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टक्कर से कार के परखच्चे उड़े, युवक की मौत:सिर में चोट आई, मौके पर ही दम तोड़ा; प्लास्टिक के कट्टों में भरा मिला डोडा-पोस्त

बाड़मेर रिंग रोड पर तेज रफ्तार स्विफ्ट कार पीछे से अज्ञात वाहन में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा तीन फीट तक पिचक गया। हादसे में कार सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कार से ब्लैक प्लास्टिक के कट्टों में डोडा-पोस्त भरा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना बाड़मेर रीको थाना क्षेत्र में सिणधरी रोड के पास बुधवार सुबह करीब 8 बजे हुई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे वाहन में घुसी, चालक गंभीर घायल जानकारी के अनुसार, रामसर का कुआ निवासी जगदीश उर्फ जोगाराम (45) अपने घर से रिंग रोड की ओर जा रहा था। बाड़मेर मगरा के पास उसकी तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा करीब तीन फीट तक पिचक गया। ड्राइवर सीट पर बैठे जोगाराम के सिर में गंभीर चोट लगी और पूरी सीट खून से लथपथ हो गई। लोगों ने गेट तोड़कर बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कार का गेट नहीं खुलने पर लोगों ने उसे तोड़कर जोगाराम को बाहर निकाला। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से उसे जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची, जबकि रीको थानाधिकारी चैन प्रकाश चौधरी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू की। कार से मिले ब्लैक प्लास्टिक के कट्टे, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड पुलिस ने माप-तौल वाला कांटा मंगवाकर कार में रखे ब्लैक प्लास्टिक के कट्टों को बाहर निकलवाया और उनका वजन कराया। पुलिस के अनुसार कार मृतक जोगाराम के नाम पर दर्ज है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार में मिला डोडा-पोस्त कहां से लाया गया था।

कला कॉलेज में परीक्षा में नकल का VIDEO:टर्म टेस्ट में स्टूडेंट ने मोबाइल देखकर पेपर किया सॉल्व, पूर्व प्राचार्य कार पर बैनर लगा पहुंचे

अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा की साख को तार-तार करने वाला VIDEO सामने आया है। कॉलेज में चल रहे 4th सेमेस्टर के इतिहास विषय के टर्म टेस्ट के दौरान छात्र परीक्षा कक्ष में खुलेआम टेबल पर मोबाइल रखकर नकल करते नजर आया। ताज्जुब की बात ये है कि जिस वक्त यह नकल चल रही थी, उस वक्त क्लास में वीक्षक (इनविजिलेटर) भी मौजूद थे। कमरे में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में कॉलेज प्रबंधन ने विषय के टर्म टेस्ट को रद्द कर दिया है। इस खुली धांधली के विरोध में बुधवार को पूर्व प्राचार्य रमेश बैरवा एक कार पर बड़ा बैनर लगा कॉलेज के गेट के पर पहुंच गए। बैरवा ने कहा कि कला कॉलेज प्राचार्य की अव्यवस्थाओं के कारण कॉलेज में खुलेआम नकल होने लगी है। यहां पढ़ाई होती तो स्टूडेंट्स को नकल नहीं करनी पड़ती। विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कला कॉलेज के प्राचार्य को हटाने की मांग की है। ‘आंधी आए या तूफान… जब तक पेपर हमारे पास है’ सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परीक्षा की शुचिता का मजाक उड़ाते हुए एक छात्र खुद ही मोबाइल से वीडियो बनाता नजर आया है। वह बेखौफ अंदाज में अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहता है- “नहीं दबने वाले, आंधी आए या तूफान, जब तक पेपर हमारे पास है।” छात्र का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि उसे न तो कॉलेज प्रशासन का कोई खौफ है और न ही परीक्षा नियमों की कोई परवाह। क्या होता है टर्म टेस्ट? यह टेस्ट मुख्य सेमेस्टर परीक्षा से पहले क्लास स्तर पर किया जाता है। यह टेस्ट कुल 10 अंकों का होता है। सब्जेक्ट टीचर खुद क्लास में पढ़ाए गए सिलेबस के आधार पर पेपर तैयार करता है और वही परीक्षा लेता है। प्राचार्य बोले- कमेटी गठित, परिजनों को बुलाया प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य का कहना है कि “यह टर्म टेस्ट का मामला है। जिस छात्र ने मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया है, उसके सीसीटीवी फुटेज निकालकर बारीकी से जांच की जा रही है। छात्र के परिजनों को कॉलेज बुलाया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद- सस्पेंड निजी सचिव पर FIR:CM बोले- यह मां-बाप की हत्या जैसा महापाप; जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनी

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर मामले में पहली बड़ी आपराधिक कार्रवाई हुई है। मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर निलंबित निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की। जिसे 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सीएम ने कहा- ये गौहत्या जैसा पाप है। जो लोग ऐसे पवित्र स्थानों पर इस प्रकार का कृत्य करते हैं, उनका अपराध वैसा ही है जैसे कोई अपने मां-बाप की हत्या कर दे। यह महापाप है। यह अक्षम्य अपराध है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच, चढ़ावा विवाद उजागर करने वाले काल भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री को बुधवार को पुलिस ने देहरादून स्थित उनके कार्यालय में करीब ढाई घंटे तक नजरबंद रखा। खत्री मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे। इससे एक दिन पहले भी पुलिस उनके आवास पर तैनात रही थी। जानिए क्या है पूरा मामला… 1. CCTV फुटेज से शुरू हुआ विवाद
2 जुलाई की CCTV फुटेज सामने आने के बाद चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगे। BKTC के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच चढ़ावा गणना केंद्र से मंदिर की राशि नियमों के विपरीत निकाले जाने के संकेत मिले। इसके बाद भैरव सेना ने 3 जुलाई को BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की। 2. प्रथम दृष्टया अनियमितता के संकेत मिले
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद BKTC ने आंतरिक जांच समिति गठित की। प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया मंदिर की धनराशि अनधिकृत रूप से उठाए जाने के संकेत मिले थे। इसी आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में तैनात प्रमोद नौटियाल को 7 जुलाई को निलंबित कर 48 घंटे का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 3. CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के बाद प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। समिति ने दावा किया कि CCTV फुटेज में वे चढ़ावा गणना के दौरान सामान्य प्रक्रिया से अलग कुछ सामान अपने मोबाइल के साथ रखते हुए दिखाई दिए। इसी आधार पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। 4. 40 दिन की CCTV फुटेज खंगाली जाएगी
जांच अब सिर्फ 2 जुलाई की घटना तक सीमित नहीं रहेगी। बद्रीनाथ मंदिर परिसर के 32 CCTV कैमरों की करीब 40 दिन की रिकॉर्डिंग की जांच होगी, ताकि यह पता चल सके कि ऐसी घटना पहले भी हुई थी या नहीं। 5. गणना व्यवस्था और रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जांच टीम चढ़ावा गणना की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी। इसके अलावा पिछले 10-12 वर्षों में समिति को मिले 20-25 लैपटॉप के रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों की भी जांच होगी। 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया समिति की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि 2 जुलाई 2026 की CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल थाली भेंट गणना के दौरान सामान्य प्रक्रिया से अलग कुछ सामान अपने मोबाइल के साथ रखते हुए दिखाई दिए। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा करते हुए उनसे 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया कि उन्होंने अपने पास क्या रखा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेज, ड्यूटी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। 20-25 लैपटॉप का भी नहीं मिला रिकॉर्ड जांच के दौरान एक और मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले 10 से 12 वर्षों में BKTC को मिले करीब 20 से 25 लैपटॉप का कोई रिकॉर्ड समिति के पास उपलब्ध नहीं है। ये लैपटॉप मंदिर समिति के कार्यालय में इस्तेमाल के लिए SBI, PNB और कैनरा बैंक ने दिए थे। स्टॉक रजिस्टर में भी इन लैपटॉप का उल्लेख नहीं मिला है। आशंका है कि समिति से जुड़े कुछ लोग इन्हें अपने साथ ले गए। BKTC का कहना है कि लैपटॉप के रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की भी जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाई लेवल कमेटी 15 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए। इसके तहत शासन ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व जिलाधिकारी चमोली एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान को सदस्य नामित किया गया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। सरकार ने कहा है कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के केंद्र में ये बड़े सवाल एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अध्यक्ष कार्यालय में तैनात कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को चढ़ावा गणना और प्रोटोकॉल जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियां किसके आदेश पर सौंपी गईं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि चढ़ावे की निगरानी और गणना की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं। यदि प्रक्रिया में कहीं चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी। जानिए कौन हैं प्रमोद नौटियाल? प्रमोद नौटियाल लंबे समय से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े रहे हैं। वे बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में निजी सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे थे। समिति के अनुसार उन्हें चढ़ावे की व्यवस्था और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में भी लगाया गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नौटियाल वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के रूप में समिति से जुड़े थे। बाद में उन्हें निजी सहायक बनाया गया। आगे चलकर नियमों में बदलाव के बाद उन्हें उच्च जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं थे, बल्कि समिति के कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। BKTC अध्यक्ष बोले- CCTV सुरक्षित कर उसी दिन जांच बिठाई बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित अनियमितता के आरोप सामने आते ही समिति ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को गणना कक्ष से जुड़े सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। उसी दिन शाम को वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति भी गठित कर दी गई। उन्होंने बताया कि जांच दल के बद्रीनाथ पहुंचने पर प्रथम दृष्टया कुछ संदेह सामने आया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया और देर रात उसके खिलाफ बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट जल्द सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी विवादों में रही बीकेटीसी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुछ मामलों की जांच जिला पुलिस से लेकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक पहुंची थी, लेकिन अब तक उन मामलों में कोई स्पष्ट कार्रवाई या अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया। वर्ष 2023 में बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं से ऑनलाइन दान लेने के लिए लगाए गए क्यूआर कोड को लेकर भी सवाल उठे थे। उस समय यह चर्चा रही कि क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त दान राशि किस खाते में जमा हुई और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया। हालांकि इस मामले में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी। वर्ष 2020 में बीकेटीसी में कथित अवैध नियुक्ति का मामला भी सामने आया था। विवाद बढ़ने पर तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन प्रसाद थपलियाल को नियुक्ति निरस्त करनी पड़ी थी। अब मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर समिति की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। विपक्ष ने उठाए सवाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने बद्रीनाथ में कथित चढ़ावा गड़बड़ी और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के लिए बीकेटीसी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए नैतिक आधार पर समिति अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जांच तीन वर्तमान (सीटिंग) न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इतनी गंभीर घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच स्वतंत्र समिति से ही संभव है। कांग्रेस का आरोप है कि मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने राज्यभर में मंदिरों की पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए। मायावती ने SIT जांच की मांग की बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बद्रीनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की। मायावती ने कहा कि धार्मिक संस्थानों के शीर्ष प्रबंधन की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित गड़बड़ियां व्यक्तिगत स्तर की थीं या प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम थीं। भैरव सेना ने SIT जांच की मांग दोहराई भैरव सेना ने विभागीय जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT से जांच कराने और घटना वाले दिन की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। धर्मस्व विभाग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए BKTC से चढ़ावे की गणना, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कमेटी की रिपोर्ट से खुलेगी परतें एफआईआर दर्ज होने और उच्चस्तरीय जांच शुरू होने के बाद अब पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होने पर नजर रहेगी। पुलिस जांच और 15 दिन में आने वाली समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित अनियमितता कैसे हुई, निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बद्रीनाथ धाम देश के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में शामिल है। ऐसे में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े किसी भी विवाद पर सरकार, प्रशासन और मंदिर समिति की जवाबदेही स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी। ———————- ये खबर भी पढ़ें : राम मंदिर के बाद केदारनाथ-बद्रीनाथ से चढ़ावा चोरी का आरोप: कर्मचारियों को नोटिस, तीन दिन में जवाब मांगा; जांच के लिए CCTV सुरक्षित रखा अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर से भी चढ़ावा चोरी का आरोप लग रहा है। धार्मिक संगठन भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को पत्र लिखकर BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक पर चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

