ब्रेकिंग न्यूज़
ट्रेलर ने कार को मारी टक्कर,ड्राइवर समेत महिला की मौत:शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, 6 लोग घायल; 1 जयपुर रेफर

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार सवार ड्राइवर सहित एक महिला की मौत हो गई। हादसे में अन्य 6 लोग घायल हैं। घायलों में एक को जयपुर रेफर किया गया है। हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे पनियाला थाना के मौलाहेड़ा गांव के पास हुआ। पहले देखें हादसे से जुड़ी PHOTOS
लेन चेंज करते समय ऊपर चढ़ा ट्रेलर एएसपी सतवीर सिंह ने बताया – ट्रेलर कोटपूतली से दिल्ली की ओर जा रहा था। कार सवार भी उसी तरफ एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। आगे जाम होने के कारण कार सवार लेन चेंज कर रहा था, इस दौरान मौलाहेड़ा पुलिया से आ रहा ट्रेलर बेकाबू होकर कार के ऊपर चढ़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला और बीच हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए। कार में जितेंद्र (50), उनकी पत्नी पूजा (48), बेटी वेदांशी (18) और बेटे भव्य के साथ जा रहे थे। साथ ही उनके छोटे भाई नितेश की पत्नी सीमा (मृतक), बेटी सलोनी (16) और बेटा कुंज भी थे। इसके अलावा सबसे छोटे भाई उमेश का बेटा प्रियांश(10) भी परिवार के साथ था। जितेंद्र, नितेश और उमेश तीनों भाई कोटपूतली में किराना की दुकान चलाते हैं। 2 की मौत,1 जयपुर रेफर सूचना मिलते ही पनियाला थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की सहायता से राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डाॅक्टरों ने ढाणी मोतीवाली, गोशाला रोड कोटपूतली निवासी अंकित सैनी पुत्र मुकेश सैनी और कार सवार महिला सीमा गुप्ता (42) को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में पूजा (48), वेदांशी (18), सलोनी (16),जितेंद्र (50) ,भव्य (10), प्रियांश(10) और कुंज घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रियांश को जयपुर रेफर किया गया है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर हाईवे पर यातायात सुचारू कराया। मृतकों के शव अस्पताल की माॅर्च्युरी में रखवाए गए हैं। पनियाला थाना पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। फरवरी में होनी थी शादी मृतक ड्राइवर अंकित के परिजनों ने बताया – घर में सबसे बड़ा बेटा एकमात्र कमाऊ बेटा था। पिता बीमार रहते हैं और मां मजदूरी करती है। अंकित की अगले साल फरवरी में शादी तय थी।
ये खबर भी पढ़ें जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग
जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

सरपंच मैडम चप्पल लेकर झपटीं, पंचायत मीटिंग में अफरा-तफरी:बिना तार जुड़े बिजली मीटर ने चलाई रीडिंग, डेढ़ फीट पानी पार कर जाते हैं स्कूल

