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अगड़ावा-सेसावा हवाई पट्टी पर सर्विस रोड की मांग:ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नागपुर में सौंपा ज्ञापन

सांचौर के अगड़ावा-सेसावा में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 A पर स्थित आपातकालीन हवाई पट्टी के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने नागपुर में मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि चारदीवारी निर्माण से आवागमन बाधित हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2021 में निर्मित इस हवाई पट्टी के दोनों ओर बड़ी संख्या में आबादी निवास करती है। वर्तमान में हवाई पट्टी के दोनों ओर लगभग 3 किलोमीटर लंबी और 10 फीट ऊंची चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य वर्ष 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस चारदीवारी के कारण लगभग 300 घरों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में बताया गया है कि हवाई पट्टी के एक ओर पहले से सर्विस रोड मौजूद है, लेकिन दूसरी ओर सर्विस रोड न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि दूसरी ओर भी 3 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुचारु बना रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सर्विस रोड निर्माण की स्वीकृति देकर समस्या का स्थायी समाधान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में हीराराम सुथार, रामजीवन ऐचरा, हनुमान साहू और जयराम पुनिया शामिल थे।

नोखा नंदीशाला में सपादलक्ष बिल्वपत्र महायज्ञ संपन्न:वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ धार्मिक अनुष्ठान, 61 हजार रुपए की सहयोग राशि भेंट की

नोखा के तहसील परिसर स्थित नंदीशाला में आयोजित तीन दिवसीय सपादलक्ष बिल्वपत्र एवं अक्षत शिवार्चन महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हो गया। अर्केश्वर महादेव परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। तीन दिन और दो रात तक चले इस अनुष्ठान में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कथावाचक महावीर जी पंचारिया के सान्निध्य में पांच विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश सिंह राजपुरोहित ने किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर भाग लिया। यज्ञ, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन महोत्सव के समापन पर अर्केश्वर महादेव परिवार ने नंदीशाला के लिए ₹61,000 की सहयोग राशि भेंट की। इसके बाद यज्ञ, महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और महाप्रसाद ग्रहण किया। अर्केश्वर महादेव परिवार के मार्गदर्शक लालचंद उपाध्याय (सारूंडा वाले) ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावियों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया।

लालसोट हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र मीणा हत्याकांड में कार्रवाई:एक आरोपी को किया गिरफ्तार, फरारी के लिए दी थी बाइक

लालसोट में हुए हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ योगेंद्र हत्याकांड में पुलिस को एक और सफलता मिली है। लालसोट थाना पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपियों को फरार होने में मदद करने वाले आरोपी पिंटू सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया है। पिंटू ने फरार आरोपियों को बाइक उपलब्ध कराई थी। फायरिंग में मौके पर हुई थी मौत सीआई पवन कुमार जाट ने बताया- घटना 10 अप्रैल 2026 को हुई थी। खेड़ला खुर्द निवासी धर्मेंद्र उर्फ योगेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई लेखराज मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दयाल ढाबे के बाहर स्विफ्ट कार में आए हमलावरों ने धर्मेंद्र पर फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक देकर फरार होने में की मदद इस मामले में लालसोट थाने में हत्या और एससी-एसटी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि मोरपा निवासी पिंटू सिंह गुर्जर ने मुख्य आरोपियों को मोटरसाइकिल देकर उनकी फरारी में मदद की थी। आरोपी पिंटू सिंह गुर्जर की गिरफ्तारी में लालसोट थाने के हेड कॉन्स्टेबल निहाल सिंह की अहम भूमिका रही। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की जांच की जा रही है।

कोटपूतली में 21 भामाशाह और 12 प्रेरक हुए सम्मानित:शिक्षा के विकास में सहयोग देने वालों का किया सम्मान, समाज की भागीदारी को बताया जरूरी

