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सांड ने महिला को सींगों से 4 फीट उछाला; VIDEO:9 पसलियां क्रैक, सिर में आए 8 टांकें, पाली से जोधपुर रेफर

घर से मंदिर दर्शन करने जा रही एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर सांड ने पीछे से अचानक हमला कर दिया। सांड ने महिला को अपने सींगों से करीब 4 फीट ऊपर हवा में उछाल दिया। सड़क पर गिरने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की 9 पसलियां टूट गई हैं और सिर में गंभीर चोट आई है। फिलहाल वह जोधपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। घटना पाली के सुभाष नगर इलाके में 3 जुलाई सुबह करीब 9:45 बजे हुई। इसका सीसीटीवी (CCTV) फुटेज अब सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई सहम गया। महिला पाली के सुभाष नगर-A की रहने वाली है। सिलसिलेवार ढंग से समझें पूरा घटनाक्रम 1. मंदिर जाते समय पीछे से सांड ने किया हमला घायल महिला के बेटे हरीश प्रजापत ने बताया कि उनकी मां शांति देवी (65) 3 जुलाई की सुबह करीब 9:15 बजे घर से कुछ ही दूरी पर स्थित शिव मंदिर में दर्शन करने के लिए निकली थीं। रास्ते में सुभाष नगर में एक आवारा सांड ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। सांड ने उन्हें सींगों से हवा में उछाला और सड़क पर पटक दिया। इस दौरान महिला की लूगड़ी सांड के सींगों में ही उलझ कर रह गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर महिला को संभाला। 2. सिर और पसलियों में गंभीर चोट, जोधपुर रेफर शांति देवी के सिर और पसलियों में गंभीर चोटें आईं। परिवार वाले उन्हें तुरंत पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां ज्यादा भीड़ होने के कारण इलाज में देरी हो रही थी। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के ICU में शांति देवी का 3 जुलाई से इलाज चल रहा है। सिर में चोट के कारण 8-9 टांके आए हैं। एक्स-रे में 9 पसलियां क्रैक होने की पुष्टि हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी हालत में अब पहले से कुछ सुधार है। कई लोग गंवा चुके जान शांति देवी के बेटे हरीश प्रजापत ने बताया- शहर में जगह-जगह आवारा मवेशी घूम रहे हैं। यह समस्या कई साल से बनी हुई है। मवेशियों के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम लोगों को इस समस्या से राहत दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। अगर समय रहते आवारा मवेशियों को पकड़ने की प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो मेरी मां के साथ यह हादसा नहीं होता। सड़कों से हटाए जाएं आवारा मवेशी इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों और गलियों में आवारा सांडों का आतंक है। शांति देवी के परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को तुरंत हटाया जाए और आम जनता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। —- यह खबर भी पढ़िए… बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप; VIDEO:2 बार जमीन पर पटका, छाती में सींग मारा, पसलियां टूटीं श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान इलाके में ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने ही गाय ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची की मां ने जैसे ही यह देखा, उसके होश उड़ गए। वह जान की परवाह किए बिना गाय से भिड़ गई। दोनों सींग पकड़ लिए। पढ़ें पूरी खबर…

जयपुर में SMS हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर ने सुसाइड किया:फोरेंसिक डिपार्टमेंट में HOD थे; दामाद इसी अस्पताल में न्यूरोसर्जन हैं

