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उदयपुर में सूर्य की रोशनी से समय बताएगी अनोखी घड़ी:महाराणा कुंभा के वास्तुकार मंडन की स्मृति में बनेगा 35 फीट ऊंचा आर्किटेक्ट्स टॉवर

उदयपुर में जल्द ही ऐसा आर्किटेक्ट्स टॉवर बनाया जाएगा, जहां सूर्य की रोशनी से समय का पता चलेगा। शहर के एक प्रमुख चौराहे पर बनने वाला यह 35 फीट ऊंचा टॉवर महाराणा कुंभा के प्रसिद्ध वास्तुकार मंडन को समर्पित होगा। इस परियोजना का उद्देश्य उदयपुर की स्थापत्य विरासत को नई पहचान देना और ऐतिहासिक वास्तुकला को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना है उदयपुर शहर के शोभागपुरा से यूनिवर्सिटी जाने वाली 100 फीट सड़क पर बनने जा रहे नए चौराहा पर आर्किटेक्ट्स टॉवर का निर्माण किया जा रहा है। उदयपुर विकास प्राधिकरण के इस चौराहा पर उदयपुर के आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने अपने स्तर पर इसका निर्माण करने का मन बनाया। यूडीए के साथ हुए अनुबंध के तहत यह निर्माण किया जा रहा है। आर्किटेक्ट लड्ढा ने बताया कि यह टॉवर केवल एक आर्किटेक्चरल संरचना नहीं होगा, बल्कि देश के आर्किटेक्ट्स, शिल्पियों और डिजाइनर्स के योगदान को सार्वजनिक सम्मान देने का प्रतीक बनेगा। मंडन 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के थे प्रधान आर्किटेक्ट वे बताते है कि मंडन 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के प्रधान आर्किटेक्ट थे। उनके मार्गदर्शन में विश्व प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण हुआ। उन्होंने प्रासादमंडन, राजवल्लभ, रूपमंडन और वास्तुमंडन जैसे वास्तुशास्त्र के महत्वपूर्ण ग्रंथ भी लिखे, जिन्हें आज भी अध्ययन का आधार माना जाता है। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के महान सूत्रधार मंडन को यह विरासत समर्पित होगी। टॉवर की खास बात इसमें लगाया जाने वाला वर्टिकल सन डायल (ऊर्ध्वाधर सूर्य घड़ी) होगा, जो सूर्य की रोशनी से समय बताएगा। इस प्रोजेक्ट की टेक्निकल सहयोगी युवा आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी ने बताया कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और आधुनिक आर्किटेक्चर का अनूठा संगम होगा। सुनील लड्ढा के अनुसार, दुनिया में राजाओं और ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान में कई स्मारक हैं, लेकिन सभ्यताओं को आकार देने वाले आर्किटेक्ट्स और शिल्पियों के लिए सार्वजनिक स्मारक बहुत कम हैं। इसी सोच के साथ इस टॉवर की कल्पना की गई है। करीब 32 से 35 लाख रुपए होंगे खर्च वे बताते है कि रात में आकर्षक लाइटिंग और अनोखी डिजाइन के कारण यह टॉवर पर्यटकों, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भविष्य में इसे उदयपुर की नई पहचान और आर्किटेक्चर टूरिज्म के प्रमुख लैंडमार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। लड्ढा कहते है कि उनकी इच्छा थी कि वे आर्किटेक्ट्स से जुड़ी चीज इस शहर में सार्वजनिक स्थान पर दिखाए और इसी के तहत उन्होंने अपने स्तर पर ये काम हाथ में लिया और करीब सवा महीने में ये तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पर करीब 32 से 35 लाख रुपए खर्च होंगे।

मुस्लिम समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप, समाज का प्रदर्शन:धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सलूम्बर में मुस्लिम समाज ने सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में था, जिस पर समाज ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन नायब तहसीलदार हरि प्रकाश मीणा के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने इसे सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। समाज ने संबंधित महिला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, ऐसे आपत्तिजनक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम रखने की अपील की।

उदयपुर में बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला:दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन को लेकर चल रहा विवाद