कोटपूतली में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले भामाशाहों और प्रेरकों के सम्मान में सोमवार को जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह सरदार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण रहे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश बंसल और एसीबीईओ-प्रथम कोटपूतली पूर्णचंद कसाना मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों, भामाशाहों और प्रेरकों का स्वागत किया। प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षा सहयोगियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान 21 भामाशाहों और 12 प्रेरकों को माल्यार्पण, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर जिला स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि विद्यालयों के विकास में समाज की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। भामाशाहों के सहयोग से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने सभी भामाशाहों से भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) प्रकाश चंद मीणा ने सभी अतिथियों और भामाशाहों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के लिए समाज का सहयोग शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है और इससे विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य हंसराज यादव ने किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, भामाशाह, प्रेरक और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मुंडावर पुलिस ने दो इनामी बदमाश पकड़े:हत्या के मामले मे की कार्रवाई, एक साल से चल रहे थे फरार

खैरथल-तिजारा जिले की मुंडावर थाना पुलिस ने हत्या के मामले में फरार चल रहे 5-5 हजार के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया- 15 अक्टूबर को गांव क्यारा में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में गंभीर घायल हुए एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में मुंडावर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे और उन पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस टीम ने इन आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस टीम ने मुंडावर थाना क्षेत्र के क्यारा निवासी आरोपी सतवीर पुत्र जयमल गुर्जर (32) और पूरण पुत्र घीसाराम गुर्जर (62) को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई करने वाली टीम में मुंडावर थानाधिकारी मोहर सिंह, सहायक उप निरीक्षक देवपाल सिंह और रतनलाल, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार शामिल रहे।

एडीएम ने बताया- कैसे बनती हैं सरकारी योजनाएं:अधिकारियों को बोले- सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में मदद करते हैं; प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया

कोटपूतली में सोमवार को 20वां जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस की जयंती पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने की। सही आंकड़े बेहतर फैसले लेने में करते हैं मदद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि सांख्यिकी सिर्फ आंकड़ों को इकट्ठा करने का काम नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों का सही विश्लेषण करके बेहतर फैसले लेने और अच्छी योजनाएं बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनसंख्या, गरीबी, बेरोजगारी जैसे आंकड़ों के आधार पर लोगों के लिए योजनाएं बनाती है। इससे अस्पताल, स्कूल और सड़क जैसी सुविधाओं की बेहतर योजना तैयार की जा सकती है। अधिकारियों ने प्रशासनिक डेटा के महत्व को समझाया आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक बाबूलाल बैरवा ने इस वर्ष की थीम और प्रशासनिक आंकड़ों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) और विभाग की विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों का सही उपयोग विकास कार्यों को और बेहतर बना सकता है। मुख्य आयोजना अधिकारी मेघा भट्ट ने बताया कि सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य लोगों और सरकारी विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का संचालन सहायक सांख्यिकी अधिकारी विशंभर दयाल गुर्जर ने किया। उन्होंने प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस के जीवन और उनके योगदान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

कोटा में बिजली गिरने से किसान की मौत, पत्नी बेहोश:खेत से लौट रहे थे दंपती; घर से 600 मीटर दूर हादसा

कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गईं। जबकि पत्नी अचेत(बेहोश) होकर गिर गई। घटना बोरिना गांव में सोमवार शाम 5 बजे की है। बिजली गिरने से मौके पर 2 फीट का गड्ढा हो गया। किसान की दाहिनी जांघ झुलस गई। पता लगने पर स्थानीय लोग पति और पत्नी को लेकर सांगोद हॉस्पिटल पहुंचे। ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर बोरिना निवासी बेनीराम मेहता (47) को मृत घोषित किया। स्थानीय निवासी महेंद्र ने बताया कि बेनीराम मेहता गांव में किराए से खेत ले रखा है। खेत में धान लगा रखा है। बेनीराम दोपहर साढ़े 3 बजे पत्नी सुमित्रा के साथ घर से 600 मीटर दूर खेत पर गए थे। शाम करीब 5 बजे अचानक मौसम खराब हो गया। बारिश से बचने के लिए दोनों खेत से घर लौटने लगे। रास्ते में खेत की मेड़ पार करते समय अचानक बेनीराम पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही वह मौके पर ही नीचे गिर पड़े। तेज गर्जना और बिजली की आवाज से उनके पीछे चल रही पत्नी सुमित्रा घबराकर अचेत हो गईं। उसी दौरान बिजली की लाइन का काम कर रहे मजदूर वहां से गुजर रहे थे। उनकी पति पत्नी पर नजर पड़ी। उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया। दोनों को सांगोद हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में इलाज के बाद सुमित्रा को होश आ गया। बेनीराम की जान नहीं बचाई जा सकी। बेनीराम के दो बेटे है, जिनकी उम्र क्रमश: 20 और 17 साल हैं।