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट के हेड (HOD) और सीनियर प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना बुधवार सुबह जयपुर के झोटवाड़ा थाना इलाके के अग्रसेन नगर की है। डॉ. डिसानिया के दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी एसएमएस हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, डॉ. डिसानिया का बेटा अविनाश डिसानिया बुधवार सुबह 6 बजे बहन को एयरपोर्ट छोड़ने चला गया था। परिवार के दूसरे सदस्य शादी में गए थे। डॉक्टर घर पर अकेले थे। जब बेटा लौटा, तो कमरे का नजारा देखकर होश उड़ गए। डॉ. डिसानिया कमरे में फंदे से लटके हुए थे। प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें फंदे से नीचे उतारा और तुरंत खातीपुरा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को SMS अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, जहां से उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में शिफ्ट कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई सीनियर डॉक्टर्स मॉर्च्युरी पहुंचे। डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्ञान प्रकाश गौड़, डॉ. श्वेता गोयल की टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड के सदस्यों को डॉक्टर दिशानिया के हाथ और पीठ पर कुछ निशान दिखाई दिए हैं। दोस्त ने कहा- 6 बजे बेटी से हुई थी बात डॉ. डिसानिया के पारिवारिक दोस्त माधव सिंह ने बताया- सुबह करीब 6 बजे उनकी बेटी ने भी डॉ. डिसानिया को फोन किया था। बेटी को SMS हॉस्पिटल में कुछ जांच करवानी थी। डॉक्टर डिसानिया ने उसे सुबह 9 बजे एसएमएस पहुंचने की बात कही थी। उन्होंने (डॉ. डिसानिया) बेटी से कहा था कि मैं वहीं मिल जाऊंगा। सुबह हमलोग हॉस्पिटल पहुंचे तो सुसाइड की जानकारी सामने आई। आर्थिक धोखाधड़ी का केस सूत्रों और करीबियों के मुताबिक, डॉ. डिसानिया के परिवार के एक सदस्य पर कुछ साल पहले आर्थिक धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। आशंका है कि कानूनी कार्रवाई और सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर वह पिछले काफी समय से लगातार गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में थे। इस आत्मघाती कदम को लेकर फिलहाल परिवार के सदस्य कुछ भी बताने से बच रहे हैं। 30 साल का करियर डॉ. डिसानिया को एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देते हुए करीब 30 साल हो चुके थे। उनका एक बेटा (जो खुद मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है) और दो बेटियां हैं। झोटवाड़ा पुलिस जांच में जुटी झोटवाड़ा थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल मॉर्च्युरी के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। परिजनों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। — सुसाइड की यह खबर भी पढ़िए… जयपुर-दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी छात्रा ने सुसाइड किया:सहेली बोली- मैं डॉग लेने गई थी, वापस आई तो फंदे से लटकी मिली जयपुर में दोस्त की मौत से दुखी छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसके दोस्त की एक दिन पहले (3 जुलाई को) एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। वह दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी थी। उसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी। पढ़ें पूरी खबर…

जयपुर-आगरा NH पर बस का स्टीयरिंग फेल, पेट्रोल-पंप में घुसी:दीवार तोड़कर खेत में गिरी, अगला हिस्सा चकनाचूर, 3 पैसेंजर्स घायल

जयपुर से आगरा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस की स्टीयरिंग अचानक फेल हो गई। बेकाबू बस पेट्रोल-सीएनजी पंप की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए खेत में जा घुसी। हादसे में बस में सवार 14 में से तीन पैसेंजर्स घायल हो गए। बस पेट्रोल और सीएनजी मशीनों से कुछ फीट की दूरी से निकल गई, जिससे बड़ा हादसा टल गई। घटना बुधवार सुबह करीब 7 बजे दौसा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर संवास स्थित पेट्रोल-सीएनजी पंप पर हुई। देखें… घटना से जुड़ी PHOTOS फोटो-1 : जयपुर से आगरा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस की स्टीयरिंग फेल होने से वह बेकाबू हो गई और हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंप में घुस गई। फोटो-2 : बस पेट्रोल पंप की सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए खेत में जा घुसी। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फोटो-3 : बस में सवार तीन लोग घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए सिकराय उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब पढ़ें… पूरा घटनाक्रम सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीनों से टकराने से बची घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। इसमें बस पेट्रोल और सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीनों के बिल्कुल पास से गुजरती हुई दिखाई दे रही है। बस कुछ ही फीट की दूरी से मशीनों को पार कर खेत में जा रुकी। अगर बस मशीनों से टकरा जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था और भारी जनहानि हो सकती थी। हादसे के समय पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस लहराते हुए पहले सुरक्षा दीवार तोड़ती हुई खेत में जाकर रुकी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बस में सवार तीन लोग घायल मानपुर थाना SHO सतीश कुमार ने बताया- सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। घायल तीनों यात्रियों को इलाज के लिए सिकराय उपजिला हॉस्पिटल भेजा गया। मौके का निरीक्षण कर क्रेन की मदद से बस को हटवाया। शुरुआती जांच में हादसे की वजह बस की स्टीरिंग फेल होना सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बस की तकनीकी स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है। गनीमत रही कि बस पेट्रोल और सीएनजी मशीनों से नहीं टकराई। इनपुट- देवेन्द्र सैहणा, सिकराय