उदयपुर में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला किया गया। इससे वे घायल हो गए। तुरंत एमबी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। घटना बड़गांव थाना क्षेत्र के वरडा गांव की है। थानाधिकारी हितेश यादव ने बताया- दो परिवारों का आपसी झगड़ा है। इसमें दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन और अन्य कारणों से विवाद चल रहा है। इसके चलते प्रताप सिंह पर उन्हीं के बड़े भाई के परिवार ने हमला कर दिया। मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे जांच जारी है। बेटा बोला-मेरी मां को बचाने दौड़े पिता पर हमला किया घायल बुजुर्ग के बेटे लक्ष्मण सिंह देवड़ा ने बताया- मेरे ताउजी का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। ताईजी और उनके बेटे ने मेरे माता-पिता पर हमला किया। मेरी मां बाड़े में कुछ काम से गई थी। तभी इन्होंने मेरी मां को मारने का प्रयास किया। बीच बचाव में पिताजी दौड़कर गए तो उनके साथ भी मारपीट की। वीडियो बनाने के डर से पिताजी का मोबाइल छीन लिया। लक्ष्मण ने बताया- हमारा कच्चा घर है और ताईजी का पक्का घर है। उनके बाथरूम से गंदा पानी हमारे घर की तरफ आता है। इससे हमें परेशानी होती है। साथ ही इन्होंने हमारी हिस्से की कुछ जमीन भी दबाई हुई है। इसके लिए हमने कई बार बोला, लेकिन उन्होंने इसे अन्यथा लेकर झगड़ा किया। हमे मारने की धमकी दी।

रेगिस्तान में आंधी के बाद बरसे बादल:सड़कें लबालब, टू-व्हीलर सवार परेशान; देखें बाड़मेर-बालोतरा में कहां-कितनी बारिश

पश्चिमी राजस्थान में मानसून एक्टिव है। सोमवार दोपहर बाड़मेर और बालोतरा जिलों में ज्यादातर हिस्सों में आंधी के साथ बारिश हुई। बाड़मेर में सबसे ज्यादा बारिश नोखड़ा तहसील में 38 एमएम दर्ज की गई। वहीं बालोतरा में सबसे ज्यादा बारिश कल्याणपुर 56 एमएम हुई। बालोतरा के गिड़ा इलाके को छोड़कर करीब-करीब पूरे इलाके में बारिश हुई। इधर बाड़मेर में बारिश के बाद शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कलेक्ट्रेट परिसर और विवेकानंद सर्किल के आसपास 2 फीट पानी बहने लगा। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर शहर में 6-7 मिमी बारिश इन दिनों भीषण गर्मी-उमस से लोगों के हाल बेहाल हैं। सोमवार सुबह से बादलों की आवाजाही थी। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। तेज हवा के साथ आंधी शुरू हो गई। इसके बाद रिमझिम बारिश हुई। बाड़मेर के धनाऊ, नोखड़ा, चौहटन, शिव और सेड़वा इलाकों में बारिश हुई है। बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में 6-7 एमएम बारिश हुई है। इधर बालोतरा जिले में सिणधरी, सिवाना, समदड़ी, पाटौदी, कल्याणपुर, पचपदरा, बालोतरा, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना में अच्छी बारिश हुई है। गिड़ा इलाके में बारिश नहीं हुई। बालोतरा शहर में भी अच्छी बारिश हुई है। सोमवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर जिले में तहसील अनुसार बारिश बालोतरा जिले में तहसील अनुसार बारिश

रेलवे स्टेशन पर यात्री ने स्कैनर मशीन में बैग डाला,चोरी:यात्रियों का सामान चुराने वाला बदमाश गिरफ्तार; धमकाकर वारदात को देता था अंजाम, आरोपी को जेल भेजा

