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परिचित ने महिला को बंधक बनाकर किया रेप:फोन कर बस स्टैंड बुलाया, चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर किया अचेत;जेवर हड़पे

अजमेर बस स्टैंड से एक महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने, नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत करने, कई दिनों तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। पिता ने आरोपी परिचित पर उसके सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल हड़पने का आरोप लगाया है। मामले में पहले ब्यावर जिले के एक थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र पाए जाने पर केस को अजमेर की एक थाना पुलिस को जांच के लिए भेज दिया गया है। परिचित ने फोन कर बुलाया, कई दिनों तक बंधक बनाया पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में बताया कि परिचित युवक ने फोन कर उसे अजमेर बस स्टैंड बुलाया। वहां उसे चाय पिलाई गई, जिसके बाद वह अचेत हो गई। होश आने पर उसने खुद को फलोदी में पाया। आरोप है कि आरोपी उसे एक होटल में ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार रेप किया। विरोध करने पर मारपीट की गई और उसके पहने हुए सोने-चांदी के जेवर व मोबाइल अपने पास रख लिए। शिकायत में आगे कहा गया है कि इसके बाद आरोपी उसे जोधपुर होते हुए अहमदाबाद के पास एक गांव ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान आरोपी रोज उसके साथ जबरन दुष्कर्म करता रहा और विरोध करने पर मारपीट करता था। कमरे को बाहर से बंद कर वह दिन में काम पर चला जाता था। बाहर निकलने में पड़ोसी ने की मदद पीड़िता ने बताया कि मौका मिलने पर उसने पड़ोस में रहने वाली एक युवती की मदद से कमरे से बाहर निकलकर अहमदाबाद बस स्टैंड पहुंची। वहां एक बस चालक से सहायता लेकर अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों की मदद से वह वापस अपने गांव पहुंची और पूरी घटना की जानकारी देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की है। चूंकि घटना की शुरुआत अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र से होना सामने आया है, इसलिए मामले को आगे की जांच के लिए अजमेर पुलिस को भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पाली के गर्ल्स कॉलेज में लगाए 50 पौधे:'एक व्यक्ति, एक पेड़' कैंपेन; सार संभाल की जिम्मेदारी दी

पाली शहर के टैगोर नगर स्थित गर्ल्स कॉलेज में ‘एक व्यक्ति, एक पेड़’ अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में करीब 50 पौधे लगाए गए। साथ ही इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य और पूरे स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर भाग्यवर्धन सिंह चंपावत और मूल सिंह ने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव सभ्यता के बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि वे बड़े होकर पेड़ बनें और पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में हरियाली बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सवाई माधोपुर में सड़कों पर बह रहा गंदा पानी:तीन की जगह एक ही सीवरेज ट्रीटमेंट गाड़ी चल रही , 8 स्कूलों के हजारों बच्चे परेशान

सवाई माधोपुर के पुराने शहर में सीवरेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई जगह सीवरेज लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और आसपास बदबू फैलने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर परिषद को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। स्थानीय निवासी महेश साहू ने बताया कि पुराने शहर की करीब-करीब सभी कॉलोनियों की हालत खराब है। जगह-जगह सीवरेज पाइप जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति एसबीआई बैंक चौराहे की है। इस रास्ते से रोजाना करीब 8 सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों विद्यार्थी गुजरते हैं। इसके अलावा तीन बैंकों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण लोगों में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। तीन सेक्टर, लेकिन एक ही गाड़ी से हो रहा काम जानकारी के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र को पुराने शहर, आलनपुर-हाउसिंग बोर्ड और बजरिया, इन तीन सेक्टरों में बांटा गया है। इन सभी इलाकों में सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए कागजों में तीन गाड़ियां संचालित होना दर्ज है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार खर्च बचाने के लिए सिर्फ एक ही गाड़ी चला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से समय पर सीवरेज लाइन साफ नहीं हो पा रही और समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आयुक्त बोले- बैठक बुलाकर करेंगे समाधान नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही संबंधित जेईएन को निर्देश दे दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बुधवार को बैठक बुलाकर समस्या की समीक्षा की जाएगी और जल्द से जल्द सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जाएंगे।

जैसलमेर के नए तहसीलदार बने शेरसिंह:हुकुम सिंह को फलसूण्ड की जिम्मेदारी, मोहनगढ़ में भी नई नियुक्ति

जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शेरसिंह को जैसलमेर का नया तहसीलदार नियुक्त किया गया है। वहीं, महेन्द्र खत्री को मोहनगढ़ उपनिवेशन विभाग और हुकुम सिंह सिसोदिया को पोकरण के फलसूण्ड क्षेत्र का नया तहसीलदार बनाया गया है। इन नियुक्तियों से लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भरेंगे और राजस्व कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। शेरसिंह को मिली जैसलमेर तहसील की जिम्मेदारी राजस्व मंडल के आदेश के अनुसार, झुंझुनूं जिले के बिसाऊ में कार्यरत तहसीलदार शेरसिंह का तबादला जैसलमेर जिला मुख्यालय पर किया गया है। वे यहां लंबे समय से खाली चल रहे तहसीलदार के पद का कार्यभार संभालेंगे। वहीं, डीडवाना-कुचामन जिले में निर्वाचन तहसीलदार के रूप में कार्यरत महेन्द्र खत्री को जैसलमेर के उपनिवेशन विभाग के मोहनगढ़-2 कार्यालय में तहसीलदार नियुक्त किया गया है। फलसूण्ड में हुकुम सिंह संभालेंगे जिम्मेदारी रोहट (पाली) से स्थानांतरित होकर आ रहे हुकुम सिंह सिसोदिया को पोकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फलसूण्ड का नया तहसीलदार बनाया गया है। उनकी नियुक्ति से ग्रामीण और सीमावर्ती इलाके के राजस्व कार्यों में तेजी आने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। भणियाणा और मोहनगढ़ के आदेशों में भी बदलाव नई तबादला सूची में पहले जारी कुछ तबादला आदेशों में भी संशोधन किया गया है। परबतसर (नागौर) से भणियाणा तहसील के लिए स्थानांतरित किए गए तहसीलदार हरेन्दर सिंह को अब भणियाणा भेजने के बजाय जयपुर जिले के दूदू में तहसीलदार नियुक्त किया गया है। इसी तरह, लूणकरणसर (बीकानेर) से मोहनगढ़-2 उपनिवेशन विभाग भेजे गए विनोद कुमार का तबादला आदेश भी रद्द कर दिया गया है। अब उन्हें जैसलमेर की जगह हनुमानगढ़ जिले के नोहर में उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) के पद पर नियुक्त किया गया है। राजस्व कार्यों को मिलेगी रफ्तार सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल से जैसलमेर, पोकरण, मोहनगढ़ और फलसूण्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए और अनुभवी अधिकारियों की तैनाती हो गई है। इससे किसानों और ग्रामीणों के जमीन-जायदाद, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी मामलों का समय पर निस्तारण होने की उम्मीद है। तबादला आदेश जारी होने के बाद सभी नवनियुक्त अधिकारी जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यभार संभालेंगे, जिससे प्रशासनिक कामकाज और विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।

जोधपुर में जजों के निरीक्षण में खुली फर्जीवाड़े की पोल:एक ही नंबर की दो-दो बसें चल रही, चेसिस काटकर बना रखी बड़ी डिक्कियां

यात्रियों की जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ रही अवैध और नियम विरुद्ध मॉडिफाइड बसों के खिलाफ जोधपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। मंगलवार देर रात जिला न्यायालय के जजों ने खुद सड़कों पर उतरकर लग्जरी, एसी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया। कई इलाकों में की गई नाकाबंदी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शुरू हुए इस अभियान के तहत कायलाना चौराहे सहित शहर के कई इलाकों में नाकाबंदी की गई। इस दौरान भारी गड़बड़ियां मिलने पर 7 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि कई बस ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक ही नंबर पर चल रही थीं दो-दो बसें देर रात जांच टीम जब कायलाना चौराहे पर पहुंची, तो वहां धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। टीम को देखकर एक बस के ऑपरेटर ने आनन-फानन में आगे की नंबर प्लेट हटा दी। जब अधिकारियों ने नंबर प्लेट मांगी, तो वह काफी देर तक बहानेबाजी करता रहा। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि एक ही नंबर से दो-दो बसें चलाई जा रही थीं। पकड़ी गई बस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और उसके चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा एक बस बिना नंबर प्लेट के भी धड़ल्ले से दौड़ती मिली। इसके अलावा देवनगर ओर प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्रों में भी एक ही नंबर की दो बसें चलना पाया गया। कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में न्यायिक अधिकारी यह पूरी कार्रवाई जिला सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश त्यागी और जोधपुर जिला अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा के निर्देशन में की जा रही है। अपर एवं सेशन न्यायाधीश ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉक्टर मनीष हरजाई ने बताया कि इन दिनों लगातार रालसा के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। जब भी ऐसा लगता है कि कोई ऐसी बस है जिसके खिलाफ कार्रवाई की जानी है उन बसों को रोका जाता है उनकी लम्बाई मापी जाती है सुरक्षा उपकरणों की जांच भी की जाती है। कोई भी कमी पाए जाने पर उनमें सीज का चालान काटने की कार्रवाई की जाती है।
पब्लिक भी हो जागरूक न्यायाधीश मनीष हरजाई ने कहा कि पब्लिक को भी इस मुद्दे पर यही कहना चाहते हैं कि आमजन को भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना चाहिए। यदि कोई बस में सवारी कर रहा है तो उसे बस में सुरक्षा उपकरणों की जानकारी कर लेनी चाहिए कि बस में आपात स्थिति में निकलने का इमरजेंसी गेट भी है या नहीं। यदि बस पलटी खा जाए तब ऐसी स्थिति में उस बस से निकलने के लिए छत का कोई रास्ता है या नहीं। इन अधिकारों को लेकर भी जागरूक होना पड़ेगा। अपनी खुद की सुरक्षा के लिए स्वयं सचेत होना भी एक बहुत आवश्यक कदम है। परेशानी होने पर क्या करें न्यायाधीश ने कहा कि यदि ऐसी किसी भी कार्रवाई के दौरान किसी भी ट्रैवल कंपनी या बस से यात्रा करने वाले किसी यात्री को कोई परेशानी होती है तो वह स्थाई लोक अदालत के समक्ष यथोचित कार्रवाई के लिए सामान्य आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। जिसमें बहुत ही सामान्य प्रक्रिया के तहत व्यक्ति स्वयं भी आवेदन कर उसे यथोचित लाभ दिलाने के लिए जिला एवं विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर, रालसा, प्रतिबद्ध है। फलोदी हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर के सचिव राकेश रामावत ने बताया मंगलवार रात को भी 7 बसों को सीज किया गया था। फलोदी में हुई दुर्घटना में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। इसके बाद दौसा में हुए बस हादसे के बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने रालसा को निर्देश दिए थे। जिसमें रालसा ने एक एसओपी जारी की थी। जिसमें पुलिस, मोबाईल मजिस्ट्रेड को भी शामिल किया गया था। ये मिली कमियां रामावत ने बताया बसों में मुख्य तौर पर इमरजेंसी एग्जिट को काटकर छोटा किया गया है। उनमें मानक के तहत इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। बसों को पीछे से चैसिस काटकर के उनको लम्बा किया गया है। डिक्की की साईज बड़ी की गई है जिससे बस का बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसे टैक्निकल भाषा में रियल ओवरहैंगिंग कहा जाता है। यह लगभग सभी बसों में कमियां पाई गई है। आरटीओ इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना आठ से दस बसों को सीज किया जा रहा है। जिन बसों में बड़ा अपराध नहीं है उनका चालान बनाया जा रहा है। जिन बसों में तकनीकी कमियां है उनको दूर नहीं किया गया है, उन बसों को न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान के तहत सीज किया जा रहा है। इन बसों ने अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड से पास की गई थी। जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक बसें नाॅर्थ इस्ट की है, लेकिन अब इना बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 47 बस सीज आरटीओ इंस्पेक्टर फिरोज ने बताया कि 8 जुलाई से यह अभियान चल रहा है। जिसमें अब तक 47 बसों को सीज किया गया है। जिन बसों को नियमों के खिलाफ चलाया जा रहा था। उनके खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उस समय उन्हें हिदायत दी गई थी और चालान काटकर छोड़ दिया गया था, लेकिन अब इन बसों में सुधार नहीं होने पर सीज किया जा रहा है।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 600 कैमरों से बाघाें की काउंटिंग:कभी जंगल में पंजों के निशान खोजने पड़ते थे, चौड़ाई नाप कर लगाते थे अनुमान

राजस्थान के पहले टाइगर रिजर्व ‘रणथंभौर’ में कभी सिर्फ 25 टाइगर थे। अब इनकी संख्या 77 तक पहुंच गई है। 53 साल में सिर्फ बाघों की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि उन्हें गिनने का तरीका भी पूरी तरह बदल गया। कभी जंगल में पंजों के निशान खोजे जाते थे। आज वही काम हाईटेक कैमरा ट्रैप कर रहे हैं। टाइगर की पहचान शरीर पर बनी धारियों (स्ट्राइप पैटर्न) से हो रही है। इस बार 1700 वर्ग किलोमीटर के जंगल में 600 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इस दौरान तीन महीने मानसूनी सीजन में टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। समय के साथ ऐसे बदला काउंटिंग पैटर्न… गणना के बाद NTCA जारी करता है डेटा रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया – इलाके में करीब 300 पॉइंट्स निर्धारित किए गए है, जहां पर मॉनटरिंग के लिए दो-दो कैमरे लगाए गए हैं। ऐसे में 600 कैमरों से काउंटिंग की जाएगी। हालांकि सामान्य दिनों में भी यहां 250 से 300 कैमरा ट्रैप हमेशा लगे रहते हैं, ताकि टाइगरों की लगातार मॉनिटरिंग होती रहे। रणथंभौर में टाइगरों की संख्या अधिक होने के कारण निगरानी के लिए ज्यादा कैमरों की जरूरत पड़ती है। डीएफओ ने बताया कि करीब चार साल पहले राजस्थान के टाइगर रिजर्व में वाटर होल पद्धति से होने वाली गणना बंद कर दी गई थी। अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की टाइगर सेल के वैज्ञानिक तरीके से कैमरा ट्रैप के जरिए टाइगरों की गणना की जाती है। इस गणना का पूरा डेटा एनटीसीए जारी करेगा। इसमें टाइगर रिजर्व के साथ-साथ सोशल फॉरेस्ट्री क्षेत्र में टाइगरों की आवाजाही का डेटा भी शामिल रहेगा। धारियों के पैटर्न से होती है पहचान कैमरा ट्रैप से ली गई तस्वीरों में टाइगर के शरीर पर बनी धारियों (स्ट्राइप पैटर्न) के आधार पर उसकी पहचान की जाती है। जिस तरह हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं, उसी तरह हर टाइगर की धारियों का पैटर्न भी अलग होता है। इसी वजह से हर टाइगर की अलग-अलग पहचान कर उसकी सटीक गणना की जाती है। — रणथंभौर की ये खबर भी पढ़ें … राजस्थान में पहली बार GSM कैमरों से टाइगर की निगरानी:रणथंभौर में अपग्रेड होगा सर्विलांस सिस्टम, हर गतिविधि दिखेगी लाइव, जानें- क्यों पड़ी जरूरत राजस्थान में पहली बार ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस (GSM) से लैस कैमरों और सैटेलाइट टेक्निक से बाघों की निगरानी होगी। पूरी खबर पढ़िए

