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डिग्गी-कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा का पोस्टर लॉन्च:18 अगस्त को जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से होगी रवाना

टोंक जिले के प्रसिद्ध मंदिर डिग्गी कल्याण जी में शनिवार को 61वीं लक्खी पदयात्रा का पोस्टर लॉन्च हो गया। यह पैदल यात्रा 18 अगस्त को जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से शुरू होगी और 22 अगस्त को डिग्गी धाम पहुंचेगी पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में पदयात्रा से जुड़े पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यात्रा के सफल आयोजन का संकल्प लिया। विमोचन जयपुर लक्खी पदयात्रा के संचालक श्रीजी शर्मा, पत्रकार मनोज टांक, दीपांशु पाराशर और अन्य श्रद्धालुओं ने किया। पदयात्रा के पदाधिकारी बोले- जयपुर से डिग्गी कल्याणजी तक निकलने वाली लक्खी पदयात्रा वर्षों से आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान श्री कल्याणजी महाराज के दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। पोस्टर विमोचन के साथ ही पदयात्रा की तैयारियों को गति देने पर भी चर्चा की गई। पदयात्रा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कल्याणजी महाराज के दर्शन कर यात्रा के सफल एवं मंगलमय आयोजन की प्रार्थना की। लक्खी पदयात्रा की जानकारी 18 अगस्त को यात्रा सुबह 9 बजे जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से शुरू होगी। यात्रा 19 अगस्त को मदरामपुरा/हरसूलिया, 20 अगस्त को फागी और 21 अगस्त को चौसला में रुकेगी। 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचने पर शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। लक्खी पदयात्रा में राजस्थान और अन्य राज्यों से लाखों भक्त नंगे पैर चलते हैं। डिग्गी कल्याण जी का मंदिर टोंक की मालपुरा तहसील के डिग्गी कस्बे में है। यह स्थान जयपुर से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर है। इनपुट:दीपांश दीपांशु पाराशर, डिग्गी।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:व्यापारी को कार में डालकर ले गए बदमाश; मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट से निकले हत्यारे; युवक को हाथी से कुचलवाया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर अलवर से है। यहां कोर्ट ने हत्या के मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद
अलवर में चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। पूरी खबर पढ़ें 2. जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी
जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक बार फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस होने पर सभी को हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से 1 वेंटिलेटर पर है, जबकि 3 ICU में एडमिट हैं। 1 प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पूरी खबर पढ़ें 3. 500 रुपए नहीं देने पर युवक को हाथी से कुचलवाया
बांसवाड़ा के पाटन थाना इलाके में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। पैर से कुचलने से उसकी पसलियां टूट गईं। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे थे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि हमला करवाने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें 4. भाजपा नेता के घर 3 करोड़ रुपए कैश मिले
भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर से ED की टीम को 3 करोड़ कैश और 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट मिले। साथ ही कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं। बिहार में अवैध बजरी खनन में 131 करोड़ के गबन के आरोप में 8 ठिकानों पर ED ने छापा मारा था। पूरी खबर पढ़ें 5. हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलश
जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. तेज रफ्तार ट्रेलर पलटा, बाइक सवार बाल-बाल बचे
दौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर पलट गया। गनीमत रही कि ट्रेलर आगे चल रहे LPG टैंकर से नहीं टकराया। इस दौरान हाईवे पर जा रहे बाइक सवार 2 व्यक्ति बाल-बाल बच गए। दोनों भरतपुर की तरफ जा रहे थे, लेकिन घबराकर लौट गए। पूरी खबर पढ़ें 7. व्यापारी का किडनैप, कार में डालकर ले गए
बाड़मेर के रीको थाना इलाके में क्रेटा कार में आए 4 बदमाशों ने एक व्यापारी का किडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद 2 बदमाश उसे जबरन उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी खबर पढ़ें 8. बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ
कोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट में मगरमच्छ घुस गया। यहां मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने मगरमच्छ को देखा तो डरकर बाहर भाग निकले। मगरमच्छ आने से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी डर गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. लेपर्ड ने पर्यटकों के सामने किया शिकार
जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड फ्लोरा के शावक ने एक जंगली खरगोश का शिकार किया। जंगली खरगोश घास में छुपकर बैठा था। शावक भी घात लगाकर बैठा था। मौका देखते ही शावक ने झपट्टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. करौली का 26वां स्थापना दिवस कल
पूर्वी राजस्थान के करौली का 26वां स्थापना दिवस 19 जुलाई को मनाया जाएगा। इस मौके पर ‘रन फोर करौली’ और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।

