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शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर का पहली बार संभाग बदला

राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा जयपुर संभाग के कर्मचारी है। वहीं इस बार बड़ी संख्या में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (बीसीआई) के तबादले भी किए गए हैं। पहली बार इनका एक से दूसरे संभाग में तबादला किया गया है। दरअसल, मंगलवार (7 जुलाई) देर रात करीब 5 हजार टीचर और कर्मचारियों को बदला गया। इनमें सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर के साथ बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और लाइब्रेरियन शामिल हैं। बुधवार (8 जुलाई) को बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (BCI) की लिस्ट जारी की गई। दोपहर में राज्यभर के 138 जिला शिक्षा अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए। वहीं 2153 ग्रेड सेकेंड टीचर्स की लिस्ट जारी कर एक से दूसरे संभाग में लगाया गया है। प्रोबेशन और ट्राइबल एरिया से जुड़े ट्रांसफर पर फिलहाल रोक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का नाम तबादला सूची में है, लेकिन वे अभी प्रोबेशन पीरियड में है, उन्हें नए स्थान पर जॉइनिंग नहीं कराया जाएगा। इसी तरह ट्राइबल एरिया से नॉन-ट्राइबल एरिया या नॉन-ट्राइबल एरिया से ट्राइबल एरिया में हुए ट्रांसफर के मामलों में भी फिलहाल जॉइनिंग नहीं कराया जाएगा। 10 दिन में जॉइन करने के निर्देश, कुछ आदेश नहीं होंगे प्रभावी विभाग ने जिन अफसर-कर्मचारियों का तबादला किया है, उनको 10 दिन के अंदर नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं रिटायर्ड कर्मचारियों या जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, अगर उनका नाम गलती से तबादला सूची में शामिल हो गया है तो ऐसे आदेश प्रभावी नहीं माने जाएंगे। कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर पर मेहरबान सरकार कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर को पहली बार गृह जिले में जाने का मौका दिया गया। इस बार बड़ी संख्या में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (बीसीआई) के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर तबादलों की सूची अलग से जारी की गई है। वहीं 437 बीसीआई का एक से दूसरे संभाग में भी तबादला किया गया है। दरअसल, नियुक्ति के समय अलग-अलग जिलों में पोस्टेड इन बीसीआई को पहली बार अपने गृह जिले में जाने का मौका भी मिला है।

ट्रम्प की धमकी के बाद ईरान पर अमेरिका की एयरस्ट्राइक:कई शहरों में धमाके; सीजफायर खत्म; होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमले के बाद एक्शन

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो चुका है। ईरान के कोनारक और चाबहार समेत कई शहरों में अमेरिकी सेना की एयरस्ट्राइक जारी है। इससे पहले अमेरिका ने मंगलवार को भी ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को NATO समिट के दौरान कहा था कि अमेरिका आज रात ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकता है। ट्रम्प ने कहा, “हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया था और संभव है कि आज रात फिर से हमला करें। ईरान मिडिल ईस्ट में दबाव बनाता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा।
दरअसल, ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में तीन जहाजों को निशाना बनाया था। ईरान ने बताया कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि होर्मुज से कमर्शियल जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

भरतपुर में झमाझम बारिश, अलवर में स्कूल-हॉस्पिटल में पानी घुसा:जयपुर सहित कई जिलों में रुक-रुककर बरसात; 2 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही बारिश का दौर भी जारी है। अलवर में बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश के कारण बाजारों की सड़कें डूब गई। जिला हॉस्पिटल परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों के परिजनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। अलवर शहर के पास तूलेड़ा सरकारी स्कूल में पानी घुस गया। भरतपुर जिले के नदबई में सुबह करीब 5 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। लगातार बारिश से रेलवे स्टेशन रोड सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बयाना के इमलिया कुंड और शेरगढ़ गांव की पहाड़ियों पर झरने बहने लग गए। इससे पहले मंगलवार को डूंगरपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, नागौर समेत कई जिलों में 1 से 3 इंच तक बरसात हुई। आज 2 जिलों को छोड़कर पूरे राजस्थान में तेज बारिश का ऑरेंज-यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन 8 जुलाई से कमजोर होने की संभावना है। वहीं, 11 जुलाई से राज्य में मौसम साफ रहने की संभावना है। राजस्थान में मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर, अलवर जिलों में सुबह से बारिश: एनसीआर एरिया में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। अलवर में लगातार दूसरे दिन हो रही बारिश के कारण शहर के हालात बिगड़ गए। कई बाजारों में 2 फीट से ज्यादा पानी जमा हो गया। जिले के तापमान में भी दो डिग्री तक की गिरावट हुई। जयपुर के भी चौमूं व दूसरे ग्रामीण एरिया में सुबह रुक-रुककर बरसात हुई। 24 घंटे में डूंगरपुर में सबसे ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात डूंगरपुर के वेंजा में 70MM, ओबरी में 51, धम्बोला में 34, देवल में 32 में रिकॉर्ड की गई। वहीं, अलवर के पास नीमराणा में 52, प्रतापगढ़ के अरनोद में 21, छोटी सादड़ी में 22, सुहागपुरा में 20 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर, अजमेर, बांसवाड़ा में भी दो इंच तक पानी बरसा। राजस्थान के अन्य जिलों में हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… पल-पल का अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह:1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता

पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। रील में मोबाइल नंबर भी दिए हुए थे। रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर कॉन्टेक्ट किया। 1 लाख रुपए के बदले 10 लाख के नकली नोटों की डील ऑफर हुई। वीडियो कॉल पर पहले कैश चेक कराया गया, फिर 40 मिनट तक हम पर नजर रखी। नकली नोट के 3 सैंपल दिए। टीम ने डील टाल दी तो कई बाइक और कारों से पीछा किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहला मोबाइल नंबर: पहले महाराष्ट्र के लिए कहा, फिर अलवर बुलाया रिपोर्टर ने 722****572 नंबर पर मैसेज किया- कितने में कितने दोगे? दूसरे दिन रिप्लाई आया- 1 लाख के 10 लाख मिलेंगे। ऑल इंडिया मार्केट ATM और बैंक डिपॉजिट हो जाएंगे। हैंड टू हैंड महाराष्ट्र के अकोला आना पड़ेगा। एडवांस 10 हजार, उसके बाद ही डिलीवरी होगी। पूरा फर्स्ट क्वालिटी का माल रहेगा। बेस्ट क्वालिटी का पेपर रहेगा। तीसरे दिन वीडियो कॉल में रुपए देखे, फिर गैंग के दूसरे आदमी से कॉन्टैक्ट कराया अलवर के लिए निकलने पर रिपोर्टर ने माफिया को मैसेज किया। इसके बाद माफिया ने वीडियो कॉल किया। वीडियो कॉल में माफिया ने अपना कैमरा बंद कर रखा था। उसने रुपए दिखाने के लिए कहा। रिपोर्टर ने एक लाख रुपए का बंडल दिखाया। उसे रुपए के बंडल पर विश्वास नहीं हुआ तो सही तरीके से दिखाने के लिए कहा। बोला- ये तो 50 हजार रुपए हैं। रिपोर्टर ने कहा- 1 लाख रुपए ही हैं। गिनकर ले लेना। पूरी संतुष्टि होने के बाद माफिया ने रिपोर्टर को इंतजार करने और किसी और को भेजने की बात कही। उसने रिपोर्टर की फोटो लेकर अपने साथियों को भेज दिया। काफी देर तक कोई नहीं आया तो रिपोर्टर ने दोबारा माफिया को काॅल किया… इसके बाद 772****583 नंबर से कॉल आया थोड़ी देर बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल आया 40 मिनट तक बिठाए रखा, भास्कर टीम पर रखी नजर रिपोर्टर ने अपनी लोकेशन भेज दी। इसके बाद अलवर के एक पेट्रोल पंप के सामने चाय के ठेले के पास खड़ा हो गया। रिपोर्टर लोकेशन पर नहीं मिला तो गैंग के सदस्य ने कॉल किया और लोकेशन पूछी। रिपोर्टर ने पंप के सामने चाय पीने की बात कही। दोनों रिपोर्टर 40 मिनट तक वहीं बैठे रहे। कोई कॉल नहीं आया। इस दौरान बहुत से युवक कार, बाइक और पैदल वहां से गुजरे। आभास हो गया कि हम पर नजर रखी जा रही है। रिपोर्टर को पैदल बुलाया, नकली नोट के सैंपल दिए शाम को करीब 6 बजे उस युवक का फिर से कॉल आया। वो पहले से ही हमारे आसपास घूम रहा था। पुलिस साथ में नहीं होने का विश्वास होने पर उसने दूर से ही हमें इशारा किया। कार छोड़कर पैदल ही ​सीधे आने के लिए कहा। रिपोर्टर पैदल ही युवक से मिलने के लिए निकल गया। करीब 500 कदम की दूरी तय करने के बाद एक प्लाॅट के पास खड़े युवक ने रिपोर्टर को आवाज लगाई। यह युवक नकली नोट के सैंपल लेकर आया था। युवक ने रिपोर्टर को एक पैकेट दिया। पैकेट में नकली नोट के 3 सैंपल थे। एक 500 का और दो 100 रुपए के। उसके पास पानी की एक बोतल भी थी और एक ओसवाल साबुन का पैकेट। इसके बाद युवक ने नकली नोट पर पानी और साबुन लगाया। नोट लाल होने लगा और रंग उतरने लगा। लगातार भास्कर टीम का पीछा करते रहे इसके बाद रिपोर्टर नोट चेक करने का बहाना बनाकर वहां से निकल गए। भास्कर टीम की कार निकलते ही चार–पांच बाइक व कारें पीछा करने लग गईं। भास्कर टीम काफी देर तक अलवर में घूमती रही तो गैंग के सदस्य ने कॉल किया- नोट चेक क्यों नहीं कर रहे? वो बार–बार फोन कर रहा था। रिपोर्टर करीब एक घंटे तक अलवर शहर में इधर–उधर अपनी कार घुमाता रहा। बाद में पुलिस की सख्ती का बहाना कर डील को रोक लिया और अगले दिन बात करने की बात कही। रिपोर्टर ने जब पुलिस का बहाना बनाया तो युवक ने कोई भी परेशानी नहीं आने का दावा किया। इतना ही नहीं अलवर के बाहर तक छोड़कर आने की भी बात कही। रिपोर्टर ने पकड़े जाने का डर बताया और उस दिन के लिए ​डील को टाल दिया। इस पर गिरोह के सदस्य ने अलवर से बाहर दौसा बॉर्डर तक नकली नोट सप्लाई करने का दावा किया। आईजी बोले- असली जैसे लग रहे नोट भास्कर ने मामले में रेंज आईजी राहुल प्रकाश से बात की। उन्होंने कहा- नकली नोट के नाम पर लोगों को ठगने का काम भी चल रहा है। पुलिस ने दौसा में एक गिरोह पकड़ा था। उससे भारी संख्या में नकली नोट बरामद किए थे। जो तीन नोट दिखाए हैं, यह देखने में असली ही लग रहे हैं। बैंक में चेक कराने पर ही सच सामने आएगा। डिस्क्लेमर : इस इन्वेस्टिगेशन का मकसद नकली नोटों के सिंडिकेट का सच सामने लाना था। इस दौरान भास्कर टीम ने न ही गिरोह से नकली नोट लिए और न ही असली नोट दिए। गिरोह ने 3 नकली नोट बतौर सैंपल दिए थे। भास्कर ने वो तीनों नोट पुलिस को सौंप दिए। पार्ट-2 में कल पढ़िए : नकली नोट में कैसे डालते गांधीजी का वाटरमार्क-सिल्वर लाइन, गैंग के प्रमुख किरदार

भास्कर अपडेट्स:नीट पेपर लीक मामले के दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी पी.वी. कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी। CBI के मुताबिक, लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। एजेंसी का दावा है कि वे कई सालों तक NEET के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे और NTA की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर पुणे की स्पेशल कोचिंग क्लासों के जरिए पेपर लीक कराया। वहीं, लातूर के RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि उन्हें परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिल गए थे। CBI इस मामले में NTA पैनल के सदस्यों, कुलकर्णी और मनीषा मंडारे की भूमिका की भी जांच कर रही है। आज की बाकी बड़ी खबरें… अमरनाथ यात्रा के लिए एक दिन में रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु रवाना, 361 गाड़ियों के काफिले में निकले अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु रवाना हुए। यह इस साल अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का जत्था है। श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा के बीच 361 वाहनों के काफिले में पहलगाम और बालटाल बेस कैंप के लिए निकले। अधिकारियों के मुताबिक, 188 वाहनों में सवार 5,337 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से रवाना हुए। वहीं, 173 वाहनों में 4,500 श्रद्धालु छोटे बालटाल मार्ग के लिए निकले। इस जत्थे में 6,684 पुरुष, 2,730 महिलाएं, 21 बच्चे, 320 साधु, 80 साध्वियां और 2 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल हैं। 