सिनेमाघर में अपनी मूवी देख रोने लगे एक्टर मरुधर:'बेबी डू डाई डू' फिल्म में दिखे जयपुर के शेखावत; बोले- मंजिल से ज्यादा सफर जीना चाहता हूं

जयपुर के सिनेमा हॉल में परिजनों के साथ अपनी मूवी ‘बेबी डू डाई डू’ देखकर एक्टर मरुधर शेखावत रोने लगे। जयपुर आए मरुधर ने बॉलीवुड में अपना संघर्ष, मुंबई की 12 साल लंबी यात्रा, क्रिकेट से एक्टिंग तक के सफर, फिल्म मिलने की कहानी, माता-पिता के त्याग और पहली सफलता के भावुक पलों को खुलकर साझा किया। मां और परिवार के साथ जीटी सेंट्रल में मंगलवार को फिल्म देखने के बाद दर्शकों के बीच आकर मरुधर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मुंबई में बड़े पर्दे पर दिखने के लिए 12 साल पहले जयपुर से गया था। अब यह सपना पूरा हुआ है। मैंने शुरुआत से एक बात तय कर ली थी कि मुझे सिर्फ मेहनत करनी है। मैं कभी रिजल्ट के पीछे नहीं भागा। मुझे हमेशा अपनी जर्नी पर भरोसा था। मैं मंजिल से ज्यादा सफर को जीना चाहता हूं। उन्होंने कहा- मैं राजस्थान का बेटा हूं। राजस्थान ने इरफान खान जैसे महान कलाकार दिए हैं। मैं भी उसी तरह का ईमानदार अभिनेता बनना चाहता हूं। अच्छे किरदार निभाना चाहता हूं। मरुधर ने बॉलीवुड में इस मूवी से अपना डेब्यू किया है। मरुधर मुंबई में 100 से ज्यादा विज्ञापन कर चुके हैं। पहले देखें सिनेमाहॉल् में दर्शकों के साथ एक्टर मरुधर की PHOTOS सवाल: डेब्यू के बारे में बताइए। जयपुर से हैं और पहली फिल्म को इतनी बड़ी रिलीज मिली। अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं यही कहना चाहूंगा कि यह मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा पल है। पिछले 12 साल से मैं मुंबई में रह रहा हूं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत करता रहा हूं। आज जब यह मौका मिला है तो मैं इसे पूरी तरह जीना चाहता हूं और इसका पूरा फायदा उठाना चाहता हूं। सबसे अच्छी बात यह है कि फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग हमारी फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। अब हमारी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग थिएटर में आएं, फिल्म देखें। कलाकार के लिए दर्शकों का प्यार और उनकी प्रतिक्रिया सबसे बड़ी कमाई होती है। सवाल: 12 साल का संघर्ष… विज्ञापनों से लेकर पहली फिल्म तक का सफर कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मुंबई जाने वाले हर इंसान की कहानी अलग होती है। किसी की जिंदगी दो साल में बदल जाती है। किसी की पांच साल में और किसी की 12 साल में। मेरे लिए यह सफर 12 साल लंबा रहा। मैं चाहता हूं कि मैं लगातार इतना काम करता रहूं कि मेरे पास रुककर सोचने का भी समय न हो। आज जब मैं अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए जयपुर आया। यहां कई जगह हमारे शो हाउसफुल मिले तो मेरे लिए वह बेहद भावुक पल था। मैं खुद थिएटर के बाहर जाकर उन लोगों से मिलना चाहता था, जिन्होंने टिकट खरीदकर हमारी फिल्म देखने का फैसला किया। उस वक्त मेरे दिल और दिमाग में क्या चल रहा था, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मैं बेहद खुश हूं और एक्साइटेड भी। सवाल: फिल्म तक पहुंचने की कहानी क्या रही? साकिब सलीम-हुमा कुरैशी के साथ काम का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: यह दिलचस्प कहानी है। मैं और साकिब सलीम बचपन के दोस्त हैं। हमने स्कूल, कॉलेज और क्रिकेट साथ खेला है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मैंने करीब 10 साल तक राजस्थान के लिए क्रिकेट भी खेला है। जब साकिब मुंबई गए और उन्हें यशराज फिल्म्स की पहली फिल्म मिली, तब उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। हुमा ने भी मुझे काफी मोटिवेट किया। उसी समय मुझे महसूस हुआ कि मेरे अंदर भी एक कलाकार है और मुझे भी अभिनय को गंभीरता से आजमाना चाहिए। फिर मैं मुंबई चला गया और दिन-रात मेहनत करता रहा। जो भी काम मिला, मैंने कभी मना नहीं किया। छोटा-बड़ा कुछ नहीं देखा। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि मेरी पहली फिल्म रिलीज हो चुकी है। सवाल: इस फिल्म का चयन कैसे हुआ? ऑडिशन और शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं एक्टिंग वर्कशॉप कर रहा था। उस वर्कशॉप को अभिनेता रचित, जो फिल्म में हुमा के अपोजिट हैं। वर्कशॉप के दौरान उन्होंने बिना बताए मेरा ऑडिशन रिकॉर्ड किया और निर्देशक नचिकेता सामंत को भेज दिया। उन्हें ऑडिशन इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत कहा कि तुम फिल्म में हो। इसके बाद असली तैयारी शुरू हुई। अगले 8 महीनों तक मैंने अपने किरदार ‘मनु’ के लिए खुद को पूरी तरह बदला। मैंने काफी वजन कम किया। अपना पूरा लुक बदला और किरदार के अनुसार खुद को तैयार किया। आज जब फिल्म रिलीज हो चुकी है तो लगता है कि वह सारी मेहनत सफल हो गई। सवाल: जब माता-पिता ने पहली बार आपको बड़े पर्दे पर देखा, उस समय क्या महसूस हुआ? मरुधर शेखावत: यह मेरी जिंदगी के सबसे भावुक पलों में से एक था। मेरे माता-पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया है। पिछले 12 साल मैं उनसे दूर रहा हूं। जब ऐसे समय में आपकी मेहनत रंग लाती है और आपके माता-पिता आपको बड़े पर्दे पर देखकर खुश होते हैं, तब अंदर से बहुत भावुक हो जाते हैं। आज मेरी पूरी फैमिली बेहद खुश है। सिर्फ मम्मी-पापा ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार मुझे लगातार फोन कर रहा है। मैसेज भेज रहे हैं। सोशल मीडिया की रील्स शेयर कर रहे हैं। सब लोग मेरी सफलता को अपनी सफलता की तरह मना रहे हैं। इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं हो सकती। सवाल: आपकी फिल्म बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म के सामने रिलीज हुई। इसके बावजूद शानदार प्रतिक्रिया मिली। इसे कैसे देखते हैं? मरुधर शेखावत: फिल्म बनाना बहुत मुश्किल काम है। चाहे कोई भी फिल्म हो, उसके पीछे 400-500 लोगों की मेहनत होती है। जब कोई फिल्म नहीं चलती तो लोग सिर्फ उसका रिजल्ट देखते हैं, लेकिन उसके पीछे हजारों घंटे की मेहनत होती है। मैं मानता हूं कि हर फिल्म को दर्शक मिलना चाहिए। हर कलाकार की मेहनत सफल होनी चाहिए। जहां तक हमारी फिल्म की बात है। हमें खुशी है कि लोगों को यह पसंद आ रही है। हमारा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। हम अपनी अलग राह पर चल रहे हैं। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि जिन्होंने फिल्म देखी है। वे दूसरों को भी इसे देखने के लिए प्रेरित करें। सवाल: बेटे को पहली बार बड़े पर्दे पर देखकर कैसा लगा? मरुधर की मां: बहुत अच्छा लगा… बहुत खुशी हुई। मैं बता नहीं सकती कि उस पल मुझे कैसा महसूस हुआ। यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। मैं हमेशा उसका हौसला बढ़ाती थी। उसे यही कहती थी कि बेटा, जिंदगी में तकलीफ भी आती है और सुख भी मिलता है। मेहनत करते रहो, सब ठीक होगा। मैं उसे हमेशा यही समझाती थी कि कभी हिम्मत मत हारना। अच्छे दिन जरूर आएंगे। आज मैं बहुत खुश हूं। मेरी खुशी की कोई सीमा नहीं है। मां के लिए इससे बड़ा दिन और क्या हो सकता है। मरुधर शेखावत: ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब मैं मम्मी से बात नहीं करता। हम रोज कई बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं। दूर किसी दूसरे शहर में रहना और परिवार से दूर होना आसान नहीं होता। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि मैं उनसे अलग हूं। उन्होंने मेरे लिए जो त्याग किया है, उसे मैं कभी भूल नहीं सकता। अब बस यही उम्मीद है कि आने वाला समय और भी अच्छा होगा और मैं अपने माता-पिता का नाम लगातार रोशन करता रहूं। सवाल: आगे कौन-कौन से प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं? मरुधर शेखावत: अभी एक नई फिल्म पर काम चल रहा है। फिलहाल उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता, लेकिन उम्मीद है कि बहुत जल्द उसकी आधिकारिक घोषणा होगी। मैं चाहता हूं कि अब लगातार अच्छा काम करता रहूं और दर्शकों का प्यार इसी तरह मिलता रहे।