जोधपुर में कल भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट:सुबह से आसमान में छाए बादल, अधि​कतम तापमान गिरा; जानिए-कैसा रहेगा मौसम

जोधपुर शहर में मानसून एंट्री ले चुका है। मंगलवार को बारिश की उम्मीद थी लेकिन उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। हालांकि देर रात ठंडी हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इधर, मौसम विभाग ने गुरुवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि देर शाम तक इसका असर देखने को नहीं मिला। अधिकतम तापमान में भी 1 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री तक पहुंच गया है। शहर में सुबह से ही बादल छाए हुए है और हवा चल रही है। लेकिन उमस से लोग काफी परेशान हो रहे है। इधर, आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहेगा। तीसरी बार जुलाई में पहुंचा मानसून दरअसल, जोधपुर में मानसून एंट्री जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून एंट्री का समय माना जाता है। लेकिन पांच साल में तीसरी बार हुआ है, जब मानसून देरी से आया है। 2022 के बाद साल 2026 में मानसून जुलाई में आया है। 2021 में भी मानसून जुलाई में ही एंट्री किया था ।उम्मीद है कि जुलाई महीने में मानसून की अच्छी बारिश हो सकती है। पूरा सप्ताह जा सकता है सूखा मौसम विभाग के अनुसार कल भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है। लेकिन, आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद कम है। ऐसे में जुलाई महीने का दूसरा सप्ताह सूखा जा सकता है। इसका कारण है कि टर्फ लाइन उत्तरी राजस्थान की तरफ शिफ्ट होने लगी है। वहीं पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ 1.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और 26.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

भींडर-कानोड़ में जमकर बारिश हुई, उदयपुर सूखा:शहर में शाम को काले बादलों का डेरा पर बारिश नहीं; कल भी बारिश का अलर्ट

उदयपुर में बुधवार सुबह से शाम तक बारिश का इंतजार था, लेकिन शहर की बजाय गांवों में जमकर बारिश हुई। सबसे अच्छी बारिश भींडर और कानोड़ में हुई है। शहर में शाम को काले बादलों का डेरा आसमान में था, जिससे भारी बारिश का अंदेशा लगा। शाम साढ़े सात बजे तक बारिश नहीं हुई। शाम के बाद भींडर और कानोड़ कस्बे में जमकर बारिश हुई। उमस से परेशान लोगों ने बारिश से राहत ली। इन दोनों नगर पालिका सीमा के अलावा आसपास के गांवों में भी जमकर बारिश हुई। भींडर में बारिश से सड़कों पर पानी भरा भींडर में बारिश के दौरान सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वहीं लोगों ने बारिश से बचने के लिए जगह-जगह शरण ली। बच्चों ने इस बारिश के बीच भीगते हुए मजे करते हुए बारिश का स्वागत किया। इससे पहले कानोड़ के पास के गांवों में सुबह बारिश हुई तो इसके बाद कानोड़ कस्बे में शाम को पानी बरसा। कानोड़ तहसील के आसपास सुबह 8 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। वहां पर करीब एक घंटे तक हल्की बारिश हुई। तीन दिन हल्की बारिश की संभावना मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस.देवड़ा कहते हैं कि दक्षिणी राजस्थान में उदयपुर सहित अन्य जिलों में आने वाले तीन दिनों तक बादल छाए रहने के साथ छितराई बारिश होने की संभावना है। उनका मानना है कि इस दौरान तापमान यथावत बना रहेगा और उमस वाली गर्मी का अहसास रहेगा। कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश इधर, जल संसाधन विभाग उदयपुर के कंट्रोल रूम के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे में उदयपुर और सलूंबर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। सर्वाधिक दो इंच बारिश सेमारी और सोमपिकअप वियर बांध पर हुई है। सलूंबर और खेरवाड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई है। सलूम्बर जिले में चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन और खेती-किसानी दोनों में नई उम्मीद जगाई है। मंगलवार को भी दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा। कहीं सुबह तो कहीं दोपहर में बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और उमस बनी रही।
उदयपुर में आज सुबह 8 बजे तक पिछले चौबीस घंटे की बारिश (मिलीमीटर में) पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में) वीडियो : महेंद्र सिंह राठौड़ और विजय प्रकाश पाटीदार

पाकिस्तानी कार्गो प्लेन का मलबा बलूचिस्तान तट के पास मिला:कराची के पास रडार से गायब हुआ था, 5 क्रू मेंबर्स की तलाश जारी

पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया था। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तानी खोजी दलों ने बलूचिस्तान के तट के पास अरब सागर में ओर्मारा से 53 समुद्री मील (लगभग 98 किलोमीटर) दूर विमान का मलबा बरामद कर लिया है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की जानकारी दी था। कंट्रोल रूम ने विमान को गाइड करने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया। विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां खोज अभियान में जुटी रही। विमान के गायब होने की लोकेशन… हादसे की वजह फिलहाल साफ नहीं PAA ने कहा है कि विमान हादसा होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। विमान और उसमें सवार 5 क्रू मेंबरों की स्थिति को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फ्लाइट रडार 24 के शुरुआती डेटा के मुताबिक, आखिरी समय में विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर कुछ ऊपर गया और इसके बाद अचानक तेजी से नीचे आया। एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने ARY न्यूज से कहा कि इंजन फेल होने की स्थिति में भी विमान आमतौर पर कुछ दूरी तक ग्लाइड करता है। उनके मुताबिक, विमान का इतनी तेजी से नीचे आना सामान्य नहीं है और इसकी वजह जांच के बाद ही साफ होगी। 2018 में शुरू हुई थी K2 एयरवेज K2 एयरवेज कराची स्थित निजी कार्गो एयरलाइन है, जिसकी शुरुआत मई 2018 में हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ 27 साल पुराना Boeing 737 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था। यह कंपनी का इकलौता विमान था और इसकी पिछली उड़ान 28 जून को हुई थी। वहीं, K2 Airways ने कहा है कि वह पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ जांच और सर्च ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है। नेविगेशन सिस्टम क्या होता है? नेविगेशन सिस्टम विमान को तय रूट पर उड़ाने में पायलट की मदद करता है। यह विमान की लोकेशन, दिशा, ऊंचाई और उड़ान मार्ग की जानकारी देता है। इसके लिए GPS, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), रेडियो बीकन और दूसरे सेंसर का इस्तेमाल होता है। नेविगेशन सिस्टम में खराबी आने पर क्या होता है? 2020 में PIA का यात्री विमान क्रैश हुआ था इससे पहले मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का यात्री विमान कराची में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 97 लोगों की मौत हुई थी। बाद की जांच में पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मानवीय गलती को दुर्घटना का कारण माना गया था।

वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में लैंडस्लाइड से 8 बच्चों की मौत, 5 घायल; लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ा

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले के उखिया स्थित रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में बुधवार को लैंडस्लाइड में 8 बच्चों की मौत हो गई और 5 घायल हैं। BBC के मुताबिक, सभी बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच थी। बांग्लादेश मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और भारत से आने वाले ऊपरी इलाकों के पानी की वजह से देश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। रिफ्यूजी रिलीफ एंड रिपैट्रिएशन कमिश्नर (RRRC) के बयान के अनुसार, घटनास्थल से 13 बच्चों को बाहर निकाला गया। इनमें से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी पांच बच्चों का अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है। इसी बीच, अंधेरा होने के बाद फायर सर्विस ने बचाव अभियान रोक दिया। अधिकारियों के मुताबिक, आगे की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… मरीन ले पेन को राहत: अपील कोर्ट ने चुनावी प्रतिबंध घटाया; 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगी फ्रांस की अपीलीय अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपीय संसद फंड के दुरुपयोग मामले में दोषी तो माना, लेकिन उन पर सार्वजनिक पद संभालने की पाबंदी कम कर दी। इसके बाद ले पेन ने घोषणा की है कि वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी। पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने ले पेन पर लगाए गए पांच साल के चुनावी प्रतिबंध को घटाकर 45 महीने कर दिया, जिनमें से 30 महीने निलंबित रहेंगे। अदालत ने यह भी माना कि 31 मार्च 2025 से वह पहले ही प्रतिबंध की अवधि पूरी कर रही हैं। इस वजह से वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गई हैं। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई है। इसमें दो साल की सजा निलंबित है, जबकि एक साल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ नजरबंदी में बिताना होगा। साथ ही उन पर एक लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला यूरोपीय संसद के उन फंड से जुड़ा था, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए जाते हैं। अदालत के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल फ्रांस में नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया गया, जिससे यूरोपीय संसद को 28 लाख यूरो का नुकसान हुआ। इसी मामले में नेशनल रैली पार्टी पर भी 20 लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया, जिसमें आधी राशि निलंबित है। 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में रनऑफ तक पहुंच चुकी मरीन ले पेन को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। चीन में टाइफून मेसाक का कहर: बाढ़ और टॉरनेडो से 21 की मौत चीन में टाइफून मेसाक ने दक्षिण और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। गुआंग्शी प्रांत में अचानक आई बाढ़ और हुबेई प्रांत में आए दुर्लभ टॉरनेडो के कारण अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग अब भी घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर फंसे हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। गुआंग्शी में रविवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया। नदियां उफान पर आ गईं और कुछ बांधों की दीवारें भी टूट गईं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 60 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि लगभग 90 हजार लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में बिजली, इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत दल और नावें पर्याप्त नहीं हैं, जिससे बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। उधर, हुबेई प्रांत में टाइफून के प्रभाव से बने दो टॉरनेडो ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं से इमारतों के शीशे टूट गए, कई लोग उड़ते मलबे और कांच से घायल हो गए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के अंत तक सुपर टाइफून ‘बावी’ चीन के पूर्वी तट से टकरा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में टेल्सट्रा का नेटवर्क ठप: 12 घंटे तक मोबाइल सेवाएं बाधित, ट्रेनें रुकीं
ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी टेल्सट्रा के नेटवर्क में बुधवार तड़के आई तकनीकी खराबी से देशभर में मोबाइल कॉल और डेटा सेवाएं करीब 12 घंटे तक प्रभावित रहीं। इसका असर ट्रेन सेवाओं, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और इमरजेंसी कॉल पर भी पड़ा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह साइबर अटैक नहीं बल्कि सिडनी और मेलबर्न के डेटा सेंटर में टाइम-कीपिंग सर्वर से जुड़े सॉफ्टवेयर डिफेक्ट के कारण हुआ। करीब 12 घंटे बाद नेटवर्क पूरी तरह बहाल हो पाया। आउटेज के दौरान कुछ इमरजेंसी कॉल कनेक्ट नहीं हो सकीं। कंपनी ने ऐसे सभी मामलों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों का वेलफेयर चेक कराया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताया। संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन कम्युनिकेशंस एंड मीडिया अथॉरिटी पूरे मामले की जांच करेगी। नेटवर्क बाधित होने से विक्टोरिया में सभी क्षेत्रीय ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि न्यू साउथ वेल्स में भी कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। फ्रेट सर्विसेस भी प्रभवित रहीं।

