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NSUI ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का किया विरोध:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए भंग करने की मांग

बारां में एनएसयूआई ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने छात्रों पर लाठीचार्ज और हिरासत में लेने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। ब्लॉक अध्यक्ष नितेश मीणा और जिला महासचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और हंगर स्ट्राइक के दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें हिरासत में लेना गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष कशिश धाकड़ और जिला सचिव यशवंत कटारिया ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लेना भी गलत था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना कोई अपराध नहीं है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग भी उठाई। इस दौरान अनिरुद्ध मीणा, हरीश मीणा, अविनाश मीणा, कौशल सुमन, हर्षित नागर, सौरभ नागर सहित कई छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।

NEET पेपर लीक, फ्री ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन:किसानों ने पीएम-शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को चूरू में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामरतन सिहाग ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था। केंद्र सरकार के इशारे पर हुई इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं और महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसी क्रूरता के विरोध में बुधवार को देशभर में पुतले जलाकर प्रदर्शन किए गए। किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को तुरंत समाप्त करने और नीट धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) को भी निरस्त करने की मांग की, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। किसान सभा जिलाध्यक्ष इंद्राज सिंह ने कहा कि यह फ्री ट्रेड डील देश के किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देगी। किसान नेता कॉमरेड निर्मल प्रजापत ने केंद्र सरकार की दमनात्मक कार्रवाई और फ्री ट्रेड डील की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आने वाले समय में किसान मोर्चा के बैनर तले एक बड़े आंदोलन का आह्वान भी किया। विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री कॉमरेड उमराव सहारण, परमेश्वरलाल, आयुष खीचड़, अनिल कुमार, विक्रम मेघवाल, शेराराम जाखड़, धर्मेंद्र भांभू, राजेंद्र बलारा, विकास शर्मा, विनोद स्वामी, रामकुमार खीचड़, रामस्वरूप मेघवाल, बेगराज मील और दीपाराम सहित कई किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

जोधपुर में 15 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:4 साल से पहचान छिपाकर काट रहा था फरारी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

जोधपुर ग्रामीण पुलिस की स्पेशल सेल ने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश नरपत सिंह उर्फ नरपतराम बेनीवाल को जोधपुर से गिरफ्तार (दस्तयाब) किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर फरारी काट रहा था। तकनीकी इनपुट से ट्रैक हुई लोकेशन जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक पंकज ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है। एएसपी (ASP) भोपाल सिंह लखावत के सुपरविजन में स्पेशल सेल को इसे पकड़ने का टास्क सौंपा गया था। सहायक उप-निरीक्षक मनफूल के नेतृत्व में कांस्टेबल सेठाराम और किशोर दुकतावा ने तकनीकी डेटाबेस और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन जोधपुर में ट्रैक की। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ‘सुरते की बेरी दूदू’ (थाना सदर, बाड़मेर) निवासी नरपत बेनीवाल को दबोच लिया। आगे की जांच और पूछताछ के लिए आरोपी को बाड़मेर के सदर थाने को सौंप दिया गया है। दो जिलों से घोषित था इनाम, दर्ज हैं 6 गंभीर मामले पकड़ा गया बदमाश नरपत सिंह आदतन अपराधी है। उस पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और आरएनसी एक्ट के 6 गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर बाड़मेर सदर थाना पुलिस ने 10,000 रुपए और राजसमंद जिले के भीम थाने में दर्ज एक मामले में 5,000 रुपए का इनाम घोषित कर रखा था

आशा सहयोगिनियों ने विधायक खैरिया को सौंपा ज्ञापन:न्यूनतम मानदेय वृद्धि, पेंशन सहित कई मांगें उठाईं