बंगाल में बच्ची से रेप-मर्डर का आरोपी एनकाउंटर में ढेर:पुलिस बोली- राइफल छीनकर भाग रहा था; तालाब से मिला था नाबालिग का शव

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें प्रभास को गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारुईपुर में 12 साल की लड़की 4 जुलाई को लापता हो गई थी। 5 जुलाई को उसका शव एक तालाब से मिला। पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने रेप-मर्डर के आरोप में प्रभास सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दूसरा आरोपी आनंद सरदार है। आरोपियों ने बच्ची को जिंदा तालाब में फेंका था पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें चार लोग लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के सिर और प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान मिले। लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान थे। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। आरोपियों ने उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया था। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। भीड़ ने एक संदिग्ध को पीट-पीटकर मार डाला था 5 जुलाई को तालाब से लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसपर बच्ची के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। मृतक की पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी। रेप-मर्डर केस से जुड़ी 5 तस्वीरें…. CM बोले- भीड़ के हाथों मारा गया युवक निर्दोष था, 5 बातें ममता का पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देने का आरोप बच्ची से रेप-मर्डर मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी नेताओं ने घटना के विरोध में 6 जुलाई को कैंडल मार्च निकाला। पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। TMC के अनुसार, ममता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 जुलाई को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। भास्कर नॉलेज… ————————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी। पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…

सेंसेक्स 1677 अंक गिरकर 76,504 पर बंद:अमेरिका-ईरान सीजफायर खत्म होने का असर; 20 मिनट में ही 1000 अंक टूटा

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने के ऐलान के बाद आज 8 जुलाई को सेंसेक्स 20 मिनट में 1000 अंक गिर गया। बाजार में आई बिकवाली से निवेशकों की वेल्थ 8 लाख करोड़ रुपए घट गई। मंगलवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की वैल्यू ₹480 लाख करोड़ रुपए थी। बुधवार को यह गिरकर लगभग ₹472 लाख करोड़ रुपए पर आ गई। कच्चा तेल 6% चढ़कर 75 डॉलर के करीब पहुंचा उधर सीजफायर खत्म होने से कच्चे तेल की कीमतें भी 6% चढ़कर दोबारा 75 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। हमने बीती रात ईरान पर बेहद ताकतवर हमला किया। सरकारी बैंक और FMCG शेयर्स सबसे ज्यादा नीचे एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल गिरावट रही थी विदेशी निवेशकों ने कल 393 करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। अब जरूरी सवालों के जवाब जानें… सवाल 1. शेयर बाजार अचानक क्यों गिरा? जवाब: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 6% बढ़ गईं। इससे निवेशकों को महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर है, इसलिए बाजार में बिकवाली आई है। सवाल 2. कच्चा तेल महंगा होने से भारत पर असर क्यों पड़ता है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ता है और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है। सवाल 3. किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है? जवाब: तेल महंगा होने से एयरलाइंस, पेंट, केमिकल, टायर, FMCG और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। वहीं ONGC और ऑयल इंडिया जैसी तेल उत्पादन करने वाली कंपनियों को ऊंचे दाम का फायदा मिल सकता है। सवाल 4. क्या पेट्रोल-डीजल तुरंत महंगे हो जाएंगे? जवाब: जरूरी नहीं। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय तेल के दाम से नहीं, बल्कि टैक्स, रुपए की कीमत और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फैसलों पर भी निर्भर करती हैं। अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तभी कीमतों पर असर पड़ने की संभावना बढ़ती है। कल सेंसेक्स 104 अंक गिरकर बंद हुआ था इससे पहले कल यानी 7 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 104 अंक की गिरावट के साथ 78,181 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 32 अंक की गिरावट रही, ये 24,399 पर बंद हुआ था।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने अलवर पहुंचे गडकरी:केंद्रीय मंत्री के आने से पहले कोटा की ओर सड़क को चमकाया, दूसरी लेन में छोड़े गड्‌ढे