जोधपुर में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चोरी करने और डरा-धमकाकर लूटने वाले शातिर बदमाश को जीआरपी थाना ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से चोरी और लूट के दो अलग-अलग मामलों का माल बरामद किया। इसमें एक लैपटॉप, एक मोबाइल और कानों में पहनने वाले सोने की लॉन्ग शामिल हैं। आरोपी पहले भी नकबजनी और लूट के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने आरोपी लीलू उर्फ जीतू उर्फ जितेंद्र (28) पुत्र भंवरूराम ओड निवासी शिवपुरा पोकरण जैसलमेर को गिरफ्तार किया। पहली वारदात: सामान चेकिंग मशीन से उड़ाया लैपटॉप पुलिस के अनुसार- 23 फरवरी 2026 को सांवरमल निवासी डीडवाना कुचामन हाल पुणे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह जोधपुर से पुणे जाने के लिए टिकट लेकर स्टेशन में प्रवेश कर रहा था। लगेज स्कैनर मशीन में उसने अपना बैग रखा, लेकिन बैग आगे से बाहर नहीं आया। पीछे जाकर देखा तो बैग गायब था। इसमें डेल कंपनी का लैपटॉप था। इस पर जीआरपी में मामला दर्ज किया था। दूसरी वारदात: टॉयलेट का रास्ता पूछने पर खंडहर में ले जाकर लूटा दूसरी वारदात 13 अप्रैल 2026 को हुई। पीड़ित नारायण राम निवासी खेड़ापा जोधपुर इलाज के लिए जोधपुर स्टेशन आया था। उसने वहां खड़े एक युवक से टॉयलेट का रास्ता पूछा। आरोपी उसे झांसे में लेकर राईकाबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 के आखिरी छोर पर बने खंडहर में ले गया। वहां आरोपी ने चाकू दिखाकर नारायण राम को जान से मारने की धमकी दी। जेब से मोबाइल और 200 रुपए छीन लिए। इसके बाद आरोपी ने डरा-धमकाकर पीड़ित के कानों से सोने के लॉन्ग भी उतरवा लिए और फरार हो गया। मामले में एएसआई चरण सिंह, हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र पाल सिंह, कॉन्स्टेबल रीडमल सिंह, मोहनलाल और मुल्तानाराम की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने जब दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उनका विश्लेषण किया तो सामने आया कि दोनों वारदातों को अंजाम देने वाला शख्स एक ही है। इसके बाद पुलिस ने पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला और साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपी लीलू उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इस पर दोनों वारदातें कबूल कर ली। भीड़ का फायदा उठाकर करता वारदात पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर किस्म का है। वह रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमता रहता था। जहां एक तरफ वह भीड़ का फायदा उठाकर जेबतराशी करता था। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों या दूर-दराज से आने वाले सीधे-साधे यात्रियों को अपनी बातों में फंसाता था। मदद करने के बहाने उन्हें सुनसान जगह या खंडहरों में ले जाकर चाकू की नोंक पर लूट लेता था। पुलिस ने बताया- आरोपी लीलू आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ पहले भी नकबजनी के 3 मामले, एससी/एसटी एक्ट का 1 मामला और एक बुजुर्ग महिला को डरा-धमकाकर लूटने का 1 मामला दर्ज है। कोर्ट ने आरोपी को जेल में भेजने के आदेश दिए।

डीजीपी बोले- बड़े ड्रग माफिया-गैंगस्टर्स की संपत्तियां होंगी कुर्क:गंभीर अपराधों में 4.65% की कमी का दावा; राजस्थान पुलिस का छह महीने का रिपोर्ट कार्ड पेश

