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जयपुर में एफटीआई ऑफिस की छत गिरी, 11 मजदूर घायल:एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में मची अफरा-तफरी, 9 गंभीर घायलों का इलाज जारी

राजधानी जयपुर में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। जेएलएन मार्ग स्थित एफटीआई (FTI) ऑफिस की छत अचानक भरभराकर गिरने से वहां काम कर रहे 11 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसएमएस थाना पुलिस और अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों के उपचार की व्यवस्था शुरू कराई। डॉक्टरों की टीम सभी घायल मजदूरों का इलाज कर रही है। 9 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जबकि 2 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ, जब मजदूर जेएलएन मार्ग स्थित (एफटीआई) राजस्थान फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग सेंटर में कार्य कर रहे थे और अचानक भवन की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों में लाला राम, राजीव कुमार, नीतीश कुमार, उदित, प्रमोद, बकू, कार्तिक, प्रमोद और शोक सहित 10 से अधिक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस घायलों की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। वहीं मामले में बजाज नगर थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि ये हादसा बजाज नगर थाना क्षेत्र में बजाज नगर के टी पॉइंट स्थित फॉरेस्ट विभाग के ऑफिस में हुआ। यहां नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसकी छत भराई का काम चल रहा था। इस दौरान सेनेटिंग के लिए लगे पाइप नीचे आ गए। हालांकि ये पाइप कैसे नीचे आए इसकी जांच कर रहे है। हादसे में किसकी लापरवाही रही उसकी जांच की जा रही है। हादसे के लिए जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक टीम को मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य करवाया गया। वहीं घायलों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। यहां देखें फोटोज

15 राज्यों में महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि बढ़े:पीएम की आर्थिक सलाहकर परिषद ने कैश स्कीम पर सिफारिश की

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने सोमवार को कहा कि 15 राज्यों में महिलाओं से जुड़ी नकद सहायता योजनाओं की राशि की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। परिषद ने कहा कि नकद राशि महंगाई बढ़ने और परिवारों के खर्च में बदलाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जानी चाहिए। ईएसी-पीएम ने अपनी रिपोर्ट में महाराष्ट्र की माझी लाडकी बहिन योजना और ओडिशा की सुभद्रा योजना का अध्ययन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि इन योजनाओं से महिलाओं की बचत बढ़ी, घरेलू खर्च में मदद मिली और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि नकद सहायता के साथ महिलाओं को डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से भी जोड़ा जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से और मजबूत बन सकें। कैश स्कीम से UPI बढ़ा नकद सहायता मिलने के बाद यूपीआई से भुगतान भी बढ़ा। महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी चीजों पर पहले से ज्यादा खर्च करने लगी हैं। ईएसी-पीएम के अनुसार, 15 राज्यों में महिलाओं को सीधे बैंक खाते में नकद सहायता दी जा रही है। इन योजनाओं का लाभ करीब 12 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है। परिषद का कहना है कि महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने से परिवार की स्थिति बेहतर होती है और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ती है। इसलिए महंगाई के अनुसार सहायता राशि की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी इंडोनेशिया पहुंचे, फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया, देश की 85% आबादी मुस्लिम, फिर भी नोट पर गणेश की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को इंडोनेशिया की सीमा पर पहुंचते ही मेजबान देश के फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर मुहर लगने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें…

मणिपुर के उखरूल में आत्मघाती हमले में 2 जवान शहीद:40 असम राइफल्स के काफिले पर किया गया हमला, सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी

मणिपुर के उखरूल जिले में सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे नुंगशांग कोंग के पास 40 असम राइफल्स के काफिले पर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए। हमला उस समय हुआ, जब जवान अपनी ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन हेडक्वॉर्टर की ओर लौट रहे थे। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और जोरदार विस्फोट किए। हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत उखरुल जिले के संगशक स्थित असम राइफल्स के नजदीकी शिविर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया और वे शहीद हो गए। उनके पार्थिव शरीर को शांगशाक स्थित असम राइफल्स कैंप ले जाया गया है घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई घंटों तक गोलीबारी की आवाज सुनाई दीं ग्रामीणों ने बताया कि हमले के बाद कई घंटों तक इलाके में लगातार भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे सुरक्षा बलों और संदिग्ध उग्रवादियों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक किसी उग्रवादी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नुंगशांग कोंग में 40 असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा- इस प्रकार की घटनाएं केवल उस शांति और सौहार्द को बाधित करती हैं, जिसे हम सभी बनाए रखना चाहते हैं। इस दुखद घटना से प्रभावित जवानों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि हमले के दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी। गोलीबारी की एक और घटना में महिला और बच्चा घायल वहीं, एक और घटना में मणिपुर के कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में उग्रवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक महिला और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ, जब ग्रामीण रविवार की प्रेयर के लिए स्थानीय चर्च में एकत्र हुए थे। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और गांव पर बम व विस्फोटक फेंके, जिससे चारों तरफ दहशत फैल गई। भागने से पहले हमलावरों ने गांव के कई घरों को आग के हवाले कर दिया। —————– मणिपुर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर के कांगपोकपी में 6 शव मिले:नगा समुदाय से जुड़े होने की आशंका; 27 दिन पहले उग्रवादियों ने बंधक बनाया था मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को छह शव बरामद हुए। जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि ये शव उन छह लोगों के हो सकते हैं जिन्हें 13 मई को बंधक बना लिया गया था। फिलहाल शवों का पोस्टमॉर्टम और पहचान नहीं हो पाई है। पूरी खबर पढ़ें… मणिपुर में हथियारबंद बदमाशों का हमला, तीन लोगों की हत्या:सात घर भी जलाए, गोलीबारी शुरू होते ही जंगल में भागे लोग मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शुक्रवार तड़के हुए हमले में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। सैतू-गामफाजोल उपखंड के लोइबोल खुल्लेन गांव में सुबह करीब चार बजे हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया। इस दौरान सात घर भी जला दिए गए। पूरी खबर पढ़ें…

चढ़ावा चोरी की FIR कराने वाले कृष्ण मोहन नए महासचिव:2012 में RSS से जुड़े, 10 महीने पहले ट्रस्ट में शामिल हुए

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितंबर 2025 में उनकी जगह रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया जाता है। महज 10 महीने में ही वह ट्रस्ट के सबसे ताकतवर महासचिव पद तक पहुंच गए। रामलला मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय ने इस्तीफा दिया, जिससे महासचिव पद रिक्त हो गया। अब पद को संभालने वाले कृष्ण मोहन वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने ट्रस्ट की ओर से चढ़ावा चोरी की सबसे पहली FIR कराई थी। 73 साल के कृष्ण मोहन दलित समाज के हैं। 1977 बैच के IFS अफसर रहे कृष्ण मोहन साल- 2012 में संघ से जुड़े थे। अभी वह संघ के पूर्वी यूपी के क्षेत्र संघचालक (क्षेत्र प्रभारी) हैं। साल 2024 में जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई, तब वह यजमानों में शामिल थे। यूपी के हरदोई के रहने वाले हैं कृष्ण मोहन कृष्ण मोहन मूलरूप से हरदोई के शाहाबाद के रहने वाले हैं। पिता धर्मवीर सिंह भारतीय रेलवे में काम करते थे। उनका निधन हो चुका है। कृष्ण मोहन ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में एमएससी तक पढ़ाई की है। उनके 2 भाई और 4 बहनें हैं। छोटे भाई महेंद्र सिंह लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। कृष्ण मोहन की शादी कुसुमलता से हुई थी। दोनों के एक बेटा सौरव और बेटी स्नेहा मोहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बेटा सौरव लखनऊ में डाक विभाग में तैनात है। बेटी स्नेहा मोहन नोएडा में सरकारी डॉक्टर है। इस समय हरदोई वाले घर पर उनके ड्राइवर का परिवार रहता है। कृष्ण मोहन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में परमाणु ऊर्जा विभाग में कुछ साल तक काम किया था। साल- 1977 में वह भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चुने गए। इस सेवा में उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में काम किया। इससे उनके पास मैनेजमेंट स्किल्स हैं। 2012 से RSS से जुड़े कृष्ण मोहन साल- 2012 में नौकरी से रिटायर हो गए थे। इसके बाद वह RSS से जुड़ गए। उन्हें संघ का हरदोई नगर संघचालक बनाया गया। इसके बाद उन्होंने जिला संघचालक, अवध प्रांत के प्रांत संघचालक और उत्तर प्रदेश पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक की जिम्मेदारियां संभालीं। संघ के नागपुर मुख्यालय से लेकर भाजपा और ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच उनकी छवि बेहद ईमानदार और भरोसेमंद व्यक्ति की है। इसी मजबूत पकड़ के कारण वे बहुत कम समय में संघ के इतने बड़े पद तक पहुंचे। राम मंदिर ट्रस्ट में महासचिव सबसे ताकतवर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव ट्रस्ट का सबसे ताकतवर पद है। महासचिव ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तरह होता है। ट्रस्ट के संचालन से दान की निगरानी तक सारी जिम्मेदारी महासचिव की ही होती है। कृष्ण मोहन के सामने श्रद्धालुओं का विश्वास जीतने की चुनौती कार्यवाहक महासचिव बनने के ऐलान के बाद कृष्ण मोहन ने कहा- चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाएंगे। प्रबंधन की कमियों का फायदा उठाया गया, कमियों को दूर करेंगे ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। समाज में अविश्वास है। विश्वास को दोबारा स्थापित करेंगे। उनका यह बयान बताता है कि उनके सामने क्या चुनौतियां हैं। हालांकि इसके अलावा भी उनके सामने कई चुनौतियां और जिम्मेदारी हैं। जैसे- ————————– यह खबर भी पढ़ें – राम मंदिर चढ़ावा चोरी-चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन नए महासचिव; ट्रस्ट ने 28 सोने-चांदी की वस्तुएं दिखाईं, इनकी चोरी का दावा था अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है।चढ़ावा चोरी के बाद हुई पहली बैठक 3 घंटे तक चली। पढ़िए पूरी खबर…

उदयपुर में भड़भूजा घाटी पर नया भवन तैयार:20 लाख रुपए की लागत से हुआ काम, विधायक ताराचन्द जैन ने किया लोकार्पण

उदयपुर के भड़भूजा घाटी इलाके में स्थानीय निवासियों और समाज के लोगों की सुविधा के लिए बने नए भवन और विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण किया गया। यह पूरा कार्यक्रम गुजराती मोची समाज संस्था के परिसर में आयोजित हुआ। भड़भूजा घाटी पर रहने वाले लोग लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी हुई है। इस पूरे निर्माण कार्य में कुल 20 लाख रुपए का खर्च आया है। इसमें बड़ा हिस्सा यानी 16 लाख रुपए नगर निगम की जनसहभागिता योजना के जरिए लगाए गए हैं। वहीं, बाकी के 4 लाख रुपए विधायक मद से दिए गए हैं। इस बजट से भवन के साथ-साथ आधुनिक शौचालय और फर्श बनाने का काम भी पूरा किया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम में उदयपुर शहर के विधायक ताराचन्द जैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भड़भूजा घाटी पर बने इस नए भवन और विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह में शहर की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के मुख्य लोकार्पणकर्ता उदयपुर शहर के विधायक ताराचन्द जैन थे। उनके साथ बीजेपी की मंडल अध्यक्ष और क्षेत्रीय पार्षद रूचिका चौधरी और समाज के अध्यक्ष महेश मुंडानिया भी मंच पर मौजूद रहे। इन सभी अतिथियों ने फीता काटकर नए भवन को जनता को समर्पित किया। इस खास मौके पर गुजराती मोची समाज संस्था, उदयपुर की पूरी टीम और एक्टिव कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की गई। समाज के लोगों ने मिलकर इस काम को पूरा करवाने में बड़ा योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें विजय चुहाड़िया, राज राठौड़, दीपक राठौड़, अजय सिसौदिया, गोवर्धन और मनोज मुंडानिया शामिल हैं। सामुदायिक भवन और अच्छे शौचालय लंबे समय से थी मांग इस इलाके में रहने वाले लोग काफी समय से एक सामुदायिक भवन और अच्छे शौचालय की जरूरत महसूस कर रहे थे। नगर निगम और विधायक कोटे से मिले बजट के बाद अब यह काम पूरी तरह पक्का हो गया है। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस नए भवन के बनने से अब समाज के छोटे-मोटे कार्यक्रम, बैठकें और सामाजिक काम आसानी से एक ही जगह पर हो सकेंगे। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

महिला के घर रिश्वत लेने पहुंचे ASI को दबोचा:केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी टीम ने शास्त्री नगर थाने के ASI हरदेवराम को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी ने यह रिश्वत एक मामले में आरोपियों के नाम हटाने और केस में मदद करने की एवज में मांगी थी। एसीबी महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी महिला ने एसीबी चौकी स्पेशल यूनिट, जोधपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि उसके पति के साथ मारपीट का एक मामला शास्त्री नगर थाने में दर्ज था। जबकि दूसरी पार्टी ने भी परिवादी महिला के पति और अन्य के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करवा रखा था। इन दोनों मामलों की जांच एएसआई हरदेवराम कर रहा था। केस में मदद करने के नाम पर मांगी रिश्वत एसीबी के मुताबिक- आरोपी एएसआई ने परिवादी महिला के पति के खिलाफ दर्ज केस में मदद करने और उनके साथी सुंडाराम का नाम हटाने के नाम पर पहले ही 5,000 रुपए ले लिए थे। इसके बाद आरोपी ASI ने सुंडाराम को थाने बुलाकर डराया। केस में मदद करने और दो अन्य लोगों के नाम हटाने की एवज में सीआई के नाम पर 50,000 रुपए की और मांग की। परेशान होकर परिवादी महिला ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी जोधपुर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस के सुपरविजन और एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। एएसआई हरदेवराम परिवादी महिला के घर सोमवार को जैसे ही रिश्वत के 40 हजार रुपए लेने पहुंचा और पैसे लेकर अपनी पैंट की जेब में रखे। तब ही निरीक्षक उमेश कुमार विश्नोई और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस परिमला के सुपरविजन में आरोपी एएसआई से पूछताछ की जा रही है। उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। रिश्वतखोरों की ACB में करें शिकायत ACB ने अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपसे काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो आप एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24×7 संपर्क कर सकते हैं। एसीबी पहचान गुप्त रखकर कार्रवाई करेगी।