जांच में झूठे-निकले रेप के आरोप, कोर्ट ने लगाया जुर्माना:एसपी बोलीं- झूठी शिकायत देने वालों पर पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई

उदयपुर की पॉक्सो कोर्ट-2 ने रेप के झूठे प्रकरण दर्ज कराने वाले 4 शिकायकर्ताओं के खिलाफ 1-1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। उदयपुर शहर की सूरजपोल थाना पुलिस ने रेप के झूठे केस दर्ज कराने वाली महिलाओं-प्रार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था, जिसमें बताया कि प्रार्थिया ने झूठे प्रकरण दर्ज करवाकर आरोपी पक्ष को परेशान करने का काम किया। पुलिस और कोर्ट का समय बर्बाद कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का निवेदन किया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चारों शिकायतकर्ताओं पर एक-एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। उदयपुर एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि भविष्य में भी लगातार झूठे प्ररकण दर्ज करवाने वालों ​के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सख्त सजा दिलवाई जाएगी। पढ़िए- 4 मामले, जो जांच में झूठे निकले

बहन पर टिप्पणियां करता था जगन, इसलिए मार डाला:मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला हत्यारा विष्णु; मर्डर से पहले साथ बैठकर खाना खाया

प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सोमवार को उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब जेल के अंदर बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की उसी की सेल में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मर्डर उसी सेल में बंद भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने किया है। हत्या से पहले विष्णु और जगन ने साथ बैठकर खाना खाया था। इसके बाद सेल में साथ में लूडो भी खेला था। इसी दौरान विष्णु ने मौका पाकर तौलिए से गला घोंटकर जगन को मार डाला। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया- जगन गुर्जर मेरी बहन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। इसलिए मैंने उसे मारने का प्लान कर लिया था। मुझे सिर्फ सही मौके का इंतजार था। शक न हो, इसलिए मैं जगन के साथ सामान्य व्यवहार करता रहा। उधर, घटना सामने आते ही जेल प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जेल की सुरक्षा अभेद्य मानी जाती है, वहां एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कर दी और किसी को भनक तक नहीं लगी। वार्ड नंबर-2, ब्लॉक-4, सेल नंबर-5… यहीं हुआ कत्ल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-4 की सेल नंबर-5 में डकैत जगन गुर्जर और कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी विष्णु एक साथ बंद थे। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब रोजाना की तरह सेल खोली गई तो ब्लॉक के अन्य बंदी बाहर निकलने लगे। इसी दौरान विष्णु भी मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला, जबकि जगन अपनी जगह लेटा था। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। कुछ बंदियों ने आवाज लगाई, “जग्गू दादा… आज अभी तक उठे नहीं, बाहर क्यों नहीं आए?” लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तभी विष्णु ने जोर से कहा- “कोई पास मत जाना… मैंने इसे मार दिया है।” उसकी बात सुनते ही जेल में अफरा-तफरी मच गई। बंदियों ने तुरंत जेल स्टाफ को सूचना दी। कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो जगन गुर्जर बेसुध पड़ा मिला। सीनियर अधिकारियों और डॉक्टरों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने जगन को मृत घोषित कर दिया। मोबाइल जैमर बना सूचना देने में बाधा
सूत्रों के अनुसार, जेल परिसर में लगे हाई पावर मोबाइल जैमर के कारण अधिकारियों से तत्काल संपर्क नहीं हो सका। कई कर्मचारियों को जेल परिसर से करीब 200 से 300 मीटर दूर जाकर फोन करना पड़ा, तब जाकर अधिकारियों तक सूचना पहुंची। बताया जा रहा है कि सुबह से ही नेटवर्क की समस्या बनी हुई थी, जिससे इंटरनेट सेवा भी प्रभावित थी। हत्या से पहले साथ खाना खाया, सेल साफ की और लूडो भी खेला