गर्लफ्रेंड टॉर्चर करती थी, नर्सिंगकर्मी ने आत्महत्या की:जयपुर में कमरे में शव के पास मिला इंजेक्शन-सिरिंज; मरने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा

जयपुर में महावीर कैंसर हॉस्पिटल के एक नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड कर लिया है। किराए के कमरे में बेड पर शव मिला। मरने से पहले नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड नोट में छोड़ा है। सुसाइड नोट में लिखा- हॉस्पिटल में साथ काम करने वाली एक लड़की, जो मेरे साथ रिलेशनशिप में है। मुझे पिछले काफी दिनों से मानसिक रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) कर रही है। मामले की सूचना पर मालवीय नगर थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पढ़िए नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड नोट में क्या लिखा… कोटा का रहने वाला था नर्सिंगकर्मी मालवीय नगर थाने के एसआई विजय पाल ने बताया- कोटा के भीमगंजमंडी निवासी अरुण देतवाल (38) पुत्र बाबूलाल ने सुसाइड कर लिया। वह मालवीय नगर के सेक्टर-1 में किराए पर रहता था और महावीर कैंसर हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी के रूप में कार्यरत था। गुरुवार सुबह 10 बजे से ही परिजनों ने अरुण को कई बार फोन किया था, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया। बार-बार संपर्क करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला। किसी अनहोनी की आशंका में परिजन गुरुवार रात कोटा से जयपुर पहुंचे। अरुण के कमरे पर पहुंचने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला। इस पर परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो कमरे में बेड पर अरुण अचेत अवस्था में पड़ा था। कमरे में पड़ा मिला इंजेक्शन और सिरिंज एसआई ने बताया- सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस को बेड पर अरुण मृत अवस्था में मिला और उससे कुछ ही दूरी पर एक इंजेक्शन और सिरिंज पड़ी हुई थी। कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को अरुण का लिखा सुसाइड नोट मिला। मृतक के भाई शुभम ने सुसाइड नोट के आधार पर मालवीय नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शनिवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रिकवरी एजेंटों से परेशान युवक ने सुसाइड किया:परिजन बोले- दोबारा आने की धमकी देकर गए थे, 1 लाख का लोन था