कुचामन में पालना गृह में मिला नवजात:डॉक्टरों की देखभाल से सेहत में सुधार, नागौर शिशु गृह में इलाज जारी

कुचामन के राजकीय अस्पताल के पालना गृह में मिले नवजात को डॉक्टरों की तत्परता और लगातार देखभाल से नया जीवन मिला है। मेडिकल टीम ने समय रहते इलाज शुरू किया, जिससे बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसे नागौर के जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल जारी है। पालना गृह की घंटी बजते ही हरकत में आई मेडिकल टीम मामला कुचामन के राजकीय अस्पताल का है। यहां एक अज्ञात महिला नवजात को पालना गृह में छोड़कर चली गई। पालना गृह की घंटी बजते ही प्रभारी और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। नवजात को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसकी जांच कर इलाज शुरू किया गया। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नागौर किया शिफ्ट डॉक्टरों की लगातार निगरानी और इलाज से बच्चे की हालत में सुधार आने लगा। इसके बाद नियमानुसार मामले की सूचना बाल कल्याण समिति, न्यायपीठ नागौर को दी गई। समिति के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य को देखते हुए उसे नागौर के राजकीय जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की देखरेख में सुरक्षित है नवजात फिलहाल नवजात का इलाज और पालन-पोषण नागौर में डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की सेहत पहले से काफी बेहतर है और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वहीं डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई से एक नवजात को सुरक्षित जीवन मिल सका।

ट्रक-पिकअप की आमने-सामने की भिड़ंत,1 की मौत:दोनों वाहनों के परखच्चे उड़े, सीटों के बीच फंसे दोनों ड्राइवर,लिक्विड नाइट्रोजन के सिलेंडर बिखरे

सीकर में ट्रक और पिकअप के बीच आमने-सामने की भिड़ंत में पिअकप ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर घायल हो गया। दुर्घटना में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और दोनों ड्राइवर केबिन के मलबे में बुरी तरह फंस गए। पिकअप में लिक्विड नाइट्रोजन गैस के सिलेंडर भरे हुए थे। हादसा लोसल थाना क्षेत्र में कोटपूतली-कुचामन स्टेट हाईवे पर बामणी बस स्टैंड के पास सोमवार को हुआ, जहां हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं और ट्रैफिक जाम हो गया। करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रैफिक खुला। पहले देखिए, घटना से जुड़ी ये PHOTO’S दोनों ड्राइवर सीटों के बीच फंसे रहे टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और दोनों ड्राइवर सीटों के बीच ही फंसे रह गए। लोगों की सूचना के बाद लोसल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन से दोनों वाहनों को अलग किया और केबिन को काटकर दोनों ड्राइवर को बाहर निकाला। हादसे के मृतक पिकअप ड्राइवर की पहचान चौमूं निवासी पृथ्वीराज सिंह के रूप में हुई। वहीं, दूसरी ओर घायल ट्रक ड्राइवर को एम्बुलेंस की मदद से लोसल उपजिला अस्पताल भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीकर जिला अस्पताल रैफर कर दिया। वहीं पुलिस ने मृतक पिकअप ड्राइवर पृथ्वीराज सिंह के शव को लोसल उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पिकअप में भरी थी लिक्विड नाइट्रोजन दुर्घटना में पिकअप में भरे लिक्विड नाइट्रोजन के सिलेंडर बिखर गए। कुछ सिलेंडर में से लिक्विड नाइट्रोजन गैस रिसने लगी, हालांकि, इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। सीनियर वेटेनरी डॉ. गणेश सिंह ने बताया कि वेटेनरी मेडिकल (पशु चिकित्सा) के क्षेत्र में काम आने वाली बेहद ठंडी लिक्विड नाइट्रोजन गैस (Liquid Nitrogen Gas) है। गनीमत रही कि टक्कर के बाद गैस सिलेंडर में कोई बड़ा ब्लास्ट नहीं हुआ।

बीकानेर रेंज में हत्या 29% और दुष्कर्म 34% घटे:बॉर्डर जिलों में सुरक्षा, नशा तस्करी और गैंगस्टर्स के खिलाफ अभियान तेज होगा

बीकानेर रेंज में अपराध नियंत्रण और सीमा सुरक्षा को लेकर सोमवार को रेंज आईजी ओमप्रकाश की अध्यक्षता में हाईलेवल समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के पुलिस अधीक्षक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), आर्मी इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी, सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में रेंज के अपराध आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में हत्या के मामलों में 29.03 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 11.68 प्रतिशत, बालिकाओं से दुष्कर्म के मामलों में 33.83 प्रतिशत और अन्य अपराधों में 16.46 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर रेंज में अपराधों में 11.33 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि आईजी ने चोरी और नकबजनी के मामलों में चालानी कार्रवाई और बरामदगी बढ़ाने के निर्देश दिए। महिला अपराधों की समीक्षा में भी राहत भरे आंकड़े सामने आए। महिला अत्याचार, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार के मामलों में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है। सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में भी करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है। इसके बावजूद अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। आईजी ओमप्रकाश ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सक्रिय अपराधी गिरोहों पर कड़ी निगरानी, उनकी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई और नशा तस्करों पर सख्त प्रहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत अधिक से अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से तस्करी के 17 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 67.354 किलोग्राम हेरोइन, 985 ग्राम अफीम, दो ड्रोन, 11 पिस्टल, 397 कारतूस, दो कारें, 23 मोबाइल फोन और 1.61 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। जनवरी से जून 2026 के बीच रेंज में एनडीपीएस एक्ट के 1005 मामले दर्ज कर 1279 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 9.2 टन से अधिक डोडा पोस्त, 133 किलोग्राम से अधिक अफीम, करीब 79 किलोग्राम हेरोइन/स्मैक, 157 किलोग्राम गांजा, 84 हजार से अधिक नशीली गोलियां और बड़ी मात्रा में अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए। वहीं आर्म्स एक्ट में 262 मामलों में 248 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 200 अवैध हथियार और 2514 कारतूस जब्त किए गए। इसके अलावा आबकारी अधिनियम के तहत भी बड़े पैमाने पर अवैध शराब जब्त की गई।

सरकारी हॉस्पिटल में 2 फायर-ब्रिगेड से पहुंचाया पानी:खुदाई करते टूटी पाइपलाइन; दर-दर भटके मरीज, टॉयलेट में गंदगी

श्रीगंगानगर के जिला हॉस्पिटल में सोमवार को पानी का संकट हो गया। मेन पानी की पाइपलाइन के टूट जाने से सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। वार्डों में भर्ती मरीज, उनके परिजन और स्टाफ घंटों तक पानी के लिए तरसते रहे। बाद में 2 फायरब्रिगेड से हॉस्पिटल में पानी पहुंचाया गया। जानकारी अनुसार- सुखाड़िया सर्किल के पास चल रही खुदाई के दौरान जिला हॉस्पिटल की मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते पूरे हॉस्पिटल में पानी की आपूर्ति बंद हो गई। हॉस्पिटल प्रशासन ने सुबह ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को सूचना दे दी थी। तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया। लेकिन देर शाम तक स्थायी समाधान नहीं निकला। पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने मामले की जानकारी जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव को दी। कलेक्टर के निर्देश पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां हॉस्पिटल पहुंचाई गईं। दमकल वाहनों के जरिए वार्डों और जरूरी सेवाओं में पानी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया- पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने तक वैकल्पिक जलापूर्ति जारी रहेगी। टॉयलेट में गंदगी, बदबू से हाल खराब सोमवार को हॉस्पिटल में मरीजों की भीड़ सामान्य से कहीं ज्यादा थी। ठीक उसी समय अचानक पानी बंद हो जाने से व्यवस्था चरमरा गई। भर्ती मरीज बिस्तर पर लेटे-लेटे पानी मांगते रहे, जबकि उनके परिजन इधर-उधर दौड़ लगाते दिखे। टॉयलेटों में गंदगी फैल गई। बदबू उठने लगी और हालात इतने बिगड़ गए कि मरीजों को पानी के लिए हॉस्पिटल के बाहर भटकना पड़ा। एक समाजसेवी ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और जरूरी जगहों पर करीब 100 वाटर कैम्पर भिजवाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को कुछ राहत मिली।