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार दोपहर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे। गडकरी ने अलवर के पिनान रेस्ट एरिया में अफसरों से बातचीत की। इसके बाद यहां से दौसा के लिए रवाना हो गए। इधर, गडकरी के दौरे से पहले एक्सप्रेसवे पर कोई कमी नजर नहीं आए, इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारी और ठेकेदार दिन-रात सड़क को चमकाने में जुटे रहे। अधिकारियों का पूरा फोकस दिल्ली से कोटा आने वाली सड़क पर था। इसका कारण है कि मंत्री सड़क मार्ग से वापस नहीं जाएंगे। ऐसे में सड़क के दूसरी तरफ (कोटा से दिल्ली की लेन) के गड्ढे नहीं भरे गए हैं। लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक का करेंगे निरीक्षण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लबान इंटरचेंज (दौसा) से दरा टनल (कोटा) तक का निरीक्षण करेंगे। सीएम हेलिकॉप्टर से लबान इंटरचेंज पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष सड़क मार्ग से यहां पहुंचेंगे। दोपहर करीब 3:30 बजे तीनों नेता एक्सप्रेसवे का निरीक्षण शुरू करेंगे। शाम करीब 5:30 बजे दरा टनल पहुंचेंगे। शाम 6:30 बजे एक्सप्रेसवे के पास गोपालपुरा में आमसभा को संबोधित करेंगे। … नितिन गडकरी के दौरे के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियां ₹11 लीटर तक मुनाफा कमा रहीं:लेकिन आम लोगों को राहत नहीं, कच्चा तेल 6 महीने के निचले स्तर पर

अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम अब 6 माह के निचले स्तर पर आ चुके हैं। इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 68.69 डॉलर/बैरल तक आ गया है। यह युद्ध के दौरान बने 157 डॉलर के शिखर से करीब 56% कम है। इसके बावजूद आम आदमी को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कोई राहत नहीं मिली है। डीएएम कैपिटल के मुताबिक मौजूदा कीमत पर तेल कंपनियां पेट्रोल पर 10.5 और डीजल पर 11 रुपए प्रति लीटर तक मार्जिन कमा रही हैं। कच्चे तेल के दाम 1 जून के बाद से 87 डॉलर से नीचे हैं। इस रेट पर तेल कंपनियां ब्रेक ईवन यानी न नफा, न नुकसान में रहती हैं। यानी कंपनियां पूरे 36 दिन से मुनाफे में ही हैं। ईरान-अमेरिका के बीच 8 अप्रैल को पहला युद्ध विराम होने के बाद कच्चे तेल के दाम 115 डॉलर से नीचे रहे। क्रूड 75 डॉलर हो या 120, पेट्रोल के दाम एक से 2018 में कच्चे तेल के दाम 80.08 डॉलर/बैरल थे। तब दिल्ली में पेट्रोल 72.15 रुपए और डीजल 70.21 रुपए प्रति लीटर था। 2020 में कच्चा तेल 43.41 डॉलर/बैरल हो गया। लेकिन पेट्रोल 68.20 रु./लीटर ही रहा। 2022 में कच्चे तेल के दाम 119 डॉलर/बैरल तक पहुंचे। तब पेट्रोल 96.72 रु./लीटर और डीजल 89.62 रु./लीटर हो गया। जनवरी 2023 में कच्चे तेल के दाम 75 डॉलर तक पहुंचे। लेकिन दाम जस के तस रहे। तेल कंपनियों का तर्क था कि अभी पुराने घाटे की भरपाई हो रही है। तेल कंपनियों को चौथी तिमाही में भी फायदा हुआ कच्चे तेल की सबसे तेज बढ़ोतरी के दिनों में भी तेल कंपनियों के चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2026) के नतीजे नकारात्मक नहीं आए। देश की चार बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा पिछले साल 2024-25 की चौथी तिमाही की तुलना में 22% तक ज्यादा रहा। सबसे तेज युद्ध के 33 दिन इसी तिमाही में शामिल थे। इस दौरान इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम 157 डॉलर/बैरल तक पहुंचे थे। मार्च में कच्चे तेल के औसत दाम 125.7 डॉलर/बैरल थे। 1 जुलाई को नायरा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता किया था देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की थी। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है। तब भी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था। सरकारी कंपनियों ने मई में की थी बढ़ोतरी प्राइवेट कंपनी के दाम बढ़ाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाई थीं। मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है।