LDC एग्जाम को लेकर कलेक्टर ने SDM को सौंपी जांच:पुलिस करेगी वीक्षक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और चैट की जांच

जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर पिछले रविवार हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोला था। परीक्षा प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे सरकार को घेरते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप लगाए थे। युवाओं के भारी आक्रोश के बाद जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को पूरे प्रकरण की प्रशासनिक जांच सौंप दी है। एसडीएम अब परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रहे है। इधर, पुलिस ने संबंधित वीक्षक से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट खंगाले जा रहे हैं। खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को देने का आरोप दरअसल, 5 जुलाई को सुरक्षा के दावों के बीच जैसलमेर के 19 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इसी दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया था कि खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया था। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी। कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया कांग्रेस और युवाओं के विरोध के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन लोगों के नामों या इनकी भूमिका का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर तैनात संबंधित वीक्षक (इन्विजिलेटर) से भी पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू कर दी है। वीक्षक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया चैट को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के संदिग्ध संपर्क का पता लगाया जा सके। जल्द रिपोर्ट सौंपेंगे एसडीएम कलेक्टर से मिले निर्देशों के बाद एसडीएम अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गए हैं। प्रशासनिक जांच के तहत परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज, वहां तैनात स्टाफ के बयान और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एसडीएम इस पूरी जांच को करने के बाद एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंग। जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पढ़े पूरी खबर…

जम्मू-कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर अहमद ढेर:पहलगाम हमले के बाद बनी हिट लिस्ट में शामिल था; शोपियां में 5 दिन से ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी मारा गया। बुधवार को सुरक्षाबलों ने उसका शव बरामद किया। आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सेना ने शनिवार शाम चनापोरा इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था। ऑपरेशन के पांचवें दिन जाकिर गनी का शव बरामद हुआ। एक और आंतकी लतीफ भट के छिपे होने की आशंका है। जाकिर गनी उन 14 आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया था। यह संयुक्त ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF ने मिलकर चलाया। आंतकियों के खिलाफ 5 दिन से ऑपरेशन जारी आतंकियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिलने के बाद शनिवार शाम से चनापोरा इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। ऑपरेशन में सेना की 44 आरआर, 20 आरआर, 34 आरआर, 55 आरआर, 3 पैरा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और CRPF की 14 व 178 बटालियन शामिल हैं। सेना की खास एंटी टेरेरिज्म यूनिट, ‘विक्टर फोर्स’ ने बाग के घने पेड़ों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी का इंतजाम भी किया। सुरक्षाबल पिछले कई दिनों से गांवों और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। कुलगाम का रहने वाला था जाकिर सूत्रों के मुताबिक, जाकिर कुलगाम के मतलहामा का रहने वाला था। वह 2023 से दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था। जाकिर का नाम पाकिस्तान से जुड़े कई आतंकी हमलों से भी जुड़ा था। अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने इनके खिलाफ नोटिस जारी किया था और हाल ही में उनका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में 14 आतंकवादियों की सूची जारी की थी और उनके घर भी गिरा दिए गए थे। सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, जाकिर 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले साल LeT में शामिल हुआ था। 14 लोकल आतंकियों में 9 मारे गए, अब 5 की तलाश अगर जाकिर गनी की मौत की पुष्टि हो जाती है तो 9वां आतंकी होगा, जिसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। जिन 14 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जाकिर गनी को मिलाकर उनमें से अब तक 9 मारे जा चुके हैं। 6 आतंकी मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मारे गए थे। पहलगाम हमले के बाद से चलाए गए सेना के मेजर ऑपरेशन ——————- ये खबर भी पढ़ें… हाफिज सईद ने ही पहलगाम हमले की साजिश रची:NIA बोली- भारत के खिलाफ जंग छेड़ी; अब तक हमले के आरोपी 3 आतंकी ढेर पहलगाम हमले पर NIA ने सोमवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने कहा कि बैसरनघाटी में हुए आतंकी हमले की साजिश लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद ने ही रची थी। NIA ने हाफिज पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

अजमेर में देर रात तक बारिश, सड़कों पर पानी भरा:आनासागर में 11 फीट 1 इंच जलस्तर बढ़ा,आज और कल भी बरसात की सम्भावना

अजमेर में सुबह से बादल छाए हैं, मौसम में ठंडक है। दोपहर को तेज धूप ने परेशान किया। रात को भी करीब 12 बजे तक बरसात हुई। जिससे सडकों पर पानी भर गया। आनासागर का जल स्तर 11 फीट एक इंच तक बढ़ गया है और पानी की निकासी जारी है। बीते चौबीस घंटों का मिनीमम तापमान 20.9 डिग्री रहा। जो पिछले दिनों से कम रहा। वहीं बीते 24 घंटों में शहर में 42.2 एमएम बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आज व कल भी बरसात की संभावना है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सीवरेज के ढक्कनों से भी पानी ओवरफ्लो रहा। शहर की कईं गलियों व सड़कों में भी पानी भरा। नगर निगम ने चार स्थानों पर मड पम्प लगाकर जल निकासी की व्यवस्था की। जेएलएनएच के गलियारों में भी बरसाती पानी भर गया। मंगलवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। कल कई जगहों पर तेज बारिश हुई। रात को फिर मूसलाधार ने कई इलाकों में सड़कों को जलमग्न कर दिया। बारिश से दिन व रात के पारे में गिरावट दर्ज की गई। उमस व गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार सुबह साढे़ आठ बजे तक 42.2 एमएम बारिश दर्ज हुई। स्टेशन रोड, केसरगंज मार्टिंडल ब्रिज के नीचे, पृथ्वीराज मार्ग, कचहरी रोड, मेडिकल कॉलेज चौराहा, जयपुर रोड, कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी मार्ग, पुष्कर रोड, माकड़‌वाली रोड पर पानी भरा। मदारगेट, दरगाह बाजार, नलाबाजार, कवंडसपुरा, पड़ाव, चूड़ी बाजार, नया बाजार में सड़कों पर कुछ देर के जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। सुनहरी कॉलोनी, धोलाभाटा, न्यू गोविंद नगर, रामगंज, लोहार बस्ती, भट्टा बस्ती, ज्ञानविहार कॉलोनी, गुलमोहर कॉलोनी, ईदगाह बस्ती, चौधरी कॉलोनी, जादूघर कॉलोनी, अशोक नगर, सुभाष नगर, खानपुरा, विज्ञाननगर, तोपदड़ा, हरिजन बस्ती, नाका मदार में कई गलियों में बरसात के दौरान पानी भर गया। जो कुछ देर बाद उतर गया।