राजस्थान पुलिस अकादमी में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा- बड़े ड्रग माफिया, संगठित अपराधियों और गैंगस्टर्स की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई तेज की जाएगी। डीजीपी राजीव कुमार ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा। डीजीपी शर्मा ने पिछले छह महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा- अब राजस्थान पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा- राजस्थान पुलिस ने पिछले छह महीनों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी, पेपर लीक माफिया पर प्रभावी रोक, नशा तस्करों और संगठित अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया- साल 2025 की पहली छमाही की तुलना में साल 2026 की समान अवधि में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है। साल 2025 में जहां 99 हजार 272 मामले दर्ज हुए थे। वहीं इस साल यह संख्या घटकर 94 हजार 652 रह गई। इन मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों की संख्या 49,087 से बढ़कर 51,172 हो गई। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में 18.81 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकॉर्ड बरामदगी राजस्थान पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों में भी रिकॉर्ड सुधार दर्ज किया है। लूट के मामलों में माल बरामदगी का प्रतिशत 71 से बढ़कर 79.09 प्रतिशत पहुंच गया है। नकबजनी के मामलों में बरामदगी 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत तथा चोरी के मामलों में रिकवरी 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हो गई है। नशा तस्करों और अवैध हथियारों पर बड़ी कार्रवाई डीजीपी ने बताया- आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 2.06 प्रतिशत, आर्म्स एक्ट के मामलों में 4.23 प्रतिशत और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 29.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 हजार 195 मामले दर्ज कर बड़े ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। राजस्थान पुलिस ने नशे के खिलाफ सप्लाई चेन तोड़ने, मांग कम करने और नशामुक्ति की त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई। साल 2025 में 69 और साल 2026 में अब तक 23 इस्तगासे पेश किए गए। 34 मामलों में 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 20 जिलों के 224 हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाया गया। अवैध मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 66 मामलों में 55.01 करोड़ रुपए और वर्ष 2026 में अब तक 15 मामलों में 7.36 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। महिला सुरक्षा में तेजी, अनुसंधान समय घटा महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने बताया- महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 6.44 प्रतिशत, दुष्कर्म मामलों में 13.36 प्रतिशत और पॉक्सो के मामलों में 20.90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पॉक्सो मामलों में अनुसंधान अवधि 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन तथा दुष्कर्म के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गई है। महिला सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वॉड, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा सखी और महिला सलाह सुरक्षा केंद्र को ऑपरेशन गरिमा और ऑपरेशन खुशी के तहत और अधिक प्रभावी बनाया गया है। 100 करोड़ रुपए से बनेगा साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर डीजीपी ने बताया- राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) और एआई आधारित 1930 कॉल सेंटर की स्थापना प्रक्रियाधीन है। इसके लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर अब 53 लाइनें 24 घंटे तीन शिफ्टों में संचालित हो रही हैं। साथ ही शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए दो वॉट्सएप नंबर 9256001930 और 9257510100 भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क बनाई गई है। 10 जनवरी 2026 से पांच लाख रुपए तक के साइबर अपराधों में जीरो एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। वर्ष 2025 में साइबर अपराधों की 1,47,384 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। वहीं 30 जून 2026 तक 84,916 शिकायतें मिली हैं। वर्ष 2025 में 768.70 करोड़ रुपए की राशि होल्ड की गई और होल्ड राशि का प्रतिशत बढ़कर 26.47 प्रतिशत हो गया। डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में वर्ष 2023 से जून 2026 तक 136 मामले दर्ज कर 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई। सीईआईआर पोर्टल से 1.84 लाख मोबाइल ट्रेस कर 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए। एटीएस की बड़ी उपलब्धियां एटीएस राजस्थान ने एक साल में यूएपीए के तहत तीन मामले दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अवैध विस्फोटकों के 7 मामलों में 7 आरोपियों को पकड़ा गया तथा भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। अवैध हथियारों के पांच मामलों में सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फर्जी आधार कार्ड गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 आईटी एक्ट से जुड़ी सूचनाओं का निराकरण किया गया। सोशल मीडिया निगरानी के तहत 728 संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी गई तथा कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित 15 युवाओं की डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया शुरू की गई। 25 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी पर 4.65 लाख रुपए का इनाम बांटा गया। तकनीकी संवर्ग में खुलेगी पदोन्नति की राह डीजीपी ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय के बाद ड्राइवर, घुड़सवार और बैंड शाखा सहित तकनीकी संवर्ग में कैडर पुनर्गठन किया गया है। गृह विभाग द्वारा 23 जून को जारी स्वीकृति के तहत 403 पदों का पुनर्गठन किया गया है। मादक पदार्थ तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क-जब्त होगी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- आने वाले समय में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से बड़े मादक पदार्थ तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को बीएनएसएस धारा 107 और बीएनएस की धारा 111 और 112 सहित पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत कुर्क और जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा- रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एजीटीएफ के विशेष अभियान जारी रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आर-4-सी के माध्यम से तकनीक आधारित कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी एएनटीएफ एवं एटीएस दिनेश एमएन ने विशेष अभियानों की जानकारी दी। प्रारंभ में पुलिस मुख्यालय के डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप ने छह महीने की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर डीजी (प्रशिक्षण) अनिल पालीवाल सहित पुलिस मुख्यालय के सभी अतिरिक्त महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जयपुर में एफटीआई ऑफिस की छत गिरी, 11 मजदूर घायल:एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में मची अफरा-तफरी, 9 गंभीर घायलों का इलाज जारी

