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घर में घुसकर महिला से मारपीट और रेप की कोशिश:चिल्लाने पर भागा आरोपी, 2 साल की बच्ची के साथ एक महिला भी लापता

सीकर जिले में 26 साल की महिला के साथ रेप करने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने विरोध करने पर महिला से मारपीट की। और धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 14 जुलाई की सुबह वह घर पर अकेली थी, इसी का फायदा उठाकर गांव का एक युवक वहां आ गया। उसने पहले तो महिला से मारपीट की। फिर जबरन कमरे में ले जाकर रेप की कोशिश की। महिला के चिल्लाने पर आरोपी वहां से फरार हो गया। साथ ही आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी भी दी। 2 युवती और एक महिला लापता इसके अलावा जिले में दो युवतियों और एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। 21 साल की युवती के भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी बहन 13 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे सीकर में एग्जाम का फॉर्म भरवाने के लिए गई थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी। दूसरे केस में 30 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी पत्नी 2 साल की बच्ची को लेकर 13 जुलाई की सुबह करीब 12 से 4 बजे के बीच घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। 22 साल की युवती के भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी बहन 13 जुलाई की रात घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। सुबह जब परिवार जागा तो बहन घर पर नहीं मिली। उसके बाद उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में काफी तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।

दौसा में करंट लगने से बिजली कर्मचारी की मौत:हॉस्पिटल में धरना-प्रदर्शन, मुआवजा-नौकरी की मांग पर अड़े; पुलिस तैनात

दौसा में बिजली विभाग की फॉल्ट रिपेयर टीम (FRT) के एक ठेका कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा मंगलवार देर शाम सदर थाना क्षेत्र के रलावता गांव में भांडारेज फीडर पर हुआ। यहां बिजली लाइन दुरुस्त करते समय अवतार गुर्जर (35) करंट की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। जिला अस्पताल में धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजन, ग्रामीण और परिचित बड़ी संख्या में पहुंच गए। हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही मृतक के परिवार को आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अन्य सरकारी सहायता देने की मांग भी की गई है। समझाइश में जुटी पुलिस, अस्पताल में अतिरिक्त जाप्ता तैनात धरने की सूचना पर डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है।

'स्टूडेंट्स ने नशे से दूर रहने की शपथ ली':गुरुजनों का किया सम्मान; उत्कृष्ट विद्यार्थियों को भी किया सम्मानित

भारत विकास परिषद के बैनर तले पाली के टैगोर नगर स्थित एमटीपी विद्यालय और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाकरी में गुरुवंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करना और विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास करना था। कार्यक्रम में परिषद की अध्यक्ष नूतन बाला कपिला और ग्रुप प्रभारी सुबुद्धि समदड़िया ने विद्यार्थियों को गुरु की गरिमा और जीवन में उनके महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम संयोजक सरोज अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु का स्थान सबसे ऊंचा होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरुजनों का सम्मान करने और पूरे छात्र जीवन में नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। गुरुजनों और होनहार विद्यार्थियों का सम्मान प्रधानाध्यापिका शीला कनौजिया के सानिध्य में विद्यार्थियों ने गुरुजनों के माथे पर तिलक लगाकर और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान पढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्कारित एवं सफल विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। परिषद और विद्यालय परिवार रहा मौजूद एमटीपी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सोनाली भाटी ने नैतिक मूल्यों पर आधारित इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भारत विकास परिषद का आभार जताया। कार्यक्रम में सुरेश अग्रवाल, प्रशांत कटारिया, पुष्पा परिहार, राजेंद्र समदड़िया सहित परिषद के पदाधिकारी और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

युवक को पेड़ पर उल्टा लटकाकर पीटा:शराबबंदी का उल्लंघन करने पर पंचों ने 11 हजार का जुर्माना लगाया, पुलिस ने 11 लोगों को किया डिटेन

उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र में एक युवक को पेड़ से उल्टा लटकाकर मारपीट का मामला सामने आया है। शराबबंदी का उल्लंघन करने पर पंचों ने रस्सी से एक पैर बांधकर युवक को बरगद के पेड़ लटका दिया और उसके साथ मारपीट की। साथ ही युवक पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। घटना 12 मई 2026 की है। मंगलवार (14 जुलाई) को घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने संज्ञान लेकर रिपोर्ट दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मंगलवार को 11 लोगों को डिटेन कर लिया। घटना सायरा थाना क्षेत्र के कमोल गांव की है। पिता से मारपीट का आरोप सायरा थानाधिकारी कानाराम सीरवी ने बताया कि यह घटना 12 मई की है। कमोल गांव में पंचों ने अपने स्तर पर शराबबंदी लागू की थी। युवक चूनाराम गमेती ने 11 मई को शराब पी और नशे की हालत में घर पहुंचा। पिता के टोकने पर उसने अपने पिता से अभद्र व्यवहार किया। युवक पर पिता से मारपीट के भी आरोप लगाए हैं। अगले दिन (12 मई को) समाज के कुछ लोगों ने (पंचों ने) घटना को लेकर भील बस्ती में बैठक आयोजित की। शराबबंदी का नियम तोड़ने के आरोप में युवक चूनाराम पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसके बाद उसका एक पैर रस्सी से बांधकर पेड़ पर उल्टा लटका दिया। फिर उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो मंगलवार को सोशल मीडिया पर शेयर हो गया। 11 लोगों को डिटेन किया घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 आरोपियों को डिटेन किया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

