ब्रेकिंग न्यूज़
पहली तिमाही में BPCL को ₹3,962 करोड़ का घाटा:कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर; लेकिन रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंचा

भारत पेट्रोलियम ने आज 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹3,962 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में ₹6,124 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ हुआ बीपीसीएल का रेवेन्यू ₹1.59 लाख करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23% ज्यादा है। तब कंपनी का ₹1.29 लाख करोड़ का रेवेन्यू रहा था। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ के मुकाबले रेवेन्यू में 18% बढ़ा है। अमेरिका-ईरान जंग से कच्चे तेल का बढ़ना रही घाटे की मुख्य वजह 28 फरवरी को शुरू हुई अमेरिकी ईरान जंग की वजह से कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। इसके साथ ही भाड़ा और इंश्योरेंस की लागत में भी बढ़ोतरी हुई। बढ़ी हुई लागतों का पूरा बोझ आम उपभोक्ताओं पर LPG और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर नहीं डाला जा सका, जिसकी वजह से कंपनी को यह नुकसान उठाना पड़ा। एक साल में फ्लैट रहा भारत पेट्रोलियम का शेयर भारत पेट्रोलियम के शेयर आज 3% गिरकर 309 रुपए पर बंद हुए। इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 19% गिरा है। बीते 6 महीने में यह 12% और एक साल में 9% गिरा है। 24 जनवरी 1976 को बनी थी भारत पेट्रोलियम भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) भारत की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी है। 24 जनवरी 1976 को इसकी स्थापना हुई थी। ये पेट्रोलियम उत्पादों को रिफाइन और मार्केट करती है। यह मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है। इनकी संयुक्त रिफाइनिंग क्षमता प्रति वर्ष 40 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक है। BPCL फ्यूल, लुब्रिकेंट और लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सहित विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों के डिस्ट्रीब्यूशन भी करती है। इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जी कृष्णकुमार हैं।

राहुल गांधी थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे:पेपर लीक मुद्दे पर करेंगे बात, कल PM आवास के बाहर धरने पर बैठे थे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी शाम 4 बजे मीडिया से बात करेंगे। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। लेकिन राहुल गांधी किन मुद्दों पर बोलेंगे, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। संभावना है कि राहुल नीट पेपर लीक पर बोल सकते हैं। इससे पहले राहुल ने मंगलवार को पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया था। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता पीएम आवास के बाहर बैठ गए थे। पीएम ऑफिस में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल से बातचीत की। इसके बाद भी राहुल और अन्य कांग्रेस नेता पीएम आवास के बाहर से नहीं उठे। करीब 3 घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अखिलेश को हिरासत में ले लिया। फिर देर रात उन्हें छोड़ दिया।

आनासागर झील में गंदगी को लेकर कल अजमेर रहेगा बंद:सुबह 6 से शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान, कांग्रेस ने शहर में निकाली जनजागरण रैली

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील की दुर्दशा, झील में फैल रही गंदगी को लेकर शहर जिला कांग्रेस की ओर से गुरुवार 23 जुलाई को अजमेर बंद का आह्वान किया गया है। बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है। बंद को सफल बनाने के लिए निकाली वाहन रैली बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में शहर में वाहन रैली निकाली गई। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आमजन से संपर्क कर बंद को समर्थन देने की अपील की। इस दौरान आनासागर झील को बचाने और शहर की समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। झील में मछलियों की हो रही मौत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐतिहासिक आनासागर झील लगातार प्रदूषण और बदहाल व्यवस्थाओं का शिकार हो रही है। झील में गंदगी, दुर्गंध और मछलियों की मौत जैसे मामलों को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में अजमेर बंद का निर्णय लिया गया है। आनासागर संरक्षण की मुहिम में सहयोग की अपील वाहन रैली में कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौर, महेंद्र सिंह रलावता, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने शहरवासियों से गुरुवार के बंद को सफल बनाने और आनासागर संरक्षण की मुहिम में सहयोग देने की अपील की।

शुभमन गिल वनडे में नंबर-1 बनने से एक अंक दूर:न्यूजीलैंड के मिचेल टॉप पर कायम, रूट 6 साल बाद टॉप-10 में शामिल

टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल वनडे के नंबर-1 बल्लेबाज बनने से एक अंक दूर है। वे ICC के वनडे बैटर्स की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। गिल के 801 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जबकि मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 डेरिल मिचेल के 802 अंक हैं। 19 जुलाई को लॉर्ड्स में 138 रनों की पारी खेलने वाले रोहित शर्मा ने विराट कोहली से रेटिंग पॉइंट्स का फासला कम कर लिया है। दोनों में 9 रेटिंग पॉइंट्स का अंतर है। रोहित चौथे और विराट तीसरे स्थान पर हैं। ICC ने बुधवार को ताजा रैंकिंग जारी की। जो रूट टॉप-10 में लौटे, डकेट 19वें नंबर पर आए वनडे की बैटिंग रैंकिंग में इंग्लैंड के जो रूट को चार स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें नंबर पर पहुंच गए हैं। रूट साल 2020 के बाद पहली बार उन्होंने वनडे रैंकिंग के टॉप-10 में जगह बनाई है। रूट ने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में नाबाद रहे थे। उन्होंने 76, 99 और 74 रन की पारियां खेली थीं। लॉर्ड्स वनडे में 141 रन बनाने वाले बेन डकेट 11 स्थान की बढ़त के साथ संयुक्त 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अक्षर, अल्जारी और करन को 10-10 स्थान का फायदा वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में भारत के अक्षर पटेल, वेस्टइंडीज के अल्जारी जोसेफ और इंग्लैंड के सैम करन को 10-10 स्थान का फायदा हुआ है। अक्षर 32वें, जोसेफ 26वें और करन 70वें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर चौथे और वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती संयुक्त नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं। T20I में तांजिद, बेनेट और नगरवा ने लगाई छलांग ICC की ताजा T20I रैंकिंग में बांग्लादेश के तांजिद हसन करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर ब्रायन बेनेट नौवें स्थान पर पहुंचकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की, जबकि तेज गेंदबाज रिचर्ड नगरवा 37 स्थान की छलांग लगाकर करियर के सर्वश्रेष्ठ 32वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ——————————————- इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वेस्टइंडीज ने आखिरी वनडे 2 विकेट से जीता, न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-3 से सीरीज गंवाई वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मैच में 2 विकेट की जीत हासिल की। हालांकि, बुधवार को मिली इस जीत के बावजूद टीम ने 5 मैचों की सीरीज 2-3 से गंवा दी। ब्रिजटाउन में कैरेबियाई टीम ने 269 रन का टारगेट 47.3 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। शिमरोन हेटमायर ने नाबाद 69 रनों की पारी खेली। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जॉयडन लेनिक्स को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। पढ़ें पूरी खबर

अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान:2 साल 0%, फिर 100% और 200% ड्यूटी; भारत की फार्मा कंपनियों पर असर संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अगले दो साल तक ये दवाएं बिना किसी ड्यूटी के अमेरिका जा सकेंगी, लेकिन इसके बाद 100% और फिर 200% तक टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रम्प के इस फैसले का भारतीय फार्मा इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा और अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया है, इसे 12 आसान सवाल-जवाब में समझिए… सवाल 1: ट्रम्प ने जेनेरिक दवाओं के टैरिफ को लेकर क्या ऐलान किया है? जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो सालों तक शून्य टैरिफ जारी रहेगा। दो साल बाद अगले एक साल के लिए टैरिफ 100% और उसके बाद इसे 200% हो जाएगा। सवाल 2: ट्रम्प प्रशासन ने इतना भारी टैरिफ लगाने की क्या वजह बताई है? जवाब: ट्रम्प के मुताबिक, इस नीति का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अमेरिका के भीतर वापस लाना है। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को समय सीमा दी गई है, अगर वे अमेरिका के भीतर अपने प्लांट और उपकरण नहीं लगाती हैं, तो उन्हें पेनल्टी के रूप में टैरिफ चुकाना होगा। हालांकि, पेटेंटेड, ब्रांडेड या इनोवेटिव दवाओं पर मौजूदा नीति पहले की तरह ही बनी रहेगी। सवाल 3: अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम में जेनेरिक दवाओं का कितना इस्तेमाल होता है? जवाब: अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में डॉक्टरों की लिखी जाने वाली कुल दवाओं में 90% से अधिक हिस्सेदारी जेनेरिक दवाओं की ही होती है। वहां का हेल्थकेयर सिस्टम काफी हद तक सस्ती जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है। सवाल 4: इस फैसले का भारत पर क्या और कितना असर पड़ेगा? जवाब: भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता है। अगर टैरिफ बढ़ाकर 100% और 200% किया जाता है, तो भारतीय दवाओं की लागत अमेरिकी बाजार में काफी बढ़ जाएगी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार: साल 2025 में भारत ने कुल 25.8 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹2.49 लाख करोड़ की दवाओं का निर्यात किया। इसमें से 9.7 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹0.94 लाख करोड़ की दवाओं का निर्यात अकेले अमेरिका को हुआ। ये कुल दवाओं का 38% हैं। हेल्थकेयर एनालिटिक्स फर्म IQVIA के मुताबिक, अमेरिकी फार्मेसियों में बिकने वाली कुल जेनेरिक दवाओं के 47% प्रिस्क्रिप्शन भारतीय कंपनियां ही पूरी करती हैं। सवाल 5: क्या 100% या 200% टैरिफ के बाद भी भारतीय दवाएं अमेरिका में टिक पाएंगी? जवाब: हां, भारतीय जेनेरिक दवाएं फिर भी प्रतिस्पर्धी बनी रह सकती हैं। GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, कई भारतीय जेनेरिक दवाएं अमेरिका में ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 7 से 10 गुना सस्ती बिकती हैं। ऐसे में अगर 100% टैरिफ भी लगा दिया जाता है, तब भी भारतीय दवाएं वहां की ब्रांडेड दवाओं से सस्ती ही रहेंगी। इस अतिरिक्त लागत का अधिकांश हिस्सा अंततः अमेरिकी हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, इंश्योरेंस कंपनियों और मरीजों पर पड़ेगा, न कि भारतीय निर्यात पूरी तरह खत्म होगा। सवाल 6: क्या प्रमुख भारतीय दवा कंपनियों के पास पहले से अमेरिका में प्लांट हैं? जवाब: हां, भारत की कुछ कंपनियों जैसे सन फार्मा, जायडस लाइफसाइंसेस, लुपिन, अरबिंदो फार्मा, सिप्ला और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज जैसी प्रमुख कंपनियां अमेरिका में अपने प्लांट संचालित करती हैं। मैसाचुसेट्स और न्यूयॉर्क में सिप्ला अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता बढ़ा रही है। डॉ. रेड्डीज ने कहा है कि कॉमर्शियली फायदेमंद होने पर वे अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। सन फार्मा का कहना है कि अमेरिका में उनका मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त है। सवाल 7: क्या अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का उत्पादन शिफ्ट करना आसान है? जवाब: नहीं, यह बहुत मुश्किल और महंगा सौदा है। जेनेरिक दवाओं का कारोबार ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर है। विशेष रूप से एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) के लिए कंपनियां भारत और चीन पर निर्भर हैं। अमेरिका में नया मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम खड़ा करने के लिए भारी पूंजी की जरूरत होगी, जिससे अमेरिका में दवाओं की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी। सवाल 8: इस पूरी स्थिति से निपटने के लिए भारत को क्या कदम उठाने चाहिए? जवाब: GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का सुझाव है कि भारत को दो मोर्चों पर काम करना होगा: सवाल 9: अमेरिकी हेल्थकेयर को भारतीय दवाओं से कितनी बचत होती है? जवाब: अमेरिकी लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, कैंसर, इंफेक्शियस डिजीज और मेंटल हेल्थ जैसी बीमारियों के इलाज के लिए बड़े पैमाने पर भारतीय जेनेरिक दवाएं लेते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दवाओं ने अकेले 2022 में अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम के 219 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹21.14 लाख करोड़ बचाए थे। पिछले एक दशक में यह बचत $1.3 ट्रिलियन रही है। सवाल 10: अमेरिका में कौन-कौन सी भारतीय फार्मा कंपनियों की दवाएं ज्यादा बिकती है? जवाब: डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला और सन फार्मा जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में सप्लाई करती हैं। अमेरिका में सबसे ज्यादा बिकने वाली भारतीय जेनेरिक दवाओं में शामिल हैं: सवाल 11: क्या यह फैसला ट्रम्प की व्यापक टैरिफ रणनीति का हिस्सा है? जवाब: हां, ट्रम्प प्रशासन का मुख्य जोर अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने पर है। इससे पहले भी ब्रांडेड दवा निर्माताओं को अमेरिका में उत्पादन करने या कीमतें कम करने के बदले टैरिफ छूट दी गई थी। इसके अलावा, अमेरिका करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% का नया टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है, जिसके दायरे में भारत भी आ सकता है। सवाल 12: भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर इसका क्या असर होगा? जवाब: अमेरिका और भारत लगातार यह कहते आ रहे हैं कि वे एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। ऐसे समय में जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने के इस नए ऐलान ने दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। नॉलेज पार्ट: क्या होती हैं जेनेरिक दवाएं? जब कोई कंपनी रिसर्च करके नई दवा बनाती है, तो उसे कुछ सालों के लिए पेटेंट मिलता है। इसे ब्रांडेड दवा कहते हैं। पेटेंट खत्म होने के बाद अन्य कंपनियां उसी साल्ट/फार्मूले से सस्ती दवाएं बनाती हैं, जिन्हें ‘जेनेरिक दवा’ कहा जाता है। इनकी गुणवत्ता और असर ब्रांडेड दवा जैसा ही होता है, लेकिन कीमत काफी कम होती है। रीडर्स व निवेशकों के लिए टिप्स फार्मा निवेशकों के लिए: अगले 2 साल तक भारतीय कंपनियों पर सीधा वित्तीय असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 0% टैरिफ लागू रहेगा। हालांकि, लॉन्ग टर्म में कंपनियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने की रणनीति पर काम करना पड़ सकता है। स्टॉक मार्केट वॉच: सिप्ला, डॉ. रेड्डीज और सन फार्मा जैसी US एक्सपोजर वाली कंपनियों की अगली तिमाही की कमेंट्री पर नजर रखें।

जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे

जयपुर में का्ंग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वाटर कैनन चलाई। पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में बुधवार को हजारों कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया। चौमूं हाउस सर्किल पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक लिया। कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्‌टू और पत्थरबाज थे। इन्हें विदेशी फंडिंग थी। प्रदर्शन करने वाले ट्रेंड पत्थरबाज थे। इनमें से एक भी स्टूडेंट नहीं था। जब हॉस्पिटल में इन्हें भर्ती कराया गया और डिटेल ली गई तो इनमें से एक भी स्टूडेंट नहीं निकला। प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… पल-पल का अपडेट पढ़ने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

सिंधिया रियासत की 400-साल पुरानी तोप की राजस्थान में तलाश:पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कराई; MP के नरवर किले से चोरी हुई, 5 करोड़ है कीमत

मध्य प्रदेश के सिंधिया रियासत काल की 400 साल पुरानी चोरी हुई तोप की तलाश राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई है। यह तोप 15 जुलाई की रात को मध्य प्रदेश में शिवपुरी के नरवर किले से चोरी हुई थी। मध्य प्रदेश पुलिस को सूचना मिली है कि इस 3500 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप को चोर लोडिंग गाड़ी से हिंडौन (राजस्थान) लेकर गए हैं। उन्होंने इसे हिंडौन के गांवड़ा मीणा गांव में कहीं छुपा रखा है। हिंडौन सदर थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद ने बताया- मध्यप्रदेश की शिवपुरी पुलिस ने हमें जानकारी दी है कि उनके पास चोरी हुई तोप के इनपुट हैं। हिंडौन पुलिस टीम ने पूरे गांवड़ा मीणा गांव में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से कई स्थानों पर खुदाई कर रही हैं। इस अभियान में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं। पूरे गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती गई है। पुलिस अभी आरोपियों का पता लगाने में भी जुटी है। एमपी और राजस्थान पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। ये भी जांच का विषय है कि उस तोप को गांवड़ी गांव कब और कैसे लाया गया? पहले देखिए सर्च की PHOTOS… भरतपुर से पहुंची मेटल डिटेक्टर टीम तोप की तलाश में भरतपुर से मेटल डिटेक्टर टीम भी मौके पर पहुंची। बुधवार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर नगर परिषद की जेसीबी मशीन से खुदाई कर तोप की तलाश की। हालांकि, तोप का कोई सुराग नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3-5 करोड़ रुपए है कीमत दरअसल, 15 जुलाई की रात को बदमाश नरवर किले की ओपन कचहरी से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चुराकर ले गए। इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3-5 करोड़ रुपए हो सकती है। चोरों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। तोप को पहले गद्दों में लपेटा। फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3 हजार फीट नीचे उतारा। इसके बाद लोडिंग गाड़ी में लादकर फरार हो गए। नरवर किले में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। शक है कि वारदात को इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट से जुड़े लोगों ने अंजाम दिया है। किले के बाहर हैवी गाड़ियों के टायर के निशान मिले हैं। अब किले में बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें नरवर किले की ओपन कचहरी में सिंधिया राजवंश काल की कुल 14 दुर्लभ ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। चोरी के बाद अब वहां 13 तोपें ही बची हैं। कचहरी महल का निर्माण 16वीं शताब्दी में कछवाह राजाओं ने कराया था। इसके बाद 1925 में तत्कालीन महाराजा माधवराव सिंधिया के आदेश पर इसका जीर्णोद्धार कराया गया। यहां रखी गई सभी तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी हैं। इन पर फारसी और देवनागरी लिपि में शिलालेख भी अंकित हैं। घटनास्थल से मिले कई अहम सुराग मध्य प्रदेश के राज्य पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप और तोप को घसीटकर ले जाने के निशान मिले हैं। इसके अलावा किले के पिछले दुर्गम रास्ते पर वाहन के टायरों के निशान भी मिले हैं। एमपी पुलिस की पूछताछ में किले के सुरक्षा गार्ड बालकिशन बाल्मीक ने बताया था- किले पर रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां न टॉर्च उपलब्ध है और न ही अन्य सुरक्षा संसाधन, इसलिए वह रात में अपने घर चला गया था। दूसरे गार्ड शरणलाल जाटव ने भी स्वीकार किया कि घटना के समय वह ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उसने यह भी माना कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट की जो कहानी पुलिस को बताई गई थी, वह झूठी थी। 6 गार्ड तैनात, फिर भी हो गई चोरी नरवर किले की सुरक्षा के लिए कुल छह गार्ड तैनात हैं। इनमें चार गार्ड दिन और दो रात की ड्यूटी करते हैं। घटना वाली रात दोनों गार्ड ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे। इसी वजह से चोरों को ऐतिहासिक तोप चोरी करने का मौका मिल गया। पुलिस और पुरातत्व विभाग की जांच जारी राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने बताया कि ऐतिहासिक तोप चोरी होने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। पुलिस के साथ संयुक्त जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। वहीं नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि जांच में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन और आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से मिले सबूता की जांच की जा रही है।

चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया:ये एहसान कभी नहीं भूलेंगे; 1 साल पहले केरल के पास जहाज में आग लगी थी

भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने केरल तट के पास आग लगने वाले मालवाहक जहाज से 12 चीनी नागरिकों को बचाया था। चीन यह एहसान कभी नहीं भूलेगा। यू जियान ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत-चीन संबंध फिर से सुधार की राह पर लौटे हैं। दरअसल, 9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर आग लगने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा जा रहा था और उस पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज में आग लगने और बचाव से जुड़ी 5 तस्वीरें कोलंबो से मुंबई जा रहा था जहाज जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई जा रहा था। रास्ते में जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाए गए लोगों में से 5 लोग घायल हुए थे, जिनमें 2 गंभीर रूप से झुलसे थे। 4 लोग लापता हो गए थे, जिन्हें मृत मान लिया गया। जहाज पर चीन और ताइवान के कुल 14 लोग सवार थे। इनमें 8 चीन के और 6 ताइवान के थे। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के 5 जहाज, 2 विमान और 1 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे। चीन ने भारतीय कोस्ट गार्ड को शुक्रिया कहा था उस समय भारत की मदद के लिए चीन के दूतावास ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का धन्यवाद किया था। सिंगापुर के उच्चायुक्त ने भी भारत की तारीफ की थी। बचाव अभियान के बाद भी भारतीय एजेंसियों ने कई दिनों तक जहाज में लगी आग बुझाने और उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाने का अभियान चलाया। 13 जून को भारतीय नौसेना ने हेलिकॉप्टर से बचाव दल को जहाज पर उतारा था। तटरक्षक बल, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि जहाज बहकर केरल तट तक न पहुंचे। 2020 के बाद बिगड़े थे भारत-चीन के रिश्ते भारत और चीन के रिश्तों में 2020 में उस समय बड़ी खटास आ गई, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया। उसी साल जून में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत ने साफ कहा था कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते। अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं रिश्ते करीब चार साल तक जारी तनाव के बाद अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच देपसांग और डेमचोक में गश्त को लेकर समझौता हुआ। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की। इसी के बाद रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में दोनों नेताओं की फिर मुलाकात हुई। यह प्रधानमंत्री मोदी की सात साल बाद चीन की पहली यात्रा थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच पांच साल से बंद सीधी उड़ानें दोबारा शुरू हुईं। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से बहाल कर दी गई। —————————– चीन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… चीन में डिलीवरी बॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने, खाना पहुंचाते हुए कई कविताएं लिखीं चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। वे खाना पहुंचाने के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर कविताएं लिखते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