किशनगढ़बास में कोटकासिम ब्लॉक की आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधायक दीपचंद खैरिया को एक ज्ञापन सौंपा। विधायक खैरिया के निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी ने बताया कि ज्ञापन में न्यूनतम मासिक मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति पर पेंशन और मुआवजे सहित लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है। आशा सहयोगिनियों ने राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर 26 हजार रुपए मासिक वेतन और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए का लाभ देने की मांग की है। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता से अधिक ऑनलाइन कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन नए-नए मोबाइल ऐप पर काम करने से उनका कार्यभार बढ़ रहा है और उन्हें काम करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अनावश्यक ऑनलाइन ऐप आधारित कार्यों से राहत देने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है। यह ज्ञापन विधायक दीपचंद खैरिया को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया। ये रहे मौजूद इस अवसर पर कृष्णावती बबली, रीना देवी, सुमित्रा, मंजू, संतोष देवी, उर्मिला, सरिता कुमारी, बीना देवी, सुनीता देवी, नीलम, सरोज सहित दर्जनों आशा सहयोगिनी मौजूद रहीं।

हनुमानगढ़ के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी:आर्द्रता के कारण उमस बढ़ी, अगले चार दिन बारिश होने की संभावना

हनुमानगढ़ जिले में बुधवार दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। शाम करीब 4:30 बजे शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली। हालांकि, बारिश के साथ हवा में नमी बढ़ने से उमस भी महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बूंदाबांदी से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन आर्द्रता बढ़ने के कारण अगले कुछ समय तक उमस बनी रहने की संभावना है। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रही। दोपहर तक गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन शाम होते-होते मौसम सुहावना हो गया। हल्की बारिश से सड़कों पर धूल बैठ गई और वातावरण में ठंडक महसूस की गई। यदि रात में भी बादल सक्रिय रहते हैं, तो न्यूनतम तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से शनिवार तक जिले में बादलों की गर्जना के साथ बारिश की संभावना है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। लोगों को खुले मैदानों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जुलाई से मौसम में कुछ बदलाव आएगा। 26, 27 और 28 जुलाई को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसम खरीफ फसलों, विशेषकर कपास, बाजरा और मूंग के लिए लाभदायक हो सकता है। हालांकि, किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव और बिजली कड़कने के दौरान कृषि कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने से जिले में बीच-बीच में बारिश का दौर बना रह सकता है।

डॉक्टर को ब्लैकमेल कर 2 करोड़ हड़पे, महिला नर्स डिटेन:आरोप-डिजिटल अरेस्ट कर रखा था; झूठे रेप केस में फंसाने-जान से मारने की देती थी धमकियां

बाड़मेर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल की महिला नर्स ने डॉक्टर को ब्लैकमेल कर 2 करोड़ रुपए हड़प लिए। आरोप है कि महिला अश्लील फोटो वायरल करने, झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देती थी। डॉक्टर का कहना है कि इज्जत के डर से वह रुपए देता रहा। सीसीटीवी कैमरों से हर समय नजर रखती थी, डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला को डिटेन कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. नाइट ड्यूटी के दौरान बढ़ाई नजदीकियां, मोबाइल से फोटो किए ट्रांसफर कोतवाली थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर ने बताया कि महिला दिसंबर 2016 से उनके अस्पताल में फीमेल नर्स के पद पर काम कर रही है। वह नाइट ड्यूटी करती थी और चाय बनाने के बहाने चौथी मंजिल पर उनके कमरे में आती-जाती रहती थी। इसी दौरान उसने नजदीकियां बढ़ाईं और डॉक्टर के मोबाइल से निजी फोटो अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लिए। 2. रेप केस और फोटो वायरल करने की धमकी देकर 2 करोड़ वसूले डॉक्टर का आरोप है कि निजी फोटो मिलने के बाद महिला ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह फोटो सोशल मीडिया पर डालने, झूठे रेप केस में फंसाने और जान से मारने की धमकियां देती थी। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल की साख और अपनी इज्जत बचाने के लिए वह अब तक करीब 2 करोड़ रुपए दे चुके हैं। इनमें से 35 लाख रुपए उन्होंने अपने निजी और अस्पताल के खातों से ट्रांसफर किए। महिला ने उनसे खाली चेक और स्टांप पेपर पर भी हस्ताक्षर करवा लिए, जिन्हें उसने बैंक और लॉकर में छिपाकर रखा है। 3. 1000 कॉल किए, घर पहुंची और हर गतिविधि पर रखी नजर डॉक्टर का आरोप है कि जब वह काम से अहमदाबाद गए तो महिला ने उन्हें करीब 1000 कॉल किए। उसने अस्पताल के स्टाफ को उनके निजी फोटो भी दिखाए। 3-4 अप्रैल 2025 की रात वह डॉक्टर के घर के बाहर आकर सो गई और अंदर आने की जिद करने लगी। यह पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड है। डॉक्टर ने बताया कि महिला ने अपने नाम की एक सिम उन्हें इस्तेमाल करने के लिए दी और उसे हमेशा चालू रखने के लिए मजबूर किया। उसने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के पासवर्ड भी ले लिए थे, जिससे उनकी हर गतिविधि पर नजर रखती थी। डॉक्टर ने इसे अपने साथ ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा व्यवहार बताया। 4. वेतन के अलावा हर महीने लाखों रुपए लेने का आरोप, महिला डिटेन डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में काम करने के लिए महिला नर्स को हर महीने 12 हजार रुपए ऑनलाइन वेतन दिया जाता था। इसके अलावा वह हर महीने लाखों रुपए जबरन वसूलती रही। डीएसपी रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। महिला को उसके घर से डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है।