राजधानी जयपुर में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। जेएलएन मार्ग स्थित एफटीआई (FTI) ऑफिस की छत अचानक भरभराकर गिरने से वहां काम कर रहे 11 से अधिक मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसएमएस थाना पुलिस और अस्पताल का मेडिकल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों के उपचार की व्यवस्था शुरू कराई। डॉक्टरों की टीम सभी घायल मजदूरों का इलाज कर रही है। 9 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जबकि 2 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ, जब मजदूर जेएलएन मार्ग स्थित (एफटीआई) राजस्थान फॉरेस्ट वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग सेंटर में कार्य कर रहे थे और अचानक भवन की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों में लाला राम, राजीव कुमार, नीतीश कुमार, उदित, प्रमोद, बकू, कार्तिक, प्रमोद और शोक सहित 10 से अधिक मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस घायलों की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। वहीं मामले में बजाज नगर थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि ये हादसा बजाज नगर थाना क्षेत्र में बजाज नगर के टी पॉइंट स्थित फॉरेस्ट विभाग के ऑफिस में हुआ। यहां नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसकी छत भराई का काम चल रहा था। इस दौरान सेनेटिंग के लिए लगे पाइप नीचे आ गए। हालांकि ये पाइप कैसे नीचे आए इसकी जांच कर रहे है। हादसे में किसकी लापरवाही रही उसकी जांच की जा रही है। हादसे के लिए जो जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक टीम को मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य करवाया गया। वहीं घायलों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। यहां देखें फोटोज

उदयपुर में भड़भूजा घाटी पर नया भवन तैयार:20 लाख रुपए की लागत से हुआ काम, विधायक ताराचन्द जैन ने किया लोकार्पण

उदयपुर के भड़भूजा घाटी इलाके में स्थानीय निवासियों और समाज के लोगों की सुविधा के लिए बने नए भवन और विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण किया गया। यह पूरा कार्यक्रम गुजराती मोची समाज संस्था के परिसर में आयोजित हुआ। भड़भूजा घाटी पर रहने वाले लोग लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी हुई है। इस पूरे निर्माण कार्य में कुल 20 लाख रुपए का खर्च आया है। इसमें बड़ा हिस्सा यानी 16 लाख रुपए नगर निगम की जनसहभागिता योजना के जरिए लगाए गए हैं। वहीं, बाकी के 4 लाख रुपए विधायक मद से दिए गए हैं। इस बजट से भवन के साथ-साथ आधुनिक शौचालय और फर्श बनाने का काम भी पूरा किया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम में उदयपुर शहर के विधायक ताराचन्द जैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भड़भूजा घाटी पर बने इस नए भवन और विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह में शहर की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के मुख्य लोकार्पणकर्ता उदयपुर शहर के विधायक ताराचन्द जैन थे। उनके साथ बीजेपी की मंडल अध्यक्ष और क्षेत्रीय पार्षद रूचिका चौधरी और समाज के अध्यक्ष महेश मुंडानिया भी मंच पर मौजूद रहे। इन सभी अतिथियों ने फीता काटकर नए भवन को जनता को समर्पित किया। इस खास मौके पर गुजराती मोची समाज संस्था, उदयपुर की पूरी टीम और एक्टिव कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की गई। समाज के लोगों ने मिलकर इस काम को पूरा करवाने में बड़ा योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें विजय चुहाड़िया, राज राठौड़, दीपक राठौड़, अजय सिसौदिया, गोवर्धन और मनोज मुंडानिया शामिल हैं। सामुदायिक भवन और अच्छे शौचालय लंबे समय से थी मांग इस इलाके में रहने वाले लोग काफी समय से एक सामुदायिक भवन और अच्छे शौचालय की जरूरत महसूस कर रहे थे। नगर निगम और विधायक कोटे से मिले बजट के बाद अब यह काम पूरी तरह पक्का हो गया है। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस नए भवन के बनने से अब समाज के छोटे-मोटे कार्यक्रम, बैठकें और सामाजिक काम आसानी से एक ही जगह पर हो सकेंगे। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