नमस्कार जयपुर के बस्सी में सरपंच मैडम ने चप्पल से समाधान निकालने की कोशिश की। कोटा में आत्मनिर्भर बिजली मीटर बदल दिया गया और टोंक में बच्चे पानी भरे रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पंचायत में चप्पल से समाधान आपने पंचायत सीरीज देखी होगी। मारपीट करने वाले दो पक्षों को पकड़ने के बाद थाने में दो पुलिस अधिकारी आपस में बात करते हैं। एक कहता है- तोड़-फोड़, मार-पिटाई, चिल्लम-चिल्ली, लगता है पंचायत चुनाव आने वाले हैं। राजस्थान में पंचायत चुनाव अभी डिक्लेयर नहीं हुए हैं, लेकिन किसी भी वक्त हो सकते हैं। ऐसे में जयपुर के बस्सी की सांभरिया पंचायत में माहौल गर्म है। पंचायत समिति में विकास के मुद्दों को लेकर मीटिंग चल रही थी। विरोधी वार्ड मेंबरान ने सरपंच साहिबा पर फाइल गायब करने का आरोप लगा दिया। मैडम आरोप झेल नहीं पाईं। वे आपे से बाहर हो गईं। कुर्सी से उछलकर खड़ी हुईं और चप्पल निकाल कर हाथ में ले ली। बड़ी मुश्किल से उन्हें वहां मौजूद साहब-साहिबान ने काबू किया। यह अदावत नई नहीं। सुनने में आया है कि सरपंच मैडम और उप सरपंच साहब के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। जो बढ़ते-बढ़ते छत्तीसगढ़ हो गया है। सरपंच की ओर से उप-सरपंच पर तोहमतें लगाई जाती रही हैं और उप-सरपंच की ओर से सरपंच पर। एक बार तो उप-सरपंच साहब ने लंबा-चौड़ा लेटर लिखकर मैडम की शिकायत कर दी जिसे खारिज कर दिया गया। फिर उप-सरपंच पर फाइलें घर ले जाने के आरोप लगे। नाराज होकर उप-सरपंच टंकी पर चढ़ गए थे, जिन्हें उतारने के लिए तहसीलदार-बीडीओ को हाथा-जोड़ी करनी पड़ी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने हथियार पैने करके बैठे हैं। अब तो बस चुनाव हो ही जाए। 2. आत्मनिर्भर मीटर चेंज आत्मनिर्भर भारत की राह में नए-नए इनोवेशन हो रहे हैं। इस बीच कोटा में आत्मनिर्भर बिजली मीटर भी सामने आया। आरकेपुरम सेक्टर-बी में रहने वाले निरंजन सिंह के मकान का काम चल रहा था। मकान खाली था। इस बीच बिजली कनेक्शन हुआ। कोटा डिस्कॉम लिमिटेड वाले एक बिजली मीटर लगा गए। मीटर का तार भी नहीं जुड़ा था कि रीडिंग की बत्ती चालू। इस मीटर ने उन शूरवीरों की याद दिला दी जो युद्ध में सिर कटने के बाद भी दोनों हाथों से तलवार चलाते रहते थे। मीटर जांबाज निकला। निरंजन हैरान। एमसीबी चेक की। लाइट चेक की। लाइन चेक की। लेकिन जब तार ही हटा हुआ है तो मीटर कैसे चल सकता है? शिकायत की गई। बिजली वाले आए और आत्मनिर्भर मीटर को उतार ले गए। नया मीटर लगा गए। अब चमत्कारी मीटर की जांच लैब में की जाएगी। अब निरंजन को अगले बिजली बिल का इंतजार है। वह सोच रहे हैं कि ‘चमत्कार’ का कितना भुगतान करना पड़ेगा। 3. चलते-चलते.. भक्त शिरोमणि मीराबाई ने लिखा था- ऊंची नीची राह रपटीली, पांव नहीं ठहराय। सोच-सोच पग धरूं जतन से, बार-बार डिग जाय। मीराबाई ने प्रेम और भक्ति की राह को रपटीली कहा था। लेकिन चौमासे में ज्यादातर गांवों के सरकारी स्कूलों की राह भी प्रेममय-भक्तिमय नजर आ रही है। यानी रपटीली। टोंक की निवाई तहसील का छोटा सा गांव है दहलोद। यहां 30 बच्चे रोजाना स्कूल जाने के लिए एक किलोमीटर तक एक से डेढ़ फीट का दरिया पार करते हैं। जूतों से चलने का सवाल ही नहीं। कभी-कभी चप्पल दुहरा जाती है या बद्दी उखड़ जाती है। बच्चे सोच-सोच कर जतन से पग धरते हैं लेकिन डिग जाते हैं। बच्चों को मीराबाई का चैप्टर पढ़ाया जाए तो वे समझ नहीं पाएंगे कि वे भक्ति की राह पर चलती थीं या फिर स्कूल की राह पर। सरकारी स्कूलों के बरामदों में अक्सर लिखा होता है- असतो मा सदगमय..तमसो मा ज्योतिर्गमय। चौमासे-चौमासे यह भी लिख देना चाहिए- कीचड़ मा स्कूल गमय। धौलपुर के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अलग तरह की समाजसेवा कर रहे हैं। वे पानी-गड्‌ढे-कीचड़ वाली खराब सड़कों पर जाते हैं और फिल्मी गीतों पर डांस कर प्रशासन का ध्यान खींचते हैं। खास बात ये मखौल उड़ाए जाने के बाद प्रशासन एक्टिव होता है और सड़क की मरम्मत कर दी जाती है। टोंक के बच्चों को इस वक्त सर से ज्यादा ऐसे ही किसी इन्फ्लूएंसर की जररूत है। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर का पहली बार संभाग बदला

राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा जयपुर संभाग के कर्मचारी है। वहीं इस बार बड़ी संख्या में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (बीसीआई) के तबादले भी किए गए हैं। पहली बार इनका एक से दूसरे संभाग में तबादला किया गया है। दरअसल, मंगलवार (7 जुलाई) देर रात करीब 5 हजार टीचर और कर्मचारियों को बदला गया। इनमें सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर के साथ बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और लाइब्रेरियन शामिल हैं। बुधवार (8 जुलाई) को बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (BCI) की लिस्ट जारी की गई। दोपहर में राज्यभर के 138 जिला शिक्षा अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए गए। वहीं 2153 ग्रेड सेकेंड टीचर्स की लिस्ट जारी कर एक से दूसरे संभाग में लगाया गया है। प्रोबेशन और ट्राइबल एरिया से जुड़े ट्रांसफर पर फिलहाल रोक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का नाम तबादला सूची में है, लेकिन वे अभी प्रोबेशन पीरियड में है, उन्हें नए स्थान पर जॉइनिंग नहीं कराया जाएगा। इसी तरह ट्राइबल एरिया से नॉन-ट्राइबल एरिया या नॉन-ट्राइबल एरिया से ट्राइबल एरिया में हुए ट्रांसफर के मामलों में भी फिलहाल जॉइनिंग नहीं कराया जाएगा। 10 दिन में जॉइन करने के निर्देश, कुछ आदेश नहीं होंगे प्रभावी विभाग ने जिन अफसर-कर्मचारियों का तबादला किया है, उनको 10 दिन के अंदर नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं रिटायर्ड कर्मचारियों या जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, अगर उनका नाम गलती से तबादला सूची में शामिल हो गया है तो ऐसे आदेश प्रभावी नहीं माने जाएंगे। कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर पर मेहरबान सरकार कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर को पहली बार गृह जिले में जाने का मौका दिया गया। इस बार बड़ी संख्या में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (बीसीआई) के तबादले किए गए हैं। जिला स्तर पर तबादलों की सूची अलग से जारी की गई है। वहीं 437 बीसीआई का एक से दूसरे संभाग में भी तबादला किया गया है। दरअसल, नियुक्ति के समय अलग-अलग जिलों में पोस्टेड इन बीसीआई को पहली बार अपने गृह जिले में जाने का मौका भी मिला है।

भरतपुर में झमाझम बारिश, अलवर में स्कूल-हॉस्पिटल में पानी घुसा:जयपुर सहित कई जिलों में रुक-रुककर बरसात; 2 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही बारिश का दौर भी जारी है। अलवर में बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश के कारण बाजारों की सड़कें डूब गई। जिला हॉस्पिटल परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों के परिजनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। अलवर शहर के पास तूलेड़ा सरकारी स्कूल में पानी घुस गया। भरतपुर जिले के नदबई में सुबह करीब 5 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। लगातार बारिश से रेलवे स्टेशन रोड सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बयाना के इमलिया कुंड और शेरगढ़ गांव की पहाड़ियों पर झरने बहने लग गए। इससे पहले मंगलवार को डूंगरपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, नागौर समेत कई जिलों में 1 से 3 इंच तक बरसात हुई। आज 2 जिलों को छोड़कर पूरे राजस्थान में तेज बारिश का ऑरेंज-यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन 8 जुलाई से कमजोर होने की संभावना है। वहीं, 11 जुलाई से राज्य में मौसम साफ रहने की संभावना है। राजस्थान में मानसून के बड़े अपडेट्स जयपुर, अलवर जिलों में सुबह से बारिश: एनसीआर एरिया में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। अलवर में लगातार दूसरे दिन हो रही बारिश के कारण शहर के हालात बिगड़ गए। कई बाजारों में 2 फीट से ज्यादा पानी जमा हो गया। जिले के तापमान में भी दो डिग्री तक की गिरावट हुई। जयपुर के भी चौमूं व दूसरे ग्रामीण एरिया में सुबह रुक-रुककर बरसात हुई। 24 घंटे में डूंगरपुर में सबसे ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात डूंगरपुर के वेंजा में 70MM, ओबरी में 51, धम्बोला में 34, देवल में 32 में रिकॉर्ड की गई। वहीं, अलवर के पास नीमराणा में 52, प्रतापगढ़ के अरनोद में 21, छोटी सादड़ी में 22, सुहागपुरा में 20 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर, अजमेर, बांसवाड़ा में भी दो इंच तक पानी बरसा। राजस्थान के अन्य जिलों में हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… पल-पल का अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

एआई तकनीक से पता चलेगा आग के बाद इमारत कितनी-सुरक्षित:आईआईटी जोधपुर ने की नई रिसर्च; फायर सेफ्टी सिस्टम किया विकसित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ता ने अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा तकनीक बनाई है। संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो लिमिटेड सेंसर डेटा के आधार पर आग लगने के दौरान और आग बुझाने के बाद भी इमारत की बढ़ोतरी का आकलन कर सकता है। देशभर में अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक परिसरों, ऊंची आवासीय इमारतों और औद्योगिक इकाइयों में लगातार भीषण आग लगने की घटनाओं के बीच यह प्रयास किया गया है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने अग्नि प्रतिरोधक क्षमता, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन, स्थायित्व मूल्यांकन (Sustainability Assessment), भवनों और आधारभूत संरचनाओं (Buildings Infrastructure) के बुद्धिमान जीवनचक्र प्रबंधन (Intelligent Lifecycle Management) के लिए उन्नत संगणकीय तकनीकों और ओपन स्रोत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Computational Technologies and Open-Source Digital Platforms) का डवलप किया है। शोध में सामने आया कि कई इमारतों को सबसे ज्यादा संरचनात्मक नुकसान कूलिंग फेज के दौरान होता है। इस तकनीक को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन और डिजास्टर मैनेजमेंट ज्यादा प्रभावी बन सकेंगे। आग लगने के बाद बिल्डिंग की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी जोधपुर के सिविल एवं आधारभूत संरचना अभियांत्रिकी विभाग (Department of Civil and Infrastructure Engineering) के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी. रवि प्रकाश के नेतृत्व में चल रहे इस शोध का उद्देश्य भवनों को आग से अधिक सुरक्षित बनाना और आग लगने के बाद उनकी संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। यह रिसर्च पारंपरिक अग्नि सुरक्षा मानकों से आगे बढ़कर यह विश्लेषण करता है कि भीषण आग के दौरान पूरी इमारत किस प्रकार व्यवहार करती है। शोधकर्ताओं के अनुसार- पारंपरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली मुख्य रूप से आग का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने तक सीमित हैं, जबकि वास्तविक खतरा आग के कारण भवन की संरचना को होने वाली क्षति से पैदा होता है। कई मामलों में आग बुझने के बाद भी इमारत के ढहने का जोखिम बना रहता है। एआई आधारित तकनीक देगी समय रहते चेतावनी आईआईटी जोधपुर की टीम ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं, जो भवन के भीतर आग फैलने की प्रक्रिया का अनुकरण (Simulation) करते हैं, विभिन्न अग्नि परिस्थितियों में संरचनात्मक हिस्सों के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं तथा आग के बाद भवन को हुई वास्तविक क्षति का वैज्ञानिक आकलन करने में सक्षम हैं। शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान भी विकसित किए हैं, जो सीमित सेंसर आंकड़ों के आधार पर भवन की फायर रिपॉन्स का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। इन्हें प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के साथ जोड़ा गया है, जिससे अग्निशमन एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यह तकनीक आपदा प्रबंधन एजेंसियों, संरचनात्मक अभियंताओं, बीमा कंपनियों, शहरी योजनाकारों और आपातकालीन राहत दलों के लिए उपयोगी साबित होगी। डिजिटल तकनीकों से होगा भवनों का स्मार्ट प्रबंधन अग्नि अभियांत्रिकी के अलावा आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता भवन सूचना मॉडलिंग, डिजिटल प्रतिरूप, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (स्मार्ट उपकरणों का नेटवर्क) तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए भवनों के स्मार्ट डिजाइन और प्रबंधन पर भी काम कर रहे हैं। इन तकनीकों की मदद से भवन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी, स्थायित्व मूल्यांकन, जीवनचक्र प्रदर्शन का विश्लेषण, पूर्वानुमान आधारित रखरखाव तथा आपदा तैयारी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने ऐसे स्वचालित डिजिटल प्लेफॉर्म भी विकसित किए हैं, जो संरचनात्मक डिजाइन (Structural Engineers ), स्थायित्व मूल्यांकन, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करते हैं। आग प्रितिरोधक डिजाइन बनेगी अहम हिस्सा डॉ. पी. रवि प्रकाश ने कहा- हर बड़ी आग की घटना यह याद दिलाती है कि केवल आग बुझा देना पर्याप्त नहीं है। मानव जीवन की सुरक्षा के लिए यह समझना आवश्यक है कि आग लगने से पहले, आग के दौरान और आग बुझने के बाद भवन किस प्रकार व्यवहार करता है। यह शोध अभियंताओं, नीति-निर्माताओं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को ऐसे उन्नत वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास है, जिनकी सहायता से संरचनात्मक विफलताओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके, आग से प्रभावित भवनों का तेजी से वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके तथा भवन निर्माण के शुरुआती चरण से ही अग्नि प्रतिरोधक क्षमता को डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।

खैरथल में 4400 लीटर अवैध पेट्रोलियम जब्त:दो तस्कर गिरफ्तार, तीन गाड़ियां भी जब्त की; किशनगढ़बास पुलिस की कार्रवाई

खैरथल-तिजारा जिले में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ की तस्करी के खिलाफ किशनगढ़बास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को पुलिस ने दो पिकअप और एक बोलेरो वाहन से कुल 4400 लीटर अवैध पेट्रोलियम पदार्थ बरामद किया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, एएसपी जयासिंह और किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के मार्गदर्शन में की गई। किशनगढ़बास थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह अभियान चलाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो पिकअप में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ ले जाया जा रहा है, जबकि एक बोलेरो वाहन आगे चलकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों गाड़ियों को रोका और थाने ले आई। इसके बाद रसद विभाग की टीम को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब्त किए गए पेट्रोलियम पदार्थ को 22 नीले ड्रमों में भरा गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सरजीत गुर्जर (23), निवासी गुर्जरी बास, तहसील कोटकासिम, और राहुल गुर्जर (27), निवासी काकरा, तहसील किशनगढ़बास के रूप में हुई है। दोनों से अवैध पेट्रोलियम पदार्थ के स्रोत और तस्करी नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा के साथ एएसआई शिवदयाल, हेड कॉन्स्टेबल रामसिंह, कॉन्स्टेबल नेमी और ड्राइवर कॉन्स्टेबल घनश्याम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

प्रतापगढ़ के पेट्रोल पंप पर आग लगने की मॉक ड्रिल:फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य टीमें मौके पर पहुंची; तैयारियों का किया परीक्षण

प्रतापगढ़ में बांसवाड़ा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर आग लगने की मॉक ड्रिल की गई। इससे क्षेत्र में तैयारियों का आकलन किया गया। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आए। फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर शुभम चौधरी के निर्देश पर यह मॉक ड्रिल बांसवाड़ा रोड स्थित साईं पेट्रोल पंप पर आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारियों को परखना था। कंट्रोल रूम से पेट्रोल पंप पर आग लगने की सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस, पुलिस, बिजली निगम, चिकित्सा विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। इस दौरान कलेक्टर शुभम चौधरी और एसपी बी. आदित्य पहले से ही मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरे बचाव एवं राहत अभियान का जायजा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया गति, घटनास्थल पर पहुंचने में लगे समय, आपसी समन्वय और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता का गहन परीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रशासन का लक्ष्य यह जांचना था कि किसी वास्तविक आपदा या अग्निकांड की स्थिति में सभी विभाग कितनी तेजी और तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर सकते हैं। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित कमियों की भी पहचान की गई, ताकि भविष्य में उन्हें दूर किया जा सके और आपातकालीन प्रतिक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके।

ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस ने बरसाए डंडे:सड़क चौड़ी करने के लिए धार्मिक स्थल की दीवार हटाने का विरोध; 2 युवक डिटेन

भीलवाड़ा के जहाजपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर पालिका की टीम ने एक धार्मिक स्थल की दीवार हटा दी। इसके विरोध में ग्रामीणों ने नगर पालिका की टीम और पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठी-डंडे बरसा कर ग्रामीणों को खदेड़ा और हालात काबू में किए। घटना जहाजपुर से गुजर रहे नेशनल हाईवे-52 स्थित धौड़ गांव में मंगलवार दोपहर 3 बजे हुई। मामले में 2 युवकों को डिटेन किया गया है। पहले देखिए, घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया डीएसपी रेवड़मल मौर्य ने बताया- जहाजपुर में नेशनल हाईवे-52 (चूरू से झालावाड़) स्थित देवा का खेड़ा से धौड़ होते हुए नेशनल हाईवे-148डी तक करीब 22 किलोमीटर लंबाई में मेजर डिस्ट्रिक्टर रोड (MDR)-419 के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस रोड प्रोजेक्ट के लिए सड़क सीमा में आ रहे सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को नगर पालिका की टीम ने धौड़ गांव में एक धार्मिक स्थल से जुड़ी धर्मशाला की दीवार को हटाने की कार्रवाई की। इसे देखकर ग्रामीण नाराज हो गए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और अफसरों से बहस की। समझाइश का प्रयास विफल होने पर कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बेकाबू भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान तहसीलदार रवि कुमार मीणा, SI देवराज सहित भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीमें मौजूद थीं। पथराव और लाठीचार्ज की सूचना मिलते ही अतिरिक्त जाब्ते के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने 2 युवकों को डिटेन किया है। पथराव करने वालों की कर रहे पहचान पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर पथराव करने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात काबू में हैं।