श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा में कचरा प्लांट का विरोध:निहंग बोले- प्रशासन से आरपार की लड़ाई लड़ेंगे, 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों की महापंचायत

नगर परिषद, श्रीगंगानगर द्वारा नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को नरसिंहपुरा-मांझूवास क्षेत्र में कचरा प्लांट स्थल पर 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित की। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि शहर की गंदगी गांव में नहीं आने देंगे। ‘प्रशासन से सीधे मुकाबला करेंगे’ महापंचायत के दौरान गौशाला के पास निहंग सिखों ने भी प्रदर्शन किया। निहंगों ने कहा- यदि यहां कचरा प्लांट लगाया गया तो जिला प्रशासन से सीधे मुकाबला करेंगे। गौभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला यह प्लांट क्षेत्र की सबसे बड़ी गौशाला (गोधाम) के बिल्कुल पास प्रस्तावित है, जिससे पशुओं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन द्वारा प्लांट स्थल पर कराई गई तारबंदी को भी उखाड़ फेंका। कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति की जिला प्रशासन के साथ दो दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। स्थिति को देखते हुए जिलेभर से पुलिस बल प्लांट स्थल के आस-पास तैनात किया गया है। एसपी हरीशंकर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस विधायक ,रूबी कुन्नर का समर्थन ग्रामीणों के समर्थन में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर भी सैकड़ों समर्थकों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। इससे पहले भी विधायक कुन्नर सद्बुद्धि यज्ञ कर इस मुद्दे पर प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं। तीन जगहों पर प्रयास, हर जगह विरोध जिला प्रशासन ने अब तक तीन अलग-अलग जगहों पर कचरा प्लांट लगाने की कोशिश की, लेकिन हर जगह ग्रामीणों ने डटकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से बदबू, मक्खी-मच्छर, जल प्रदूषण (एलएनपी मुख्य नहर के पास), खेती-किसानी और पशुपालन पर बुरा असर पड़ेगा। गुरुकुल कन्या आश्रम, पशु चिकित्सालय और तालाबों की निकटता भी बड़ा मुद्दा है। कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि जब तक प्लांट पूरी तरह हटाया नहीं जाता, आंदोलन जारी रहेगा। लोकायुक्त नोटिस और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाइयों के बीच प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जिला प्रशासन अब वैकल्पिक स्थल और स्थायी समाधान ढूंढने में जुटा है। इन जगहों पर प्रस्तावित था प्लांट

ममता समर्थक विधायक को मार्शलों ने विधानसभा से बाहर किया:TMC बागी गुट के MLA को बोलने से रोका था; दिनभर निलंबित रहे

पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। TMC विधायक कुणाल घोष को मार्शलों ने उठाकर सदन के बाहर निकाल दिया। कुणाल घोष ने TMC के बागी गुट के विधायक अखरुज्जमां का भाषण शुरू होते ही विरोध किया। वे अपनी सीट छोड़कर उनके सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इससे अखरुज्जमां अपना भाषण नहीं दे सके। सदन में शोर-शराबा और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। स्पीकर बिमान बनर्जी ने कई बार उन्हें अपनी सीट पर लौटने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं माना। इसके बाद स्पीकर ने सादन के बाहर करवा दिया और पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया। मार्शलों ने उठाकर बाहर किया, 3 तस्वीरें… कुणाल बोले- मेरा नाम लिस्ट से हटाया इससे एक दिन पहले भी विधानसभा में विपक्ष की ओर से बोलने वाले सदस्यों की लिस्ट को लेकर विवाद हुआ था। इस घटनाक्रम ने टीएमसी विधायक दल के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट और सदन में बोलने वाले सदस्यों के चयन को लेकर चल रही खींचतान को फिर सामने ला दिया। कुणाल घोष को बाहर निकाले जाने के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। 3 जून को शुरु हुई थी बगावत, ऋतब्रत बने बागी गुट के नेता 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। TMC के 80 में से 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता के पास अब 21 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 59 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 21 विधायक बचे हैं। —————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में अभिषेक का पार्टी ऑफिस तोड़ा गया: TMC सांसद बोले- कार्यालय हमारे लिए मंदिर जैसा; 2031 तक जिंदा रहा तो इसका जवाब दूंगा TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के साउथ 24 परगना के अमतला में स्थित पार्टी ऑफिस को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की तरफ से की गई है। अधिकारियों के मुताबिक ऑफिस बिना किसी मंजूरी बिल्डिंग प्लान के बनाया गया था। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी कार्यालय हमारे लिए मंदिर जैसा है। जमीन खरीदी गई थी और बिल्डिंग स्वीकृत नक्शे के अनुसार बनाई गई थी। हमारे पास सभी दस्तावेज हैं, जिन्हें हम हाईकोर्ट में पेश करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

16 पशु मुक्त कराए, चार तस्कर गिरफ्तार:धौलपुर में आंगई पुलिस की पशु तस्करी पर कार्रवाई

धौलपुर जिले की आंगई थाना पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो पिकअप वाहनों से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 16 पशुओं को मुक्त कराया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता एवं संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आंगई थाना प्रभारी कृपाल सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो पिकअप वाहनों में अवैध रूप से पशुओं को ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल चिलाचोंद गांव के पास नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान दोनों संदिग्ध वाहनों को रोका गया। तलाशी में पाया गया कि वाहनों में पशुओं को अत्यधिक संख्या में ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, जो पशु क्रूरता का स्पष्ट मामला था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया और उनमें सवार चारों पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। मुक्त कराए गए सभी 16 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेजकर उनके संरक्षण की व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में पशु तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध पशु परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि पशुओं को कहां से लाया गया था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।

3 साल से फरार हत्या का आरोपी गिरफ्तार:वारदात के बाद कुवैत भाग गया था, लौटने पर गलन्दर के जंगल से दबोचा

डूंगरपुर जिले की चौरासी थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद कुवैत भाग गया था और हाल ही में घर लौटने पर उसे गलन्दर के जंगल से दबोचा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। चौरासी थाना सीआई रतनलाल ने बताया कि यह मामला 7 सितंबर 2023 का है। सोनल पुत्री मंजीलाल कटारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त महेंद्र के साथ बाइक पर गैंजी गई थी। रास्ते में उसके चाचा नितेश कटारा, अनिल कटारा और बाबूलाल गरासिया ने उन्हें रोक लिया। तीनों ने मिलकर महेंद्र के साथ मारपीट की, जिसमें लट्ठ के वार से सिर में चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही आरोपी नितेश और अनिल को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाबूलाल गरासिया निवासी गलन्दर घटना के बाद कुवैत फरार हो गया था और पिछले तीन साल से वहीं रह रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बाबूलाल अपने घर आया हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, लेकिन आरोपी जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने उसका पीछा किया और गलन्दर के जंगलों से उसे गिरफ्तार कर लिया।