‘भास्कर समाधान’ पर एईएन धर्मवीर बने 'स्टार ऑफिसर':कॉलोनी के मुख्य रास्ते से हटा अतिक्रमण, पानी की सप्लाई हुई सुचारु, ओपीडी और आना सागर की समस्या पर एक्शन बाकी

‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद अजमेर में एक ही दिन में पानी, अतिक्रमण और बिजली से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। जलदाय विभाग के एईएन धर्मवीर सिंह राव आज के ‘स्टार ऑफिसर’ बने। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की लंबित समस्या दूर हुई… एईएन धर्मवीर बने ‘स्टार ऑफिसर’ अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर से धर्मेन्द्र सिंह ने पीने का पानी न आने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके एरिया में सप्लाई आने का मैसेज तो आता है लेकिन पानी नहीं आता। जलदाय विभाग के अधिकारियों को कॉल करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग के एईएन धर्मवीर सिंह राव ने समस्या का समाधान करवा दिया है। इसकी जानकारी भी शेयर की। पोस्ट के बाद हटा रास्ते का अतिक्रमण अजमेर के वार्ड 62, घुघरा घाटी, अजमेर रोड से विकास सिंह शेखावत ने कॉलोनी के एकमात्र रास्ते पर पत्थर डालकर अतिक्रमण की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में आने–जाने के इस मुख्य रास्ते पर ठेकेदारी का काम करने वाले एक व्यक्ति ने पत्थर डालकर रास्ता अवरुद्ध कर रखा है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद स्थानीय पार्षद नरेन्द्र तुनवाल ने व्यक्ति को पाबंद कर मलबा हटा रास्ता सुचारु करवा दिया है। 7 साल पुरानी पानी की समस्या सुलझी अजमेर के चंद्रवरदाई नगर से गिरीश शंकर चतुर्वेदी ने अपने एरिया में 7–8 सालों से पीने के पानी की समस्या का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनके मकान संख्या ए–820 में पानी की बहुत समस्या है। प्राइवेट जॉब करता हूं। हर महीने 700 रुपए खर्च कर पानी के चार टैंकर डलवाने पड़ते हैं। विभाग के कर्मचारी लीपापोती कर के चले जाते हैं। मामला सामने आने के बाद जलदाय विभाग ने समस्या का समाधान कर दिया है। पानी की सप्लाई लाइन के स्थायी समाधान के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। बिजली के तार पर झुके पेड़ को हटाया अजमेर के पुलिस लाइंस एरिया से एस. कुमार ने बिजली के तारों की समस्या पोस्ट की थी। पोस्ट में उन्होंने बताया था कि पीडब्ल्यूडी जजेज के क्वार्टर के सामने क्वार्टर जी–10 और जी–11 के सामने बिजली के तारों पर एक पेड़ टूटकर झुका हुआ है। इससे कभी भी यह टूटकर नीचे गिर सकता है जिससे हादसा होने की आशंका है। मामला ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने पेड़ को हटाकर खतरा टाल दिया। इससे स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। आइए अब एक नजर उन समस्याओं पर भी डालें, जिनका समाधान होना अभी बाकी हैं… एक असिस्टेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी अजमेर के सरकारी जेएलएन अस्पताल की मानसिक रोगी ओपीडी की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की गई है। शिकायतकर्ता हेमंत दाधीच ने पोस्ट में लिखा कि अस्पताल के मानसिक रोगी ओपीडी में केवल एक असिस्टेंट डॉक्टर के भरोसे मरीजों का भार है। इससे घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण ओपीडी आने वाले लोगों को काफी असुविधा होती है। हेमंत ने अस्पताल के संबंधित विभागाध्यक्ष से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है। आना सागर: नहीं हटाए मृत जलीय जीव शहर के कैप्टन दुर्गा प्रसाद चौधरी मार्ग, आना सागर से एक यूजर ने जलीय पर्यावरण संकट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने लिखा कि आना सागर में काफी समय से कचरा डालने की वजह से झील का इको सिस्टम बिगड़ गया है। इस पर्यावरण संकट के कारण हजारों जलीय जीव मरकर झील की सतह पर तैर रहे हैं, जिससे संक्रमण और दुर्गंध से काफी परेशानी हो रही है। इसका जल्द समाधान करवाया जाना आवश्यक है। सप्लाई में आ रहा बदबूदार पानी एडवोकेट मोहित गांधी ने गंदा बदबूदार पानी आने की समस्या हमें पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि शहीद अविनाश माहेश्वरी मार्ग, ज्योति नगर में कालिका मंदिर के पास वाली गली में कई दिनों से गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई में आ रहा है। इसे पीने या खाना बनाने में उपयोग नहीं ले सकते। संभवत: सप्लाई लाइन में सीवरेज लाइन का लीकेज हो गया है। लोगों के स्वास्थ्य के नजरिये से विभाग को तुरंत इसका समाधान करवाना चाहिए। हड़ताल खत्म, सफाई फिर भी नहीं ‘भास्कर समाधान’ पर इमरान अली सिद्दीकी ने गंज एरिया से सफाई और कचरे से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हुए कई दिन हो गए। लेकिन कर्मचारी अब भी गंज समेत बहुत से एरियसा में गली का कचरा नहीं उठा रहे। बेसहारा पशु खुले में पड़े कचरे को यहां–वहां फैला देते हैं। कचरा का सही निस्तारण हो तो स्थानीय लोगों को राहत मिले। इस समस्या के बारे में पहले भी शिकायत की थी लेकिन कोई समाधान अब तक नहीं हो सका है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: अधिकारियों तक सीधे पहुंच रही समस्या:नलों से आ रहा बदबूदार पानी, सीवर ओवरफ्लो, आश्रम क्षेत्र में बच्चों को काट रहे बेसहारा कुत्ते 2.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 3.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 4.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 5.अजमेर में ‘भास्कर समाधान’ पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 6.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 7.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर

‘भास्कर समाधान’ पर मिल रहा हल:बिजली पोल हुआ फिक्स, खस्ताहाल पार्क की बदली सूरत, नदी तक जाने वाली प्राचीन सीढ़ियां सालों बाद आईं नजर

कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर आई शिकायतों के बाद एक ही दिन में बिजली, पार्क, नाली और रास्ते के कचरे से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं का समाधान हुआ। आज पार्क की लंबित सफाई की समस्या का समाधान कर के वार्ड नंबर 54 के जमादार सुमित कुमार ‘पब्लिक के स्टार’ बने। पहले एक नजर डालते हैं उन समाधानों पर जिससे लोगों की समस्याएं हल हुईं… सुमित कुमार बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोटा के महावीर नगर III, सेक्टर 4 के झूलेलाल मंदिर के पास बने हनुमान मंदिर पार्क की समस्या अनिका गौतम ने पोस्ट की थी। उन्होंने पार्क में नियमित रूप से साफ–सफाई न होने, कचरा समय पर न उठाने और पार्क की दीवारों की दुर्दशा की शिकायत करते हुए समाधान की अपील की थी। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद वार्ड के हैल्थ इंस्पेक्टर सुरेंद्र पंवार के निर्देश पर वार्ड नंबर 54 के जमादार सुमित कुमार ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान करवाकर स्थानीय लोगों को राहत दिलाई है। 9 दिन बाद बिजली का पोल किया दुरुस्त शहर के नान्ता रोड, गणेश विहार, मालियों की ढाणी से हेमराज वर्मा ने हिलते बिजली के पोल की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि तेज हवा चलने, बंदरों के तारों पर झूलने और बारिश में मिट्‌टी कटाव होने पर यह बिजली का पोल हिलता है। जिससे इसके कभी भी गिर जाने का खतरा बना हुआ है। इसके बाद संबंधित विभाग ने बिजली के पोल की मरम्मत करवा सीमेंटेड ब्लॉक बनाकर इसे अपनी जगह पर फिक्स करवा दिया है। अब पोल के गिरने का खतरा नहीं है जिससे स्थानीय लोग बहुत खुश हैं। जाम नालियाें की समस्या का हुआ समाधान कोटा के गुमानपुरा रोड से योगिता पीयूष सिंह ने जाम नालियों और निकासी की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि बड़े फैरो कवर से ढके होने के कारण इन्हें अक्सर हटाकर सफाई नहीं की जाती जिससे नालियां कचरे से जाम हो गई हैं। निकासी न होने से पानी आगे नहीं जा रहा है। इस समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम कर्मचारियों ने नालियों की सफाई कर निकासी दुरुस्त कर दी है। नदी तक जाने वाली प्राचीन सीढ़ियां आईं नजर कोटा के सकतपुरा से डॉ. मनमोहन शर्मा ने कचरे और उससे हुए अतिक्रमण की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि नदी तक जाने वाले पुराने रास्ते पर लोगों ने इतना कचरा डाला कि सीढ़ियां दिखाई देना ही बंद हो गईं। कभी यह सीढ़ियां नदी तक जाने का मुख्य रास्ता हुआ करती थीं। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर संदीप पटोना ने टीम और स्थानीय लोगों की मदद से इस कचरे की सफाई करवाई। सफाई के बाद सीढ़ी का रास्ता फिर से अपने मूल स्परूप में नजर आने लगा है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… 46 साल से खाली प्लॉट में डाल रहे कचरा कोटा के तीन बत्ती सर्किल रोड, महावीर चौक, दादाबाड़ी से गुप्त ने खाली प्लॉट में कचरा डालने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने पोस्ट में बताया कि महावीर नगर विस्तार योजना हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 5 में मेरे मकान संख्या 5–एच–1 के सामने एक खाली प्लॉट है। 1980 से यह प्लॉट खाली पड़ा है और लोगों ने धीरे–धीरे कचरा डालकर इसे पूरा भर दिया है। इस प्लॉट के मालिक का भी कोई अता–पता नहीं है। कचरा बारिश में सड़ रहा है। हमेशा संक्रमण का डर बना रहता है। एक साल से नहीं हुई नालियों की सफाई शहर के शास्त्री मार्केट की ठठेरा गली से धीरज मंगरानी ने अपनी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ को भेजी अपनी पोस्ट में लिखा कि रामपुरा बाजार की इन गलियों में बीते एक साल से न तो नालियों की मरम्मत हुई है न ही इन नालियों का कचरा निकाला गया है। बारिश के मौसम में नालियां ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी रास्ते पर बहने लगता है। मार्केट के व्यापारी इससे बहुत परेशान है। समस्या का समाधान करवाएं। सड़क पर बना गड्‌ढा, हादसे का डर आरकेपुरम से चंद्र प्रकाश गर्ग ने सड़क से जुड़ी समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रामलीला मैदान और डीडीपीएस के ठीक सामने सड़क पर गहरे कट और गड्‌ढे के कारण वाहन चालकों को काफी असुविधा हो रही है। बारिश में इन गड्‌ढों में पानी भरने या रात के अंधेरे में दृश्यता कम होने पर इनसे हादसा होने की आशंका है। चंद्र प्रकाश ने इन गड्‌ढों और कट की मरम्मत करवाने की संबंधित विभाग से अपील की है। घर के आगे जलभराव से परेशान सागर कुमार दास ने आदर्श विहार कॉलोनी, बोरखेड़ा से जलभराव और निकासी से जुड़ी समस्या हमें पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि होली फैमिली हॉस्पिटल के आगे, आदर्श विहार कॉलोनी में अपेक्स अकादमी स्कूल के पास निकासी और जलभराव की बड़ी समस्या है। इस कॉलोनी में दोनों तरफ नालियां बनी हुई नहीं हैं। इससे मानसून की हल्की बारिश में ही घर के आगे पानी भरने से मच्छरों का पनपना शुरू हो गया है। इस कॉलोनी की समस्या का समाधन करवा लोगों को राहत दें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। कोटा ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*’भास्कर समाधान’ में सुरेन्द्र बने ‘पब्लिक के स्टार’:* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*’भास्कर समाधान’: आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्‌ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्‌ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*’भास्कर समाधान’ पर प्रेमचंद बने ‘पब्लिक के स्टार’:* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं ‘पब्लिक की स्टार’:* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने ‘स्टार ऑफिसर’:* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित

उदयपुर में सड़क और रोड लाइटें हुई ठीक:कई इलाकों में अब भी गंदगी और झूलते तारों की समस्या, कनिष्ठ अभियंता रवि जैन बने 'स्टार ऑफिसर'

उदयपुर के कई क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं को लेकर ‘भास्कर समाधान’ का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। सोभागपुरा के आशीर्वाद नगर में महीनों से खराब पड़ी रोड लाइटों को विभाग ने ठीक कर दिया है, वहीं हिरण मगरी सेक्टर 14 में जर्जर हो चुकी 100 फीट रोड की मरम्मत कर कनिष्ठ अभियंता रवि जैन ने लोगों को बड़ी राहत दी है। हालांकि, शहर के कई हिस्सों में अब भी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। न्याय मार्ग की हजरेश्वर कॉलोनी में पब्लिक गार्डन कचरा पात्र में तब्दील हो चुका है, तो पहाड़ा क्षेत्र की लवली एस्टेट कॉलोनी में नाले के पास जमा गंदगी से लोग परेशान हैं। इसके अलावा, होली चौक में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और गोवर्धन विलास में झुके हुए पोल से झूलते बिजली के तारों के कारण हादसे का अंदेशा बना हुआ है, जिसे जल्द ठीक करने की मांग की जा रही है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… हजरेश्वर कॉलोनी से सामने आई कचरी की समस्या
उदयपुर शहर के न्याय मार्ग के हजरेश्वर कॉलोनी निवासी अशोक कोठारी ने दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर पब्लिक गार्डन की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सालों से इस गार्डन को ‘कचरा पात्र’ बना दिया गया है। जिसके कारण हर तरफ कचरा और गंदगी पड़ी रहती है। लोगों ने मांग की है कि इसकी सफाई की जाए।
लाइटों को ठीक किए जाने की मांग
शहर के होली चौक सेंट्रल एरिया से राधे श्याम मेनारिया ने ‘भास्कर समाधान’ पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने लिखा कि परशुराम चौहारा से लेकर हनुमान चौराहा तक लाइटें बंद है। लोगों का कहना है कि लाइटों को ठीक किया जाए ताकि लोगों को आने-जाने में असुविधा न हो।
कॉलोनी के निवासी गंदगी से परेशान
उदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र स्थित लवली एस्टेट कॉलोनी के निवासी पवन शर्मा ने इलाके में गंदगी की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पवन ने बताया कि रूप सागर रोड पर नाले के आस-पास लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा जमा हो रहा है। इस कचरे और गंदगी के कारण पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों का वहां रहना और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और कचरा हटवाने की मांग की है।
झूलते तारों से हादसे का अंदेशा
गोवर्धन विलास अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर बलीचा क्षेत्र से बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय निवासी श्रतिज कुंबत ने ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या साझा करते हुए बताया कि इलाके में एक बिजली का खंभा काफी समय से टेढ़ा होकर झुक गया है। इसके चलते बिजली के तार पेड़ों और आस-पास असुरक्षित तरीके से झूल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि बारिश के मौसम में इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है या करंट फैल सकता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से इस खंभे को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है।
खराब रोड लाइट को किया गया ठीक
सोभागपुरा के आशीर्वाद नगर से डॉ. चक्रपाणि व्यास ने कुछ समय पहले खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि C ब्लॉक में 2-3 महीनों से रोड लाइट खराब थी। हालांकि राहत की बात है कि समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है।
खराब सड़क की समस्या का समाधान
हिरण मगरी के सेक्टर 14 की 100 फिट रोड जर्जर हो गई थी। इस मामले में क्षेत्रवासी दीपक जैन ने समस्या लिखी थी कि इलाहाबाद बैंक के सामने रोड टूट रही है। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम उदयपुर के कनिष्ठ अभियंता ने समाधान कर लोगों को राहत दी है।
रवि जैन बने ‘स्टार ऑफिसर’
उदयपुर शहर के हिरण मगरी सेक्टर 11 में सड़क टूट चुकी थी। इलाहाबाद बैंक के बाहर इस सड़क को लेकर वहां रहने वाले दीपक जैन ने भास्कर एप पर समस्या पोस्ट की थी। इस पर नगर निगम उदयपुर के कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) रवि जैन ने मौके पर इस समस्या का समाधान कराया। जिसके बाद लोगों ने JEN और ‘दैनिक भास्कर’ का आभार जताया है।
पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.आठ साल पुरानी नाले की समस्या का हुआ समाधान:जनसमस्याओं पर कार्रवाई जारी, समाधान से लोगों को मिली राहत, प्रमोद कुमार बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ 2.उदयपुर में बुनियादी सुविधाओं की खुली पोल:सीवर और गंदगी की शिकायतों पर निगम ने दिखाया एक्शन, अजय घारू बने आज ‘पब्लिक के स्टार’ 3.उदयपुर में जलभराव और सीवर से मिली राहत:श्रीनाथ नगर और हिरण मगरी में दूर हुआ संकट, जमादार प्रकाश चंद्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.उदयपुर में बंद स्ट्रीट लाइटों से बढ़ी लोगों की चिंता:कहीं कचरे का अंबार, कहीं पानी-बिजली की मार, लाइनमैन आशीष मीणा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 5.उदयपुर में सड़क पर गड्ढे, नलों में सूखा:कॉलोनियों में बुनियादी विकास की खुली पोल, ऐप पर पोस्ट होते ही दौड़ा प्रशासन 6.उदयपुर में सड़कें बनीं आफत:गारियावास में छाया अंधेरा, प्रताप नगर में गैस पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क छोड़ दी अधूरी 7.उदयपुर में जनता की आवाज का दिखा दम:कहीं 15 दिन बाद हटा कचरा तो कहीं दुरुस्त हुई पानी की टंकी 8.‘भास्कर समाधान’ पर एक क्लिक में हल:फतहसागर में बेसहारा पशु ब्रिज से गिर रहे, बड़गांव में बिजली के तारों पर लटका पेड़, खुली नालियों से हादसे का डर 9.हिरण मगरी में बंद रोड लाइटें ठीक:आर्य समाज मार्ग पर नाली साफ होने से खत्म हुआ जलभराव, लेकिन कॉलोनियों में टूटी सड़क बनी परेशानी 10.उदयपुर में समस्याओं को लेकर लोगों ने उठाई आवाज:सीवर के पानी और मलबे से बढ़ी आफत, खुले नाले और बंद पड़ी रोड लाइटें दे रहीं हादसों को न्यौता

शास्त्री नगर में मनोज मुदगल ने करवाई सफाई:जयपुर के कई इलाकों से हटा कचरा, तो कई जगहों पर सीवर और गंदगी से जूझ रहे लोग