ब्यावर शहर के जामा मस्जिद लोहारन चौपड़ क्षेत्र में कर्ज के दबाव में एक युवक के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने दो निजी वित्तीय संस्थाओं के रिकवरी एजेंटों पर लगातार वसूली का दबाव बनाने, धक्का-मुक्की करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 व 115(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपित एजेंटों को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, साथ ही प्रशासन ने परिजनों की कुछ मांगों पर सहमति और अन्य पर आश्वासन दिया है। करीब एक लाख रुपए का लिया था लोन परिजनों के मुताबिक जफर (32) ने क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड से 70 हजार रुपए का समूह लोन तथा मुथूट फाइनेंस से करीब 30 हजार रुपए का पर्सनल लोन लिया था। लोन कब लिया गया और कितनी किश्तें बकाया थीं, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। रिकवरी एजेंटों पर गंभीर आरोप जफर के भतीजे मोहम्मद साजिद का आरोप है कि दोनों संस्थाओं के रिकवरी एजेंट बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के घर पहुंच जाते थे और फोन कर भुगतान का दबाव बनाते थे। उनका कहना है कि शुक्रवार को क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड का रिकवरी एजेंट रामकिशोर घर पहुंचा और मृतक के पिता सलीम खान के सामने जफर के साथ कथित धक्का-मुक्की कर दोबारा आने की धमकी देकर चला गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को मुथूट फाइनेंस का रिकवरी एजेंट दाऊद भी कथित रूप से जफर के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की कर चुका था। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई ऑडियो, वीडियो या सीसीटीवी फुटेज सामने नहीं आया है। पुलिस भी इन आरोपों की जांच कर रही है। तनाव के बीच उठाया कथित आत्मघाती कदम परिजनों के अनुसार जफर सामान्य व्यवहार कर रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से आर्थिक दबाव के कारण मानसिक तनाव और अवसाद में था। उनका कहना है कि शुक्रवार रात कथित घटना के बाद वह घर के अंदर गया और दुपट्टे से फंदा लगाकर कथित आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे राजकीय अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक जफर हुसैन वेल्डिंग का काम करता था और वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी, छह और चार साल की दो बेटियां, चार माह का एक बेटा तथा वृद्ध माता-पिता हैं, जो पूरी तरह उसी पर आश्रित थे। परिजनों के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था।

पोस्टमार्टम से पहले धरना, रखीं कई मांगें घटना के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के समक्ष दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों की गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को कर्ज से मुक्ति, पत्नी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या आशा सहयोगिनी के रूप में रोजगार तथा आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ मांगों पर सहमति जताई, जबकि अन्य मांगों पर आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। शाम को पोस्टमार्टम, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर सिटी थानाधिकारी आशुतोष पाण्डे, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से वार्ता करते रहे। एफआईआर दर्ज, दोनों एजेंट हिरासत में परिजनों का आरोप है कि घटना वाली रात कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने विरोध जताया। बाद में शनिवार दोपहर ब्यावर सिटी थाने में एफआईआर संख्या 279/26 दर्ज की गई। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण) और 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया है। दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक का पक्ष आना बाकी मामले में संबंधित वित्तीय संस्थाओं का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला। अब तक किसी भी संस्था की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित रिकवरी एजेंट सीधे संस्थाओं के कर्मचारी थे या आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थे। सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन धरने के दौरान मुस्लिम नौजवान समिति के सदर मोहम्मद साजिद और उनके साथियों ने परिजनों का समर्थन किया। हालांकि, किसी संगठन की ओर से प्रशासन को अलग से ज्ञापन नहीं सौंपा गया।

ट्रक के फ्यूल टैंक से टकराई बाइक,हाईवे पर फैला डीजल:अनूपगढ़ जा रहे दंपती की मौत, भाई के रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए आई थी महिला