झुंझुनूं जिला हॉस्पिटल में बिना पहचान के बांट रहे दवाइयां:फार्मासिस्ट बिना यूनिफॉर्म और नेम प्लेट के ड्यूटी पर

झुंझुनूं के बीडीके जिला अस्पताल में दवा बांटने के दौरान नियमों की अनदेखी हो रही है। दवा काउंटर पर कई फार्मासिस्ट बिना सफेद कोट, नेम प्लेट और किसी भी पहचान के मरीजों को दवा दे रहे हैं। जबकि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के नियमों के मुताबिक हर फार्मासिस्ट के लिए सफेद एप्रन पहनना और नाम, पद और रजिस्ट्रेशन नंबर वाली नेम प्लेट लगाना जरूरी है, ताकि मरीज को पता रहे कि उसे दवा कौन दे रहा है और गलती होने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। बिना पहचान के हो रहा दवा वितरण बीडीके अस्पताल के दवा काउंटर पर हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन दवा देने वाले कर्मचारियों की पहचान स्पष्ट नहीं होती। फार्मासिस्ट सामान्य कपड़ों में ड्यूटी करते नजर आते हैं। यह स्थिति फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन के विपरीत बताई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय मानी जा रही है। गलती होने पर जवाबदेही तय करना मुश्किल यदि कोई मरीज दवा या उसकी जानकारी को लेकर सवाल पूछता है, तो कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। वहीं, यदि दवा वितरण में कोई गलती हो जाए या गलत दवा दे दी जाए, तो बिना नाम और पदनाम के जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शिकायत और जवाबदेही तय करना भी आसान नहीं रहता। डॉक्टर और नर्स ड्रेस कोड में, फार्मासिस्टों पर सवाल अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियन तय ड्रेस कोड और नेम प्लेट के साथ ड्यूटी करते हैं, लेकिन दवा काउंटर पर तैनात फार्मासिस्टों के मामले में ऐसा नहीं दिखता। इससे अस्पताल में नियमों के पालन को लेकर दोहरे मापदंड होने के सवाल उठ रहे हैं। पड़ोसी राज्यों में यूनिफॉर्म अनिवार्य हरियाणा और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में फार्मासिस्टों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य है, जिससे मरीज आसानी से उनकी पहचान कर सकें और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे। इसके उलट झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में इन मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है। PCI के नियम क्या कहते हैं फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के अनुसार, फार्मासिस्ट के लिए सफेद कोट या एप्रन पहनना अनिवार्य है। साथ ही सीने पर नेम प्लेट, पदनाम और आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नंबर होना भी जरूरी है, ताकि मरीज यह पहचान सके कि वह किसी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट से दवा ले रहा है। दवा काउंटर पहले भी रहा विवादों में बीडीके अस्पताल का दवा काउंटर पहले भी विवादों में रह चुका है। कुछ समय पहले रात के समय गलत दवा देने और मरीजों के साथ बदसलूकी जैसी शिकायतें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बांसवाड़ा में जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या:लाठी-डंडों से पीटा; 4 महिलाओं समेत 9 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल बंद कर फरार हो गए थे

बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी थाना क्षेत्र के बावड़ी गांव में जमीन के मामूली विवाद में एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 4 महिलाओं समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद सभी आरोपी घरों पर ताला लगाकर और मोबाइल बंद कर फरार हो गए थे। जमीन के विवाद में परिवार पर हमला पुलिस के अनुसार 9 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9 बजे बावड़ी गांव में सानूर और आरोपी पक्ष के बीच जमीन को लेकर कहासुनी हुई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और आरोपी एकजुट होकर लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। उन्होंने सानूर और उसके परिवार के लोगों पर हमला कर दिया, जिससे सानूर सहित परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत घायलों को 108 एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आनंदपुरी ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत को देखते हुए सभी को महात्मा गांधी हॉस्पिटल, बांसवाड़ा रेफर किया गया। इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल सोहन (58) पुत्र कपुरा, पटेल भील निवासी बावड़ी की 10 जुलाई को मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही आरोपी गिरफ्तारी के डर से घरों पर ताला लगाकर और मोबाइल बंद कर फरार हो गए। मुखबिर और तकनीकी मदद से 9 आरोपी पकड़े हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उनके रिश्तेदारों से भी जानकारी जुटाई। आखिरकार मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी सहायता की मदद से पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बावड़ी गांव निवासी शंकरलाल (61), पप्पू, गोविंद, महेश, कान्तिलाल, मणी (30), मोगी (60), रेखा (33) और कोकिला (26) शामिल हैं।

तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, बेटे की मौत:हादसे में 4 साल की बेटी और मां भी चोटिल, घायल को जयपुर रेफर किया

अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में नटनी का बारा के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पिता-पुत्र को पीछे से टक्कर मार दी। जिससे 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके बुजुर्ग पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अलवर से जयपुर रेफर किया गया है। वहीं, हादसे की खबर सुनते ही घर में मची चीख-पुकार के बीच मृतक की मासूम बेटी और मां भी गिरकर चोटिल हो गईं। नानी सास के निधन पर जा रहे थे डहलावास पुलिस के अनुसार, चांद पहाड़ी निवासी दिनेश गुर्जर (30) अपने पिता सरजीवन गुर्जर (60) के साथ बाइक पर सवार होकर डहलावास जा रहे थे। दरअसल, दिनेश की नानी सास का निधन हो गया था, जिसके बाद वे वहां स्नान की रस्म में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही वे नटनी का बारा के पास पहुंचे, पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से दिनेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं पिता सरजीवन सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अलवर जिला अस्पताल लाया गया। जहां से जयपुर रैफर कर दिया। घर में मां-बेटी फिसल कर गिरी हादसे की खबर जैसे ही दिनेश के घर पहुंची, घर में कोहराम और अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान घबराकर भागने के चक्कर में मृतक दिनेश की 4 साल की बेटी मोनिका और उसकी मां रेशम बाई अचानक जमीन पर गिर गईं। उनको भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इधर, दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक पुलिस के डर से वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। अकबरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को शव सौंप दिया है।

अलवर में तेज-बारिश से सागर में पानी की आवक शुरू:आज भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार, जानिए अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम

अलवर जिले में बुधवार सुबह कुछ देर धूप निकलने के बाद फिर आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मंगलवार को हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे से 3:15 बजे तक शहर में अच्छी बारिश हुई। जिले के कई अन्य इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। शहर में 18 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि भवानी तोप में 13 एमएम, राजगढ़ में 16 एमएम, जयसमंद में 12 एमएम, सिलीसेढ़ में 13 एमएम और नौगांव में 5 एमएम बरसात हुई। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल जिले के लिए कोई मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के चलते सागर में भी पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे जल स्रोतों को राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इससे किसानों के साथ-साथ आमजन को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

जयपुर में बहन की मौत का बदला,मेडिकल स्टूडेंट को काटा:कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी लड़की, परिवार वाले बोले- सुसाइड नहीं, हत्या है

जयपुर में अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए भाई ने उसके मेडिकल स्टूडेंट दोस्त को अधमरा कर दिया। आरोपी ने युवक के सिर, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किया। घायल युवक पिछले 8 दिनों से महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। यह पूरी घटना 8 जुलाई की है। घायल युवक के पिता ने 13 जुलाई को जयपुर के संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1- वारदात से पहले पिता को धमकी झुंझुनूं के रहने वाले पीड़ित पिता (54 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिलानी के एक कॉलेज से डॉक्टरी (मेडिकल) की पढ़ाई कर रहा है। 8 जुलाई को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अंजान लड़के का फोन आया। कॉल करने वाले ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।
कहा- तुम्हारे बेटे की वजह से मेरी बहन ने सुसाइड कर लिया है। अब हम तुम्हारे बेटे को कुल्हाड़ी से काट कर मार देंगे। इस धमकी भरे कॉल के कुछ ही देर बाद एक परिचित ने पिता को फोन कर बताया कि उनके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ है और उसे गंभीर हालत में महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 2- फ्लैट में फंदे से लटकी मिली थी बहन थानाधिकारी के मुताबिक, युवती (मृतक) जयपुर में अपने भाई के साथ एक फ्लैट में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। हमले से तीन दिन पहले, पीड़ित युवक (दोस्त) उनके फ्लैट पर आया था। रात को भाई और बहन अपने-अपने कमरों में सोने चले गए, जबकि दोस्त (मेडिकल स्टूडेंट) बाहर हॉल में सो गया था। अगले दिन सुबह (10 जुलाई) करीब 8 बजे भाई सोकर उठा, तो बहन कमरे में चुन्नी के फंदे से लटकी हुई मिली। पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से सबूत जुटाए और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिवार वालों को सौंप दिया था। 3- आरोप- गला घोंटकर की गई हत्या युवती के परिजनों का आरोप है कि रात को दोस्त के साथ किसी बात को लेकर लड़की की कहासुनी हुई थी। इसके बाद मौका पाकर युवक ने चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और इसे सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 11 जुलाई को युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब सालभर पहले दोनों की दोस्ती हुई थी और उनका आपस में मिलना-जुलना था। बहन की मौत का जिम्मेदार दोस्त को मानते हुए भाई ने बदला लेने के लिए यह कातिलाना हमला किया। 4- वीडियो में कुल्हाड़ी से काटते दिखे दो लड़के अस्पताल में बेटे का इलाज करा रहे बेबस पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। बदमाश कह रहे हैं कि वे उनके बेटे को अस्पताल के अंदर ही मार डालेंगे या बाहर निकलते ही जान से खत्म कर देंगे। पीड़ित पिता को एक वीडियो भी मिला है, जिसमें दो लड़के कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से उनके बेटे के सिर और शरीर पर बेरहमी से वार करते नजर आ रहे हैं। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे। पिता के अनुसार, बेटे की गर्दन, सिर और हाथ-पैर पर गहरे जख्म हैं और उसे कई जगहों से धारदार हथियार से काटा गया है। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