अलवर में झमाझम बारिश से सड़कों पर भरा पानी:स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह के नोहरा में 3 फीट तक पानी भरा; बाजार, जिला अस्पताल में घुसा पानी

अलवर में डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश से जिला अस्पताल में पानी घुस गया। स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह के नोहरा में 3-4 फीट तक पानी भर गया। वहीं शहर समेत जिले के चिकानी, बहादुरपुर, अकबरपुर, मालाखेड़ा सहित अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी है। जिला अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शहर के स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह का नोहरा इलाके में सड़कों पर करीब 3-4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे दुकानों में पानी भर गया। तेज बारिश के बाद नगर निगम के नालों की सफाई के दावों की पोल खुल गई। देखें PHOTOS… अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक रहेगा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 10 जुलाई तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान गरज के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 11 से 13 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। रातभर रुक-रुककर हुई बारिश मंगलवार को भी सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिसका असर बुधवार सुबह भी देखने को मिला। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी इस बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार को फायदा होगा। यदि बुधवार शाम तक भी इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो जिले के कई मौसमी नाले और झरने बहने लग सकते हैं। सुहाने मौसम के कारण पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

जयपुर की बीटेक स्टूडेंट बनीं मिस राजस्थान:श्रीजा गुप्ता बोलीं- जिंदगी ने बड़े सबक सिखाए; ब्यूटी पेजेंट सिर्फ खूबसूरत चेहरे-अच्छी बॉडी फिगर के नहीं होते