श्रीगंगानगर में तेज रफ्तार बाइक सामने से आ रहे ट्रक के फ्यूल टैंक से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दंपती की मौत हो गई। वहीं ट्रक के क्षतिग्रस्त टैंक से फ्यूल हाईवे पर फैल गया। घटना अनूपगढ़ थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-911 पर संधू ढाबे के पास की है। एएसआई सलीम पठान ने बताया- शनिवार दोपहर 1:30 बजे सूचना मिली कि थाना क्षेत्र स्थित संधू ढाबे के आगे एक बाइक का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक सवार दंपती को अनूपगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने पति गुरदीप राम निवासी पदमपुर और पत्नी सोना देवी का प्राथमिक उपचार कर बीकानेर रेफर कर दिया। अनूपगढ़ से 10 किलोमीटर आगे पतरोड़ा के पास पति गुरदीप राम (43) की मौत हो गई। वहीं सोना देवी (39) ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फ्यूल टैंक हुआ क्षतिग्रस्त पुलिस ने बताया- टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का फ्यूल टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। जिसमें से फ्यूल बाहर निकलने लगा। इस पर ड्राइवर ने उसे प्लास्टिक की कैन में भरा। पत्नी के साथ ससुराल में रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए आया था मृतक महिला सोना देवी के भाई जगदेव सिंह निवासी अनूपगढ़ ने बताया-बहन सोना देवी और जीजा गुरदीप राम 6 दिन पहले रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए अनूपगढ़ आए थे। शनिवार को जीजा ने कहा कि गांव 6 पी में कोई परिचित रहता है। उससे मिलकर आते हैं। ऐसे में लौटते समय अनूपगढ़ से 4 किलोमीटर पहले दोपहर 1:15 बजे बीकानेर की ओर से आ रहे ट्रक से उनकी टक्कर हो गई। ट्रक और क्षतिग्रस्त बाइक को किया जब्त एएसआई सलीम पठान ने बताया- शवों को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ट्रक और क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है। गुरमीत राम मजदूरी करता था। गुरमीत और सोना के 2 बेटे और एक बेटी है। … यह खबर भी पढ़ें पति के सामने पत्नी को ट्रक ने कुचला:सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े; स्कूटी पर डॉक्टर के जा रहा था दंपती पाली में नेशनल हाईवे पर स्कूटी सवार दंपती को ट्रेलर ने टक्कर मार दी, बैलेंस बिगड़ने के कारण पति सड़क किनारे, वहीं पत्नी हाईवे के बीचों-बीच गिरी। पीछे से आ रहा ट्रक पति के सामने महिला को रौंदते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। (पढ़ें पूरी खबर)

राजस्थान में खतरनाक वायरस से बच्ची की मौत!:गुजरात में चल रहा था इलाज, अलर्ट के बाद डूंगरपुर में 353 लोगों की स्क्रीनिंग

डूंगरपुर की 6 साल की बच्ची की गुजरात में मौत हो गई। मासूम की मौत चांदीपुरा वायरस से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत का कारण सामने आ पाएगा। गुजरात सरकार की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। धंबोला के रतनपुरा गांव में 353 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जानकारी के अनुसार बच्ची के गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में 15 जुलाई को सैंपल लिए गए। उसी दिन बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव आ गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी। हिम्मतनगर अस्पताल ने सैंपल लेने की सूचना गुजरात सरकार को दी, जिस पर गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने मरीज डूंगरपुर का होने से राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग जयपुर से 18 जुलाई को डूंगरपुर सीएमएचओ ऑफिस को सूचना मिलने पर टीम अलर्ट हुई। संक्रमण रोकने के लिए विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव में जांच कर रही हैं। संक्रमण रोकने के लिए गांव में फॉगिंग कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों और सैंडफ्लाइज (रेतीली मक्खी) से बचाव की सलाह दी गई है।
ग्राफिक में समझे, कैसे करें बचाव…

सरकारी स्कूल में टीचर ने छात्रा को कमरे में बुलाया:कहा- अकेले आओगी, तब ही कॉपी मिलेगी; आरोपी का ट्रांसफर

भीलवाड़ा में एक सरकारी स्कूल में टीचर ने छात्रा को अकेले कमरे में बुलाया। डर से छात्रा स्कूल नहीं गई। घरवालों ने पूछा तो उसने आपबीती बताई। शनिवार को परिजनों स्कूल में जाकर हंगामा किया। शिकायत के बाद टीचर का ट्रांसफर कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में छात्रा (17) ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 12 बजे टीचर उनकी क्लास में आए और स्टूडेंट्स की कॉपियां जांचने लगे। सभी छात्रों की कॉपियां वापस कर दी गईं, लेकिन उसकी कॉपी अपने पास रख ली। आरोप है कि टीचर ने छात्रा से कहा कि वह अकेले कमरे में आए, तभी उसकी कॉपी लौटाई जाएगी। छात्रा ने बताया कि वह अपनी दो साथी स्टूडेंट्स के साथ कॉपी लेने पहुंची तो टीचर ने कहा कि वह अकेले आएगी, तभी कॉपी मिलेगी। इसके बाद वह बिना कॉपी लिए घर लौट गई। डर के कारण स्कूल नहीं गई
छात्रा का कहना है कि घटना के बाद वह डर गई और 17 जुलाई को स्कूल नहीं गई। उसने आरोप लगाया कि टीचर की इस हरकत से वह मानसिक तनाव में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बच्ची को घर में सहमा हुआ देखकर परिजनों ने कारण पूछा तो छात्रा ने आपबीती बताई, जिसके बाद शनिवार को परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामला शांत कराया। जांच कमेटी गठित, टीचर का ट्रांसफर
प्रिंसिपल का कहना है कि मामले में जांच कमेटी बना दी है। आरोपी टीचर का मुख्यालय चेंज कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। मामले में आरोपी टीचर से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद आया। वहीं संबंधित थानाधिकारी का कहना है कि छात्रा की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