जयपुर के मुरलीपुरा, जगतपुरा, रामगंज और गोपालपुरा क्षेत्रों में कचरे के ढेर, सीवर ओवरफ्लो और नगर निगम कर्मियों की लापरवाही से स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। गंदगी और बदबू के कारण इलाकों में बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट होने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। इसके प्रभाव से सिरसी रोड, शास्त्री नगर, खातिपुरा और नेताजी नगर जैसे कई इलाकों में वर्षों से जमा कचरे को साफ कर लोगों को बड़ी राहत दी गई है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) मुरलीपुरा में कचरे के अंबार से परेशान लोग
जयपुर के मुरलीपुरा स्थित केडिया प्लेस रोड पर कचरे के ढेरों ने स्थानीय लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्थानीय निवासी सुरेश ने ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट करते हुए बताया कि कॉलोनी की मुख्य गली के किनारे लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा जमा है। यहां घरों से निकलने वाले कूड़े-कचरे के साथ कटी हुई पेड़ों की डालियां भी फेंकी जा रही हैं। इस गंदगी से उठती बदबू के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
निगम कर्मी बोले- ‘साफ करने दूसरा आएगा’
जगतपुरा क्षेत्र से स्थानीय निवासी प्रिंस ने ‘भास्कर समाधान’ पर नगर निगम की लापरवाही की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। प्रिंस ने बताया कि निगम के कर्मचारी क्षेत्र में किसी के घर के बाहर बने सीवर टैंक को खाली करने आए थे। टैंक तो साफ कर दिया, लेकिन उससे निकली सारी गंदगी सड़क पर ही फैलाकर छोड़ गए। जब कर्मियों से गंदगी हटाने को कहा गया, तो वे ‘कोई और आकर साफ करेगा’ कहकर टालमटोल कर चले गए। सड़क पर फैली इस गंदगी से उठती बदबू ने लोगों का वहां से निकलना भी मुश्किल कर दिया है।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सफाई
रामगंज क्षेत्र स्थित महेरो का रास्ता से सीवर ओवरफ्लो की समस्या सामने आई है। स्थानीय निवासी तमसील अहमद ने ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि रामगंज बाजार में लंबे समय से सीवर लाइन की सफाई नहीं की गई है। इसके चलते अब सीवर का गंदा पानी उफनकर मुख्य सड़क पर फैलने लगा है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग में शिकायत की है लेकिन, इसके बावजूद अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
गंदगी और बदबू से लोगों का निकलना दूभर
जयपुर के गोपालपुरा स्थित गणेश मार्ग से कचरे की समस्या सामने आई है। इलाके के रहने वाले सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि गुलाब चौक के पास हमेशा भारी मात्रा में कचरा जमा रहता है। इस कचरे से उठने वाली बदबू के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों का वहां से गुजरना भी मुश्किल हो चुका है। गंदगी की वजह से इलाके में कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं, जिससे आसपास के घरों में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
कई समस्याओं का हो रहा समाधान… प्लॉट के सामने से हटा कचरे का ढेर
जयपुर में 200 फीट बाईपास के पास सिरसी रोड पर रहने वाले इंदर को कचरे की समस्या से निजात मिल गई है। दरअसल, कुछ अज्ञात लोग उनके प्लॉट के सामने लगातार कचरा फेंक रहे थे, जिससे गंदगी बढ़ रही थी। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आया और मौके से सारा कचरा साफ करवाकर समस्या का स्थाई समाधान कर दिया।
कचरे की समस्या का हुआ समाधान
शास्त्री नगर के सुभाष नगर रोड से राम निवास ने भी कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि गली में ट्रांसफॉर्मर के नीचे गंदगी जमा हो रही है। समस्या पोस्ट होने के बाद निवर्तमान पार्षद ने समाधान करवा दिया है।
मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’
शास्त्री नगर स्थित सुभाष नगर रोड से सामने आई कचरे की समस्या का तुरंत समाधान हो गया है। यहां के स्थानीय निवासी राम निवास ने ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट की थी कि उनकी गली में बिजली के ट्रांसफॉर्मर के ठीक नीचे लगातार गंदगी और कचरा जमा हो रहा है, जिससे हादसे का भी अंदेशा था। खबर पोर्टल पर सार्वजनिक होते ही निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत सफाई करवाकर स्थानीय लोगों को इस समस्या से राहत दिलाई।
एक क्लिक पर साफ हुई गंदगी
खातिपुरा स्थित जय भवानी कॉलोनी से सामने आई गंदगी की समस्या का नगर निगम के जरिए समाधान कर दिया गया है। यहां के निवासी डॉ. विरेंद्र सिंह राठौर ने लिखा था कि जनक मार्ग में पानी की टंकी के पास स्थित खाली जमीन पर लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा पड़ा हुआ है। जिसके बाद नगर निगम की टीम तुरंत एक्शन में आई और मौके से सारा कचरा साफ करवाकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दी।
नेताजी नगर में कचरे की समस्या खत्म
जयपुर के नेताजी नगर से सामने आई कचरे की समस्या का ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निस्तारण कर दिया गया है। यहां के स्थानीय निवासी नरेंद्र ने समस्या पोस्ट थी कि इलाके की मुख्य सड़क पर रोज कचरा फेंका जा रहा था। हालांकि कचरा उठाने के लिए गाड़ी रोज आ रही थी, लेकिन फिर भी सड़क किनारे सफाई नहीं की जाती थी। समस्या पोस्ट होते ही संबंधित विभाग तुरंत एक्शन में आया और मौके की पूरी तरह सफाई करवा दी। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.एईएन हिमांशु शर्मा बने ‘स्टार ऑफिसर’:जलभराव, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं सुलझीं; ESI डिस्पेंसरी की परेशानी बरकरार 2.जयपुर में अधूरी सड़कें और खतरनाक पेयजल का संकट:काना विहार से लेकर सिद्धार्थ कॉलोनी तक फैली अव्यवस्था, लोगों ने लगाई सुधार की गुहार 3.हनुमान वाटिका में 1 साल से टूटी रोड:मानसरोवर में बीच सड़क पर गैस पाइपलाइन का टैंक, पानी के संकट पर पार्षद शिव सोनी ने लिया एक्शन 4.कचरा, जलभराव और टूटी सड़कें बनी बड़ी समस्या:‘भास्कर समाधान’ पर उठी नागरिकों की आवाज, बनी पार्क और सांगानेर में हुआ समाधान 5.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:हरमाड़ा और विद्याधर नगर में चमकीं बंद पड़ी रोड लाइटें, शिकायत के महज 24 घंटे के अंदर जागा प्रशासन 6.जयपुर में कीचड़, धूल और अंधेरे से जनता परेशान:भास्कर समाधान से जनता को मिली राहत, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन 7.जयपुर में एक क्लिक पर खुली प्रशासन की नींद:टूटी पाइप लाइन ठीक, सुधरी स्ट्रीट लाइट; शहर के कई इलाकों में अब भी हाल बेहाल 8.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्‌ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 9.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 10. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान