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कर्ज से बचने भागा युवक, पुलिस लापता मानकर ढूंढती रही:रिश्तेदार के घर छुपकर बैठा था, घरवालों से कॉन्टेक्ट में था

चित्तौड़गढ़ में फाइनेंस कंपनियों के कर्ज से बचने के लिए एक युवक घर छोड़कर भाग गया। पुलिस लापता मानकर सात दिन तक ढूंढती रही। इस दौरान आरोपी घरवालों के कॉन्टेक्ट में था और रिश्तेदार के घर छुपकर बैठा था। जहां से पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। परिजनों की हादसे की आशंका के चलते पुलिस तलाश करती रही, दो कुओं का पानी खाली कराया। सिविल डिफेंस और गोताखोरों की मदद ली। लगातार जांच के बाद पुलिस ने युवक को नागौर से पकड़ लिया। पुलिस अब युवक और उसके परिजनों के खिलाफ करेगी। अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. मोबाइल और बाइक मिलने से हादसे की आशंका बनी
चंदेरिया थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया – रतनलाल गाडरी (40) 28 जून को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराते हुए आशंका जताई कि वह किसी कुएं में गिर गया है। जांच के दौरान एक कुएं के पास उसका मोबाइल और दूसरे कुएं के पास बाइक मिली। इसके बाद पुलिस ने हादसे की आशंका मानते हुए उसी रात मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू कर दी। 2. दो कुओं का पानी खाली कराया, फिर भी नहीं मिला सुराग
थानाधिकारी ने बताया कि अगले दिन सिविल डिफेंस और गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। बड़े मोटरों से दोनों कुओं का पानी घंटों तक खाली कराया गया और पूरी तलाशी ली गई, लेकिन रतनलाल का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य संभावित सुरागों पर काम जारी रखा। 3. जांच में सामने आया कर्ज और जमीन विवाद का मामला
मोतीराम सारण ने बताया कि जांच में पता चला कि रतनलाल ने फाइनेंस पर पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, एक बुलेट और एक प्लेटिना बाइक सहित कई वाहन ले रखे थे। इसके अलावा उस पर कई छोटे-बड़े लोन भी थे। पड़ोसियों से जमीन विवाद चल रहा था और कोर्ट का फैसला भी उसके खिलाफ आया था। पुलिस के अनुसार इन्हीं कारणों से उसने खुद के लापता होने की योजना बनाई। 4. परिवार को थी जानकारी, फिर भी पुलिस को गुमराह किया
थानाधिकारी के अनुसार रतनलाल घर छोड़ने के बाद भी लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। उसके बेटे और अन्य परिजनों को उसके सुरक्षित होने की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने यह बात पुलिस से छिपाई। इस दौरान परिजनों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन भी दिए तथा धरने की तैयारी तक कर ली थी। 5. नागौर से मिला, अब होगी कानूनी कार्रवाई
मोतीराम सारण ने बताया कि जांच के दौरान सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर के कुचेरा क्षेत्र में रह चुका है। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उसे उसके पुराने परिचित के यहां से सकुशल बरामद कर चित्तौड़गढ़ लाया गया। अब रतनलाल और उसके परिजनों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग करवाने के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

UCC पर जनसुनवाई, प्रारूप समिति सदस्य ने सुने सुझाव:10 जुलाई तक वेबसाइट और QR कोड से लोग दे सकते हैं राय

राजस्थान में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर सोमवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। जोधपुर से प्रारूप समिति सदस्य डॉ. शुचि चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह सुनवाई हुई। इसमें फलौदी जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए। सुझावों को प्रारूप तैयार करने में किया जाएगा शामिल डॉ. शुचि चौहान ने सभी प्रतिभागियों के सुझावों को ध्यान से सुना। उन्होंने बताया कि प्राप्त सुझावों का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में उचित परीक्षण किया जाएगा। डॉ. चौहान ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश का कोई भी नागरिक 10 जुलाई तक यूसीसी पर अपने सुझाव और विचार साझा कर सकता है। सुझाव देने के लिए प्रचार सामग्री पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है या https://ucc.rajasthan.gov.in आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी और गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजलि राजोरिया सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान एक प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए समान नागरिक संहिता के संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए तैयार की गई जानकारी साझा की गई। लोगों से सुझाव देने का आह्वान किया जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने नागरिकों से अधिक से अधिक सुझाव देने का आह्वान किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण और एसडीएम पूजा चौधरी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

मदन राठौड़ बोले- सोनिया, राहुल सहित पूरा विपक्ष जमानत पर:छात्र सम्मेलन में कहा- निष्कलंक व्यक्तिव वाले लोग आपके सामने, कोई अंगुली नहीं उठा सकता

जयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- हमारे विपक्षी दल के नेता आज जमानत पर हैं। सोनिया गांधी आर्थिक अपराध में जमानत पर हैं। राहुल गांधी भी जमानत पर हैं। रॉबर्ट वाड्रा भी जमानत पर हैं। केजरीवाल, संजय सिंह, लालू यादव की पार्टी के नेता और मुलायम सिंह यादव की पार्टी के नेता भी जमानत पर हैं। राठौड़ सोमवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित ‘छात्र सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। राठौड़ ने कहा- हम सभी को इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। कई लोग अपनी पीठ थपथपाते हैं कि हमने बहुत कुछ किया है। कुछ नहीं किया उन्होंने। कुछ किया है तो राष्ट्रीय चरित्र युक्त नागरिकों ने किया है। इस देश को एक रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पण किया है। राठौड़ ने कहा- आज भी आप देखिए कि राष्ट्र के प्रति भावना किसके मन में है। राष्ट्र प्रथम का भाव किसके मन में है। यह सोच किसी और पार्टी में देखने को मिलती है क्या? उन्होंने कहा- एकमात्र यदि कोई निष्कलंक व्यक्तित्व वाले लोग हैं तो आप सबके सामने हैं। आप सब जानते हैं कि इन पर कोई अंगुली भी उठा सकता है क्या? कोई आपका क्या मुकाबला करेगा। कौन आपके सामने टिक सकता है। डॉ. मुखर्जी सबसे युवा कुलपति बने वहीं सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को डॉ. मुखर्जी के जीवन और विचारों का अध्ययन करना चाहिए, ताकि उन्हें यह समझने का अवसर मिले कि अपनी ऊर्जा और युवावस्था को राष्ट्र निर्माण में किस प्रकार लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। बाद में बंगाल सरकार में वित्त मंत्री और स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में काम किया। वहीं पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार और नेहरू-लियाकत समझौते से असहमति के कारण उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर राष्ट्रवादी राजनीतिक विकल्प के निर्माण का मार्ग चुना। मंडल स्तर तक होंगे छात्र सम्मेलन युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा- छात्र सम्मेलन केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं से व्यापक संवाद अभियान की शुरुआत है। इससे पहले आदिवासी क्षेत्र से छात्र सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। उन्होंने बताया- यह अभियान संभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी जिलों और मंडलों तक चलाया जाएगा। युवा मोर्चा विभिन्न छात्र सम्मेलनों और संपर्क अभियानों के माध्यम से युवाओं को संगठन से जोड़ने के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी देगा।

डीबी अस्पताल में करंट से मजदूर की मौत:बिजली कनेक्शन करते समय हादसा, सुरक्षा उपकरण और अर्थिंग पर उठे सवाल

चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में सोमवार शाम बिजली कनेक्शन का काम करते समय एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली लाइन जोड़ने के दौरान हुआ। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरणों की कमी और अस्पताल में पैनल व अर्थिंग का काम अधूरा होने जैसे गंभीर तथ्य सामने आए हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जबकि परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। बिजली कनेक्शन के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, डीडवाना निवासी ओमप्रकाश (25) राजकीय डीबी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली कनेक्शन जोड़ने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान रेडियोलॉजी विभाग की गैलरी में उसे तेज करंट लगा और वह सीढ़ी से नीचे गिर गया। साथी मजदूर उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने काफी देर तक इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी, आरएसआरडीसी के अधिकारी और अस्पताल चौकी से एएसआई सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर उठे सवाल इमरजेंसी वार्ड में मौजूद अन्य मजदूरों का कहना है कि यदि ओमप्रकाश ने सुरक्षा ग्लव्स और सेफ्टी शूज पहन रखे होते तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी। डिस्कॉम के एईएन अशोक ढाका ने भी बताया कि एलटी लाइन पर कार्य करते समय सुरक्षा जूते और ग्लव्स अनिवार्य होते हैं। अधूरी अर्थिंग भी बनी जांच का विषय प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि अस्पताल में पैनल और अर्थिंग का कार्य पूरा नहीं हुआ था। मजदूर पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग की लाइन जोड़ रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि यदि अर्थिंग का कार्य पूरा होता तो हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी। मामले की जांच जारी है। परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश जिस फर्म के माध्यम से कार्य कर रहा था, उसके अधिकारियों को मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ में BJP के रोड-शो में हनुमान बनकर नाचा कलाकार:उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता ने दी शिकायत, कहा- भगवान का रूप बनाकर नचाना बिल्कुल गलत

लखनऊ में आयोजित BJP के एक रोड-शो में हनुमान का रूप धरे एक कलाकार के नाचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज सुखवाल ने इस आयोजन को लेकर नाराजगी जताई।कांग्रेस कार्यकर्ता सुखवाल ने इस संबंध में शिकायत देते हुए कहा कि भगवान के स्वरूप को इस तरह नृत्य के लिए प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने सूरजपोल थाने पहुंचकर बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ एक शिकायत पत्र (परिवाद) सौंपा है। इस शिकायत में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम की आयोजन समिति के पदाधिकारियों को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की। मामले में जल्द कार्रवाई नहीं तो करेंगे आंदोलन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि अगर पुलिस ने इस मामले में जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। इलाके में इस बात को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज सुखवाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं के रोड शो के दौरान भगवान हनुमान का वेश धारण किए एक व्यक्ति को उनके आगे नचाया गया। राजनीतिक फायदे के लिए भगवान का रूप बनाकर नचाना गलत सुखवाल ने कहा कि राजनीति के फायदे के लिए इस तरह भगवान का रूप बनाकर नचाना बिल्कुल गलत है। इससे देश के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राजनीति के नाम पर किसी भी कीमत पर हमारे देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी नेताओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह पूरी कार्रवाई कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के निर्देश पर की गई है। उनके कहने पर कांग्रेस का एक पूरा प्रतिनिधिमंडल सूरजपोल थाने पहुंचा था। इस दौरान पुलिस को परिवाद सौंपकर तुरंत मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई गई। थाने पर शिकायत देने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में सोहन सिंह सिसोदिया, हितेश साहू, जगदीश लोहार और मुकेश शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

प्रतापगढ़ में करंट लगने से महिला की मौत:खेत में काम के दौरान हुआ हादसा, अस्पताल में मृत घोषित

प्रतापगढ़ जिले के धमोत्तर थाना क्षेत्र के चित्तरवा बारावरदा गांव में सोमवार दोपहर खेत पर कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, चित्तरवा बारावरदा निवासी सुनीता (25) पत्नी भगवतीलाल मीणा सोमवार करीब दो बजे अपने खेत पर काम कर रही थीं। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गईं और मौके पर ही अचेत हो गईं। परिजन उन्हें तुरंत बारावरदा से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धमोत्तर थाना पुलिस जिला चिकित्सालय की मोर्चरी पहुंची और शव को रखवाया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतका अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गई हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सौतेला बेटा पसंद नहीं था तो पिता ने मार डाला:प्राइवेट पार्ट में पाइप डालकर पानी भरा, लोगों से बोला-डूबने से मौत हुई, जंगल में दफनाया

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सौतेले पिता ने 4 साल के बेटे की हत्या कर दी। आरोपी पिता ने बेटे के प्राइवेट पार्ट में पाइप डाला और उसके पेट में पानी भर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी ने परिवार और लोगों को बताया कि टैंक (हौद) में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। उसने जल्दबाजी करते हुए शव को जंगल में ले जाकर दफना दिया। गांव के रहने वाले एक व्यक्ति को बच्चे की मौत पर शक हुआ तो उसने अगले दिन पुलिस को शिकायत दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को गड्ढे से बाहर निकाला। पुलिस ने FSL टीम को को बुलाकर मौके से सबूत जुटाए और मामले की जांच शुरू की। इसके साथ ही आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बच्चे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, बानसूर एसडीएम की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मामला बास दयाल थाना के एक गांव का है। पत्नी के साथ आया था 4 साल का बेटा
थाना प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया- आरोपी पिता का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। 2 महीने पहले ही वह बिहार से दूसरी पत्नी लेकर आया था। पत्नी के साथ उसका 4 साल का बेटा भी आया था, जिसे आरोपी पसंद नहीं करता था। पिछले कई दिनों से वह उसे रास्ते से हटाने की योजना बना रहा था। 4 जुलाई को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मौका पाकर आरोपी पिता ने पानी की मोटर चलाई और मासूम के प्राइवेट पार्ट में पाइप डालकर पानी भर दिया। इसके कारण बच्चे की मौत हो गई। घटना के समय बच्चे की मां बाथरूम में कपड़े धो रही थी। हत्या के बाद आरोपी ने लोगों को बताया कि बच्चा टैंक में डूब गया और उसकी मौत हो गई। उसने जल्दबाजी करते हुए शव को जंगल में ले जाकर दफना दिया। आरोपी पिता क्रेशर पर मुनीम का काम करता था। दूसरी शादी के बाद से वह गांव में ही रह रहा था। पहली पत्नी का 7 साल का बेटा आरोपी के साथ ही रह रहा था।

खैरथल-तिजारा में तंबाकू मुक्त अभियान पर कार्यशाला:तंबाकू नियंत्रण कानूनों के क्रियान्वयन पर दी जानकारी

खैरथल में ‘तंबाकू मुक्त राजस्थान अभियान’ के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एक आमुखीकरण कार्यशाला हुई। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस कार्यशाला का आयोजन जिला प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा एसआरकेपीएस राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के समन्वय से तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने तंबाकू सेवन को एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इससे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों सहित कई घातक रोगों का खतरा बढ़ता है। कलेक्टर ने सभी विभागों से जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने और प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन और व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। एसआरकेपीएस राजस्थान के कार्यकारी निदेशक राजन चौधरी ने तंबाकू नियंत्रण की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जिले में एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। चौधरी ने तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान, तंबाकू मुक्त ग्राम पंचायत, तंबाकू मुक्त पीढ़ी अभियान और तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के बिना ‘तंबाकू मुक्त राजस्थान’ का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। कार्यशाला में एसआरकेपीएस के राज्य समन्वयक हीरेन्द्र सेवदा ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है। अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर रोक है। साथ ही, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर भी रोक है। सभी तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी अंकित करना भी कानूनन अनिवार्य है। कार्यशाला में अधिकारियों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान, प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका, निरीक्षण प्रक्रिया, चालान कार्रवाई, जनजागरूकता कार्यक्रमों और विभागीय जिम्मेदारियों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और नियमित मॉनिटरिंग करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद मेघ, डीएसपी लालसिंह यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी रमेश चंद देहमीवाल, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मजदूर विकास फाउंडेशन के संस्थापक ताराचंद खोयड़ावाल और समन्वयक प्रदीप कुमार ने भी तंबाकू मुक्त समाज निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।

जयपुर में क्रिस्टल-कोर्ट मॉल में व्यापारियों ने दुकानें की बंद:दो दिन से धरने पर, बोले- लाखों रुपए किराए के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं

जयपुर में मालवीय नगर स्थित महिमा ग्रुप के क्रिस्टल कोर्ट मॉल में दो दिनों से 300 से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके हैं। व्यापारी मॉल के बाहर धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि लाखों रुपए किराया, हर महीने हजारों रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देने के बावजूद मॉल में एसी बंद हैं। एस्केलेटर दो महीने से ठप पड़ा है। सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। कई बार शिकायत के बाद भी मैनेजमेंट ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। धरने की वजह से मॉल का कारोबार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने कहा- दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। गंदगी और अव्यवस्था होने से ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों ने कहा- जब तक सभी सुविधाएं बहाल नहीं होंगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी। दो दिन से पूरा मॉल बंद क्रिस्टल कोर्ट मॉल में रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स समेत कई तरह के रिटेल कारोबार होते हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें किराए पर संचालित हैं। व्यापारियों ने कहा- लाखों रुपए निवेश और भारी खर्च के बावजूद ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दो महीने से एस्केलेटर बंद, ग्राहक ऊपर नहीं पहुंचते रेडीमेड गारमेंट्स शॉप संचालक बंटी ने बताया- मॉल का मेंटेनेंस महिमा ग्रुप की कंपनी के पास है, लेकिन सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब दो महीने से एस्केलेटर बंद पड़ा है। एसी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। पूरे मॉल में केवल पांच-छह गार्ड हैं। सफाई व्यवस्था खराब है। वॉशरूम भी गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक रोज इन समस्याओं की शिकायत करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट कोई ध्यान नहीं देता। डेढ़ लाख तक किराया, 23 हजार मेंटेनेंस… फिर भी सुविधा नहीं गारमेंट्स व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- एक दुकान का मासिक किराया एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक है। इसके अलावा हर महीने 22 से 23 हजार रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देना पड़ता है। इसके बावजूद बिजली कटने पर बैकअप नहीं मिलता और जनरेटर भी काम नहीं करता। कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। व्यापारियों की चेतावनी, पहले सुविधा, फिर कारोबार धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा- जब तक एसी, एस्केलेटर, सुरक्षा, सफाई और बिजली बैकअप जैसी सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक कोई भी दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोलेगा। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट बातचीत करने तक नहीं आ रहा और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर पहुंचीं कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा मालवीय नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा भी व्यापारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा- यह शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। जहां अच्छी-खासी फुटफॉल रहती है। व्यापारियों ने मुझे बताया कि दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारी नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अगर चार्ज जमा नहीं करें तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन एसी और एस्केलेटर चालू रखने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि मैंने मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कंज्यूमर कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारियों के पास कंज्यूमर कोर्ट का स्टैंडिंग ऑर्डर है, जिसमें साफ तौर पर मॉल मालिक की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेंटेनेंस और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी दोबारा कंज्यूमर कोर्ट जाएं और जरूरत पड़ने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी बात रखें। व्यापारियों की मांग दो महीने से बढ़ती गई परेशानी व्यापारियों ने कहा- पिछले दो महीने से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गर्मी में एसी बंद होने से लोग खरीदारी किए बिना लौट रहे हैं। कारोबार लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मैनेजमेंट सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करेगा, तब तक मॉल की एक भी दुकान नहीं खुलेंगी।

तेज अंधड़ से मदार नहर में गिरे 5 बड़े पेड़:उदयपुर में नगर निगम ने दिनभर अभियान चलाकर हटाया; पानी का बहाव अब हुआ साफ

उदयपुर में पिछले दिनों मूसलाधार बारिश और अंधड़ से मदार नहर में पांच बड़े पेड़ टूटकर गिर गए थे। इस पर नगर निगम की टीम ने सोमवार को दिनभर अभियान चलाकर इन सभी टूटे पेड़ों को बाहर निकाला। जेसीबी और क्रेन की मदद से रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया। इससे नहर में पानी का बहाव फिर से सुचारू हो गया है। दरअसल, पिछले दिनों बारिश और तेज हवा के कारण मदार नहर में कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ ढह गए थे। पेड़ गिरने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था और जलभराव की आशंका लगातार बढ़ती जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर मदार नहर को साफ करने के निर्देश दिए थे। जेसीबी, क्रेन और डंपर से हटाए नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया- नहर से इन भारी पेड़ों को हटाना आसान नहीं था। इसके लिए निगम ने मौके पर जेसीबी, क्रेन और डंपर जैसे बड़े संसाधनों को काम पर लगाया। टीम ने सबसे पहले क्रेन की मदद से पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियों और शाखाओं को काटकर अलग किया। इसके बाद भारी तनों को खींचकर नहर से बाहर निकाला गया। पेड़ों के साथ-साथ नहर में जमा दूसरे कचरे और अवरोधों को भी पूरी तरह साफ किया गया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया, ताकि कोई हादसा न हो। आयुक्त खन्ना ने कहा- मानसून के इस मौसम में शहर में जल निकासी व्यवस्था को एकदम सही रखना नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से उदयपुर शहर के सभी नालों, नहरों और पानी बहने वाले रास्तों की लगातार सफाई की जा रही है और अधिकारी खुद इसका निरीक्षण कर रहे हैं। शहर में जहां से भी पानी रुकने या पेड़ गिरने जैसी रुकावट की खबर मिलती है, वहां निगम की टीम तुरंत पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। नालों और नहरों में नहीं फेंके कचरा नगर निगम आयुक्त ने उदयपुर के आम लोगों से भी इस व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा- बारिश के दिनों में कोई भी नागरिक नालों या नहरों में कचरा और गंदगी न फेंकें। अगर किसी भी इलाके में जलभराव या नहर जाम होने जैसी समस्या दिखाई दे तो इसकी सूचना नगर निगम को दें।