टीचर्स स्टूडेंट की भावनाओं को समझेंगे:तनाव मैनेजमेंट और भावनात्मक संतुलन पर शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग

राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) में शुक्रवार को वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया गया। इसके जरिए टीचर ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे नीचे जाकर स्कूलों के स्टूडेंट की मदद करेंगे। परिषद की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा- वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिजिटल दुनिया के प्रभाव के कारण बच्चों में तनाव, चिंता और भावनात्मक असंतुलन जैसी समस्याएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा- पहले बच्चे खुले माहौल में खेलते-कूदते थे। अपेक्षाकृत अधिक बेफिक्र रहते थे, लेकिन आज कई बच्चे तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सही दिशा देना समय की आवश्यकता है। फगेड़िया ने बताया कि परिषद ने शिक्षकों के लिए एक विशेष मॉड्यूल तैयार किया है। इसके माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे स्टूूडेंट्स की भावनाओं को पहचाने, उन्हें सकारात्मक रूप से व्यक्त करने तथा तनाव और क्रोध जैसी परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना करने में मदद कर सकें। प्रशिक्षण में यह भी बताया जाएगा कि तनाव और गुस्से के पीछे के कारणों को कैसे समझा जाए और उन्हें प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के उपाय क्या है। उनका कहना था कि यदि बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जाए तो वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों का भी आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकेंगे। परिषद से डॉ. आभा शर्मा और पिरामल फाउंडेशन से प्रवीण कुमार और मणि कुमार ने अतिथियों को ‘वेलनेस जोन’ की परिकल्पना, दीवारों पर बनाई गई अवधारणाओं, और भावनाओं के चक्र से परिचित कराया। कार्यक्रम में अतिथियों ने पांच मिनट के एक रेसोर्सिंग ध्यान सत्र का अनुभव लिया और अपने विचार साझा किए। जानिए वेलनेस सेंटर के बारे में सहेली रोड स्थित RSCERT कार्यालय के अंदर वेलनेस सेंटर बनाया है। इस केंद्र पर मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए परामर्श, प्रशिक्षण और विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी। केंद्र विद्यार्थियों और शिक्षकों को तनावमुक्त, सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली अपनाने में मदद करेगा। यहां से प्रशिक्षित शि​क्षक स्टूडेंट की मदद करेंगे वेलनेस सेंटर से प्रशिक्षित होने वाले टीचर अपने स्कूल के स्टूडेंट की मदद करेंगे। उनकी बात और भावनाओं को समझ कर उनको गाइड करेंगे। इसमें विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव और चिंता को कम करने से लेकर परीक्षा, प्रतिस्पर्धा और सोशल मीडिया के दबाव से निपटने में सहायता करेंगे। भावनात्मक संतुलन और मानसिक मजबूती विकसित करने, व्यवहार संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और समाधान तथा सकारात्मक और सुरक्षित शिक्षण वातावरण तैयार करने पर खास फोकस होगा।

