवार को करौली सर्किट हाउस में सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत और प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम को ज्ञापन सौंपकर पांचना बांध का पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी जाएगी। 30 दिन बाद अगली रणनीति का फैसला किसान नेता सियाराम गुर्जर ने बताया कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 30 दिन बाद 24 गांवों के प्रतिनिधियों की फिर बैठक होगी। इस बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महापंचायत नहीं, बल्कि विभिन्न गांवों के चुनिंदा प्रतिनिधियों की बैठक थी।