57 दिन की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF), स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। सरकारी स्कूलों में 86 लाख छात्र कम हुए, प्राइवेट स्कूलों में 88 लाख नए एडमिशन देश में सरकारी स्कूलों की बजाय प्राइवेट स्कूलों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या करीब 86 लाख कम हो गई। वहीं, इसी दौरान प्राइवेट स्कूलों में 88 लाख से ज्यादा नए छात्रों ने एडमिशन लिया। रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में सरकारी स्कूलों में 12.75 करोड़ छात्र थे, जो 2025-26 में घटकर 11.89 करोड़ रह गए। दूसरी ओर, प्राइवेट स्कूलों में छात्रों की संख्या 9 करोड़ से बढ़कर 9.89 करोड़ हो गई। देशभर में स्कूलों में कुल छात्रों की संख्या में भी हल्की गिरावट आई है। यह 24.80 करोड़ से घटकर 24.72 करोड़ रह गई है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि शिक्षकों की संख्या बढ़ी है। अब देश में 1.03 करोड़ शिक्षक हैं, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात पहले से बेहतर हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिना छात्रों वाले स्कूलों और सिर्फ एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या कम हुई है। वहीं, मिडिल और सेकेंडरी स्तर पर बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर भी घटी है और पहले के मुकाबले ज्यादा छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं। चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज कंटेंट विवाद पर Meta की सफाई, बोला- बच्चों के शोषण के लिए हमारे एप्स पर कोई जगह नहीं इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े विज्ञापनों के मामले में केंद्र सरकार के नोटिस के बाद Meta ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा कि बच्चों का यौन शोषण एक भयानक अपराध है और उसकी किसी भी एप पर ऐसे कंटेंट के लिए कोई जगह नहीं है। Meta ने मंगलवार को एक विस्तृत ब्लॉग जारी कर बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए AI बेस्ड सिस्टम, विज्ञापन का रिव्यू और बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। Meta ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि कंपनी जानबूझकर बच्चों से जुड़े अनुचित विज्ञापन लोगों को दिखाती है। पिछले साल उसने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल 40 लाख से ज्यादा अकाउंट हटाए थे। कॉकरोच जनता पार्टी का ‘एक्स’ अकाउंट बहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी का ‘एक्स’ अकाउंट बहाल करने का आदेश दिया। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि नीट-यूजी 2026 री-टेस्ट से पहले संभावित अराजकता रोकने के लिए 21 मई को अकाउंट ब्लॉक किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ब्लॉकिंग आदेश रद्द कर दिया। क्रायोजेनिक इंजन का इसरो ने सफल परीक्षण किया, गगनयान में भी होगा इस्तेमाल इसरो ने अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम3) के अगले मिशन के लिए सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में किया गया। परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इंजन उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है। एलवीएम3 इसरो का सबसे भारी रॉकेट है। इसी रॉकेट से चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और तीन वाणिज्यिक मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किए जा चुके हैं। यही रॉकेट भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान में भी इस्तेमाल किया जाएगा। असली TMC विवाद- चुनाव आयोग ने रितब्रत बनर्जी गुट को 10 जुलाई तक जवाब दाखिल करने कहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) में नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने रितब्रत बनर्जी गुट को जवाब दाखिल करने के लिए 10 जुलाई तक का समय दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, रितब्रत गुट ने अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का और समय मांगा था, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 6 जुलाई शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने तय समय के भीतर अपना विस्तृत जवाब आयोग को सौंप दिया, जबकि रितब्रत गुट ने समय बढ़ाने की मांग की। BRO फंड घोटाला: CBI ने 3 को गिरफ्तार किया, फर्जी मजदूरों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी की सीबीआई ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के फंड में गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लद्दाख में तैनात BRO का एक असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) और कारगिल के दो लेबर सप्लाई एजेंट शामिल हैं। तीनों पर फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। CBI ने बताया कि दर्ज एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के कुल 10 अधिकारियों के अलावा कुछ निजी व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। गुजरात हाई कोर्ट का मामला- ‘काजू कतली पर फॉइल नुकसानदेह का प्रमाण नहीं’ गुजरात हाई कोर्ट ने कहा है कि काजू कतली पर लगी एल्युमिनियम फॉयल को सेहत के लिए नुकसानदेह बताने का कोई सबूत रिकॉर्ड पर नहीं है। कोर्ट ने मिठाई दुकान मालिकों को मिलावट के केस में बरी करने के फैसले को सही ठहराया। बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तथ्यों और कानून को ठीक से नहीं पढ़ा। ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को सजा दी थी, जिसे अपीलीय कोर्ट ने पलटते हुए आरोपियों को बरी कर दिया था। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए अपीलीय कोर्ट का फैसला बरकरार रखा।

भारत से कैलाश पर्वत दर्शन के लिए करना होगा इंतजार:2 माह बाद जारी होंगे परमिट; व्यू पॉइंट पर हर दिन बदलता रहता है मौसम

तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना होगा। फिलहाल इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सितंबर के आसपास परमिट शुरू होने पर आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले श्रद्धालु 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ओल्ड लिपुलेख (ओल्ड लिपुपास) जाकर भारत की सीमा से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष यात्रा सीजन की शुरुआत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओल्ड लिपुलेख पहुंचकर कैलाश पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। बाद में खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से सेना ने इस क्षेत्र में आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी थी। प्रशासन और सेना के बीच वार्ता के बाद सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति दी गई, लेकिन फिलहाल ILP बंद होने से सामान्य श्रद्धालु वहां नहीं जा पा रहे हैं। ओल्ड लिपुलेख 17 हजार फीट ऊंचाई पर ओल्ड लिपुलेख चीन सीमा पर समुद्र तल से करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र है, जहां हर दिन मौसम बदलता रहता है। बादल और घना कोहरा छाने पर कैलाश पर्वत दिखाई नहीं देता। ओल्ड लिपुलेख तक सड़क बन चुकी है, लेकिन अंतिम चोटी तक पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर पैदल खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। कई बार ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई के कारण वाहन बीच रास्ते में ही रुक जाते हैं, जिससे यात्रियों को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सभी श्रद्धालुओं को अनुमति देने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और सेना समन्वय बनाकर सभी पात्र श्रद्धालुओं को ओल्ड लिपुलेख तक जाने की अनुमति दे, ताकि सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। पिछले वर्ष आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले यात्रियों के लिए ओल्ड लिपुलेख से कैलाश दर्शन की व्यवस्था शुरू की गई थी। तब करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने इसका लाभ उठाया था। डीएम आशीष भटगांई ने बताया कि सेना से समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को कैलाश दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। फिलहाल इनर लाइन परमिट जारी नहीं हो रहे हैं। परमिट शुरू होने के बाद आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले श्रद्धालु ओल्ड लिपुलेख से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसलिए अहम है यह व्यू पॉइंट ओल्ड लिपुलेख का यह व्यू पॉइंट इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि यहां से श्रद्धालु भारत की सीमा के भीतर रहकर ही तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकते हैं। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है और जैन, बौद्ध तथा बोन धर्म में भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है। पारंपरिक कैलाश-मानसरोवर यात्रा में श्रद्धालुओं को तिब्बत जाकर कैलाश पर्वत की परिक्रमा और मानसरोवर झील के दर्शन करने पड़ते हैं। इसके लिए पासपोर्ट, वीजा और लंबी तथा महंगी यात्रा की जरूरत होती है। हालांकि, ओल्ड लिपुलेख से केवल कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं और श्रद्धालु मानसरोवर झील तक नहीं पहुंचते। इसके बावजूद यह व्यू पॉइंट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से श्रद्धालु बिना चीन गए, भारत की सीमा से ही कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं होगी। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के साथ कैलाश दर्शन भी संभव हो सकेंगे, जिससे कम समय और कम खर्च में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को शिवधाम के दर्शन का अवसर मिल सकेगा। पहली बार 2023 में हुए थे कैलाश के दर्शन 3 अक्टूबर 2023 को पहली बार भारतीय सीमा से श्रद्धालुओं ने पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन किए थे। पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी स्थित ओल्ड लिपुलेख दर्रे से कैलाश पर्वत स्पष्ट दिखाई दिया था। इससे पहले भारत के श्रद्धालुओं के पास कैलाश दर्शन के लिए तिब्बत जाना ही एकमात्र विकल्प था। तब पहले जत्थे में पांच तीर्थयात्री शामिल थे, जो 2 अक्टूबर को गुंजी कैंप पहुंचे थे। यहां से दर्शन स्थल पहुंचकर कैलाश पर्वत के दर्शन किए, इस दौरान कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। दरअसल, इससे कुछ महीने पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग, सीमा सड़क संगठन (BRO) और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने इस स्थान की पहचान की थी। इसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। ————- ये खबर भी पढ़ें : बारिश ने लगाया आदि कैलाश यात्रा पर ब्रेक: 62 दिनों बाद अब नहीं मिलेंगे परमिट, अब तक 52,441 लोग कर चुके दर्शन पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश और सड़कों पर मलबा गिरने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (आईएलपी) जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर की पहल- एक पेड़, एक जिंदगी:हमारे विशेष अंक को गमले में लगाएं; 75 लाख पौधे लगाने के महाभियान का हिस्सा बनें

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी अखबार को पढ़ने के बाद गमले में लगा दें और उसमें से एक पौधा उग आए। दैनिक भास्कर हर साल लेकर आता है ऐसा ही एक विशेष अंक, जो अपने साथ बीज लाता है। एक स्पेशल टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस अखबार के कागज में बीजों को मिलाया जाता है। अखबार को पढ़ने के बाद इसे किसी गमले या बगीचे की मिट्टी में लगाइए। नियमित रूप से पानी दीजिए और कुछ ही दिनों में यही अखबार एक नए पौधे का रूप लेने लगता है। और जब लाखों लोग मिलकर एक-एक पौधा उगाते हैं तो एक छोटी सी शुरुआत बड़े बदलाव की नींव बन जाती है। इस बदलाव को और मजबूत बनाने के लिए दैनिक भास्कर चला रहा है एक महाभियान, जिसके अंतर्गत 75 लाख पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है। अभियान से कैसे जुड़ें, पूरी प्रॉसेस जानने के लिए वीडियो देखें…