BSF जवान को पिता ने मुखग्नि दी, पत्नी बेसुध हुई:ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई थी बाइक, 9 दिन इलाज चला; 8 महीने पहले हुई थी शादी

सड़क हादसे में घायल BSF जवान मुकेश राठौड़ का 8 दिन चले इलाज के बाद निधन हो गया। उनकी बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में वे गंभीर घायल थे और उनका जोधपुर में इलाज चल रहा था। उनकी पार्थिव देह आज जैसलमेर के उनके पैतृक गांव नग्गा पहुंची थी। यहां 2 किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें गांव के लोग उमड़ पड़े। भारत माता की जय और मुकेश अमर रहे के नारे भी लगाए। आगे उनकी पार्थिव देह और पीछे पूरा गांव पैदल चलता रहा। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई, उन्हें पिता ने मुखाग्नि दी। परिजनों के अनुसार, पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी। उनकी पत्नी भी गर्भवती हैं। अब पढ़िए जवान के साथ हुए हादसे की पूरी कहानी 2022 में जॉइन की थी BSF जानकारी के अनुसार, मुकेश की 2025 नवम्बर में ही शादी हुई थी। उनकी शादी को 7 महीने ही हुए थे और उनकी पत्नी गर्भवती भी थीं। उनकी मां मूली देवी बहुत पहले ही निधन हो गया था। मुकेश के पिता भजनाराम ने ही खेती-किसानी करते हुए मुकेश को पाला और 2022 में उनका BSF में चयन हुआ था। मुकेश जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए विधायक छोटू सिंह भाटी, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव, महंत बाल भारती और पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी मौजूद रहे।

दौसा में तेज रफ्तार ट्रेलर पलटने का VIDEO:ड्राइवर को झपकी आई, LPG टैंकर को बचाने के प्रयास में पलटा, बाइक सवार बाल-बाल बचे

दौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान हाईवे पर जा रहे बाइक सवार दो लोग भी बाल-बाल बच गए। दोनों भरतपुर की ओर जा रहे थे, लेकिन घबराकर वापस लौट गए। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे आगरा रोड पर गोविंददेवजी मंदिर के सामने हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। गनीमत रही कि बेकाबू ट्रेलर आगे चल रहे एलपीजी टैंकर से नहीं टकराया, वरना भयावह हादसा हो सकता था। देखिए घटनाक्रम से जुड़ी 3 तस्वीरें भरतपुर की तरफ जा रहा था ट्रेलर
सदर थाना प्रभारी युधिष्ठिर ने बताया कि जयपुर से भरतपुर की ओर जा रहे ट्रेलर के ड्राइवर को झपकी आने के कारण हादसा हुआ। ड्राइवर की झपकी खुली तो सामने एलपीजी टैंकर काफी करीब दिखाई दिया, जिससे वह घबरा गया। सामने चल रहे एलपीजी टैंकर को बचाने के प्रयास में ट्रेलर साइड लेन में बेकाबू हो गया। इसी दौरान पास से गुजर रहे बाइक सवार युवकों ने तेजी से ब्रेक लगाए, जिससे वे बाल-बाल बच गए। इसके बाद ट्रेलर एक होटल के सामने पलट गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। थाना प्रभारी के अनुसार, हादसे के समय राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का काफिला भी जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे से गुजर रहा था। हालांकि, इस हादसे का राज्यपाल के काफिले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और एक बड़ी अनहोनी टल गई। ट्रेलर में अनाज के कट्टे भरे हुए थे, उसके पलटते ही अनाज के कट्टे सड़क किनारे बिखर गए। ये खबर भी पढ़िए…. ट्रक-टैंकर की भिड़ंत के बाद आग लगी, ड्राइवर जिंदा जला,VIDEO:शव बुरी तरह झुलसा, नहीं हो सकी पहचान,ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा नागौर-जोधपुर नेशनल हाईवे-62 पर केमिकल से भरा टैंकर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। हादसे के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर ड्राइवर जिंदा जल गया। पूरी खबर पढ़िए