बालेसर की स्कूलों में छात्रों के नशे के दुष्प्रभाव बताए:'नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां' थीम पर दी जानकारी

बालेसर के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर लगे। यह पहल “ट्रांसफोरमेटिव ट्यूजडे” के तहत “नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां” थीम पर केंद्रित थी, जिसका उद्देश्य छात्रों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना था। मंगलवार को तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं एडीजे बालेसर प्रिया टावरी ने आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक स्कूल में एक शिविर को संबोधित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को युवाओं में बढ़ती नशे की लत के प्रति आगाह किया और बताया कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण अवस्था है। उन्होंने जोर दिया कि आज की आदतें ही भविष्य का निर्माण करेंगी, इसलिए सही और गलत में अंतर समझना आवश्यक है। न्यायिक अधिकारी के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए, टावरी ने बताया कि उन्होंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां नशे ने न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार के जीवन को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि नशा अनेक सामाजिक और कानूनी समस्याओं की जड़ बन गया है, और ये केवल मादक पदार्थों का सेवन नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इसी क्रम में, एसीजेएम बालेसर रवि प्रकाश बाकोलिया ने राजकीय बालिका उमावि बालेसर में और जेएम बालेसर आशुतोष जागिड़ ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बालेसर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को नशे की लत, व्यक्ति एवं समाज पर इसके दुष्प्रभावों, नशा पीड़ितों के पुनर्वास तथा नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तृत विधिक जानकारी प्रदान की। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने बालकों के अधिकारों व कर्तव्यों, विभिन्न सामाजिक विधिक मुद्दों और विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क सेवाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर आदर्श उमावि के प्राचार्य विजयसिंह परिहार, भूरसिंह देवड़ा, अधिवक्ता विशनाराम सिद्धप, न्यायालय रीडर गोपालसिंह, कर्मचारी हिमांशु सांखला, राहुल शर्मा, लीलाधर सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।

बड़ोदिया में ग्रामीण सेवा शिविर, कई प्रकरण निपटे:पेयजल आपूर्ति सुधारने पर हुई चर्चा, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के पास जारी किए

रावतभाटा की ग्राम पंचायत बड़ोदिया मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन शिविर संयोजक कुशाल बारेशा तथा कुंडाल मंडल अध्यक्ष प्रहलाद मेघवाल के निर्देशन में हुआ। शिविर प्रभारी तहसीलदार विवेक गरासिया ने बताया- शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। ग्रामीणों की ओर से प्राप्त समस्याओं, परिवादों एवं विभिन्न प्रकरणों का संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में राजस्व विभाग ने नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमण और रास्तों से जुड़े कई मामलों का आपसी समझाइश एवं प्रशासन की मौजूदगी में समाधान कराया। शिविर के दौरान ब्लॉक संयोजक एवं पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा ने विभागवार टेबल पर जाकर योजनाओं की प्रगति और प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। कुंडाल मंडल अध्यक्ष प्रहलाद मेघवाल ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए अधिकारियों से कम जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के रोडवेज पास जारी किए, जबकि सांख्यिकी विभाग ने प्राप्त जनआधार का सत्यापन कार्य पूरा किया। शिविर में प्रशासक इंद्रा चिता, किसान मोर्चा अध्यक्ष शैतान धाकड़, सहकारी समिति अध्यक्ष मोड़ सिंह, मंडल महामंत्री कल्याण सिंह, कन्हैयालाल राठौर, रामनिवास धाकड़, राहुल चौधरी, मनीष, प्रहलाद चौधरी, नवल चिता, बजरंग धाकड़, त्रिलोकचंद राठौर, रामस्वरूप, प्रफुल्ल जैन, भंवरलाल मेघवाल, मोहनलाल मेघवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।