महिला के घर रिश्वत लेने पहुंचे ASI को दबोचा:केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी टीम ने शास्त्री नगर थाने के ASI हरदेवराम को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी ने यह रिश्वत एक मामले में आरोपियों के नाम हटाने और केस में मदद करने की एवज में मांगी थी। एसीबी महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी महिला ने एसीबी चौकी स्पेशल यूनिट, जोधपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि उसके पति के साथ मारपीट का एक मामला शास्त्री नगर थाने में दर्ज था। जबकि दूसरी पार्टी ने भी परिवादी महिला के पति और अन्य के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करवा रखा था। इन दोनों मामलों की जांच एएसआई हरदेवराम कर रहा था। केस में मदद करने के नाम पर मांगी रिश्वत एसीबी के मुताबिक- आरोपी एएसआई ने परिवादी महिला के पति के खिलाफ दर्ज केस में मदद करने और उनके साथी सुंडाराम का नाम हटाने के नाम पर पहले ही 5,000 रुपए ले लिए थे। इसके बाद आरोपी ASI ने सुंडाराम को थाने बुलाकर डराया। केस में मदद करने और दो अन्य लोगों के नाम हटाने की एवज में सीआई के नाम पर 50,000 रुपए की और मांग की। परेशान होकर परिवादी महिला ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी जोधपुर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस के सुपरविजन और एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। एएसआई हरदेवराम परिवादी महिला के घर सोमवार को जैसे ही रिश्वत के 40 हजार रुपए लेने पहुंचा और पैसे लेकर अपनी पैंट की जेब में रखे। तब ही निरीक्षक उमेश कुमार विश्नोई और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस परिमला के सुपरविजन में आरोपी एएसआई से पूछताछ की जा रही है। उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। रिश्वतखोरों की ACB में करें शिकायत ACB ने अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपसे काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो आप एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24×7 संपर्क कर सकते हैं। एसीबी पहचान गुप्त रखकर कार्रवाई करेगी।

कुचामन में पालना गृह में मिला नवजात:डॉक्टरों की देखभाल से सेहत में सुधार, नागौर शिशु गृह में इलाज जारी

कुचामन के राजकीय अस्पताल के पालना गृह में मिले नवजात को डॉक्टरों की तत्परता और लगातार देखभाल से नया जीवन मिला है। मेडिकल टीम ने समय रहते इलाज शुरू किया, जिससे बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसे नागौर के जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल जारी है। पालना गृह की घंटी बजते ही हरकत में आई मेडिकल टीम मामला कुचामन के राजकीय अस्पताल का है। यहां एक अज्ञात महिला नवजात को पालना गृह में छोड़कर चली गई। पालना गृह की घंटी बजते ही प्रभारी और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। नवजात को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसकी जांच कर इलाज शुरू किया गया। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नागौर किया शिफ्ट डॉक्टरों की लगातार निगरानी और इलाज से बच्चे की हालत में सुधार आने लगा। इसके बाद नियमानुसार मामले की सूचना बाल कल्याण समिति, न्यायपीठ नागौर को दी गई। समिति के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य को देखते हुए उसे नागौर के राजकीय जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की देखरेख में सुरक्षित है नवजात फिलहाल नवजात का इलाज और पालन-पोषण नागौर में डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की सेहत पहले से काफी बेहतर है और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वहीं डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई से एक नवजात को सुरक्षित जीवन मिल सका।