बीकानेर में आईसीयू में भर्ती एक और प्रसूता की मौत:पति बोला-पुलिस जबरदस्ती बॉडी ले गई; एक महीने में चार प्रसूताओं ने दम तोड़ा

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद भर्ती एक और प्रसूता की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले एक महीने में किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन (शरीर के कई अंगों ने काम करना छोड़ा) से चार प्रसूताएं दम तोड़ चुकी है। मृतका के पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी और पुलिस शव जबरन ले गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला पहले से टाइप-1 डायबिटीज (शुगर की गंभीर बीमारी) से पीड़ित थी और उसे बचाने के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह लेकर इलाज किया जा रहा था। पढ़िए … क्या है पूरा मामला 1. पति बोले- खून बह रहा था, फिर ओटी ले गए पति मेघराज ने बताया – कमला करीब एक महीने से आईसीयू में भर्ती थी। करीब 15 दिन पहले उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था और पांच दिन पहले आईसीयू में ही ट्रेकियोस्टोमी की गई थी। मंगलवार को उसके गले से काफी खून बह रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे पैकिंग खोलने की बात कहकर उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद वापस आईसीयू लाया गया और शाम करीब सवा चार बजे मौत की सूचना दी गई। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने यह भी नहीं बताया कि कमला को ऑपरेशन थिएटर क्यों ले जाया गया था। 2. मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप कमला की मौत की खबर मिलते ही परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल में हंगामा हो गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्चरी में शिफ्ट कराया। पति मेघराज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई और पुलिस शव जबरन ले गई। उन्हें अंतिम बार शव देखने तक नहीं दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मॉर्चरी के बाहर पुलिस तैनात की गई। 3. अस्पताल बोला- मरीज पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया – कमला को टाइप-1 डायबिटीज थी और वह समय पर इंसुलिन भी नहीं ले रही थी। डिलीवरी के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और वह मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन में चली गई। बेहतर इलाज के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह ली गई, लेकिन मंगलवार को कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट आने से उसकी मौत हो गई। 4. मेडिकल बोर्ड ने इलाज की पूरी जानकारी दी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्यामलाल मीणा ने बताया – 23 जून को मेडिकल बोर्ड बनने के बाद कमला की हालत में सुधार हुआ था। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अनिता शर्मा ने कहा – 9 जून को सिजेरियन के बाद यूरिन आउटपुट बंद होने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था। डिलीवरी भी काफी जटिल थी और खून के थक्के बनने के कारण 15 दिन बाद दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फालोदिया ने बताया – कमला के 19 डायलिसिस किए गए थे और इलाज के दौरान उसका यूरिन आउटपुट बढ़कर 900 एमएल तक पहुंच गया था। 5. एक महीने में चौथी प्रसूता की मौत पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन से एक महीने में यह चौथी प्रसूता की मौत है। इससे पहले 19 जून को प्रीति, 21 जून को शारदा और 6 जुलाई को लीला देवी की मौत हो चुकी है। प्रसव के बाद ऐसी हालत में सात प्रसूताओं को भर्ती किया गया था। इनमें से तारा, राहिला और इमरती इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुकी हैं। कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने भी अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीनता और लापरवाही का आरोप लगाया है। 6. प्रदेश में अब तक 23 प्रसूताओं की मौत सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमण से यह प्रदेश की 23वीं प्रसूता की मौत है। इससे पहले कोटा, बीकानेर, जोधपुर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं के बाद ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में संक्रमण की आशंका जताई गई है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों को एसओपी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। — पीबीएम हॉस्पिटल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं