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अजमेर में देर रात तक बारिश, सड़कों पर पानी भरा:आनासागर में 11 फीट 1 इंच जलस्तर बढ़ा,आज और कल भी बरसात की सम्भावना

अजमेर में सुबह से बादल छाए हैं, मौसम में ठंडक है। दोपहर को तेज धूप ने परेशान किया। रात को भी करीब 12 बजे तक बरसात हुई। जिससे सडकों पर पानी भर गया। आनासागर का जल स्तर 11 फीट एक इंच तक बढ़ गया है और पानी की निकासी जारी है। बीते चौबीस घंटों का मिनीमम तापमान 20.9 डिग्री रहा। जो पिछले दिनों से कम रहा। वहीं बीते 24 घंटों में शहर में 42.2 एमएम बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आज व कल भी बरसात की संभावना है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सीवरेज के ढक्कनों से भी पानी ओवरफ्लो रहा। शहर की कईं गलियों व सड़कों में भी पानी भरा। नगर निगम ने चार स्थानों पर मड पम्प लगाकर जल निकासी की व्यवस्था की। जेएलएनएच के गलियारों में भी बरसाती पानी भर गया। मंगलवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। कल कई जगहों पर तेज बारिश हुई। रात को फिर मूसलाधार ने कई इलाकों में सड़कों को जलमग्न कर दिया। बारिश से दिन व रात के पारे में गिरावट दर्ज की गई। उमस व गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार सुबह साढे़ आठ बजे तक 42.2 एमएम बारिश दर्ज हुई। स्टेशन रोड, केसरगंज मार्टिंडल ब्रिज के नीचे, पृथ्वीराज मार्ग, कचहरी रोड, मेडिकल कॉलेज चौराहा, जयपुर रोड, कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी मार्ग, पुष्कर रोड, माकड़‌वाली रोड पर पानी भरा। मदारगेट, दरगाह बाजार, नलाबाजार, कवंडसपुरा, पड़ाव, चूड़ी बाजार, नया बाजार में सड़कों पर कुछ देर के जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। सुनहरी कॉलोनी, धोलाभाटा, न्यू गोविंद नगर, रामगंज, लोहार बस्ती, भट्टा बस्ती, ज्ञानविहार कॉलोनी, गुलमोहर कॉलोनी, ईदगाह बस्ती, चौधरी कॉलोनी, जादूघर कॉलोनी, अशोक नगर, सुभाष नगर, खानपुरा, विज्ञाननगर, तोपदड़ा, हरिजन बस्ती, नाका मदार में कई गलियों में बरसात के दौरान पानी भर गया। जो कुछ देर बाद उतर गया।

सांड ने महिला को सींगों से 4 फीट उछाला; VIDEO:9 पसलियां क्रैक, सिर में आए 8 टांकें, पाली से जोधपुर रेफर

घर से मंदिर दर्शन करने जा रही एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर सांड ने पीछे से अचानक हमला कर दिया। सांड ने महिला को अपने सींगों से करीब 4 फीट ऊपर हवा में उछाल दिया। सड़क पर गिरने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की 9 पसलियां टूट गई हैं और सिर में गंभीर चोट आई है। फिलहाल वह जोधपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। घटना पाली के सुभाष नगर इलाके में 3 जुलाई सुबह करीब 9:45 बजे हुई। इसका सीसीटीवी (CCTV) फुटेज अब सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई सहम गया। महिला पाली के सुभाष नगर-A की रहने वाली है। सिलसिलेवार ढंग से समझें पूरा घटनाक्रम 1. मंदिर जाते समय पीछे से सांड ने किया हमला घायल महिला के बेटे हरीश प्रजापत ने बताया कि उनकी मां शांति देवी (65) 3 जुलाई की सुबह करीब 9:15 बजे घर से कुछ ही दूरी पर स्थित शिव मंदिर में दर्शन करने के लिए निकली थीं। रास्ते में सुभाष नगर में एक आवारा सांड ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। सांड ने उन्हें सींगों से हवा में उछाला और सड़क पर पटक दिया। इस दौरान महिला की लूगड़ी सांड के सींगों में ही उलझ कर रह गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर महिला को संभाला। 2. सिर और पसलियों में गंभीर चोट, जोधपुर रेफर शांति देवी के सिर और पसलियों में गंभीर चोटें आईं। परिवार वाले उन्हें तुरंत पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां ज्यादा भीड़ होने के कारण इलाज में देरी हो रही थी। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के ICU में शांति देवी का 3 जुलाई से इलाज चल रहा है। सिर में चोट के कारण 8-9 टांके आए हैं। एक्स-रे में 9 पसलियां क्रैक होने की पुष्टि हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी हालत में अब पहले से कुछ सुधार है। कई लोग गंवा चुके जान शांति देवी के बेटे हरीश प्रजापत ने बताया- शहर में जगह-जगह आवारा मवेशी घूम रहे हैं। यह समस्या कई साल से बनी हुई है। मवेशियों के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम लोगों को इस समस्या से राहत दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। अगर समय रहते आवारा मवेशियों को पकड़ने की प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो मेरी मां के साथ यह हादसा नहीं होता। सड़कों से हटाए जाएं आवारा मवेशी इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों और गलियों में आवारा सांडों का आतंक है। शांति देवी के परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को तुरंत हटाया जाए और आम जनता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। —- यह खबर भी पढ़िए… बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़े मां-बाप; VIDEO:2 बार जमीन पर पटका, छाती में सींग मारा, पसलियां टूटीं श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान इलाके में ट्यूशन पढ़कर लौट रही 5 साल की बच्ची पर घर के सामने ही गाय ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची की मां ने जैसे ही यह देखा, उसके होश उड़ गए। वह जान की परवाह किए बिना गाय से भिड़ गई। दोनों सींग पकड़ लिए। पढ़ें पूरी खबर…

जयपुर में SMS हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर ने सुसाइड किया:फोरेंसिक डिपार्टमेंट में HOD थे; दामाद इसी अस्पताल में न्यूरोसर्जन हैं

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट के हेड (HOD) और सीनियर प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना बुधवार सुबह जयपुर के झोटवाड़ा थाना इलाके के अग्रसेन नगर की है। डॉ. डिसानिया के दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी एसएमएस हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, डॉ. डिसानिया का बेटा अविनाश डिसानिया बुधवार सुबह 6 बजे बहन को एयरपोर्ट छोड़ने चला गया था। परिवार के दूसरे सदस्य शादी में गए थे। डॉक्टर घर पर अकेले थे। जब बेटा लौटा, तो कमरे का नजारा देखकर होश उड़ गए। डॉ. डिसानिया कमरे में फंदे से लटके हुए थे। प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें फंदे से नीचे उतारा और तुरंत खातीपुरा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को SMS अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, जहां से उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में शिफ्ट कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई सीनियर डॉक्टर्स मॉर्च्युरी पहुंचे। डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्ञान प्रकाश गौड़, डॉ. श्वेता गोयल की टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड के सदस्यों को डॉक्टर दिशानिया के हाथ और पीठ पर कुछ निशान दिखाई दिए हैं। दोस्त ने कहा- 6 बजे बेटी से हुई थी बात डॉ. डिसानिया के पारिवारिक दोस्त माधव सिंह ने बताया- सुबह करीब 6 बजे उनकी बेटी ने भी डॉ. डिसानिया को फोन किया था। बेटी को SMS हॉस्पिटल में कुछ जांच करवानी थी। डॉक्टर डिसानिया ने उसे सुबह 9 बजे एसएमएस पहुंचने की बात कही थी। उन्होंने (डॉ. डिसानिया) बेटी से कहा था कि मैं वहीं मिल जाऊंगा। सुबह हमलोग हॉस्पिटल पहुंचे तो सुसाइड की जानकारी सामने आई। आर्थिक धोखाधड़ी का केस सूत्रों और करीबियों के मुताबिक, डॉ. डिसानिया के परिवार के एक सदस्य पर कुछ साल पहले आर्थिक धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। आशंका है कि कानूनी कार्रवाई और सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर वह पिछले काफी समय से लगातार गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में थे। इस आत्मघाती कदम को लेकर फिलहाल परिवार के सदस्य कुछ भी बताने से बच रहे हैं। 30 साल का करियर डॉ. डिसानिया को एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देते हुए करीब 30 साल हो चुके थे। उनका एक बेटा (जो खुद मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है) और दो बेटियां हैं। झोटवाड़ा पुलिस जांच में जुटी झोटवाड़ा थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल मॉर्च्युरी के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। परिजनों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। — सुसाइड की यह खबर भी पढ़िए… जयपुर-दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी छात्रा ने सुसाइड किया:सहेली बोली- मैं डॉग लेने गई थी, वापस आई तो फंदे से लटकी मिली जयपुर में दोस्त की मौत से दुखी छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसके दोस्त की एक दिन पहले (3 जुलाई को) एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। वह दोस्त के अंतिम संस्कार से लौटी थी। उसके बाद गेस्ट हाउस के कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर जान दे दी। पढ़ें पूरी खबर…

सिनेमाघर में अपनी मूवी देख रोने लगे एक्टर मरुधर:'बेबी डू डाई डू' फिल्म में दिखे जयपुर के शेखावत; बोले- मंजिल से ज्यादा सफर जीना चाहता हूं

जयपुर के सिनेमा हॉल में परिजनों के साथ अपनी मूवी ‘बेबी डू डाई डू’ देखकर एक्टर मरुधर शेखावत रोने लगे। जयपुर आए मरुधर ने बॉलीवुड में अपना संघर्ष, मुंबई की 12 साल लंबी यात्रा, क्रिकेट से एक्टिंग तक के सफर, फिल्म मिलने की कहानी, माता-पिता के त्याग और पहली सफलता के भावुक पलों को खुलकर साझा किया। मां और परिवार के साथ जीटी सेंट्रल में मंगलवार को फिल्म देखने के बाद दर्शकों के बीच आकर मरुधर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मुंबई में बड़े पर्दे पर दिखने के लिए 12 साल पहले जयपुर से गया था। अब यह सपना पूरा हुआ है। मैंने शुरुआत से एक बात तय कर ली थी कि मुझे सिर्फ मेहनत करनी है। मैं कभी रिजल्ट के पीछे नहीं भागा। मुझे हमेशा अपनी जर्नी पर भरोसा था। मैं मंजिल से ज्यादा सफर को जीना चाहता हूं। उन्होंने कहा- मैं राजस्थान का बेटा हूं। राजस्थान ने इरफान खान जैसे महान कलाकार दिए हैं। मैं भी उसी तरह का ईमानदार अभिनेता बनना चाहता हूं। अच्छे किरदार निभाना चाहता हूं। मरुधर ने बॉलीवुड में इस मूवी से अपना डेब्यू किया है। मरुधर मुंबई में 100 से ज्यादा विज्ञापन कर चुके हैं। पहले देखें सिनेमाहॉल् में दर्शकों के साथ एक्टर मरुधर की PHOTOS सवाल: डेब्यू के बारे में बताइए। जयपुर से हैं और पहली फिल्म को इतनी बड़ी रिलीज मिली। अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं यही कहना चाहूंगा कि यह मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा पल है। पिछले 12 साल से मैं मुंबई में रह रहा हूं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत करता रहा हूं। आज जब यह मौका मिला है तो मैं इसे पूरी तरह जीना चाहता हूं और इसका पूरा फायदा उठाना चाहता हूं। सबसे अच्छी बात यह है कि फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग हमारी फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। अब हमारी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग थिएटर में आएं, फिल्म देखें। कलाकार के लिए दर्शकों का प्यार और उनकी प्रतिक्रिया सबसे बड़ी कमाई होती है। सवाल: 12 साल का संघर्ष… विज्ञापनों से लेकर पहली फिल्म तक का सफर कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मुंबई जाने वाले हर इंसान की कहानी अलग होती है। किसी की जिंदगी दो साल में बदल जाती है। किसी की पांच साल में और किसी की 12 साल में। मेरे लिए यह सफर 12 साल लंबा रहा। मैं चाहता हूं कि मैं लगातार इतना काम करता रहूं कि मेरे पास रुककर सोचने का भी समय न हो। आज जब मैं अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए जयपुर आया। यहां कई जगह हमारे शो हाउसफुल मिले तो मेरे लिए वह बेहद भावुक पल था। मैं खुद थिएटर के बाहर जाकर उन लोगों से मिलना चाहता था, जिन्होंने टिकट खरीदकर हमारी फिल्म देखने का फैसला किया। उस वक्त मेरे दिल और दिमाग में क्या चल रहा था, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मैं बेहद खुश हूं और एक्साइटेड भी। सवाल: फिल्म तक पहुंचने की कहानी क्या रही? साकिब सलीम-हुमा कुरैशी के साथ काम का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: यह दिलचस्प कहानी है। मैं और साकिब सलीम बचपन के दोस्त हैं। हमने स्कूल, कॉलेज और क्रिकेट साथ खेला है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मैंने करीब 10 साल तक राजस्थान के लिए क्रिकेट भी खेला है। जब साकिब मुंबई गए और उन्हें यशराज फिल्म्स की पहली फिल्म मिली, तब उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। हुमा ने भी मुझे काफी मोटिवेट किया। उसी समय मुझे महसूस हुआ कि मेरे अंदर भी एक कलाकार है और मुझे भी अभिनय को गंभीरता से आजमाना चाहिए। फिर मैं मुंबई चला गया और दिन-रात मेहनत करता रहा। जो भी काम मिला, मैंने कभी मना नहीं किया। छोटा-बड़ा कुछ नहीं देखा। आज उसी मेहनत का नतीजा है कि मेरी पहली फिल्म रिलीज हो चुकी है। सवाल: इस फिल्म का चयन कैसे हुआ? ऑडिशन और शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? मरुधर शेखावत: मैं एक्टिंग वर्कशॉप कर रहा था। उस वर्कशॉप को अभिनेता रचित, जो फिल्म में हुमा के अपोजिट हैं। वर्कशॉप के दौरान उन्होंने बिना बताए मेरा ऑडिशन रिकॉर्ड किया और निर्देशक नचिकेता सामंत को भेज दिया। उन्हें ऑडिशन इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत कहा कि तुम फिल्म में हो। इसके बाद असली तैयारी शुरू हुई। अगले 8 महीनों तक मैंने अपने किरदार ‘मनु’ के लिए खुद को पूरी तरह बदला। मैंने काफी वजन कम किया। अपना पूरा लुक बदला और किरदार के अनुसार खुद को तैयार किया। आज जब फिल्म रिलीज हो चुकी है तो लगता है कि वह सारी मेहनत सफल हो गई। सवाल: जब माता-पिता ने पहली बार आपको बड़े पर्दे पर देखा, उस समय क्या महसूस हुआ? मरुधर शेखावत: यह मेरी जिंदगी के सबसे भावुक पलों में से एक था। मेरे माता-पिता ने मेरे लिए बहुत त्याग किया है। पिछले 12 साल मैं उनसे दूर रहा हूं। जब ऐसे समय में आपकी मेहनत रंग लाती है और आपके माता-पिता आपको बड़े पर्दे पर देखकर खुश होते हैं, तब अंदर से बहुत भावुक हो जाते हैं। आज मेरी पूरी फैमिली बेहद खुश है। सिर्फ मम्मी-पापा ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार मुझे लगातार फोन कर रहा है। मैसेज भेज रहे हैं। सोशल मीडिया की रील्स शेयर कर रहे हैं। सब लोग मेरी सफलता को अपनी सफलता की तरह मना रहे हैं। इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं हो सकती। सवाल: आपकी फिल्म बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म के सामने रिलीज हुई। इसके बावजूद शानदार प्रतिक्रिया मिली। इसे कैसे देखते हैं? मरुधर शेखावत: फिल्म बनाना बहुत मुश्किल काम है। चाहे कोई भी फिल्म हो, उसके पीछे 400-500 लोगों की मेहनत होती है। जब कोई फिल्म नहीं चलती तो लोग सिर्फ उसका रिजल्ट देखते हैं, लेकिन उसके पीछे हजारों घंटे की मेहनत होती है। मैं मानता हूं कि हर फिल्म को दर्शक मिलना चाहिए। हर कलाकार की मेहनत सफल होनी चाहिए। जहां तक हमारी फिल्म की बात है। हमें खुशी है कि लोगों को यह पसंद आ रही है। हमारा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। हम अपनी अलग राह पर चल रहे हैं। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि जिन्होंने फिल्म देखी है। वे दूसरों को भी इसे देखने के लिए प्रेरित करें। सवाल: बेटे को पहली बार बड़े पर्दे पर देखकर कैसा लगा? मरुधर की मां: बहुत अच्छा लगा… बहुत खुशी हुई। मैं बता नहीं सकती कि उस पल मुझे कैसा महसूस हुआ। यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। मैं हमेशा उसका हौसला बढ़ाती थी। उसे यही कहती थी कि बेटा, जिंदगी में तकलीफ भी आती है और सुख भी मिलता है। मेहनत करते रहो, सब ठीक होगा। मैं उसे हमेशा यही समझाती थी कि कभी हिम्मत मत हारना। अच्छे दिन जरूर आएंगे। आज मैं बहुत खुश हूं। मेरी खुशी की कोई सीमा नहीं है। मां के लिए इससे बड़ा दिन और क्या हो सकता है। मरुधर शेखावत: ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब मैं मम्मी से बात नहीं करता। हम रोज कई बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं। दूर किसी दूसरे शहर में रहना और परिवार से दूर होना आसान नहीं होता। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि मैं उनसे अलग हूं। उन्होंने मेरे लिए जो त्याग किया है, उसे मैं कभी भूल नहीं सकता। अब बस यही उम्मीद है कि आने वाला समय और भी अच्छा होगा और मैं अपने माता-पिता का नाम लगातार रोशन करता रहूं। सवाल: आगे कौन-कौन से प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं? मरुधर शेखावत: अभी एक नई फिल्म पर काम चल रहा है। फिलहाल उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता, लेकिन उम्मीद है कि बहुत जल्द उसकी आधिकारिक घोषणा होगी। मैं चाहता हूं कि अब लगातार अच्छा काम करता रहूं और दर्शकों का प्यार इसी तरह मिलता रहे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने अलवर पहुंचे गडकरी:केंद्रीय मंत्री के आने से पहले कोटा की ओर सड़क को चमकाया, दूसरी लेन में छोड़े गड्‌ढे

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार दोपहर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे। गडकरी ने अलवर के पिनान रेस्ट एरिया में अफसरों से बातचीत की। इसके बाद यहां से दौसा के लिए रवाना हो गए। इधर, गडकरी के दौरे से पहले एक्सप्रेसवे पर कोई कमी नजर नहीं आए, इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारी और ठेकेदार दिन-रात सड़क को चमकाने में जुटे रहे। अधिकारियों का पूरा फोकस दिल्ली से कोटा आने वाली सड़क पर था। इसका कारण है कि मंत्री सड़क मार्ग से वापस नहीं जाएंगे। ऐसे में सड़क के दूसरी तरफ (कोटा से दिल्ली की लेन) के गड्ढे नहीं भरे गए हैं। लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक का करेंगे निरीक्षण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लबान इंटरचेंज (दौसा) से दरा टनल (कोटा) तक का निरीक्षण करेंगे। सीएम हेलिकॉप्टर से लबान इंटरचेंज पहुंचेंगे। लोकसभा अध्यक्ष सड़क मार्ग से यहां पहुंचेंगे। दोपहर करीब 3:30 बजे तीनों नेता एक्सप्रेसवे का निरीक्षण शुरू करेंगे। शाम करीब 5:30 बजे दरा टनल पहुंचेंगे। शाम 6:30 बजे एक्सप्रेसवे के पास गोपालपुरा में आमसभा को संबोधित करेंगे। … नितिन गडकरी के दौरे के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

अलवर में झमाझम बारिश से सड़कों पर भरा पानी:स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह के नोहरा में 3 फीट तक पानी भरा; बाजार, जिला अस्पताल में घुसा पानी

अलवर में डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश से जिला अस्पताल में पानी घुस गया। स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह के नोहरा में 3-4 फीट तक पानी भर गया। वहीं शहर समेत जिले के चिकानी, बहादुरपुर, अकबरपुर, मालाखेड़ा सहित अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी है। जिला अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शहर के स्वर्ग रोड और मेहताब सिंह का नोहरा इलाके में सड़कों पर करीब 3-4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे दुकानों में पानी भर गया। तेज बारिश के बाद नगर निगम के नालों की सफाई के दावों की पोल खुल गई। देखें PHOTOS… अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक रहेगा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 10 जुलाई तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान गरज के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 11 से 13 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। रातभर रुक-रुककर हुई बारिश मंगलवार को भी सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिसका असर बुधवार सुबह भी देखने को मिला। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी इस बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार को फायदा होगा। यदि बुधवार शाम तक भी इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो जिले के कई मौसमी नाले और झरने बहने लग सकते हैं। सुहाने मौसम के कारण पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

जयपुर की बीटेक स्टूडेंट बनीं मिस राजस्थान:श्रीजा गुप्ता बोलीं- जिंदगी ने बड़े सबक सिखाए; ब्यूटी पेजेंट सिर्फ खूबसूरत चेहरे-अच्छी बॉडी फिगर के नहीं होते

जयपुर की श्रीजा गुप्ता ने 19 साल की उम्र में मिस राजस्थान-2026 का ताज अपने नाम किया। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहीं श्रीजा ने बिना मॉडलिंग अनुभव के यह सफर तय किया। उन्होंने जीत का श्रेय मां दीपिका गुप्ता, पिता रत्नेश गुप्ता, टीचर्स और लगातार सीखने की अपनी आदत को दिया। वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहने वाली श्रीजा ने अपनी संघर्ष भरी यात्रा, मिस राजस्थान बनने के अनुभव, समाज के लिए अपने नजरिए को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की। श्रीजा ने कहा- मेरी तैयारी तीन बातों पर आधारित थी। पहली पंक्चुअलिटी यानी समय की पाबंदी। दूसरी हर दिन की प्लानिंग, आउटफिट्स और शेड्यूल तय रखना। तीसरी कंसिस्टेंसी। चाहे मैं सही कर रही थी या गलत, लेकिन सीखते हुए बढ़ती रही। मेरा मानना है कि निरंतरता ही आपको लक्ष्य (टारगेट) तक पहुंचाती है। मुझे लगता है कि हर कोशिश किसी न किसी मंजिल तक जरूर पहुंचाती है। पहले देखें श्रीजा गुप्ता की PHOTOS… अब पढ़िए… श्रीजा की जर्नी, लक्ष्य और परिवार का रिएक्शन सवाल: मिस राजस्थान बनने तक की पूरी जर्नी के बारे में बताएं? श्रीजा गुप्ता: खम्मा घणी राजस्थान। मैं 19 साल की हूं। यह जर्नी मेरे लिए देखने में बहुत सिंपल रही, लेकिन इसने मुझे जिंदगी ने बहुत बड़े सबक सिखाए। इस साल मैंने एक ही टारगेट लिया था कि मैं जो भी करूंगी, उसमें अपना 100 प्रतिशत दूंगी। मेरे माता-पिता हमेशा से प्रोत्साहित करने वाले रहे। इसी वजह से मैंने मिस राजस्थान के लिए रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद मेरा पर्सनल इंटरव्यू राउंड हुआ। फिर मेरा चयन टॉप-28 में हो गया। वहीं से मेरी असली जर्नी शुरू हुई। लगभग एक महीने तक तैयारी चली। मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत सीखने की इच्छा थी। मैं हर छोटी-बड़ी चीज सीखना चाहती थी। योगेश सर, निमिषा मैम, मिस राजस्थान ऑर्गेनाइजेशन और लास्ट ईयर की सभी क्वीन ने मुझे गाइड किया। मैं हर चीज को लेकर सवाल पूछती थी। हर छोटी डिटेल पर ध्यान देती थी और यही आदत मेरे बहुत काम आई। सवाल: 10वीं क्लास के बाद आगे के लिए कन्फ्यूज थीं। मॉडलिंग में सफलता कैसे मिली? श्रीजा गुप्ता: मेरी स्कूलिंग मानसरोवर के इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से हुई है। 10वीं के बाद मेरे सामने भी वही स्थिति थी, जो आज कई स्टूडेंट्स के सामने होती है। मेरे पापा का बैकग्राउंड IIT से जुड़ा रहा है। इसलिए मैंने भी PCM चुना। मैंने JEE की तैयारी की। सच कहूं JEE मेरे लिए नहीं था। मैं IIT तक नहीं पहुंच सकी। फिलहाल मैं बीटेक कर रही हूं, लेकिन मेरे मन में हमेशा यह बात थी कि मेरे पास अभी काफी समय है। मैं चाहती थी कि ऐसा क्षेत्र देखें, जिसमें मैं वास्तव में अच्छा कर सकूं। मैंने मिस राजस्थान से पहले भी कई चीजों में खुद को आजमाया, लेकिन कहीं न कहीं मुझे लगता है कि मिस राजस्थान शायद मेरी डेस्टिनी थी। सवाल: जीत के बाद जब घर पहुंचीं तो परिवार का क्या रिएक्शन था? श्रीजा गुप्ता: मेरे माता-पिता बहुत ज्यादा खुश थे। उन्होंने मेरे लिए बहुत शानदार स्वागत की तैयारी की थी। मैं वैशाली नगर स्थित रंगोली ग्रीन्स में रहती हूं। वहां मेरे स्वागत के लिए रैली निकाली गई। जीप में बैठाकर क्षेत्र में घुमाया गया। ढोल-नगाड़ों के साथ सभी लोगों ने मेरा स्वागत किया। हम सबसे पहले मंदिर गए। जहां मैंने अपना क्राउन माता जी के चरणों में रखा और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद घर पहुंचे, जहां पूरा सेलिब्रेशन रूम तैयार किया गया था। केक काटा। केक पर भी मेरी तस्वीरें थीं और मेरी पूरी जर्नी की तस्वीरों से पूरा हॉल सजाया गया था। परिवार, दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, डांस किया और जीत का जश्न मनाया। वह पल मेरी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। सवाल: क्या इससे पहले कभी मॉडलिंग की थी? श्रीजा गुप्ता: सच कहूं तो मैंने कभी प्रोफेशनल मॉडलिंग नहीं की थी। बचपन में एक-दो छोटे फैशन इवेंट किए थे। इसके बाद मेरा इस फील्ड से कोई संबंध नहीं रहा। जब मैं मिस राजस्थान में आई, तब मुझे मेकअप के बारे में भी ज्यादा जानकारी नहीं थी। कौन-सा प्रोडक्ट कैसे इस्तेमाल होता है। कॉम्पैक्ट क्या होता है। स्किन प्रेप कैसे करते हैं। इनमें से कुछ भी नहीं पता था। मैं यहां पूरी तरह नई थी।
वहीं मुझे जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी से काफी सपोर्ट मिला। मैं पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप भी कर रही हूं। इसके अलावा मैं AISTE (Association for International Students Exchange) से भी जुड़ी हूं। जहां मुझे नई चीजें सीखने और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। इन सभी अनुभवों ने मेरी पर्सनैलिटी को काफी बेहतर बनाया। सवाल: मिस राजस्थान बनने के बाद समाज के लिए क्या काम करना चाहती हैं? श्रीजा गुप्ता: हमारे पेजेंट में ब्यूटी विद ए कॉज भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। मेरा विषय Stop Sympathizing and Start Strengthening रहा। पिछले साल एक महीने मैंने एक NGO में काम किया। वहां मैंने ऐसे बहुत सारे बच्चों को देखा, जो बेहद प्रतिभाशाली थे। कोई बहुत अच्छा गाता था। कोई डांस करता था। कोई पढ़ाई में बहुत अच्छा था। मुझे लगा कि हम अक्सर ऐसे बच्चों के लिए सिर्फ सहानुभूति जताते हैं। हम कहते हैं कि उन्हें खाना मिलना चाहिए। शिक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन दो-चार दिन बाद हम उन्हें भूल जाते हैं। मेरा मानना है कि हमें सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत बनाना चाहिए। हमें उनके और अवसरों के बीच की दूरी कम करनी होगी। उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म देने होंगे, जहां वे प्रतिभा दिखा सकें और आगे बढ़ सकें।

अजमेर में रेड बुल की 2,293 कैन जब्त:फूड सेफ्टी टीम की दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी, जांच के लिए सैंपल लिए

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने एनर्जी ड्रिंक के नाम पर परोसी जा रही कैफिनेटेड बेवरेजेस के खिलाफ दूसरे दिन भी एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुष्कर रोड़ के गोदाम से नामी ब्रांड रेड बुल की 2,293 कैन जब्त कर सीज करने की कार्रवाई की। इसमें रेड बुल सहित केचप व लीची ज्यूस के सेंपल भी लिए गए है। अजमेर में पिछले दो दिनों के भीतर अब तक कुल 12 हजार से अधिक प्रतिबंधित और भ्रामक ड्रिंक्स जब्त की जा चुकी हैं। मंगलवार को विभाग की विशेष टीम ने पुष्कर रोड स्थित बैकुंठ मंदिर के सामने जोगराज नगर में मैसर्स अंबे ट्रेडिंग के गोदाम पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की। यहां एनर्जी ड्रिंक के रूप में धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही नामी ब्रांड ह्यरेड बुल की 2,293 कैन जब्त की गईं। इसके साथ ही टीम ने मौके से विभिन्न खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिए हैं। कैनों में से 2 सैंपल लिए सीएमएचओ डॉ ज्योत्सना रंगा के अनुसार रेड बुल की विभिन्न क्षमता वाली कैनों में से 2 सैंपल लिए और शेष स्टॉक को तुरंत सीज कर दिया। इसके अलावा संदेह के आधार पर इसी प्रतिष्ठान से बिक रहे टमाटर केचप और रेडी टू सर्व फ्रूट ड्रिंक (लीची फ्लेवर) के भी नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संग्रहित किए गए। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, अजय मोयल, केसी नंदन शर्मा एवं राजेंद्र शर्मा सम्मिलित रहे। …………. . पढें ये खबर भी… पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने शांति भंग में पकड़ा; जांच के आधार पर जोड़ेंगे अन्य धाराएं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में कृष्णगंज थाना पुलिस ने एक यू-ट्यूबर नरेश राघानी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढें

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए नियम लागू:ट्रैक्टर और निजी दोपहिया वाहनों की आरसी रिन्यू पर 30 सितंबर तक कम लगेगा लेट शुल्क

राज्य सरकार ने कृषि ट्रैक्टर और निजी इस्तेमाल वाले दोपहिया वाहनों की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) रिन्यू कराने में देरी पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में छूट दी है। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसके साथ ही माल ढुलाई और दूसरे व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन और अन्य नियम भी लागू कर दिए गए हैं। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कृषि ट्रैक्टर की आरसी रिन्यू कराने में एक साल तक की देरी होने पर 500 रुपए प्रति माह के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा 2,500 रुपए होगी। यदि देरी एक साल से ज्यादा है तो भी अधिकतम 5,000 रुपए अतिरिक्त शुल्क ही देना होगा। निजी दोपहिया वाहनों पर भी छूट निजी इस्तेमाल वाले दोपहिया वाहनों की आरसी रिन्यू कराने में देरी होने पर 300 रुपए प्रति माह के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 1,000 रुपए तय की गई है। वाहन मालिक 30 सितंबर 2026 तक इस व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए नए नियम ईंट, बजरी, रेत, पत्थर, खनिज और अन्य सामान की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का अब व्यावसायिक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। खेती के काम में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर यह नियम लागू नहीं होगा। व्यावसायिक ट्रॉली का अलग पंजीकरण किया जाएगा और उसके लिए अलग रजिस्ट्रेशन नंबर, फिटनेस सर्टिफिकेट, व्यावसायिक बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC), वैध ड्राइविंग लाइसेंस और मोटर वाहन टैक्स जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। पांच जिलों से होगी शुरुआत नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पहले चरण में धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी में संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद इसे पूरे राजस्थान में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। साथ ही वाहन मालिकों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

राजस्थान- सबसे बडे़ हॉस्पिटल में जान बचाने वाली दवाएं खत्म:हार्ट-कैंसर बीमारी वाले मरीज भी संकट में; आरोप- नहीं मिलता सही जवाब, कहां जाएं?

चूरू का भरतराज जयपुर में राजस्थान के सबसे बड़े हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) में मुफ्त दवा काउंटर पर लगी कतार में लगा है। करीब 2 घंटे बाद नंबर आया तो जवाब मिला- डॉक्टर की लिखी 5 में से 3 दवाएं उपलब्ध नहीं है…एक काम करो….रूम नंबर-11 पर ट्राई करो। एक काउंटर से दूसरे, फिर तीसरे काउंटर तक चक्कर काटने के बाद भी दवा नहीं मिली। आखिर में उससे कहा गया- पर्चा दे जाओ 3 से 4 दिन बाद आकर ले जाना। यह कहानी सिर्फ भरतराज की नहीं है। हर दिन सैकड़ों मरीज इसी परेशानी से गुजर रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि एसएमएस हॉस्पिटल में सामान्य बुखार से लेकर कैंसर, हार्ट, डायबिटीज, आंखों के रोग और सर्जरी में जान बचाने वाली 206 दवाइयां और इंजेक्शन नहीं मिल रहे। मरीजों को आधी या कुछ दवाइयां लेकर लौटना पड़ रहा है या फिर बाहर से खरीद रहे हैं। पहले डॉक्टर की लंबी कतार और बाद में मुफ्त दवा के लिए काउंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जो बाहर से आते हैं, उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है-बार-बार जयपुर आएं या जेब से दवा खरीदें? केस नंबर 1 : 5 घंटे चक्कर कटवाने के बाद बोला- 3-4 दिन बाद आना दूदू कस्बे से जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल आए किशनलाल को बार-बार चक्कर आते थे। कुछ दिन पहले डॉक्टर्स से इलाज लिया। दोबारा दिखाने आए तो कई घंटों में ओपीडी में नंबर आया। डॉक्टर ने 5 दवाएं लिख दी। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के काउंटर पर लाइन में लगे तो काफी देर बाद नंबर आया। लेकिन वहां 2 दवाइयां नहीं मिली। यहां से उन्हें काउंटर नबर 10-11 पर भेजा गया। यहां पर भी दवाएं नहीं मिली तो किशनलाल फिर से डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने दवा काउंटर से पर्ची पर नॉट अवेलेबल का ठप्पा लगवाकर लाने को कहा। किशनलाल उस काउंटर पर पहुंचे तो काउंटर संचालक ने दवा नॉट अवेलेबल लिखने से इनकार कर दिया गया। किशनलाल ने भास्कर को बताया कि 3-4 चक्कर काटने के बाद भी दवा नहीं मिली। लास्ट में कहा गया- पर्ची की फोटोकॉपी दे जाओ। लोकल परचेज के बाद 3-4 में दवाएं मिल जाएंगी। केस नंबर-2 : 5 मरीजों में एक को भी नहीं मिली पूरी दवाई जयपुर के रामचरण को स्किन एलर्जी की समस्या है। डॉक्टर ने देखने के बाद पर्ची पर 3 दवाएं लिख दी। लेकिन ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर पर 2 दवाएं नहीं मिली तो 10-11 नंबर काउंटर से दवा लेने के लिए भेज दिया गया। लेकिन इस काउंटर पर दवाएं नहीं मिली। अब रामचरण को समझ नहीं आ रहा है कि अब कहां जाना है। इसी तरह चूरू के भरतराज को अर्थराइटिस की 3, पेट दर्द की समस्या लेकर आई जयपुर की राधा को 1 तो वहीं, अलवर से आए पेट-सीने में दर्द का इलाज कराने आए विक्रम को भी कुछ दवाइयां नोट अवेलेबल बताई गई। ज्यादातर मरीजों ने बताया कि सबसे बड़े हॉस्पिटल में कम से कम सभी दवाइयां मिल जाएंगी, अब यहीं सप्लाई नहीं है तो वे कहां जाएं? भास्कर पड़ताल : 200 से ज्यादा दवाएं नॉट अवेलेबल पड़ताल में सामने आया कि एक जुलाई से एसएमएस हॉस्पिटल में 206 दवाएं नॉट अवेलेबल हैं। इनमें हार्ट डिजीज, डायबिटीज, इन्फेक्शन, दर्द-सूजन, नेत्ररोग समेत कई कीमोथेरेपी दवाएं भी शामिल हैं। जयपुर के दूसरे हॉस्पिटलों में भी यही हाल ऐसा नहीं है कि सिर्फ एसएमएस हॉस्पिटल में ही इस प्रकार के हालात है। एसएमएस के अलावा अन्य सरकारी हॉस्पिटलों में भी आए दिन इस प्रकार के हाल होते हैं। राजधानी के शास्त्री नगर स्थित कांवटिया हॉस्पिटल में भी फिलहाल 100 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में भी दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर दूसरे विकल्प दिए जा रहे हैं। सभी दवाएं उपलब्ध कराने की होती है कोशिश : हॉस्पिटल प्रशासन एसएमएस हॉस्पिटल में उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि कुछ दवाएं आरएमएससीएल से अनुपलब्ध हैं। लेकिन उन दवाओं के हमारे पास कई विकल्प हैं। डायबिटीज या हाइपरटेंशन या अन्य रोगों की दवाएं ही नहीं, मरीज दवा उपलब्ध नहीं होने पर डॉक्टर्स से संपर्क कर दूसरी दवा लिखवा सकता है। मोदी ने बातचीत में माना कि कई बार लोकल परचेज में सप्लायर द्वारा दवाएं उपलब्ध कराने में थोड़ी देरी हो जाती है, जिसके कारण से मरीजों को कुछ असुविधा हो जाती है। …. ये खबर भी पढ़िए… नर्सिंगकर्मी के सुसाइड के बाद गर्भवती पत्नी ने पीया जहर:पिता बोले- बेटी डिप्रेशन में थी, सरकार ने कोई मदद नहीं की जयपुर में नर्सिंगकर्मी के सुसाइड के 25 दिन बाद दो महीने की गर्भवती पत्नी ने भी जहर खा लिया। महिला को गंभीर हालत में दौसा से सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लाया गया। पूरी खबर पढ़िए…