प्रारंभिक जांच में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे दोनों बंदियों ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अपनी सेल की सफाई की। विष्णु पानी लेकर आया तो जगन झाड़ू लगाता रहा, फिर जगन पानी लाया और विष्णु ने सफाई की। दोनों के बीच किसी तरह के विवाद के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद पैर की तकलीफ के चलते जगन गुर्जर इंजेक्शन लगवाने गया। कुछ देर बाद लौटकर आया तो दोनों ने सेल के अंदर बैठकर लूडो खेलना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद किसी भी व्यक्ति को यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में जगन की हत्या हो जाएगी। दवा लेने का बहाना…पीछे से तौलिए से दबा दिया गला
सूत्रों के अनुसार, लूडो खेलते समय विष्णु ने कहा- मुझे दवा लेनी है। वह जगन के पीछे टंगी थैली के पास गया। इसी दौरान उसने वहां रखा तौलिया उठाया और पीछे से अचानक जगन का गला कस दिया। जब तक जगन संभल पाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। हत्या के बाद विष्णु ने वारदात में इस्तेमाल किया गया तौलिया ऊपर चल रहे पंखे पर फेंक दिया और शव से कुछ दूरी पर जाकर आराम से लेट गया। दोपहर 3 बजे सेल खुलने तक किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगी। पूछताछ में बोला- बहन पर टिप्पणी करता था, इसलिए मार डाला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने प्रारंभिक पूछताछ में अधिकारियों से कहा- जगन गुर्जर लगातार मेरा मजाक उड़ाता था। वह कहता था कि “तू क्या डॉन बनेगा, डकैत का नाम हमने कमाया है, तेरे से कुछ नहीं होगा।” इसके साथ ही जगन मेरी बहन को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था। इन बातों से मैं लंबे समय से आहत था और मन ही मन जगन को मारने का फैसला कर लिया था। मुझे सिर्फ सही मौके का इंतजार था। जगन का भाई भी हाई सिक्योरिटी जेल में बंद
सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर का सगा भाई पप्पू गुर्जर भी इसी हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। वह वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-1 की सेल नंबर-6 में रखा गया था। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसका वार्ड और ब्लॉक बदल दिया गया। दोनों भाइयों को कभी-कभार ही मिलने दिया जाता था, क्योंकि कई बार उनके बीच भी विवाद हो जाता था। 92 गैंगस्टर, 4 वार्ड और 24 सेल वाली जेल
जानकारी के अनुसार, अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में चार वार्ड है। प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं और हर ब्लॉक में 6 सेल हैं। इस तरह कुल 24 सेल हैं। प्रत्येक सेल में अधिकतम तीन बंदियों को रखा जाता है। वर्तमान में यहां करीब 92 गैंगस्टर और कुख्यात अपराधी बंद है। वार्ड नंबर-2 के इसी ब्लॉक में जघीना हत्याकांड के कई आरोपी भी बंद बताए जा रहे हैं। हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा सवालों के घेरे में
तीन-स्तरीय सुरक्षा, चौबीसों घंटे निगरानी और हाई सिक्योरिटी व्यवस्था के बावजूद जेल के अंदर एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कर दी। ये घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर हत्या की साजिश कब बनी, वारदात के दौरान किसी को भनक क्यों नहीं लगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, अब इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। जगन गुर्जर के मर्डर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें 1. 15-18 कैदियों के सामने डकैत जगन गुर्जर का मर्डर:नाश्ते के समय विवाद हुआ, 11 बजे एक बैरक में डाल दिया; आरोपी बोला-परेशान करता था अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने हत्या कर दी। हार्डकोर बंदी विष्णु सिंह और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर 2. अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर

जूली बोले-भजनलाल को वसुंधरा की योजनाओं के नाम पसंद नहीं:डोटासरा बोले- एक लौटा पानी लाए नहीं, थोथे गाल बजा रहे