जयपुर की श्रीजा गुप्ता ने 19 साल की उम्र में मिस राजस्थान-2026 का ताज अपने नाम किया। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहीं श्रीजा ने बिना मॉडलिंग अनुभव के यह सफर तय किया। उन्होंने जीत का श्रेय मां दीपिका गुप्ता, पिता रत्नेश गुप्ता, टीचर्स और लगातार सीखने की अपनी आदत को दिया। वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहने वाली श्रीजा ने अपनी संघर्ष भरी यात्रा, मिस राजस्थान बनने के अनुभव, समाज के लिए अपने नजरिए को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की। श्रीजा ने कहा- मेरी तैयारी तीन बातों पर आधारित थी। पहली पंक्चुअलिटी यानी समय की पाबंदी। दूसरी हर दिन की प्लानिंग, आउटफिट्स और शेड्यूल तय रखना। तीसरी कंसिस्टेंसी। चाहे मैं सही कर रही थी या गलत, लेकिन सीखते हुए बढ़ती रही। मेरा मानना है कि निरंतरता ही आपको लक्ष्य (टारगेट) तक पहुंचाती है। मुझे लगता है कि हर कोशिश किसी न किसी मंजिल तक जरूर पहुंचाती है। पहले देखें श्रीजा गुप्ता की PHOTOS… अब पढ़िए… श्रीजा की जर्नी, लक्ष्य और परिवार का रिएक्शन सवाल: मिस राजस्थान बनने तक की पूरी जर्नी के बारे में बताएं? श्रीजा गुप्ता: खम्मा घणी राजस्थान। मैं 19 साल की हूं। यह जर्नी मेरे लिए देखने में बहुत सिंपल रही, लेकिन इसने मुझे जिंदगी ने बहुत बड़े सबक सिखाए। इस साल मैंने एक ही टारगेट लिया था कि मैं जो भी करूंगी, उसमें अपना 100 प्रतिशत दूंगी। मेरे माता-पिता हमेशा से प्रोत्साहित करने वाले रहे। इसी वजह से मैंने मिस राजस्थान के लिए रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद मेरा पर्सनल इंटरव्यू राउंड हुआ। फिर मेरा चयन टॉप-28 में हो गया। वहीं से मेरी असली जर्नी शुरू हुई। लगभग एक महीने तक तैयारी चली। मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत सीखने की इच्छा थी। मैं हर छोटी-बड़ी चीज सीखना चाहती थी। योगेश सर, निमिषा मैम, मिस राजस्थान ऑर्गेनाइजेशन और लास्ट ईयर की सभी क्वीन ने मुझे गाइड किया। मैं हर चीज को लेकर सवाल पूछती थी। हर छोटी डिटेल पर ध्यान देती थी और यही आदत मेरे बहुत काम आई। सवाल: 10वीं क्लास के बाद आगे के लिए कन्फ्यूज थीं। मॉडलिंग में सफलता कैसे मिली? श्रीजा गुप्ता: मेरी स्कूलिंग मानसरोवर के इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से हुई है। 10वीं के बाद मेरे सामने भी वही स्थिति थी, जो आज कई स्टूडेंट्स के सामने होती है। मेरे पापा का बैकग्राउंड IIT से जुड़ा रहा है। इसलिए मैंने भी PCM चुना। मैंने JEE की तैयारी की। सच कहूं JEE मेरे लिए नहीं था। मैं IIT तक नहीं पहुंच सकी। फिलहाल मैं बीटेक कर रही हूं, लेकिन मेरे मन में हमेशा यह बात थी कि मेरे पास अभी काफी समय है। मैं चाहती थी कि ऐसा क्षेत्र देखें, जिसमें मैं वास्तव में अच्छा कर सकूं। मैंने मिस राजस्थान से पहले भी कई चीजों में खुद को आजमाया, लेकिन कहीं न कहीं मुझे लगता है कि मिस राजस्थान शायद मेरी डेस्टिनी थी। सवाल: जीत के बाद जब घर पहुंचीं तो परिवार का क्या रिएक्शन था? श्रीजा गुप्ता: मेरे माता-पिता बहुत ज्यादा खुश थे। उन्होंने मेरे लिए बहुत शानदार स्वागत की तैयारी की थी। मैं वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहती हूं। वहां मेरे स्वागत के लिए रैली निकाली गई। जीप में बैठाकर क्षेत्र में घुमाया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ सभी लोगों ने मेरा स्वागत किया। हम सबसे पहले मंदिर गए। जहां मैंने अपना क्राउन माता जी के चरणों में रखा और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद घर पहुंचे, जहां पूरा सेलिब्रेशन रूम तैयार किया गया था। केक काटा। केक पर भी मेरी तस्वीरें थीं और मेरी पूरी जर्नी की तस्वीरों से पूरा हॉल सजाया गया था। परिवार, दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, डांस किया और जीत का जश्न मनाया। वह पल मेरी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। सवाल: क्या इससे पहले कभी मॉडलिंग की थी? श्रीजा गुप्ता: सच कहूं तो मैंने कभी प्रोफेशनल मॉडलिंग नहीं की थी। बचपन में एक-दो छोटे फैशन इवेंट किए थे। इसके बाद मेरा इस फील्ड से कोई संबंध नहीं रहा। जब मैं मिस राजस्थान में आई, तब मुझे मेकअप के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं थी। कौन-सा प्रोडक्ट कैसे इस्तेमाल होता है। कॉम्पैक्ट क्या होता है। स्किन प्रेप कैसे करते हैं। इनमें से कुछ भी नहीं पता था। मैं यहां पूरी तरह नई थी।
वहीं मुझे जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से काफी सपोर्ट मिला। मैं पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप भी कर रही हूं। इसके अलावा मैं AISTE (Association for International Students Exchange) से भी जुड़ी हूं। जहां मुझे नई चीजें सीखने और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। इन सभी अनुभवों ने मेरी पर्सनैलिटी को काफी बेहतर बनाया। सवाल: मिस राजस्थान बनने के बाद समाज के लिए क्या काम करना चाहती हैं? श्रीजा गुप्ता: हमारे पेजेंट में ब्यूटी विद ए कॉज भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। मेरा विषय Stop Sympathizing and Start Strengthening रहा। पिछले साल एक महीने मैंने एक NGO में काम किया। वहां मैंने ऐसे बहुत सारे बच्चों को देखा, जो बेहद प्रतिभाशाली थे। कोई बहुत अच्छा गाता था। कोई डांस करता था। कोई पढ़ाई में बहुत अच्छा था। मुझे लगा कि हम अक्सर ऐसे बच्चों के लिए सिर्फ सहानुभूति जताते हैं। हम कहते हैं कि उन्हें खाना मिलना चाहिए। शिक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन दो-चार दिन बाद हम उन्हें भूल जाते हैं। मेरा मानना है कि हमें सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत बनाना चाहिए। हमें उनके और अवसरों के बीच की दूरी कम करनी होगी। उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म देने होंगे, जहां वे प्रतिभा दिखा सकें और आगे बढ़ सकें।