'कॉकरोचों' पर बरसीं लाठियां, आंसू गैस से खदेड़ा:सोनम को चादर में छिपाकर ले गई पुलिस, सड़क पर लेटे राहुल; 5 दिन का हंगामा, 40 तस्वीरें

दिल्ली की सड़कों पर पांच दिन तक सिर्फ प्रदर्शन नहीं हुआ, बल्कि सत्ता और विरोध की सीधी टक्कर दिखी। कहीं लाठियां चलीं, कहीं आंसू गैस के गोले दागे गए। कहीं प्रदर्शनकारियों को घसीटकर हिरासत में लिया गया, तो कहीं अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को चादर में ढंककर अस्पताल ले जाया गया। संसद से सड़क तक विपक्ष का विरोध दिखा। राहुल गांधी सड़क पर धरने पर बैठे, विपक्षी सांसदों ने बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग किया। विरोध, गिरफ्तारियां, राजनीतिक बयान, पुलिस कार्रवाई और संसद के भीतर-बाहर का हंगामा। इन चार दिनों ने राजधानी की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया। इस विजुअल गाइड में देखिए 5 दिनों की 40 तस्वीरें, जो पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार बयां करती हैं….. 22 जुलाई, पांचवा दिन जंतर-मंतर पर आज के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… संसद में विपक्ष के प्रदर्शन की 2 फोटोज… 21 जुलाई, चौथा दिन कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल के संघर्ष की 8 तस्वीरें जंतर-मंतर पर फिर डटे कॉकरोच, विपक्षी नेता पहुंचे; 5 तस्वीरें 20 जुलाई, तीसरा दिन कॉकरोच पार्टी का संसद मार्च, संसद गेट पर पहुंचे; 20 फोटो 19 जुलाई, दूसरा दिन अभिजीत भूख हड़ताल पर, 2 तस्वीरें 18 जुलाई, पहला दिन वांगचुक को पुलिस ले गई, 2 तस्वीरें ————————– ये खबर भी पढ़ें…. CJP का प्रदर्शन, दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद:बंगाल से 2 हजार CRPF जवान एयरलिफ्ट किए गए; कॉकरोच पार्टी बोली- सरकार बात करने आए कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सरकार ने दूसरी बार बातचीत की पेशकश की है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जेपी नड्डा उनसे बात करना चाहते हैं और उन्हें उनके आवास पर बुलाया था लेकिन पार्टी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

अडाणी पावर का पहली तिमाही में मुनाफा 42% बढ़ा:यह ₹4,806 करोड़ रहा, रेवेन्यू भी 34% बढ़ा; नतीजों के बाद शेयर 1% गिरा

अडाणी पावर का अप्रैल-जून तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,385 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज 22 जुलाई को कंपनी ने नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹18,901 करोड़ कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 34% बढ़कर 18,901 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14,109 करोड़ रुपए रहा था। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन अडाणी पावर का शेयर एक साल में 84% चढ़ा अडाणी पावर का शेयर एक महीने में 7% गिरा है। पिछले छह महीने में 54% चढ़ा और बीते एक साल में 84% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 83.79 हजार करोड़ रुपए है। 1996 में हुई थी अडाणी पावर की शुरुआत अडाणी पावर लिमिटेड (APL) की शुरुआत 22 अगस्त 1996 को हुई थी। यह देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी के पास 15,250 मेगावॉट पावर जनरेशन की क्षमता है। इसके थर्मल प्लांट्स गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में हैं। वहीं गुजरात में 40 मेगावॉट कैपेसिटी का सोलर प्लांट है। क्योटो प्रोटोकॉल के क्लीन डेवलपमेंट मीशन (CDM) के तहत रजिस्टर्ड कोयला-बेस्ड सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स बनाने वाली कंपनी है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹3034 महंगी होकर ₹2.26 लाख पर पहुंची: 3 दिन में कीमत ₹10764 बढ़ी, सोना आज ₹2,303 बढ़कर ₹1.43 लाख पर पहुंचा सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 21 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,034 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,303 रुपए चढ़कर 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 3 दिन में सोना 4,281 रुपए और 10,764 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…