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ईआरसीपी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के नाम तक पसंद नहीं हैं। उन्होंने प्रसूताओं को कथित रूप से पानी के इंजेक्शन लगाए जाने के मामले को “मर्डर” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक लौटा पानी तक नहीं ला पाए, सिर्फ थोथे गाल बजा रहे हैं। दोनों नेताओं ने सरकार की कार्यशैली और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पीएम नरेंद्र मोदी के बाड़मेर रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम में आम सभा कैंसिल होने को लेकर कहा कि राजस्थान के लोग उन्हें कतई नहीं सुनना चाहते हैं। पहले भी जितनी बार पीएम मोदी आएं हैं तो बड़ी मुश्किल से भीड़ जुटती थी। खाली कुर्सियों की जब फोटो आती है, तो सरकार की बड़ी बेइज्जती होती है। इसको ध्यान में रखते हुए इन्होंने आम सभा नहीं रखी, ये बीजेपी की इंटरनल रिपोर्ट है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सोमवार को सीकर जिले के सांगलपती आश्रम में दर्शन करने जा रहे थे। इस दौरान उनका रामू का बास तिराहे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं सरकार जूली ने कहा कि ये सरकार आमसभाओं की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दे देती हैं। आजकल तो कलश यात्रा निकालने की जिम्मेदारी भी कलेक्टर्स को दी जाती है। कांग्रेस की रिफाइनरी को कांग्रेस ने 39 हजार करोड़ से बनाकर तैयार किया था, उसे इन्होंने 90 हजार करोड़ का करके प्रदेश की जनता की खून-पसीने की कमाई को ऐसे ही खर्च कर दिया। पहले जब पीएम मोदी रिफाइनरी उद्घाटन के लिए आने वाले थे, तब आग लग गई थी, उस आग की रिपोर्ट आजतक सामने नहीं आई। आग के कारण सामने नहीं आए कि घटिया सामान लगा था या किसी की लापरवाही रही। ये लोग सारे राज फाइलों में दफन कर रहे हैं तो ये गड़बड़झाला सामने आना चाहिए। रिफाइनरी राजस्थान का भविष्य है। भाजपा ने इसे हमेशा अटकाने का काम किया है। इसका 90 पर्सेंट काम कांग्रेस ने पूरा कर दिया था तो ये किस बात की वाहवाही ले रहे हैं? जूली ने चिकित्सा मंत्री पर हमला बोला जूली ने कहा- चिकित्सा मंत्री की लेंग्वेज सब जानते हैं। जब प्रदेश में प्रसूताओं को पानी के इंजेक्शन लग रहे हैं और प्रसूताओं के साथ उनके बच्चों की मौत हो रही है, किडनी फेल हो रही है। इन्होंने आज तक किसी को अंदर नहीं ठोका ? ये तो मर्डर है। जूली ने कहा कि आज लोग सरकारी हॉस्पिटल में जाने से डरने लग गए, कहीं गलत ब्लड चढ़ा देते हैं, कहीं ऑक्सीजन नहीं मिलती है, कहीं 108-104 खराब है, कहीं डॉक्टर नहीं हैं। प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का मजाक बना रखा है। कांग्रेस के समय में राइट टू हैल्थ मॉडल के तहत चिरंजीवी योजना, निशुल्क दवा, निशुल्क जांच और RGHS योजनाओं की आज हालत खराब है। सारा सिस्टम फेल कर दिया। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला मदन दिलावर के डोटासरा पर बयानों को लेकर टीकाराम जूली ने कहा कि पूरी कांग्रेस डोटासरा के साथ है। शिक्षा मंत्री ने पिछले पौने 3 साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला। बच्चाें को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही, स्कूल की छत गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। भाजपा सरकार ने 4000 स्कूल के 45000 कमरे जर्जर घोषित किए थे, उनमें से एक स्कूल नहीं बना पाए। किताबें, साइकिलें, स्कूटी भी समय पर नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। टीकाराम जूली ने दोहराया कि दिलावर को शिक्षा का ‘श’ भी पता नहीं है, पूरे दिन बकवास करते रहते हैं। इनको राजस्थान की जनता जवाब देगी। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की शुरूआत की थी। भाजपा तो कांग्रेस के कामों को ही आगे बढ़ाकर दिखा दे। ईआरसीपी का नाम बदला फिर एक बूंद पानी नहीं आया शेखावाटी में पानी पहुंचाने को लेकर जूली ने कहा कि शेखावाटी में कांग्रेस ने ही पानी पहुंचाया। फरवरी 2024 में सीएम भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी में कहा कि यमुना का पानी लेकर आऊंगा और अलवर में कहा कि ईआरसीपी का पानी लाऊंगा। दोनों जगह एक बूंद पानी नहीं आया। पिछले साल पीएम मोदी को राम जलसेतु योजना के लिए बुलाया, क्योंकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का दिया हुआ नाम ईआरसीपी इन्हें पसंद नहीं था। पहले उसका नाम पीकेसी और फिर राम जलसेतु कर दिया, लेकिन फिर भी एक बूंद पानी नहीं आया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने अजमेर और जयपुर में 2 बार घोषणा कर दी कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनऊंगा, लेकिन एक साल से नहीं बनाई और एक रुपया भी नहीं दिया। लेकिन सच ये है कि राजस्थान की सरकार ने हरियाणा सरकार के आगे घुटने टेक दिए। सिर्फ 4 महीने का समझौता किया और वो भी बाढ़-ओवरफ्लो वाले पानी का समझौता किया है। यमुना का पानी पहले हरियाणा को मिलेगा, फिर बचेगा तो यहां आएगा। किरोड़ी मीणा पकड़ते है और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं- जूली किरोड़ी की छापेमारी पर जूली ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा बताएं कि जो छापे मारे उसमें कितने लोगों को सजा हुई ? ये छापे किस चीज के लग रहे थे जब कोई पकड़ा ही नहीं जा रहा। ये हो सकता है कि किरोड़ीलाल मीणा पकड़ते हैं और भजनलाल शर्मा उन्हें छोड़ देते हैं। अब बड़ा मामला ये है कि जो ढाई करोड़ रुपए जब्त हुए हैं, वो कहां से और कैसे आए ? खुद मंत्री किरोड़ी लाल एसीबी ऑफिस पहुंच गए, आज 10 दिन से मामले की कोई चर्चा ही नहीं है। सरकार को एसीबी की रिपोर्ट क्लियर करनी चाहिए। ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं। जब पैसे लेने वाले लोगों को पकड़ लिया तो जांच रिपोर्ट सामने आनी चाहिए। हरियाणा- राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बोले डोटासरा वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को हुए हरियाणा व राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यमुना जल समझौता शेखावाटी और राजस्थान का अधिकार है कोई खैरात नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार यमुना जल समझौते को इस तरह से प्रचार कर रही है कि यह नहीं होते तो यमुना का जल शेखावाटी के लोगों को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि 1994 का समझौता पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय किया गया समझौता है। कुछ समय के समझौते में 13000 क्यूसेक पानी हरियाणा को मिलना था और 581 एमसीएम पानी राजस्थान को मिलना था। उन्होंने कहा कि हमको यमुना जल का पानी उतना मिलेगा, लेकिन 1994 के समझौते में यथार्थ नहीं था कि बारिश के चार महीने के समय ही यह पानी राजस्थान को मिलेगा। इसके साथ यह सच भी नहीं था कि हरियाणा को पहले 2400 क्यूसेक पानी मिलेगा और उसके बाद राजस्थान को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी गहलोत और वसुंधरा राजे की सरकार के समय भी लगातार लगातार प्रयास जारी रहे। इसके साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय डीपीआर तैयार कर कर भी भेजी गई थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने कुछ डीपीआर को आगे बढ़ने का काम नहीं किया। डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री समझौते के नाम पर झूठे गाल बजाई और अपने आप को भागीरथ बताने का काम कर रहे हैं। डोटासरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि समझौते के नाम पर राजस्थान को हरियाणा के सामने सरेंडर करने का काम राजस्थान सरकार ने किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री ने डीपीआर बनाने का कहा था, लेकिन करीब ढाई साल लगा दिए और आज तक वह डीपीआर नहीं बन पाई। इसके साथ बजट में भी राजस्थान सरकार ने 33 000 करोड़ रुपए लगाकर राजस्थान में यमुना जल लाने का वादा किया था, लेकिन आज तक 1 रुपया भी केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार ने नहीं दिया। यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा डोटासरा ने यमुना जल समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि यमुना का पानी चार महीने में बारिश के समय ओवरफ्लो होगा, इसके साथ ही हरियाणा अपना पूरा पानी ले लेगा। इसके बाद यमुना का पानी शेखावाटी और राजस्थान को मिलेगा, यह पानी भी कब मिलेगा इसका भी अभी तक कोई अता-पता नहीं है। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है जो एक तरह से राजस्थान की जनता का अपमान है। उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से ट्वीट किए गए बयान पर भी बोलते हुए कहा कि हरियाणा सरकार कह रही है कि पानी देना हमारा धर्म है। डोटासरा ने हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह इस तरह से ट्वीट कर रहे हैं जिस तरह से हमें खैरात में यमुना का पानी मिल रहा है। डोटासरा ने कहा कि जो 12 महीने तक यमुना का पानी मिलना था, वह सिर्फ 4 महीने ही मिलेगा और वह भी यमुना का पूरा पानी राजस्थान को नहीं मिलेगा। डोटासरा ने कहा कि हरियाणा ने अपनी भी ज्यादा लिया और 4 महीने की शर्त भी इसमें लगा दी। डोटासरा ने मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि जो एमओए हुआ है उसमें हरियाणा सरकार की एक समझौते में शामिल नहीं शर्त को भी माना है, जिसमें हरियाणा से राजस्थान में जो पानी आएगा। उसमें से भी चार-पांच जगह हरियाणा यमुना का पानी लगा तो ऐसे में राजस्थान के पास क्या बचेगा? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग, जो पीने का पानी का हमारा अधिकार है वह पानी भी पूरा नहीं दे रहे हैं। भाजपा की झूठ बोलने की पुरानी आदत उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है कि लोगों को भ्रमित करो झूठ बोलों और इतना जोर से बोलो की लोग झूठ को भी सच मानने लग जाए। इन सबके नाम पर भाजपा वोटों की फसल काटने का काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बूंद भी यमुना का पानी अपने इस कार्यकाल में राजस्थान में दे देंगे तो जैसा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था, वैसे मैं भी कह रहा हूं कि हम खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वागत करेंगे और धन्यवाद देंगे। लेकिन यह कागज जमा कर राजस्थान के हितों को हरियाणा के सामने गिरवी रखा गया है और अपमानजनक समझौता किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को कोई भी धन्यवाद देने वाला नहीं है। राजेंद्र राठौड़ पर डोटासरा ने साधा निशाना डोटासरा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस तरह से ढोल बजा रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस को अब समझौते के बाद एयरपोर्ट पर आकर मुख्यमंत्री का स्वागत करना चाहिए, लेकिन मैं उनसे पूछ रहा हूं कि वह आखिर समझौते से क्या ले आए, एक लौटा पानी भी नहीं ला पाए। राजस्थान के हितों के साथ समझौता किया है और हरियाणा के सामने राजस्थान सरकार सुरेंद्र हो गई और समझौते के बाद भी बारिश के समय ओवरफ्लो होने वाला 4 महीने तक ही पानी राजस्थान को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यमुना का पानी भी आज की तारीख में आने वाला नहीं है, क्योंकि ₹1 का बजट इन्होंने दिया नहीं है, अब देखना है कि ढाई साल और राजस्थान सरकार के बचे हैं, ढाई साल में पानी तो छोड़ दीजिए एक पाइप भी राजस्थान में लगने वाली नहीं है। यह मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं। केवल इवेंट बाजी जानती है डबल इंजन की सरकार डोटासरा ने कहा कि इस समझौते में कोई दम नहीं है यह पूरी तरीके से फेल है, डबल इंजन की सरकार केवल इवेंट बाजी जानती है। उन्होंने कहा कि कभी अमित शाह आएंगे, कभी मोदी जी आएंगे और कभी किसी मंत्री को बुलाएंगे और कभी किसी मुख्यमंत्री को बुलाएंगे और कभी होर्डिंग व बोर्ड लगाएंगे। इसके साथ ही अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन देंगे लेकिन यमुना का पानी राजस्थान के शेखावाटी को यह नहीं देंगे।